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                <title>Karan Singh - Undekhi Khabar</title>
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                <description>Karan Singh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जिंद से दौड़ी भारत की पहली हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन, पीएम मोदी बोले- दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जिंद से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन बताते हुए कहा कि यह भारत के रेलवे इतिहास और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की बड़ी उपलब्धि है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/indias-first-hydrogen-passenger-train-ran-from-jind-pm-modi/article-11811"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_79.png" alt=""></a><br /><h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><span><strong>जिंद से शुरू हुई भारत की पहली हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन</strong></span></h1>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जिंद से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उद्घाटन समारोह के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि जिंद और सोनीपत के बीच शुरू हुई यह सेवा भारत के रेलवे इतिहास में नया अध्याय जोड़ती है और आने वाले समय में स्वच्छ एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगी।</p>
<hr />
<h2><span><strong>1853 की पहली ट्रेन से की ऐतिहासिक तुलना</strong></span></h2>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि की तुलना वर्ष 1853 में मुंबई और ठाणे के बीच चली भारत की पहली ट्रेन से की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिस तरह पहली ट्रेन ने भारतीय रेलवे के इतिहास में नया अध्याय लिखा था, उसी तरह जिंद अब देश की पहली हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत के कारण इतिहास में दर्ज हो गया है।</p>
<hr />
<h2><span><strong>'दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन'</strong></span></h2>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि:</p>
<ul>
<li>ट्रेन की क्षमता <strong>3200 हॉर्सपावर</strong> है।</li>
<li>इसमें <strong>10 कोच</strong> लगाए गए हैं।</li>
<li>अन्य देशों में चलने वाली अधिकांश हाइड्रोजन ट्रेनों में केवल <strong>3 से 4 कोच</strong> होते हैं।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।</p>
<hr />
<h2><span><strong>जिंद-सोनीपत के बीच चलेगी ट्रेन</strong></span></h2>
<p>नई हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन जिंद और सोनीपत के बीच संचालित होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में इस तकनीक के विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि सरकार इस तकनीक पर लगातार अनुसंधान करेगी ताकि इसकी लागत कम की जा सके और इसकी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाया जा सके।</p>
<hr />
<h2><span><strong>'मेक इन इंडिया' का उदाहरण बताया</strong></span></h2>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह परियोजना <strong>'मेक इन इंडिया'</strong> अभियान का उत्कृष्ट उदाहरण है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस ट्रेन का डिजाइन भारतीय वैज्ञानिकों ने तैयार किया है और इसका निर्माण एक भारतीय कंपनी द्वारा किया गया है। इससे देश की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<hr />
<h2><span><strong>रेलवे के आधुनिकीकरण पर भी दिया जोर</strong></span></h2>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय रेलवे में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित रहा, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों की आपूर्ति पर असर पड़ा। लेकिन रेलवे नेटवर्क के बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण के कारण भारतीय रेलवे का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 तक भारतीय रेलवे नेटवर्क का लगभग एक-तिहाई हिस्सा ही विद्युतीकृत था, जबकि करीब 70 प्रतिशत नेटवर्क डीजल इंजनों पर निर्भर था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रेलवे नेटवर्क का लगभग <strong>99 प्रतिशत विद्युतीकरण</strong> पूरा किया जा चुका है, जिससे ऊर्जा संकट जैसी परिस्थितियों में भी रेल सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहीं।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights:</strong></span></h1>
<ul>
<li>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिंद से देश की पहली हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।</li>
<li>ट्रेन जिंद और सोनीपत के बीच संचालित होगी।</li>
<li>प्रधानमंत्री ने इसे दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन बताया।</li>
<li>ट्रेन में 10 कोच और 3200 हॉर्सपावर की क्षमता है।</li>
<li>परियोजना को 'मेक इन इंडिया' की बड़ी उपलब्धि बताया गया।</li>
<li>सरकार हाइड्रोजन तकनीक पर आगे भी अनुसंधान जारी रखेगी।</li>
<li>प्रधानमंत्री ने रेलवे के तेजी से हुए विद्युतीकरण का भी उल्लेख किया।</li>
<li>उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे अब ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने में सक्षम है।</li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<p><strong>Q1. भारत की पहली हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन कहां से शुरू हुई?</strong><br />यह ट्रेन हरियाणा के जिंद से शुरू की गई और जिंद- सोनीपत रूट पर संचालित होगी।</p>
<p><strong>Q2. प्रधानमंत्री ने इस ट्रेन को खास क्यों बताया?</strong><br />उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे लंबी (10 कोच) और सबसे शक्तिशाली (3200 हॉर्सपावर) हाइड्रोजन ट्रेन है।</p>
<p><strong>Q3. ट्रेन का निर्माण किसने किया?</strong><br />प्रधानमंत्री के अनुसार, इस ट्रेन का डिजाइन भारतीय वैज्ञानिकों ने तैयार किया और इसका निर्माण एक भारतीय कंपनी ने किया है।</p>
<p><strong>Q4. सरकार की आगे की क्या योजना है?</strong><br />सरकार हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक पर अनुसंधान जारी रखेगी ताकि लागत कम हो और इसकी कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके।</p>
<p><strong>Q5. प्रधानमंत्री ने रेलवे विद्युतीकरण को लेकर क्या कहा?</strong><br />उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेलवे नेटवर्क का लगभग 99 प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>जिंद से भारत की पहली हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और हरित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'मेक इन इंडिया' की सफलता बताते हुए भविष्य में हाइड्रोजन तकनीक के विस्तार और रेलवे के सतत विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_79.png" alt="Screenshot_79" width="859" height="607"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/indias-first-hydrogen-passenger-train-ran-from-jind-pm-modi/article-11811</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 05:30:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सहकारी क्षेत्र में प्रस्तावित जीवन बीमा कंपनी से ग्रामीण भारत को मिले लाभ, पूर्व बैंक अधिकारियों ने केंद्र से की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सहकारी क्षेत्र में जीवन बीमा कंपनी स्थापित करने की घोषणा के बाद पूर्व वरिष्ठ बैंकरों, शिक्षकों और आर्थिक अधिकारियों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस पहल का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों तक पहुंचे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/former-bank-officials-appeal-to-the-center-to-benefit-rural/article-11805"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_67.png" alt=""></a><br /><p>केंद्रीय गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong> द्वारा <strong>सहकारी क्षेत्र में एक जीवन बीमा कंपनी</strong> स्थापित करने की घोषणा के बाद विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया है।</p><p><strong>एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज</strong> के पूर्व छात्रों में शामिल पूर्व वरिष्ठ बैंकरों, शिक्षकों और आर्थिक अधिकारियों के एक समूह ने केंद्र सरकार से अपील की है कि प्रस्तावित बीमा कंपनी की योजनाएं इस प्रकार तैयार की जाएं कि उनका अधिकतम लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और सहकारी संस्थाओं तक पहुंचे।</p><h2><span><strong>ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग</strong></span></h2><p>पूर्व बैंकर <strong>बृज भूषण गोयल</strong> ने कहा कि सहकारी क्षेत्र की मूल भावना सामूहिक भागीदारी और ग्रामीण विकास से जुड़ी रही है।</p><p>उन्होंने कहा कि नई जीवन बीमा कंपनी का उद्देश्य केवल बीमा सेवाओं का विस्तार नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे ग्रामीण समुदायों की आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने का माध्यम भी बनाया जाना चाहिए।</p><h2><span><strong>1904 के सहकारी कानून का किया उल्लेख</strong></span></h2><p>बृज भूषण गोयल ने कहा कि भारत में सहकारी आंदोलन की शुरुआत <strong>वर्ष 1904</strong> में <strong>को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटीज़ अधिनियम (Co-operative Credit Societies Act, 1904)</strong> के माध्यम से हुई थी।</p><p>उन्होंने बताया कि इस कानून का उद्देश्य किसानों को आपसी सहयोग, सामूहिक स्वामित्व और सस्ती वित्तीय सुविधाओं के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।</p><h3><span><strong>सहकारी मॉडल को और मजबूत करने पर जोर</strong></span></h3><p>पूर्व अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रस्तावित जीवन बीमा कंपनी सहकारी सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करती है, तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और किसानों व आम लोगों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिल सकेगी।</p><p>उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि योजना तैयार करते समय ग्रामीण जरूरतों और सहकारी संस्थाओं की भूमिका को प्राथमिकता दी जाए।</p><hr /><h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1><ul><li><strong>अमित शाह ने सहकारी क्षेत्र में जीवन बीमा कंपनी स्थापित करने की घोषणा की।</strong></li><li><strong>पूर्व बैंक अधिकारियों और शिक्षाविदों ने केंद्र सरकार से ग्रामीण हितों को प्राथमिकता देने की अपील की।</strong></li><li><strong>नई बीमा कंपनी का लाभ किसानों और ग्रामीण समुदाय तक पहुंचाने की मांग की गई।</strong></li><li><strong>1904 के सहकारी आंदोलन और उसके मूल उद्देश्य का उल्लेख किया गया।</strong></li><li><strong>सहकारी मॉडल के जरिए वित्तीय समावेशन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।</strong></li></ul><hr /><h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1><h3><span><strong>Q1. यह अपील किस घोषणा के बाद की गई है?</strong></span></h3><p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सहकारी क्षेत्र में जीवन बीमा कंपनी स्थापित करने की घोषणा के बाद।</p><h3><span><strong>Q2. अपील किसने की है?</strong></span></h3><p>एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्रों में शामिल पूर्व वरिष्ठ बैंकरों, शिक्षकों और आर्थिक अधिकारियों के समूह ने यह अपील की है।</p><h3><span><strong>Q3. उनकी मुख्य मांग क्या है?</strong></span></h3><p>प्रस्तावित जीवन बीमा कंपनी का अधिकतम लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और सहकारी संस्थाओं तक पहुंचाया जाए।</p><h3><span><strong>Q4. 1904 के सहकारी कानून का क्या महत्व है?</strong></span></h3><p>को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटीज़ अधिनियम, 1904 ने भारत में सहकारी आंदोलन की नींव रखी थी, जिसका उद्देश्य किसानों को सामूहिक सहयोग के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।</p><hr /><h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1><p>सहकारी क्षेत्र में जीवन बीमा कंपनी स्थापित करने की प्रस्तावित पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसकी नीतियां किसानों और ग्रामीण समुदाय की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, तो यह वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान कर सकती है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_67.png" alt="Screenshot_67" width="975" height="628"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/former-bank-officials-appeal-to-the-center-to-benefit-rural/article-11805</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 17:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>22 जुलाई को पंजाब-हरियाणा के टोल प्लाजा रहेंगे तीन घंटे टोल फ्री, संयुक्त किसान मोर्चा ने किया बड़ा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर 22 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पंजाब और हरियाणा के टोल प्लाजा टोल फ्री रहेंगे। किसान संगठन प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और किसानों की लंबित मांगों के विरोध में यह प्रदर्शन करेंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/toll-plazas-of-punjab-haryana-will-remain-toll-free-for-three/article-11804"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_66.png" alt=""></a><br /><p><strong>संयुक्त किसान मोर्चा (SKM)</strong> ने किसानों की विभिन्न मांगों और प्रस्तावित <strong>भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (India-US Free Trade Agreement)</strong> के विरोध में <strong>22 जुलाई</strong> को पंजाब और हरियाणा में टोल प्लाजा को तीन घंटे तक <strong>टोल फ्री</strong> रखने का ऐलान किया है।</p>
<p>SKM के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन <strong>दोपहर 12 बजे से 3 बजे</strong> तक चलेगा, जिसके दौरान विभिन्न स्थानों पर किसान शांतिपूर्ण तरीके से टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करेंगे।</p>
<h2><span><strong>लुधियाना में SKM की बैठक, आंदोलन की रणनीति तैयार</strong></span></h2>
<p>आगामी प्रदर्शन की तैयारियों के तहत <strong>लुधियाना जिला संयुक्त किसान मोर्चा</strong> की बैठक गुरुवार को <strong>शहीद कर्नैल सिंह इसरू भवन</strong> में आयोजित की गई।</p>
<p>बैठक की अध्यक्षता <strong>पमनदीप सिंह मेहलों</strong> ने की। इसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की गई और किसानों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।</p>
<h2><span><strong>लुधियाना के तीन टोल प्लाजा होंगे टोल फ्री</strong></span></h2>
<p>बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदर्शन के दौरान जिले के तीन प्रमुख टोल प्लाजा—</p>
<ul>
<li><strong>लाडोवाल टोल प्लाजा</strong></li>
<li><strong>घुल्लाल टोल प्लाजा</strong></li>
<li><strong>चौकीमान टोल प्लाजा</strong></li>
</ul>
<p>को <strong>22 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक टोल फ्री</strong> रखा जाएगा।</p>
<h2><span><strong>किसान नेताओं ने लगाए सरकार पर गंभीर आरोप</strong></span></h2>
<p>किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ऐसी नीतियां और कानून लागू कर रही है, जो किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ हैं।</p>
<p>उनका कहना है कि सरकार कॉरपोरेट हितों से प्रभावित नीतियों को आगे बढ़ा रही है, जिसके चलते किसानों को विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।</p>
<h3><span><strong>भारत-अमेरिका FTA का भी जताया विरोध</strong></span></h3>
<p>संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रस्तावित <strong>भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA)</strong> पर भी चिंता जताई।</p>
<p>किसान नेताओं का कहना है कि यदि यह समझौता किसानों के हितों को प्रभावित करता है, तो इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>22 जुलाई को पंजाब और हरियाणा के टोल प्लाजा तीन घंटे तक टोल फ्री रहेंगे।</strong></li>
<li><strong>प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित किया जाएगा।</strong></li>
<li><strong>लुधियाना के लाडोवाल, घुल्लाल और चौकीमान टोल प्लाजा भी टोल फ्री रहेंगे।</strong></li>
<li><strong>SKM ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का विरोध किया।</strong></li>
<li><strong>किसान नेताओं ने सरकार पर किसान विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. टोल प्लाजा कब टोल फ्री रहेंगे?</strong></span></h3>
<p>22 जुलाई को दोपहर <strong>12 बजे से 3 बजे</strong> तक।</p>
<h3><span><strong>Q2. यह प्रदर्शन किस संगठन के आह्वान पर हो रहा है?</strong></span></h3>
<p>यह प्रदर्शन <strong>संयुक्त किसान मोर्चा (SKM)</strong> के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है।</p>
<h3><span><strong>Q3. लुधियाना के कौन-कौन से टोल प्लाजा टोल फ्री रहेंगे?</strong></span></h3>
<p>लाडोवाल, घुल्लाल और चौकीमान टोल प्लाजा।</p>
<h3><span><strong>Q4. किसान संगठन किस बात का विरोध कर रहे हैं?</strong></span></h3>
<p>किसान संगठन प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>22 जुलाई को प्रस्तावित टोल फ्री आंदोलन किसानों की मांगों और नीतिगत मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के व्यापक विरोध अभियान का हिस्सा है। संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_66.png" alt="Screenshot_66" width="1185" height="561"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/toll-plazas-of-punjab-haryana-will-remain-toll-free-for-three/article-11804</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 16:00:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लुधियाना में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स का प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जताया रोष</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लुधियाना में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला स्तरीय प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नियमित कैडर, वेतन विसंगति दूर करने और अन्य सेवा संबंधी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/demonstration-of-community-health-officers-in-ludhiana-expressed-anger-against/article-11803"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_65.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">पंजाब के <strong>लुधियाना</strong> में <strong>कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs)</strong> ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर <strong>सिविल सर्जन कार्यालय</strong> के बाहर जिला स्तरीय प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राज्यभर में चल रहे CHOs के आंदोलन का हिस्सा था।</p>
<p>प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभिन्न बैठकों में आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।</p>
<h2><span><strong>स्वास्थ्य सचिव के नाम सौंपा ज्ञापन</strong></span></h2>
<p>प्रदर्शन के दौरान CHOs ने <strong>पंजाब के स्वास्थ्य सचिव</strong> के नाम एक ज्ञापन सिविल सर्जन को सौंपा।</p>
<p>उन्होंने सिविल सर्जन से अनुरोध किया कि उनकी अनुशंसाओं के साथ ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक भेजा जाए, ताकि उनकी मांगों से संबंधित अधिसूचनाएं बिना किसी और देरी के जारी की जा सकें।</p>
<h2><span><strong>बैठकों में मिले आश्वासन, लेकिन अधिसूचना नहीं</strong></span></h2>
<p>सीएचओ <strong>डॉ. बलवीर</strong> ने बताया कि पिछले कई महीनों से विभाग और राज्य सरकार के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि—</p>
<ul>
<li><strong>1 जुलाई</strong> को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) पंजाब के मिशन निदेशक के साथ बैठक हुई।</li>
<li><strong>14 जुलाई</strong> को पंजाब के वित्त मंत्री के साथ भी चर्चा हुई।</li>
</ul>
<p>इन बैठकों में वित्तीय और सेवा संबंधी मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ तथा जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होने से CHOs में असंतोष बढ़ रहा है।</p>
<h2><span><strong>ये हैं CHOs की प्रमुख मांगें</strong></span></h2>
<p>प्रदर्शन के दौरान <strong>हरपिंदर कौर</strong> और <strong>जैकब</strong> ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स की प्रमुख मांगों को सामने रखा।</p>
<h3><span><strong>मुख्य मांगों में शामिल हैं:</strong></span></h3>
<ul>
<li><strong>कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के लिए नियमित ग्रुप-बी (Group-B) कैडर को मंजूरी।</strong></li>
<li><strong>अन्य राज्यों की तुलना में प्रति माह 5,000 रुपये कम वेतन की विसंगति समाप्त कर बकाया राशि जारी करना।</strong></li>
<li><strong>वर्ष 2018 से बंद लॉयल्टी बोनस को दोबारा लागू करना।</strong></li>
<li><strong>वेतन और प्रोत्साहन (Incentive) को एकीकृत करना।</strong></li>
<li><strong>हाल ही में लागू किए गए नए प्रोत्साहन प्रारूप को वापस लेकर उचित संशोधन करना।</strong></li>
</ul>
<h2><span><strong>सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग</strong></span></h2>
<p>प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो वे अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे।</p>
<p>हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>लुधियाना में CHOs ने जिला स्तरीय प्रदर्शन किया।</strong></li>
<li><strong>स्वास्थ्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया।</strong></li>
<li><strong>सरकार पर आश्वासन के बावजूद अधिसूचना जारी न करने का आरोप लगाया।</strong></li>
<li><strong>नियमित ग्रुप-बी कैडर और वेतन विसंगति दूर करने की मांग उठाई गई।</strong></li>
<li><strong>2018 से बंद लॉयल्टी बोनस बहाल करने की भी मांग की गई।</strong></li>
<li><strong>राज्यभर में CHOs का आंदोलन जारी है।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. CHOs ने प्रदर्शन क्यों किया?</strong></span></h3>
<p>कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स ने अपनी लंबित वित्तीय और सेवा संबंधी मांगों के समाधान में देरी के विरोध में प्रदर्शन किया।</p>
<h3><span><strong>Q2. प्रदर्शन कहां हुआ?</strong></span></h3>
<p>जिला स्तरीय प्रदर्शन लुधियाना के सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर आयोजित किया गया।</p>
<h3><span><strong>Q3. CHOs की प्रमुख मांगें क्या हैं?</strong></span></h3>
<p>नियमित ग्रुप-बी कैडर, वेतन विसंगति समाप्त करना, बकाया राशि जारी करना, लॉयल्टी बोनस बहाल करना और प्रोत्साहन प्रणाली में संशोधन प्रमुख मांगों में शामिल हैं।</p>
<h3><span><strong>Q4. क्या सरकार के साथ पहले बैठकें हुई थीं?</strong></span></h3>
<p>हाँ। CHOs के अनुसार, NHM पंजाब के मिशन निदेशक और पंजाब के वित्त मंत्री के साथ बैठकें हुई थीं, जिनमें समाधान का आश्वासन दिया गया था।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>लुधियाना में CHOs का प्रदर्शन स्वास्थ्य विभाग में लंबित सेवा और वित्तीय मुद्दों को लेकर बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। फिलहाल वे सरकार से शीघ्र अधिसूचना जारी करने की मांग कर रहे हैं।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_65.png" alt="Screenshot_65" width="1173" height="617"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/demonstration-of-community-health-officers-in-ludhiana-expressed-anger-against/article-11803</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 15:00:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व बैंक की टीम ने लुधियाना सतही जल आपूर्ति परियोजना की प्रगति का लिया जायजा, 580 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विश्व बैंक के वरिष्ठ जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ श्रीनिवास पोडिपिरेड्डी ने लुधियाना का दौरा कर विश्व बैंक और AIIB समर्थित लुधियाना सतही जल आपूर्ति योजना (LSWSS) की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बिलगा गांव स्थित 580 MLD जल शोधन संयंत्र और अन्य निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/world-bank-team-took-stock-of-the-progress-of-ludhiana/article-11802"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_64.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">लुधियाना में चल रही <strong>लुधियाना सतही जल आपूर्ति योजना (Ludhiana Surface Water Supply Scheme-LSWSS)</strong> की प्रगति की समीक्षा के लिए <strong>विश्व बैंक</strong> के वरिष्ठ जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ <strong>श्रीनिवास पोडिपिरेड्डी</strong> ने गुरुवार को परियोजना स्थलों का दौरा किया।</p>
<p>श्रीनिवास पोडिपिरेड्डी <strong>पंजाब नगर सेवा सुधार परियोजना (Punjab Municipal Services Improvement Project-PMSIP)</strong> के <strong>सह-कार्यदल प्रमुख (Co-Task Team Leader)</strong> भी हैं। यह परियोजना <strong>विश्व बैंक</strong> और <strong>एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB)</strong> के सहयोग से संचालित की जा रही है।</p>
<h2><span><strong>नगर निगम अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक</strong></span></h2>
<p>दौरे की शुरुआत नगर निगम कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक से हुई। बैठक में <strong>नगर निगम के संयुक्त आयुक्त</strong> तथा <strong>लुधियाना अर्बन वाटर एंड वेस्टवाटर मैनेजमेंट लिमिटेड</strong> के मुख्य कार्यकारी अधिकारी <strong>विनीत कुमार</strong> ने परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।</p>
<p>समीक्षा बैठक में <strong>मुख्य अभियंता रविंदर गर्ग</strong>, <strong>अधीक्षण अभियंता डॉ. परुल गोयल</strong>, <strong>परियोजना प्रबंधक इंजीनियर गुरविंदर पाल सिंह</strong>, परियोजना क्रियान्वयन इकाई (PIU), सलाहकारों और कार्यान्वयन एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।</p>
<h2><span><strong>580 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का किया निरीक्षण</strong></span></h2>
<p>बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने <strong>बिलगा गांव</strong> स्थित <strong>580 एमएलडी (MLD) क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant-WTP)</strong> का निरीक्षण किया।</p>
<p>इसके अलावा टीम ने—</p>
<ul>
<li>निर्माणाधीन ट्रांसमिशन पाइपलाइन कॉरिडोर,</li>
<li>विभिन्न ओवरहेड सर्विस रिजर्वायर (OHSR) निर्माण स्थलों,</li>
<li>परियोजना के प्रमुख सिविल कार्यों</li>
</ul>
<p>का भी निरीक्षण कर प्रगति का आकलन किया।</p>
<h2><span><strong>निर्माण कार्य और परियोजना की समय-सीमा पर हुई चर्चा</strong></span></h2>
<p>निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परियोजना के विभिन्न निर्माण चरणों, कार्यों के क्रम (Construction Sequencing) और निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।</p>
<p>अधिकारियों ने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और समय पर कार्य पूरा करने के लिए आवश्यक पहलुओं पर भी चर्चा की।</p>
<h3><span><strong>राज्य की प्रमुख शहरी अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल</strong></span></h3>
<p>लुधियाना सतही जल आपूर्ति योजना पंजाब की सबसे बड़ी शहरी अवसंरचना परियोजनाओं में से एक मानी जाती है।</p>
<p>इस परियोजना का क्रियान्वयन <strong>लुधियाना नगर निगम</strong> द्वारा <strong>महापौर इंदरजीत कौर</strong> और <strong>नगर आयुक्त ओजस्वी अलंकार</strong> के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाना है।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>विश्व बैंक के वरिष्ठ विशेषज्ञ श्रीनिवास पोडिपिरेड्डी ने लुधियाना परियोजना का निरीक्षण किया।</strong></li>
<li><strong>विश्व बैंक और AIIB समर्थित LSWSS परियोजना की प्रगति की समीक्षा हुई।</strong></li>
<li><strong>बिलगा गांव स्थित 580 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया।</strong></li>
<li><strong>ट्रांसमिशन पाइपलाइन और OHSR निर्माण स्थलों का भी दौरा किया गया।</strong></li>
<li><strong>परियोजना की समय-सीमा और निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. समीक्षा दौरे का नेतृत्व किसने किया?</strong></span></h3>
<p>विश्व बैंक के वरिष्ठ जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ और PMSIP के सह-कार्यदल प्रमुख श्रीनिवास पोडिपिरेड्डी ने दौरे का नेतृत्व किया।</p>
<h3><span><strong>Q2. कौन-सी परियोजना की समीक्षा की गई?</strong></span></h3>
<p>विश्व बैंक और AIIB समर्थित <strong>लुधियाना सतही जल आपूर्ति योजना (LSWSS)</strong> की प्रगति की समीक्षा की गई।</p>
<h3><span><strong>Q3. प्रतिनिधिमंडल ने किन स्थलों का निरीक्षण किया?</strong></span></h3>
<p>बिलगा गांव स्थित 580 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रांसमिशन पाइपलाइन कॉरिडोर और विभिन्न ओवरहेड सर्विस रिजर्वायर निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया गया।</p>
<h3><span><strong>Q4. इस परियोजना का उद्देश्य क्या है?</strong></span></h3>
<p>परियोजना का उद्देश्य लुधियाना शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सक्षम और टिकाऊ बनाना है।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>लुधियाना सतही जल आपूर्ति योजना की समीक्षा से स्पष्ट है कि परियोजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विश्व बैंक और AIIB के सहयोग से विकसित यह परियोजना भविष्य में शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने और नागरिकों को बेहतर पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_64.png" alt="Screenshot_64" width="971" height="534"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/world-bank-team-took-stock-of-the-progress-of-ludhiana/article-11802</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 14:00:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यमुनानगर-जगाधरी में जलभराव से निपटने के लिए सालभर होगी नालों की सफाई, हर घर पर लगेंगे RFID स्मार्ट कार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यमुनानगर नगर निगम ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वर्षभर नालों की सफाई कराने और विशेषज्ञों से 50 वर्षों की ड्रेनेज योजना तैयार कराने का निर्णय लिया है। साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए RFID स्मार्ट कार्ड भी लगाए जाएंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/to-deal-with-waterlogging-in-yamunanagar-jagadhri-drains-will-be-cleaned/article-11797"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_59.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">यमुनानगर नगर निगम ने शहर में जलभराव और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। गुरुवार को महापौर <strong>सुमन बहमानी</strong> की अध्यक्षता में हुई जनरल हाउस बैठक में कुल <strong>42 प्रस्तावों</strong> को मंजूरी दी गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यमुनानगर और जगाधरी में अब पूरे वर्ष नालों की सफाई कराई जाएगी, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।</p>
<h2><span><strong>50 वर्षों की योजना के तहत तैयार होगा जलनिकासी ढांचा</strong></span></h2>
<p>नगर निगम ने हाल ही में नियुक्त विशेषज्ञ टीम को प्रत्येक वार्ड का विस्तृत सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है।</p>
<p>यह टीम प्रत्येक क्षेत्र की जरूरतों का अध्ययन कर ऐसा ड्रेनेज ढांचा तैयार करेगी, जो आने वाले <strong>50 वर्षों</strong> तक जलभराव की समस्या से निपटने में सहायक होगा।</p>
<h2><span><strong>हर घर पर लगेंगे RFID स्मार्ट कार्ड</strong></span></h2>
<p>नगर निगम ने घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने का भी फैसला लिया है।</p>
<p>इसके तहत नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक घर के बाहर <strong>रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID)</strong> आधारित स्मार्ट कार्ड लगाए जाएंगे।</p>
<h3><span><strong>कचरा उठाने के साथ दर्ज होगी कर्मचारियों की उपस्थिति</strong></span></h3>
<p>डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से जुड़े कर्मचारी जब किसी घर से कचरा उठाएंगे, तो वे स्मार्ट कार्ड को स्कैन करेंगे। इससे कचरा संग्रहण की पुष्टि होने के साथ-साथ कर्मचारियों की उपस्थिति भी डिजिटल रूप से दर्ज हो जाएगी।</p>
<p>इस व्यवस्था का उद्देश्य सेवा की निगरानी को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।</p>
<h2><span><strong>जनरल हाउस बैठक में 42 प्रस्तावों को मिली मंजूरी</strong></span></h2>
<p>यह बैठक महापौर सुमन बहमानी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें <strong>यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा</strong> भी मौजूद रहे।</p>
<p>बैठक का संचालन <strong>अतिरिक्त नगर आयुक्त धीरज कुमार</strong> और <strong>कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह</strong> ने किया। इसमें नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य विभागों के अधिकारी एवं पार्षद भी शामिल हुए।</p>
<h2><span><strong>76 कॉलोनियों के नियमितीकरण पर विधायक ने जताई खुशी</strong></span></h2>
<p>बैठक के दौरान विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने वर्ष 1996 में तकनीकी कारणों से अनधिकृत रह गई <strong>76 कॉलोनियों के नियमितीकरण</strong> के लिए महापौर सुमन बहमानी, नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद और अन्य अधिकारियों की सराहना की।</p>
<p>उन्होंने निर्देश दिए कि इन कॉलोनियों में जल्द से जल्द विकास कार्य शुरू किए जाएं।</p>
<h3><span><strong>कॉलोनियों की सीमा तय करने के लिए बनी समिति</strong></span></h3>
<p>नगर आयुक्त <strong>महाबीर प्रसाद</strong> ने बताया कि नियमित की गई कॉलोनियों की सीमाएं निर्धारित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>यमुनानगर और जगाधरी में पूरे वर्ष नालों की सफाई होगी।</strong></li>
<li><strong>विशेषज्ञ टीम 50 वर्षों की जलनिकासी योजना तैयार करेगी।</strong></li>
<li><strong>हर घर पर RFID स्मार्ट कार्ड लगाए जाएंगे।</strong></li>
<li><strong>कचरा संग्रहण के दौरान डिजिटल स्कैनिंग से सेवा की निगरानी होगी।</strong></li>
<li><strong>जनरल हाउस बैठक में 42 प्रस्ताव पारित किए गए।</strong></li>
<li><strong>76 नियमित कॉलोनियों में जल्द विकास कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. नगर निगम ने जलभराव की समस्या के लिए क्या फैसला लिया है?</strong></span></h3>
<p>नगर निगम ने पूरे वर्ष नालों की सफाई कराने और 50 वर्षों की जलनिकासी योजना तैयार कराने का निर्णय लिया है।</p>
<h3><span><strong>Q2. RFID स्मार्ट कार्ड का क्या उद्देश्य है?</strong></span></h3>
<p>इन कार्डों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण की डिजिटल निगरानी होगी और कर्मचारियों की उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी।</p>
<h3><span><strong>Q3. जनरल हाउस बैठक में कितने प्रस्ताव पारित हुए?</strong></span></h3>
<p>बैठक में कुल <strong>42 प्रस्ताव</strong> पारित किए गए।</p>
<h3><span><strong>Q4. 76 कॉलोनियों को लेकर क्या निर्णय लिया गया?</strong></span></h3>
<p>नियमित की गई 76 कॉलोनियों में जल्द विकास कार्य शुरू करने और उनकी सीमाएं तय करने के लिए समिति गठित की गई है।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>यमुनानगर नगर निगम के ये फैसले शहर में जलभराव और स्वच्छता प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वर्षभर नालों की सफाई, दीर्घकालिक ड्रेनेज योजना और RFID आधारित कचरा संग्रहण प्रणाली से नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_59.png" alt="Screenshot_59" width="1174" height="609"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/to-deal-with-waterlogging-in-yamunanagar-jagadhri-drains-will-be-cleaned/article-11797</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 13:30:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील, विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां बोले- पानी को प्रदूषित करने वाले मानवता के दुश्मन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने लोगों से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति नैतिक कर्तव्य है। समारोह में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भी प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/appeal-to-make-water-conservation-a-mass-movement-assembly-speaker/article-11801"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_63.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष <strong>कुलतार सिंह संधवां</strong> ने लोगों से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का लगातार हो रहा क्षरण मानव अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है और इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।</p>
<p>वे <strong>पवित्र काली बेईं</strong> की <strong>कार सेवा के 26वें स्थापना दिवस</strong> के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।</p>
<h2><span><strong>जल संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के प्रति नैतिक जिम्मेदारी</strong></span></h2>
<p>कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि जल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल जीवन का आधार है और भूजल स्तर में लगातार गिरावट तथा जल स्रोतों के बढ़ते प्रदूषण ने करोड़ों लोगों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इन समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।</p>
<h2><span><strong>काली बेईं का पुनर्जीवन बना जनभागीदारी का उदाहरण</strong></span></h2>
<p>विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि <strong>राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल</strong> के नेतृत्व और स्वयंसेवकों के सहयोग से पवित्र काली बेईं का पुनर्जीवन पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण है।</p>
<p>उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान में <strong>बुद्धा दरिया</strong> के पुनर्जीवन के लिए चल रहे प्रयास भी भविष्य में काली बेईं की तरह सफल साबित होंगे।</p>
<h2><span><strong>उद्योगों में Zero Liquid Discharge तकनीक लागू करने की वकालत</strong></span></h2>
<p>कुलतार सिंह संधवां ने उद्योगों में <strong>Zero Liquid Discharge (ZLD)</strong> तकनीक को अनिवार्य रूप से अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस तकनीक से बिना उपचारित और विषैले औद्योगिक अपशिष्ट को नदियों और अन्य जल स्रोतों में जाने से रोका जा सकता है।</p>
<h3><span><strong>'जल को प्रदूषित करने वाले मानवता के दुश्मन'</strong></span></h3>
<p>संधवां ने कहा कि जो लोग जल स्रोतों को प्रदूषित करते हैं, वे मानवता के हितों के खिलाफ कार्य करते हैं, क्योंकि जल प्रकृति की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है।</p>
<p>उन्होंने संत बलबीर सिंह सीचेवाल के पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे आजीवन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब सरकार उनके मिशन को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है।</p>
<h2><span><strong>कृषि मंत्री ने गुरबाणी का संदेश किया साझा</strong></span></h2>
<p>समारोह में <strong>कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां</strong> ने गुरबाणी की पंक्ति <strong>"पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत"</strong> का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख गुरुओं ने वायु, जल और धरती को जीवन का आधार माना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह संदेश मानव और प्रकृति के बीच गहरे और पवित्र संबंध को दर्शाता है तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की अपील की।</strong></li>
<li><strong>काली बेईं कार सेवा के 26वें स्थापना दिवस समारोह में पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया।</strong></li>
<li><strong>भूजल स्तर में गिरावट और जल प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की गई।</strong></li>
<li><strong>उद्योगों में Zero Liquid Discharge (ZLD) तकनीक लागू करने की वकालत की गई।</strong></li>
<li><strong>संत बलबीर सिंह सीचेवाल के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों की सराहना की गई।</strong></li>
<li><strong>कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने गुरबाणी के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. कुलतार सिंह संधवां ने किस अवसर पर लोगों को संबोधित किया?</strong></span></h3>
<p>उन्होंने पवित्र काली बेईं की कार सेवा के 26वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में लोगों को संबोधित किया।</p>
<h3><span><strong>Q2. उन्होंने जल संरक्षण को लेकर क्या संदेश दिया?</strong></span></h3>
<p>उन्होंने कहा कि जल और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।</p>
<h3><span><strong>Q3. Zero Liquid Discharge (ZLD) तकनीक क्या है?</strong></span></h3>
<p>यह ऐसी तकनीक है जिसका उद्देश्य औद्योगिक अपशिष्ट जल का उपचार कर बिना उपचारित विषैले पानी को जल स्रोतों में जाने से रोकना है।</p>
<h3><span><strong>Q4. कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने क्या कहा?</strong></span></h3>
<p>उन्होंने गुरबाणी की पंक्ति "पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत" का उल्लेख करते हुए प्रकृति संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>काली बेईं के पुनर्जीवन की सफलता पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी की मिसाल बन चुकी है। विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि जल स्रोतों की सुरक्षा, प्रदूषण पर नियंत्रण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से ही प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_63.png" alt="Screenshot_63" width="866" height="597"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/appeal-to-make-water-conservation-a-mass-movement-assembly-speaker/article-11801</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 13:00:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिरसा के डबवाली में भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़, राजस्थान PCPNDT टीम की कार्रवाई से स्वास्थ्य तंत्र पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजस्थान की PCPNDT टीम ने हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली में कथित अवैध भ्रूण लिंग जांच रैकेट का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य फरार है। मामले में एक निजी अस्पताल की भूमिका की भी जांच की जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/fetal-sex-determination-racket-busted-in-dabwali-sirsa-action-of/article-11795"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_58.png" alt=""></a><br /><p>हरियाणा के <strong>सिरसा जिले के डबवाली</strong> में कथित अवैध <strong>भ्रूण लिंग जांच (Sex Determination)</strong> रैकेट के खिलाफ राजस्थान की <strong>प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT)</strong> टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p>करीब छह महीने तक निगरानी रखने और तीन डिकॉय ऑपरेशन चलाने के बाद टीम ने एक कथित दलाल को गिरफ्तार किया, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।</p>
<h2><span><strong>छह महीने की निगरानी के बाद हुई कार्रवाई</strong></span></h2>
<p>राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) राजस्थान के अधिकारियों के अनुसार, टीम पिछले छह महीने से इस कथित रैकेट की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।</p>
<p>शुरुआती दो प्रयासों में आरोपी गिरफ्तारी से बच निकला, लेकिन तीसरे डिकॉय ऑपरेशन के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस ऑपरेशन में एक गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर भेजा गया था।</p>
<h2><span><strong>कथित दलाल पर गर्भवती महिलाओं को लाने का आरोप</strong></span></h2>
<p>जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी <strong>राकेश कुमार</strong> पर आरोप है कि वह <strong>हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर</strong> से गर्भवती महिलाओं को डबवाली लाकर अवैध भ्रूण लिंग जांच करवाता था।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी है।</p>
<h2><span><strong>निजी अस्पताल की भूमिका भी जांच के घेरे में</strong></span></h2>
<p>प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने कथित रूप से <strong>36,500 रुपये</strong> लेकर गर्भवती महिला को डबवाली के <strong>चौटाला रोड स्थित एक निजी अस्पताल</strong> में ले जाकर अवैध जांच कराई।</p>
<p>जांच टीम का दावा है कि जैसे ही आरोपी ने कथित रूप से भ्रूण के लिंग की जानकारी दी, पहले से मौजूद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>कार्रवाई के दौरान अस्पताल से <strong>अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य</strong> भी जब्त किए गए हैं। फिलहाल अस्पताल की भूमिका की जांच जारी है।</p>
<h3><span><strong>अवैध गर्भपात के एंगल की भी जांच</strong></span></h3>
<p>प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को आशंका है कि यह नेटवर्क कथित तौर पर परिवारों को भ्रूण के लिंग की जानकारी देने के नाम पर गुमराह करता था।</p>
<p>जांच एजेंसियों के अनुसार, कई मामलों में परिवारों को यह कहकर भ्रमित किया जाता था कि गर्भ में कन्या भ्रूण है, ताकि उन्हें गर्भपात कराने के लिए प्रेरित किया जा सके। हालांकि, इन आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>राजस्थान PCPNDT टीम ने डबवाली में कथित भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ किया।</strong></li>
<li><strong>छह महीने की निगरानी और तीन डिकॉय ऑपरेशन के बाद एक आरोपी गिरफ्तार हुआ।</strong></li>
<li><strong>गिरफ्तार आरोपी पर राजस्थान से गर्भवती महिलाओं को लाने का आरोप है।</strong></li>
<li><strong>एक अन्य संदिग्ध फरार है और उसकी तलाश जारी है।</strong></li>
<li><strong>निजी अस्पताल से अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए गए।</strong></li>
<li><strong>अवैध गर्भपात से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. यह कार्रवाई किस एजेंसी ने की है?</strong></span></h3>
<p>यह कार्रवाई राजस्थान की <strong>PCPNDT टीम</strong> और <strong>NHM राजस्थान</strong> के अधिकारियों ने की।</p>
<h3><span><strong>Q2. आरोपी पर क्या आरोप हैं?</strong></span></h3>
<p>आरोपी पर गर्भवती महिलाओं को डबवाली लाकर कथित रूप से अवैध भ्रूण लिंग जांच कराने का आरोप है।</p>
<h3><span><strong>Q3. जांच में क्या-क्या बरामद हुआ?</strong></span></h3>
<p>जांच टीम ने संबंधित निजी अस्पताल से अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।</p>
<h3><span><strong>Q4. क्या अस्पताल की भूमिका की भी जांच हो रही है?</strong></span></h3>
<p>हाँ, जिस निजी अस्पताल में कथित जांच कराए जाने का आरोप है, उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>डबवाली में सामने आया यह मामला अवैध भ्रूण लिंग जांच जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता को फिर से उजागर करता है। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, अस्पताल की भूमिका और संभावित अवैध गर्भपात के मामलों की जांच कर रही हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_58.png" alt="Screenshot_58" width="1182" height="624"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/fetal-sex-determination-racket-busted-in-dabwali-sirsa-action-of/article-11795</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 12:30:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में मतदाता सूची पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी, 3 अगस्त तक होगा घर-घर सत्यापन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम का संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी आकाश बंसल ने बताया कि अब बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर सत्यापन 3 अगस्त तक चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/revised-schedule-of-voter-list-revision-released-in-punjab-door-to-door/article-11800"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_62.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब में <strong>विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR)</strong> अभियान के लिए <strong>भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India)</strong> ने संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। <strong>जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त आकाश बंसल</strong> ने गुरुवार को नई समय-सारिणी की जानकारी देते हुए बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित संशोधित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी।</p>
<p>उन्होंने नागरिकों से समय पर अपने मतदाता विवरण का सत्यापन कराने और आवश्यक होने पर दावा या आपत्ति दर्ज कराने की अपील की।</p>
<h2><span><strong>3 अगस्त तक चलेगा घर-घर सत्यापन अभियान</strong></span></h2>
<p>आकाश बंसल ने बताया कि <strong>बूथ लेवल अधिकारियों (BLO)</strong> द्वारा मतदाताओं का <strong>घर-घर सत्यापन</strong>, जो <strong>25 जून</strong> से शुरू हुआ था, अब <strong>3 अगस्त</strong> तक जारी रहेगा।</p>
<p>इस दौरान BLO मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करेंगे ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।</p>
<h2><span><strong>13 अगस्त को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची</strong></span></h2>
<p>संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, <strong>13 अगस्त</strong> को <strong>प्रारूप (Draft) मतदाता सूची</strong> प्रकाशित की जाएगी।</p>
<p>इसके बाद मतदाता अपने नाम, पते या अन्य विवरणों में किसी त्रुटि की स्थिति में आवश्यक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।</p>
<h3><span><strong>12 सितंबर तक दर्ज कर सकेंगे दावे और आपत्तियां</strong></span></h3>
<p>जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि <strong>13 अगस्त से 12 सितंबर</strong> तक मतदाता दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे।</p>
<p>इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी करने और दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया <strong>8 अक्टूबर</strong> तक पूरी की जाएगी।</p>
<h2><span><strong>12 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची</strong></span></h2>
<p>सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद <strong>12 अक्टूबर</strong> को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।</p>
<p>अधिकारियों ने मतदाताओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>भारत निर्वाचन आयोग ने पंजाब में SIR का संशोधित कार्यक्रम जारी किया।</strong></li>
<li><strong>घर-घर मतदाता सत्यापन 3 अगस्त तक चलेगा।</strong></li>
<li><strong>13 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी।</strong></li>
<li><strong>13 अगस्त से 12 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी।</strong></li>
<li><strong>8 अक्टूबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण होगा।</strong></li>
<li><strong>12 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. घर-घर मतदाता सत्यापन कब तक चलेगा?</strong></span></h3>
<p>बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर सत्यापन <strong>3 अगस्त</strong> तक किया जाएगा।</p>
<h3><span><strong>Q2. प्रारूप मतदाता सूची कब जारी होगी?</strong></span></h3>
<p>प्रारूप मतदाता सूची <strong>13 अगस्त</strong> को प्रकाशित की जाएगी।</p>
<h3><span><strong>Q3. दावे और आपत्तियां कब दर्ज कराई जा सकती हैं?</strong></span></h3>
<p>मतदाता <strong>13 अगस्त से 12 सितंबर</strong> तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।</p>
<h3><span><strong>Q4. अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?</strong></span></h3>
<p>सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद <strong>12 अक्टूबर</strong> को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>पंजाब में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए जारी संशोधित कार्यक्रम मतदाताओं को अपने विवरण अपडेट कराने का अतिरिक्त समय प्रदान करता है। निर्वाचन अधिकारियों ने सभी पात्र नागरिकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर सत्यापन और आवश्यक दावे या आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की है, ताकि अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाई जा सके।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_62.png" alt="Screenshot_62" width="981" height="582"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/revised-schedule-of-voter-list-revision-released-in-punjab-door-to-door/article-11800</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 12:00:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने जारी किया गतिविधि कैलेंडर 2026-27, साहित्य और शोध को मिलेगा नया आयाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गतिविधि कैलेंडर जारी किया है। कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने इसका विमोचन करते हुए कहा कि यह पहल छात्रों और शोधार्थियों को साहित्य, संस्कृति, शोध और नेतृत्व विकास के बेहतर अवसर प्रदान करेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/hindi-department-of-kurukshetra-university-released-activity-calendar-2026-27-literature/article-11794"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_57.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के <strong>हिंदी विभाग</strong> ने शैक्षणिक सत्र <strong>2026-27</strong> के लिए अपना <strong>गतिविधि कैलेंडर (Activity Calendar)</strong> जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के कुलपति <strong>प्रो. सोम नाथ सचदेवा</strong> ने इस कैलेंडर का औपचारिक विमोचन किया। इसमें पूरे वर्ष आयोजित होने वाले साहित्यिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और शोध आधारित कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा शामिल की गई है।</p>
<p>विश्वविद्यालय का मानना है कि यह पहल छात्रों और शोधार्थियों को अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए एक सुनियोजित मंच प्रदान करेगी।</p>
<h2><span><strong>छात्रों को मिलेंगे विविध शैक्षणिक और सांस्कृतिक अवसर</strong></span></h2>
<p>कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि यह गतिविधि कैलेंडर हिंदी विभाग की शैक्षणिक संस्कृति को और अधिक मजबूत करेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को पूरे वर्ष विभिन्न बौद्धिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने का सुव्यवस्थित अवसर मिलेगा, जिससे उनके समग्र व्यक्तित्व का विकास होगा।</p>
<h2><span><strong>कक्षा शिक्षण से आगे बढ़कर समग्र विकास पर जोर</strong></span></h2>
<p>प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल कक्षा आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में भाषा, साहित्य, संस्कृति, शोध और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाना है।</p>
<h3><span><strong>रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता को मिलेगा बढ़ावा</strong></span></h3>
<p>कुलपति ने विश्वास जताया कि हिंदी विभाग की यह पहल विद्यार्थियों में—</p>
<ul>
<li>रचनात्मक सोच</li>
<li>शोध के प्रति रुचि</li>
<li>प्रभावी संवाद कौशल</li>
<li>नेतृत्व क्षमता</li>
<li>साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समझ</li>
</ul>
<p>जैसे महत्वपूर्ण गुणों के विकास में सहायक सिद्ध होगी।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने गतिविधि कैलेंडर 2026-27 जारी किया।</strong></li>
<li><strong>कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कैलेंडर का विमोचन किया।</strong></li>
<li><strong>पूरे वर्ष साहित्यिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और शोध कार्यक्रम आयोजित होंगे।</strong></li>
<li><strong>छात्रों और शोधार्थियों को विभिन्न बौद्धिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।</strong></li>
<li><strong>रचनात्मकता, शोध क्षमता, संवाद कौशल और नेतृत्व विकास पर विशेष जोर दिया गया।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. गतिविधि कैलेंडर 2026-27 किस विभाग ने जारी किया है?</strong></span></h3>
<p>कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 का गतिविधि कैलेंडर जारी किया है।</p>
<h3><span><strong>Q2. गतिविधि कैलेंडर का विमोचन किसने किया?</strong></span></h3>
<p>विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने गतिविधि कैलेंडर का विमोचन किया।</p>
<h3><span><strong>Q3. गतिविधि कैलेंडर में क्या शामिल है?</strong></span></h3>
<p>इसमें पूरे वर्ष आयोजित होने वाले साहित्यिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और शोध आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा दी गई है।</p>
<h3><span><strong>Q4. इस पहल से छात्रों को क्या लाभ होगा?</strong></span></h3>
<p>छात्रों और शोधार्थियों को रचनात्मकता, शोध कौशल, संवाद क्षमता और नेतृत्व विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग का गतिविधि कैलेंडर 2026-27 विद्यार्थियों और शोधार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वर्षभर आयोजित होने वाले विविध कार्यक्रम न केवल अकादमिक वातावरण को मजबूत करेंगे, बल्कि छात्रों में साहित्यिक, सांस्कृतिक और शोध संबंधी क्षमताओं को भी नई दिशा देंगे।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_57.png" alt="Screenshot_57" width="976" height="556"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/hindi-department-of-kurukshetra-university-released-activity-calendar-2026-27-literature/article-11794</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मतदाता सूची पुनरीक्षण ने 48 साल बाद मिलाए बिछड़े तीन भाई, तरनतारन के चुताला गांव में भावुक कर देने वाला मिलन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तरनतारन जिले के चुताला गांव में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान 48 वर्षों से बिछड़े तीन भाइयों का भावुक मिलन हुआ। पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में पहुंचे विजय सिंह को पता चला कि उनके दोनों बड़े भाई आज भी पैतृक गांव में रह रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/voter-list-revision-reunites-three-brothers-who-were-separated-after/article-11799"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_61.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">पंजाब के <strong>तरनतारन जिले</strong> के <strong>चुताला गांव</strong> में चल रहे <strong>विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR)</strong> अभियान के दौरान एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने पूरे गांव को भावुक कर दिया। करीब <strong>48 वर्षों से बिछड़े तीन भाई</strong> इस अभियान की बदौलत फिर एक-दूसरे से मिल पाए।</p>
<p>पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में गांव पहुंचे <strong>67 वर्षीय विजय सिंह</strong> की मुलाकात उनके दोनों बड़े भाइयों <strong>76 वर्षीय बलविंदर सिंह</strong> और <strong>72 वर्षीय राजिंदर सिंह</strong> से हुई।</p>
<h2><span><strong>पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में पहुंचे थे विजय सिंह</strong></span></h2>
<p>जानकारी के अनुसार, विजय सिंह वर्ष <strong>2003</strong> के अपने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में बुधवार को चुताला गांव पहुंचे थे।</p>
<p>मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान उन्हें पता चला कि उनके दोनों बड़े भाई आज भी उनके पैतृक गांव में रह रहे हैं। यह जानकारी मिलते ही वर्षों पुरानी दूरी पलभर में समाप्त हो गई।</p>
<h2><span><strong>रोजगार की तलाश में हरियाणा चले गए थे विजय सिंह</strong></span></h2>
<p>विजय सिंह ने बताया कि बचपन में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया था।</p>
<p>इसके बाद वे रोजगार की तलाश में <strong>हरियाणा के पंचकूला जिले के मड़ावाला गांव</strong> चले गए। समय के साथ आजीविका की जिम्मेदारियों में व्यस्त होने के कारण उनका अपने पैतृक गांव और परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया।</p>
<h3><span><strong>48 साल बाद भाइयों का भावुक मिलन</strong></span></h3>
<p>करीब पांच दशक बाद जब विजय सिंह अपने गांव पहुंचे, तो गांव वालों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वर्षों बाद तीनों भाइयों का मिलन भावुक माहौल में हुआ, जिसे देखने वाले भी भावुक हो उठे।</p>
<h2><span><strong>ग्रामीणों और अधिकारियों ने किया स्वागत</strong></span></h2>
<p>इस अवसर पर <strong>बूथ लेवल अधिकारी (BLO) देविंदर सिंह खेहरा</strong>, <strong>ब्लॉक समिति सदस्य मेहर सिंह चुताला</strong> और अन्य ग्रामीणों ने विजय सिंह का सम्मान किया और इस यादगार पल के साक्षी बने।</p>
<p>ग्रामीणों ने इसे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी एक प्रेरणादायक और मानवीय घटना बताया।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान 48 साल बाद तीन भाई मिले।</strong></li>
<li><strong>67 वर्षीय विजय सिंह पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में चुताला गांव पहुंचे थे।</strong></li>
<li><strong>सत्यापन के दौरान पता चला कि उनके दोनों बड़े भाई गांव में ही रह रहे हैं।</strong></li>
<li><strong>बचपन में माता-पिता के निधन के बाद विजय सिंह हरियाणा चले गए थे।</strong></li>
<li><strong>गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. यह भावुक मिलन कहां हुआ?</strong></span></h3>
<p>यह मिलन पंजाब के तरनतारन जिले के चुताला गांव में हुआ।</p>
<h3><span><strong>Q2. तीनों भाई कितने वर्षों बाद मिले?</strong></span></h3>
<p>तीनों भाई करीब <strong>48 वर्षों</strong> बाद एक-दूसरे से मिले।</p>
<h3><span><strong>Q3. विजय सिंह गांव क्यों पहुंचे थे?</strong></span></h3>
<p>वे वर्ष 2003 के अपने पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में गांव पहुंचे थे।</p>
<h3><span><strong>Q4. इस मिलन में किन अधिकारियों की भूमिका रही?</strong></span></h3>
<p>बूथ लेवल अधिकारी (BLO) देविंदर सिंह खेहरा और अन्य स्थानीय अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>तरनतारन के चुताला गांव में सामने आई यह घटना बताती है कि सरकारी प्रक्रियाएं कभी-कभी मानवीय रिश्तों को भी नई जिंदगी दे सकती हैं। विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान 48 वर्षों से बिछड़े तीन भाइयों का मिलन इस अभियान की एक भावनात्मक और प्रेरणादायक मिसाल बन गया।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_61.png" alt="Screenshot_61" width="857" height="594"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/voter-list-revision-reunites-three-brothers-who-were-separated-after/article-11799</link>
                <guid>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/voter-list-revision-reunites-three-brothers-who-were-separated-after/article-11799</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:00:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दयाल सिंह कॉलेज करनाल में ‘महिला वित्तीय सशक्तिकरण’ पर ऑनलाइन सत्र, आर्थिक आत्मनिर्भरता पर दिया गया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p> </p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">दयाल सिंह कॉलेज, करनाल में महिला शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए ‘महिला वित्तीय सशक्तिकरण’ विषय पर ऑनलाइन जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता, बचत, निवेश और डिजिटल वित्तीय सेवाओं पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/online-session-on-women-financial-empowerment-in-dayal-singh-college/article-11793"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-07/screenshot_56.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और वित्तीय निर्णयों में सक्षम बनाने के उद्देश्य से <strong>दयाल सिंह कॉलेज, करनाल</strong> के <strong>कॉमर्स एवं मैनेजमेंट विभाग</strong> ने <strong>महिला विकास प्रकोष्ठ (Women Development Cell)</strong> के सहयोग से <strong>‘महिला वित्तीय सशक्तिकरण’</strong> विषय पर एक ऑनलाइन जागरूकता सत्र आयोजित किया।</p>
<p>इस कार्यक्रम में कॉलेज की महिला शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भाग लिया तथा वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।</p>
<h2><span><strong>प्राचार्य ने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर दिया जोर</strong></span></h2>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की प्राचार्य <strong>डॉ. आशिमा गाखड़</strong> के स्वागत संबोधन से हुई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाओं के लिए <strong>वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy)</strong> अत्यंत आवश्यक है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ आत्मविश्वास के साथ वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम होती हैं।</p>
<p>उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कॉमर्स एवं मैनेजमेंट विभाग और महिला विकास प्रकोष्ठ की सराहना भी की।</p>
<h2><span><strong>विशेषज्ञ ने दी वित्तीय प्रबंधन की उपयोगी जानकारी</strong></span></h2>
<p>कार्यक्रम की मुख्य वक्ता <strong>रिया निसर्ग शाह</strong>, जो एक <strong>चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA)</strong> हैं, ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने निम्न विषयों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला—</p>
<ul>
<li>व्यक्तिगत वित्तीय योजना (Personal Financial Planning)</li>
<li>नियमित बचत की आदत</li>
<li>निवेश के विभिन्न विकल्प</li>
<li>डिजिटल वित्तीय सेवाओं का सुरक्षित उपयोग</li>
<li>दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण (Wealth Creation)</li>
</ul>
<h3><span><strong>सही वित्तीय योजना से सुरक्षित होगा भविष्य</strong></span></h3>
<p>रिया निसर्ग शाह ने बताया कि समय रहते सही वित्तीय योजना और सोच-समझकर किए गए निवेश भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं का सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से उपयोग करने की भी सलाह दी।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Key Highlights</strong></span></h1>
<ul>
<li><strong>दयाल सिंह कॉलेज, करनाल में ‘महिला वित्तीय सशक्तिकरण’ पर ऑनलाइन सत्र आयोजित हुआ।</strong></li>
<li><strong>महिला शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।</strong></li>
<li><strong>प्राचार्य डॉ. आशिमा गाखड़ ने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर जोर दिया।</strong></li>
<li><strong>CFA रिया निसर्ग शाह ने बचत, निवेश और वित्तीय योजना पर मार्गदर्शन दिया।</strong></li>
<li><strong>डिजिटल वित्तीय सेवाओं और दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण पर भी चर्चा हुई।</strong></li>
</ul>
<hr />
<h1><span><strong>FAQ Section</strong></span></h1>
<h3><span><strong>Q1. यह ऑनलाइन सत्र किस विषय पर आयोजित किया गया था?</strong></span></h3>
<p>सत्र का विषय <strong>‘महिला वित्तीय सशक्तिकरण’</strong> था।</p>
<h3><span><strong>Q2. कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?</strong></span></h3>
<p>कॉमर्स एवं मैनेजमेंट विभाग ने महिला विकास प्रकोष्ठ के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया।</p>
<h3><span><strong>Q3. मुख्य वक्ता कौन थीं?</strong></span></h3>
<p>कार्यक्रम की मुख्य वक्ता <strong>रिया निसर्ग शाह</strong>, चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA), थीं।</p>
<h3><span><strong>Q4. सत्र में किन विषयों पर जानकारी दी गई?</strong></span></h3>
<p>व्यक्तिगत वित्तीय योजना, बचत, निवेश, डिजिटल वित्तीय सेवाएं और संपत्ति निर्माण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।</p>
<hr />
<h1><span><strong>Conclusion</strong></span></h1>
<p>दयाल सिंह कॉलेज, करनाल द्वारा आयोजित यह ऑनलाइन सत्र महिलाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। वित्तीय साक्षरता, सही निवेश और डिजिटल वित्तीय सेवाओं की जानकारी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-07/screenshot_56.png" alt="Screenshot_56" width="983" height="562"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/online-session-on-women-financial-empowerment-in-dayal-singh-college/article-11793</link>
                <guid>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/online-session-on-women-financial-empowerment-in-dayal-singh-college/article-11793</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 10:30:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
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