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                <title>तकनीक - Undekhi Khabar</title>
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                <description>तकनीक RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी की पोस्ट बनी युवाओं की आवाज़, करियर को लेकर दिए ज़मीनी सबक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>माइक्रोसॉफ्ट में कार्यरत 26 वर्षीय नंदिनी शर्मा की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने देशभर के युवा प्रोफेशनल्स, खासकर करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं के बीच गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने शुरुआती करियर से जुड़े अहम सबक साझा किए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/microsoft-employees-post-became-the-voice-of-youth-and-gave/article-6862"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_781.png" alt=""></a><br /><p>माइक्रोसॉफ्ट में कार्यरत 26 वर्षीय कर्मचारी नंदिनी शर्मा की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर की गई एक पोस्ट ने भारतभर के युवा प्रोफेशनल्स को खास तौर पर प्रभावित किया है। करियर के शुरुआती दौर में काम कर रहे युवाओं के लिए यह पोस्ट मेहनत, निरंतरता और कॉरपोरेट जीवन की वास्तविकताओं को समझने का संदेश देती है।</p>
<p>अपने पोस्ट में नंदिनी शर्मा ने लिखा कि जैसे पैसे पर चक्रवृद्धि (कंपाउंडिंग) का असर होता है, वैसे ही मेहनत भी समय के साथ कई गुना फल देती है, खासकर करियर के शुरुआती वर्षों में। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास और अनुशासन लंबे समय में सफलता की मजबूत नींव बनाते हैं।</p>
<p>नंदिनी ने शुरुआती बीस की उम्र को एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि इस समय युवाओं के पास अधिक ऊर्जा, समय और अपेक्षाकृत कम जिम्मेदारियां होती हैं। बाद के वर्षों में नौकरी, परिवार और अन्य दबाव बढ़ जाते हैं, जिससे आत्मविकास को टालना और मुश्किल हो जाता है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर लोग यह सोचकर खुद को रोक लेते हैं कि दूसरे क्या सोचेंगे, जबकि सच्चाई यह है कि ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी में इतने व्यस्त होते हैं कि वे दूसरों का उतना मूल्यांकन करते ही नहीं। इस सोच ने उन्हें जोखिम लेने और उन कौशलों पर काम करने का आत्मविश्वास दिया, जिनसे वह पहले हिचकती थीं।</p>
<p>पोस्ट में नंदिनी शर्मा ने एक अहम बात यह भी कही कि “कोई आपको बचाने नहीं आएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि करियर में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ डिग्री, पारिवारिक पृष्ठभूमि या किसी बड़ी कंपनी में नौकरी होना काफी नहीं है। निरंतर सीखना और खुद पर काम करना ही असली रास्ता है।</p>
<p>माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में काम करने के बावजूद नंदिनी ने स्वीकार किया कि वह अभी भी अपने करियर, फिटनेस लक्ष्यों और जीवन के उद्देश्य को समझने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी इस यात्रा को खुले तौर पर साझा करती रहेंगी।</p>
<p>अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले आईटी प्रोफेशनल्स को खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखने वाले युवा अकेले नहीं हैं और उनकी संघर्ष भरी यात्रा भी मायने रखती है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_781.png" alt="Screenshot_781" width="675" height="403"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 12:45:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO को दी तेजी से हथियार विकास और तैनाती की चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="flex flex-col text-sm pb-25">

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling">
<p>रक्षा मंत्री <strong>राजनाथ सिंह</strong> ने DRDO से कहा कि हथियारों और सिस्टम के <strong>अनुसंधान, प्रोटोटाइप और परीक्षण से अंतिम तैनाती तक का समय कम</strong> किया जाए। उन्होंने <strong>सह-विकास मॉडल अपनाने, उद्योग और अकादमिक संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाने</strong>, और पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर जोखिम उठाने पर जोर दिया। मंत्री ने <strong>Tejas LCA</strong> का उदाहरण देते हुए कहा कि तेज और समय पर तकनीकी तैनाती ही राष्ट्रीय सुरक्षा में श्रेष्ठता सुनिश्चित करती है।</p>
</div>
</div>
</div>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/defense-minister-rajnath-singh-challenged-drdo-for-rapid-weapon-development/article-6787"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_720.png" alt=""></a><br /><p>रक्षा मंत्री <strong>राजनाथ सिंह</strong> ने मंगलवार को <strong>रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)</strong> के सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि <strong>हथियारों और सिस्टम की समय पर इंडक्शन ही DRDO के प्रदर्शन का सबसे बड़ा पैमाना है।</strong> उन्होंने संगठन को स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुसंधान से प्रोटोटाइप, प्रोटोटाइप से परीक्षण और परीक्षण से अंतिम तैनाती तक का समय कम किया जाए।</p>
<p>सिंह ने कहा कि आज की तेजी से बदलती तकनीक के दौर में कोई भी नई तकनीक कुछ सालों में अप्रासंगिक हो सकती है। उन्होंने युद्धभूमि की वास्तविकताओं का हवाला देते हुए कहा,</p>
<blockquote>
<p>“आज के समय में हमें केवल ‘सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट’ नहीं, बल्कि ‘सर्वाइवल ऑफ द फास्टेस्ट’ को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना होगा। जो देश सोचता है, निर्णय लेता है और तकनीक को तेजी से तैनात करता है, वही वास्तविक रूप से आगे रहता है।”</p>
</blockquote>
<p>रक्षा मंत्री ने DRDO के मौजूदा डिज़ाइन और प्रोटोटाइप-केंद्रित मॉडल का विश्लेषण करते हुए <strong>सह-विकास (Co-development) मॉडल</strong> अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों को शुरुआती चरणों से डिज़ाइन, प्रोटोटाइप और उत्पादन प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि वैश्विक स्तर की तकनीक का तेजी से विकास और तैनाती सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>सिंह ने DRDO को सुझाव दिया कि संगठन उन क्षेत्रों में जोखिम उठाने वाला एक <strong>विशेष विंग</strong> बनाए जहाँ सफलता की संभावना कम दिखाई देती हो। उन्होंने कहा,</p>
<blockquote>
<p>“यदि ऐसे प्रयास में सफलता मिलती है, तो यह ऐतिहासिक साबित होगी। DRDO को अब सार्वजनिक क्षेत्र, निजी उद्योग, MSMEs, स्टार्टअप्स और अकादमिक संस्थानों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। सरकार का समर्थन तभी सार्थक होगा जब DRDO एकाधिकार वाली अनुसंधान और विकास मॉडल से आगे बढ़कर सहयोगी इकोसिस्टम बनाए।”</p>
</blockquote>
<p>रक्षा मंत्री ने <strong>लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (Tejas)</strong> का उदाहरण देते हुए कहा कि यह DRDO और <strong>Hindustan Aeronautics Limited (HAL)</strong> के बीच ज्ञान साझा करने का प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने आशा जताई कि ऐसे और भी कई उपलब्धियां सामने आएंगी, लेकिन इसके लिए DRDO को पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर निकलकर नवाचार, साझेदारी और जोखिम उठाने के नए अवसर तलाशने होंगे।</p>
<p>सिंह ने स्पष्ट किया कि DRDO को केवल उन्हीं क्षेत्रों पर ध्यान नहीं देना चाहिए जहाँ निजी उद्योग पहले से सक्षम है। बल्कि, संगठन को ऐसे क्षेत्रों में रिस्क लेने चाहिए, जो चुनौतिपूर्ण हों, ताकि सफलता मिलने पर देश की सुरक्षा और तकनीकी श्रेष्ठता में ऐतिहासिक योगदान मिल सके।</p>
<p>उन्होंने अंत में कहा,</p>
<blockquote>
<p>“DRDO को अब अकेले अनुसंधान करने वाले संगठन के रूप में नहीं रहना है। यह समय है कि हम एक <strong>सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र</strong> तैयार करें, जो सार्वजनिक क्षेत्र, निजी उद्योग, MSMEs, स्टार्टअप्स और अकादमिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करे। तभी हमारी सरकार और संगठन का समर्थन वास्तविक रूप से सार्थक साबित होगा।”<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_720.png" alt="Screenshot_720" width="777" height="429"></img></p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 13:15:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Samsung Galaxy S26 Ultra में मिल सकता है नया Privacy Display फीचर, स्क्रीन होगी पूरी तरह सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Samsung की आने वाली Galaxy S26 Ultra में एक नया Privacy Display फीचर देखने को मिल सकता है, जो साइड से देखने पर स्क्रीन कंटेंट को छुपा देगा—वो भी बिना ब्राइटनेस या कलर क्वालिटी से समझौता किए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/new-privacy-display-feature-can-be-found-in-samsung-galaxy/article-6746"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_685.png" alt=""></a><br /><p>Samsung की अपकमिंग फ्लैगशिप <strong>Galaxy S26 सीरीज़</strong> को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। उम्मीद है कि यह सीरीज़ फरवरी में लॉन्च होगी। लॉन्च से पहले सामने आए एक नए लीक में दावा किया गया है कि <strong>Samsung Galaxy S26 Ultra</strong> में एक खास <strong>Privacy Display</strong> फीचर दिया जा सकता है।</p>
<p>SamMobile की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फीचर <strong>One UI 8.5 अपडेट</strong> में देखा गया है, जो Samsung के <strong>Good Lock कस्टमाइज़ेशन सूट</strong> के तहत आएगा। लीक हुए स्क्रीनशॉट में Quick Settings पैनल के अंदर Privacy Display का टॉगल दिखाई देता है, जिससे यूज़र इसे आसानी से ऑन या ऑफ कर सकेंगे।</p>
<h3><strong>कैसे काम करेगा Privacy Display फीचर</strong></h3>
<p>Privacy Display फीचर को पारंपरिक <strong>privacy screen protectors</strong> के डिजिटल विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। आमतौर पर ऐसे स्क्रीन गार्ड साइड एंगल से देखने पर कंटेंट को छुपा देते हैं, लेकिन इससे ब्राइटनेस और कलर क्वालिटी पर असर पड़ता है।</p>
<p>Samsung का यह नया फीचर <strong>हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के कॉम्बिनेशन</strong> से काम करेगा, जिससे ये कमियां दूर की जा सकें।</p>
<h3><strong>ब्राइटनेस और कलर क्वालिटी रहेगी बरकरार</strong></h3>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, Galaxy S26 Ultra का Privacy Display फीचर</p>
<ul>
<li>
<p>कलर एक्यूरेसी</p>
</li>
<li>
<p>कॉन्ट्रास्ट</p>
</li>
<li>
<p>और ब्राइटनेस</p>
</li>
</ul>
<p>को बनाए रखेगा, यहां तक कि तेज़ धूप में भी।<br />सीधे सामने से देखने वाले यूज़र को स्क्रीन पूरी तरह साफ दिखाई देगी, जबकि साइड एंगल से देखने पर कंटेंट पढ़ना मुश्किल हो जाएगा।</p>
<h3><strong>एडजस्टेबल प्राइवेसी और Galaxy AI की मदद</strong></h3>
<p>लीक में यह भी दावा किया गया है कि यूज़र अपनी जरूरत के हिसाब से प्राइवेसी लेवल को कस्टमाइज़ कर सकेंगे। साइड से देखने पर कंटेंट</p>
<ul>
<li>
<p>ब्लर,</p>
</li>
<li>
<p>ब्लैक आउट,</p>
</li>
<li>
<p>या डिस्टॉर्ट</p>
</li>
</ul>
<p>हो सकता है।</p>
<p>इसके अलावा, <strong>Galaxy AI</strong> इस फीचर को और स्मार्ट बना सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही बैंकिंग ऐप, डिजिटल वॉलेट या कोई संवेदनशील ऐप खुलेगा, Privacy Display अपने-आप एक्टिव हो सकता है।</p>
<p>यह फीचर पब्लिक ट्रांसपोर्ट या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर आसपास मौजूद लोगों को डिटेक्ट कर स्क्रीन को ऑटोमैटिक रूप से सुरक्षित कर सकता है—बिना किसी मैनुअल सेटिंग के।</p>
<p>अगर ये जानकारी सही साबित होती है, तो Galaxy S26 Ultra स्क्रीन प्राइवेसी के मामले में Samsung का अब तक का सबसे एडवांस स्मार्टफोन साबित हो सकता है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_685.png" alt="Screenshot_685" width="1094" height="611"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>तकनीक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 12:45:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Apple ने लॉन्च किया नया AirTag, अब खोई चीज़ें ढूंढना हुआ और आसान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Apple ने अपने लोकप्रिय ट्रैकिंग डिवाइस AirTag का नया वर्ज़न पेश किया है, जिसमें ज्यादा सटीक ट्रैकिंग, तेज़ कनेक्टिविटी और पहले से ज्यादा दमदार स्पीकर जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/apple-launches-new-airtag-now-finding-lost-things-has-become/article-6745"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_684.png" alt=""></a><br /><p>Apple ने AirTag का नया मॉडल लॉन्च कर दिया है, जो कई अहम तकनीकी अपग्रेड के साथ आता है। चाबियां, वॉलेट या बैग जैसी रोज़मर्रा की चीज़ें अक्सर भूल जाने वालों के लिए यह नया AirTag पहले से कहीं ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है।</p>
<p>नए AirTag में Apple का <strong>सेकंड-जेनरेशन Ultra Wideband (UWB) चिप</strong> दिया गया है, जिससे ट्रैकिंग पहले से अधिक सटीक हो गई है। कंपनी के मुताबिक, <strong>Precision Finding फीचर अब 50 प्रतिशत ज्यादा दूरी से भी काम करता है</strong>, जिससे खोई हुई चीज़ों को ढूंढना आसान हो जाएगा।</p>
<p>Bluetooth चिप को भी अपग्रेड किया गया है, जिससे आसपास मौजूद AirTag को जल्दी डिटेक्ट किया जा सकता है। इसके अलावा, AirTag का <strong>इन-बिल्ट स्पीकर अब 50 प्रतिशत ज्यादा तेज़</strong> कर दिया गया है। ऐसे में अगर AirTag बैग, तकिए या किसी दराज़ के अंदर छुपा हो, तब भी उसकी आवाज़ साफ़ सुनाई देगी।</p>
<h3><strong>Apple Watch को मिला सपोर्ट</strong></h3>
<p>नए AirTag की एक बड़ी खासियत यह है कि अब <strong>Precision Finding फीचर Apple Watch पर भी काम करेगा</strong>। Series 9, Ultra 2 या उससे नए मॉडल की Apple Watch यूज़र्स अपने खोए सामान को सीधे घड़ी की मदद से ढूंढ सकेंगे।</p>
<p>Apple Watch अब दिशा-निर्देश दिखाएगी, वाइब्रेशन के जरिए संकेत देगी और साउंड अलर्ट भी दे सकेगी, जिससे हर बार iPhone निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
<h3><strong>Find My नेटवर्क और नया शेयरिंग फीचर</strong></h3>
<p>AirTag अब भी Apple के विशाल <strong>Find My नेटवर्क</strong> के साथ काम करता है, जो दुनिया भर में मौजूद लाखों Apple डिवाइस के जरिए खोई चीज़ों की लोकेशन ट्रैक करता है—वह भी यूज़र की प्राइवेसी बनाए रखते हुए।</p>
<p>इसके साथ ही Apple ने <strong>Share Item Location</strong> नाम का नया फीचर भी जोड़ा है। इसके जरिए अगर किसी का लगेज खो जाए, तो उसकी लोकेशन एयरलाइन या किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ शेयर की जा सकती है।</p>
<p>Apple ने इस फीचर के लिए <strong>50 से अधिक एयरलाइंस के साथ साझेदारी</strong> की है। कंपनी का दावा है कि इससे खोए बैग की घटनाओं और डिले में पहले ही कमी देखने को मिली है।</p>
<p>नए फीचर्स के साथ AirTag अब न सिर्फ ज्यादा स्मार्ट हो गया है, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इसे और भरोसेमंद ट्रैकिंग डिवाइस बना देता है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_684.png" alt="Screenshot_684" width="1086" height="613"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 12:30:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाउसिंग संकट ने एक मंच पर ला दिया माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न</title>
                                    <description><![CDATA[<p>क्लाउड कंप्यूटिंग और टैलेंट की होड़ में एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न ने अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य में गहराते हाउसिंग संकट को लेकर एकजुट होकर आवाज़ उठाई है। दोनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने इस मुद्दे पर संयुक्त रूप से एक ओप-एड लिखा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/housing-crisis-brings-together-microsoft-and-amazon/article-6724"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_663.png" alt=""></a><br /><p>क्लाउड सेवाओं के क्षेत्र में माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न भले ही एक-दूसरे के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी हों, लेकिन अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य में गहराते आवास संकट ने दोनों दिग्गज कंपनियों को एक साझा मंच पर ला दिया है। माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न ने हाल ही में <em>द सिएटल टाइम्स</em> में एक फुल-पेज विज्ञापन दिया और हाउसिंग संकट पर संयुक्त ओप-एड भी लिखा।</p>
<p>‘<strong>WA must make it easier to build our way out of the housing crisis</strong>’ शीर्षक से प्रकाशित इस लेख को माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ और अमेज़न के चीफ ग्लोबल अफेयर्स एवं लीगल ऑफिसर डेविड ज़ापोल्स्की ने मिलकर लिखा है। लेख में कहा गया है कि सिएटल क्षेत्र एक ऐसे आवासीय आपातकाल का सामना कर रहा है, जो राज्य की जीवन गुणवत्ता, स्वास्थ्य और आर्थिक प्रतिस्पर्धा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।</p>
<p>शीर्ष अधिकारियों ने लिखा कि पिछले एक दशक में हर साल आवास की किफ़ायती दर लगातार घटी है, रोज़ाना की यात्राएं लंबी होती गई हैं और क्षेत्र की प्रतिभा को आकर्षित करने व बनाए रखने की क्षमता कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के लिए इसका असर और भी गंभीर है।</p>
<p>ओप-एड में यह भी उल्लेख किया गया कि माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न ने इस संकट से निपटने के लिए अभूतपूर्व सामुदायिक निवेश किए हैं। लेख के अनुसार, दोनों कंपनियों ने मिलकर अपने गृह राज्य में किफ़ायती आवास की कमी को दूर करने के लिए लगभग <strong>1.6 अरब डॉलर</strong> की प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p>दोनों कंपनियों ने माना कि सस्ती आवास व्यवस्था की कमी एक जटिल समस्या है, लेकिन इसके समाधान के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण को आसान बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए, ताकि तेजी से और अधिक आवास का निर्माण हो सके।</p>
<p>गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न आमतौर पर क्लाउड कंप्यूटिंग (एज़्योर बनाम AWS) और टैलेंट की प्रतिस्पर्धा में आमने-सामने रहते हैं, लेकिन हाउसिंग संकट जैसे बड़े सामाजिक मुद्दे ने दोनों को सहयोग के लिए मजबूर कर दिया है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_663.png" alt="Screenshot_663" width="379" height="242"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 07:15:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़क सुरक्षा के लिए भारत में 30 GHz स्पेक्ट्रम V2V तकनीक के लिए आरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री <strong>नितिन गडकरी</strong> ने शुक्रवार को बताया कि <strong>डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकॉम्युनिकेशन ने 30 GHz रेडियो स्पेक्ट्रम</strong> वाहन-से-वाहन (V2V) संचार तकनीक के लिए आरक्षित कर दिया है। यह कदम भारत में <strong>कनेक्टेड सेफ्टी सिस्टम्स</strong> के परिचय के लिए अहम माने जा रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/30-ghz-spectrum-reserved-for-v2v-technology-in-india-for/article-6666"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_619.png" alt=""></a><br /><p>मंत्री गडकरी ने मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में कहा कि V2V तकनीक के माध्यम से वाहन सीधे एक-दूसरे के साथ <strong>सुरक्षा-संबंधी जानकारी साझा कर सकेंगे</strong>, जिससे सड़क पर दुर्घटनाओं और खतरों से तत्काल सतर्क किया जा सकेगा।</p>
<p>सड़क परिवहन मंत्रालय पहले ही <strong>V2V आधारित सुरक्षा तकनीक</strong> को लागू करने के लिए एक रूपरेखा तैयार कर रहा है, जो <strong>विस्तृत सड़क सुरक्षा रणनीति</strong> का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा कि तकनीक के मानक और नियामक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं और वर्तमान कैलेंडर वर्ष में इसे लागू करने की योजना है।</p>
<p>8 जनवरी को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि V2V संचार प्रणाली <strong>सामने, पीछे और वाहन के दोनों ओर कार्य करेगी</strong>, और सड़क के मोड़ और इलाके की स्थिति को ध्यान में रखते हुए <strong>अचानक खतरों की चेतावनी</strong> देगी, भले ही चालक की दृष्टि से वह खतरा छिपा हो। इस तकनीक को <strong>एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS)</strong> में एकीकृत किया जाएगा, जिससे वाहन सुरक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता में काफी वृद्धि होगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_619.png" alt="Screenshot_619" width="928" height="609"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 12:15:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jio ने नए किफायती 36-दिन के रिचार्ज प्लान के साथ यूजर्स को खुश किया, जिसमें 2GB दैनिक डेटा मिलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Reliance Jio ने <strong>450 रुपये</strong> का नया रिचार्ज प्लान पेश किया है, जो <strong>36 दिन की वैधता</strong> के साथ आता है और मासिक व तिमाही रिचार्ज के बीच का अंतर भरता है।</p>
<p><strong>मुख्य लाभ:</strong></p>
<ul>
<li>
<p><strong>डेटा और कॉलिंग:</strong> प्रति दिन 2GB 4G डेटा (कुल 72GB), Jio True 5G उपकरणों पर अनलिमिटेड 5G डेटा, अनलिमिटेड कॉल और 100 SMS प्रति दिन।</p>
</li>
<li>
<p><strong>AI क्लाउड स्टोरेज:</strong> JioAICloud के तहत 50GB मुफ्त क्लाउड स्टोरेज; 18 वर्ष और ऊपर के उपयोगकर्ताओं के लिए <strong>18 महीने का Google Gemini Pro प्लान</strong> (मूल्य ₹35,100) मुफ्त।</p>
</li>
<li>
<p><strong>मनोरंजन और OTT ऑफर्स:</strong> JioTV और 3 महीने का JioHotstar Mobile/TV सब्सक्रिप्शन, JioHome नए ब्रॉडबैंड कनेक्शन पर दो महीने की मुफ्त ट्रायल।</p>
</li>
</ul>
<p>यह प्लान <strong>डिजिटल, मनोरंजन और AI सेवाओं</strong> के साथ उपयोगकर्ताओं के लिए एक व्यापक पैकेज प्रस्तुत करता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/jio-delights-users-with-new-affordable-36-day-recharge-plan-offering/article-6210"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_302.png" alt=""></a><br /><p>Reliance Jio ने अपने <strong>सीमित समय वाले फेस्टिव ऑफ़र पोर्टफोलियो</strong> के तहत <strong>450 रुपये</strong> का नया रिचार्ज प्लान लॉन्च किया है। यह प्लान <strong>36 दिनों की वैधता</strong> प्रदान करता है और मासिक और तिमाही रिचार्ज के बीच का अंतर भरता है, साथ ही इसमें कई डिजिटल लाभ भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>डेटा और कॉलिंग लाभ:</strong><br />Jio Rs 450 रिचार्ज प्लान उपयोगकर्ताओं को प्रति दिन <strong>2GB हाई-स्पीड 4G डेटा</strong> प्रदान करता है, जो 36 दिनों में कुल <strong>72GB</strong> होता है। इसके अलावा, योग्य सब्सक्राइबर जिनके पास संगत उपकरण हैं, वे <strong>Jio True 5G प्रोग्राम</strong> के तहत <strong>अनलिमिटेड 5G डेटा</strong> का आनंद ले सकते हैं। प्लान में <strong>अनलिमिटेड वॉइस कॉल</strong> और प्रति दिन <strong>100 मुफ्त SMS</strong> भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>AI क्लाउड स्टोरेज:</strong><br />यह प्लान उपयोगकर्ताओं को <strong>JioAICloud</strong> का मुफ्त एक्सेस देता है, जिसमें बैकअप, फोटो और डॉक्यूमेंट के लिए <strong>50GB मुफ्त क्लाउड स्टोरेज</strong> शामिल है। इसके अलावा, 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उपयोगकर्ता <strong>18 महीने का Google Gemini Pro प्लान</strong> (मूल्य ₹35,100) मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। इस AI लाभ को सक्रिय रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को Rs 349 या उससे अधिक के <strong>अनलिमिटेड 5G प्लान</strong> पर रहना होगा।</p>
<p><strong>मनोरंजन और OTT ऑफ़र:</strong><br />इस प्लान में कई मनोरंजन सब्सक्रिप्शन शामिल हैं, जैसे <strong>JioTV</strong> और 3 महीने का <strong>JioHotstar Mobile/TV सब्सक्रिप्शन</strong>। दूसरे और तीसरे महीने के JioHotstar लाभ बनाए रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को <strong>अपने वर्तमान प्लान की समाप्ति के 48 घंटे के भीतर रिचार्ज</strong> करना होगा। इस ऑफर में <strong>JioHome सेवाओं</strong> पर नए ब्रॉडबैंड कनेक्शन के लिए दो महीने की मुफ्त ट्रायल भी शामिल है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_302.png" alt="Screenshot_302" width="576" height="533"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>तकनीक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:30:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरिक्ष में पेट्रोल पंप, एआई लैब, ऑर्बिटल साइबरकैफे: सभी कुछ जो इसरो PSLV पर लॉन्च कर रहा है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>12 जनवरी 2026 को सुबह 10:17 बजे, <strong>ISRO अपने "वर्कहॉर्स" रॉकेट PSLV-C62</strong> को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च करेगा। यह मिशन <strong>साल का पहला ऑर्बिटल अभियान</strong> होने के साथ-साथ <strong>16 अलग-अलग उपग्रहों का पेलोड</strong> लेकर जा रहा है, जिनमें कई क्षेत्र में भारत के पहले हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/petrol-pump-in-space-ai-lab-orbital-cybercafe-everything-that/article-6209"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_301.png" alt=""></a><br /><p>श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में नमी भरी हवा में केवल सामान्य प्री-लॉन्च तनाव ही नहीं, बल्कि उत्साह और रोमांच भी महसूस किया जा रहा है। सोमवार, 12 जनवरी 2026 को <strong>सुबह 10:17 बजे IST</strong>, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (<strong>ISRO</strong>) अपने "वर्कहॉर्स" रॉकेट, <strong>पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV)</strong>, को अपने 62वें मिशन <strong>PSLV-C62</strong> के हिस्से के रूप में लॉन्च करेगा।</p>
<p>यह केवल साल का पहला ऑर्बिटल अभियान ही नहीं है; यह <strong>16 उपग्रहों को लेकर चलने वाले उच्च-जोखिम वाले अंतरिक्ष कार्यक्रम</strong> की शुरुआत भी है, जिनमें से प्रत्येक अपने क्षेत्र में एक प्रर्वतक है। "अंतरिक्ष में पेट्रोल पंप" से लेकर <strong>502-ग्राम टेलीस्कोप</strong> और <strong>ऑर्बिटल साइबरकैफे</strong> तक, यह मिशन भारत की वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनने की दिशा में कई "पहली बार" की उपलब्धियों का प्रतीक है।</p>
<p>तारों तक पहुँच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम के रूप में, <strong>MOI-1 उपग्रह</strong> भारत की पहली ऑर्बिटल <strong>AI-इमेज लैब</strong> के रूप में लॉन्च किया जाएगा। हैदराबाद आधारित स्टार्टअप्स <strong>TakeMe2Space और Eon Space Labs</strong> द्वारा विकसित यह उपग्रह एक "<strong>स्पेस क्लाउड</strong>" के रूप में कार्य करेगा।</p>
<p>पारंपरिक मॉडल में जहाँ कच्चे डेटा को पृथ्वी पर प्रोसेसिंग के लिए भेजा जाता था, वहीं <strong>MOI-1 उपग्रह 500 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में रियल-टाइम इमेज एनालिसिस</strong> के लिए एज कंप्यूटिंग का उपयोग करता है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_301.png" alt="Screenshot_301" width="678" height="379"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>तकनीक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:15:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एप्पल आईफोन में 200MP कैमरा ला सकता है, लेकिन उससे पहले…</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल भविष्य के आईफोन में 200 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर लाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी पहली झलक 2028 में आईफोन 21 सीरीज़ के साथ देखने को मिल सकती है। हालांकि, कंपनी फिलहाल 48MP कैमरा सेटअप को ही बेहतर बनाने पर ध्यान देगी और इमेज प्रोसेसिंग व स्थिर परिणामों को प्राथमिकता देती रहेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/apple-can-bring-200mp-camera-in-iphone-but-before-that%E2%80%A6/article-6080"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_220.png" alt=""></a><br /><p>एप्पल भविष्य के आईफोन में कैमरा हार्डवेयर में बड़ा बदलाव कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी <strong>200 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर</strong> विकसित कर रही है। यदि मौजूदा समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं होता, तो इस सेंसर वाला पहला आईफोन <strong>2028 में लॉन्च</strong> हो सकता है, जिसे <strong>आईफोन 21 सीरीज़</strong> के नाम से पेश किए जाने की उम्मीद है।</p>
<p>कैमरा अपडेट्स हर साल होने वाले आईफोन लॉन्च का अहम हिस्सा बने हुए हैं। हाल के वर्षों में एप्पल ने बड़े हार्डवेयर बदलावों के बजाय <strong>सॉफ्टवेयर प्रोसेसिंग और धीरे-धीरे सेंसर अपग्रेड</strong> पर अधिक ध्यान दिया है। ऐसे में 200MP सेंसर की ओर कदम बढ़ाना कंपनी की इस रणनीति में एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाएगा। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि एप्पल <strong>2028 से पहले</strong> इस सेंसर को लॉन्च करने की योजना नहीं बना रहा है। इसका मतलब है कि <strong>2026 और 2027 में आने वाले आईफोन</strong> मौजूदा कैमरा सेटअप के साथ ही जारी रहेंगे।</p>
<h3>भविष्य के आईफोन पर प्रभाव</h3>
<p>वर्तमान में एप्पल अपने मुख्य, अल्ट्रा-वाइड और टेलीफोटो कैमरों में <strong>48MP सेंसर</strong> का उपयोग करता है। यह सिस्टम पिक्सल बिनिंग और इमेज प्रोसेसिंग जैसी तकनीकों के साथ मिलकर बेहतर डिटेल वाली तस्वीरें प्रदान करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल निकट भविष्य में मेगापिक्सल बढ़ाने के बजाय इसी सेटअप को और बेहतर बनाने पर ध्यान देगा।</p>
<p>रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भविष्य के आईफोन के लिए <strong>200MP सेंसर की आपूर्ति सैमसंग कर सकता है</strong>। स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धी होने के बावजूद, एप्पल और सैमसंग पहले से ही डिस्प्ले और मेमोरी चिप्स जैसे कई कंपोनेंट्स पर साथ काम करते हैं। इस सेंसर का उत्पादन <strong>टेक्सास के ऑस्टिन स्थित सैमसंग प्लांट</strong> में हो सकता है, जिससे एप्पल को अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को और विस्तारित करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>उपयोगकर्ताओं के लिए, 200MP कैमरा <strong>उच्च-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें</strong>, बेहतर डिजिटल ज़ूम और फोटो क्रॉपिंग के अधिक विकल्प प्रदान कर सकता है। इसके बावजूद, एप्पल से यह उम्मीद की जा रही है कि वह केवल रेज़ॉल्यूशन के आधार पर कैमरा प्रदर्शन को बढ़ावा देने के बजाय <strong>इमेज प्रोसेसिंग और स्थिर, भरोसेमंद परिणामों</strong> पर ही अपना फोकस बनाए रखेगा।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_220.png" alt="Screenshot_220" width="681" height="612"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>तकनीक</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/technology/apple-can-bring-200mp-camera-in-iphone-but-before-that%E2%80%A6/article-6080</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 14:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एलोन मस्क ने गूगल सर्च पर तंज कसते हुए कहा कि इसमें “सुधार की गुंजाइश है।”</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एलोन मस्क ने एक बार फिर ऑनलाइन बहस छेड़ दी है, जब उन्होंने गूगल सर्च में एक त्रुटि की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने एक यूजर का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें कैलेंडर वर्षों के बारे में विरोधाभासी जानकारी दिखाई दे रही थी, और कहा कि गूगल में अभी भी “सुधार की गुंजाइश” है, यह दिखाते हुए कि भरोसेमंद सर्च इंजन को भी अपडेट की आवश्यकता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/elon-musk-took-a-dig-at-google-search-saying-there/article-6033"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_186.png" alt=""></a><br /><p>टेक्नोलॉजी की दुनिया के प्रमुख नामों में शामिल एलोन मस्क, जो सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर अपनी खुली और बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं, ने हाल ही में गूगल पर एक हल्का लेकिन तीखा तंज कसा है। एक यूजर की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए, मस्क ने व्यंग्यात्मक रूप से संकेत दिया कि दुनिया का सबसे बड़ा और लोकप्रिय सर्च इंजन सुधार की जरूरत है। उनके इस कमेंट ने प्लेटफ़ॉर्म पर हजारों यूज़र्स, खासकर टेक प्रेमियों, का ध्यान खींचा, जो कभी-कभी सटीक जानकारी के लिए गूगल पर निर्भर करते हैं।</p>
<p><strong>मस्क ने गूगल सर्च पर टिप्पणी क्यों की?</strong><br />जिस पोस्ट पर मस्क ने टिप्पणी की और उसे रीपोस्ट किया, वह मूल रूप से X यूज़र @XFreeze ने शेयर की थी। उन्होंने कैलेंडर वर्षों से संबंधित गूगल सर्च रिज़ल्ट में एक भ्रम पैदा करने वाली त्रुटि को उजागर किया। जब पूछा गया, “क्या अगले साल 2027 है?” गूगल ने सही उत्तर दिया कि अगला साल 2026 है और उसके बाद 2027 आता है।</p>
<p>हालांकि, समस्या उत्तर के ठीक नीचे दिखाई दी। सर्च रिज़ल्ट ने गलत तरीके से 2026 को वर्तमान वर्ष बताया, जो कि गुरुवार से शुरू हो रहा था, और 2027 को अगले वर्ष बताया, जो शुक्रवार से शुरू होगा। ये विरोधाभासी बयान एक ही सर्च रिज़ल्ट में दिखाई दिए, जिससे जानकारी भ्रामक बन गई।</p>
<p>इस असंगति पर प्रतिक्रिया देते हुए, मस्क ने स्क्रीनशॉट को रीपोस्ट किया और टिप्पणी की कि इसमें स्पष्ट रूप से “सुधार की गुंजाइश है”, जिससे उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से गूगल सर्च की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।</p>
<p><strong>गूगल सर्च</strong><br />गूगल सर्च सबसे पुराने सर्च इंजनों में से एक है और इसे तेज़ जवाबों के लिए पहला ठिकाना माना जाता है, इससे पहले कि AI चैटबॉट्स ने इसे प्रतिस्थापित किया। इसका अपना उपयोगकर्ता आधार है, जो साधारण तथ्यों से लेकर जटिल सवालों तक के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p>कभी-कभी, किसी भी अन्य सर्च इंजन की तरह, इसमें छोटी-मोटी गलतियाँ सामने आ सकती हैं। हालांकि ये त्रुटियाँ मामूली हो सकती हैं, लेकिन उपयोगकर्ता अक्सर सर्च रिज़ल्ट को सच मान लेते हैं, जिससे भ्रम उत्पन्न हो सकता है। विशेष रूप से, जब प्लेटफ़ॉर्म इसे पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करता है, तो यह भ्रम बढ़ा सकता है।</p>
<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_186.png" alt="Screenshot_186" width="885" height="558"></img>
एलोन मस्क
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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 13:30:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्लाइट सुरक्षा अलर्ट: DGCA ने इन-फ्लाइट चार्जिंग के लिए पावर बैंक पर प्रतिबंध लगाया | जानें नई गाइडलाइंस।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="flex flex-col text-sm pb-25">

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<p><strong>यात्रियों को अब पावर बैंक को विमान की सीट पावर सॉकेट से जोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, केवल 100 वाट-घंटे से कम क्षमता वाले पावर बैंक ही हवाई यात्रा के लिए ले जाए जा सकेंगे।</strong></p>
</div>
</div>
</div>
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</div>
</div>

</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/flight-safety-alert-dgca-bans-power-banks-for-in-flight-charging/article-5942"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_122.png" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)">
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<p><strong>नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने नई गाइडलाइन जारी की:</strong></p>
<p>DGCA ने <strong>विमान में ओवरहेड कंपार्टमेंट में पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरी रखने पर रोक</strong> लगा दी है। यह निर्णय उन कई घटनाओं के बाद आया है जिनमें <strong>लिथियम बैटरी में आग लगने</strong> की घटनाएँ सामने आई थीं। DGCA के नवीनतम <strong>“डेंजरस गुड्स एडवाइजरी सर्कुलर”</strong> के अनुसार, पावर बैंक केवल <strong>हैंड बैग में ही ले जाए जा सकते हैं</strong>, क्योंकि इन उपकरणों से उत्पन्न आग को कम सुलभ स्थानों पर पता लगाना कठिन होता है।</p>
<h3>नई गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु:</h3>
<ul>
<li>
<p><strong>इन-फ्लाइट चार्जिंग पर रोक:</strong> यात्रियों को अब <strong>पावर बैंक को विमान की सीट पावर सॉकेट से जोड़ने की अनुमति नहीं</strong> होगी।</p>
</li>
<li>
<p><strong>क्षमता सीमा:</strong> केवल <strong>100 वाट-घंटे से कम क्षमता वाले पावर बैंक</strong> ही हवाई यात्रा के लिए ले जाए जा सकेंगे। इसका मतलब है कि <strong>27,000mAh से अधिक क्षमता वाले पावर बैंक</strong> विमान में ले जाना प्रतिबंधित होगा।</p>
</li>
</ul>
<h3>प्रतिबंध का कारण:</h3>
<p>लिथियम बैटरियां, जो आम तौर पर <strong>पावर बैंक, पोर्टेबल चार्जर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों</strong> में पाई जाती हैं, <strong>अधिक गर्म होने, आग लगने या विस्फोट होने</strong> का उच्च जोखिम रखती हैं।</p>
<p>DGCA के अनुसार, स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट जैसी डिवाइसों में लिथियम बैटरियों के व्यापक उपयोग के कारण <strong>आग लगने की घटनाओं में वृद्धि</strong> हुई है।</p>
<p>लिथियम बैटरी में आग <strong>अनियंत्रित हीटिंग, ओवरचार्जिंग या आंतरिक शॉर्ट सर्किट</strong> के कारण हो सकती है, जो निर्माण दोष, क्षति या गलत हैंडलिंग से होती है। ऐसी आगें खतरनाक होती हैं क्योंकि ये <strong>स्वयं-संयमी होती हैं</strong>, और इन्हें बिना विशेष तकनीक के बुझाना लगभग असंभव होता है।</p>
<p>एक मुख्य कारण ओवरहेड स्टोरेज बिन में आग का खतरा है। DGCA चेतावनी देती है कि इन कंपार्टमेंट में आग <strong>तुरंत पता नहीं चल सकती</strong>, और धुआँ या आग अनजाने में रह सकता है, जिससे विमान में सभी की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है।</p>
<blockquote>
<p>“लिथियम बैटरी को ओवरहेड स्टोरेज बिन या हैंड कैरी बैग में रखने से धुआँ या आग का पता लगाने में देर हो सकती है और प्रतिक्रिया में बाधा आ सकती है,” सलाह में कहा गया है।</p>
</blockquote>
<h3>हाल की घटनाएँ:</h3>
<ul>
<li>
<p><strong>19 अक्टूबर 2025:</strong> दिल्ली हवाईअड्डे पर इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगी। काबिन क्रू की तेजी से प्रतिक्रिया के कारण कोई चोट नहीं आई।</p>
</li>
<li>
<p><strong>2025 के शुरुआत में:</strong> हांगझोउ से सियोल जा रही चीन आधारित एयरबस A321 में <strong>मिड-एयर पावर बैंक आग</strong> लगी। 10 किमी ऊँचाई पर आग से केबिन में धुआँ भर गया और यात्रियों में डर फैल गया।</p>
</li>
</ul>
<h3>DGCA की सिफारिशें:</h3>
<ul>
<li>
<p>एयरलाइनों को लिथियम बैटरियों के संबंध में <strong>सुरक्षा मूल्यांकन अपडेट</strong> करना चाहिए।</p>
</li>
<li>
<p>काबिन क्रू को <strong>ओवरहीटिंग, धुआँ या आग के प्रारंभिक संकेतों</strong> को पहचानने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।</p>
</li>
<li>
<p>उचित <strong>फायरफाइटिंग उपकरण</strong> और धुआँ से होने वाले जोखिमों के लिए प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।</p>
</li>
</ul>
<p>यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल <strong>अनुमोदित पावर बैंक हैंड बैग में ले जाएँ</strong>, <strong>100 Wh सीमा का पालन करें</strong> और <strong>इन-फ्लाइट चार्जिंग से बचें</strong> ताकि हवाई यात्रा सुरक्षित रहे।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_122.png" alt="Screenshot_122" width="928" height="611"></img></p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>तकनीक</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/technology/flight-safety-alert-dgca-bans-power-banks-for-in-flight-charging/article-5942</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 13:30:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>DRDO ने किया पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण, जानिए कितनी है इसकी रेंज</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="artconfp">रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) भारत के सैन्य बलों को लगातार ताकतवर करने में लगा हुआ है। अब DRDO ने सोमवार को एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल परीक्षण किया है। इस लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट की रेंज 120 किलोमीटर तक की बताई जा रही है। रॉकेट ने प्लान के मुताबिक, सभी मैन्यूवर को पूरा किया है और सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया है।</p>
<div>
<div>
<div>
<div class="vdo_video_unit vdo_content">
<div>
<div>
<h3><strong>रॉकेट ने लक्ष्य को हासिल किया</strong></h3>
<p>पिनाका रॉकेट को आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट ने हाई एनर्जी मैटीरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी के साथ मिलकर डिजाइन किया है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत ने इस रॉकेट के निर्माण में तकनीकी सहयोग प्रदान किया है और परीक्षण की जिम्मेदारी आईटीआर और प्रुफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टेब्लिशमेंट के पास थी।</p>
<h3><strong>DRDO के अध्यक्ष ने देखा परीक्षण</strong></h3>
<p>रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने पिनाका के परीक्षण को देखा और मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सभी टीमों को बधाई दी है। बता दें कि LRGR को इन-सर्विस पिनाका लॉन्चर से लॉन्च किया गया। ये इस लॉन्चर की बहुमुखी प्रतिभा को दिखाता है और एक ही लॉन्चर से कई रेंज के पिनाका वेरिएंट की लॉन्च की क्षमता प्रदान करता है।</p>
<h3><strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई</strong></h3>
<p>भारत के रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इस सफल परीक्षण के बारे में जानकारी दी है। रक्षा मंत्रालय ने बताया- "पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR 120) का पहला उड़ान परीक्षण आज आईटीआर, चांदीपुर में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और अन्य सभी स्टेक होल्डर्स को इस कामयाबी को लेकर बधाई दी है।" जानकारी के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने इस परीक्षण को गेम चेंजर बताया है और कहा है कि लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट के सफल डिजाइन और विकास से सशस्त्र बलों की क्षमताओं में वृद्धि होगी।</p>
</div>
</div>
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</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/technology/drdo-successfully-tests-pinaka-long-range-guided-rocket-know-what/article-5789"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2025-12/screenshot_18.png" alt=""></a><br /><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2025-12/screenshot_18.png" alt="Screenshot_18" width="983" height="552"></img>
पिनाका रॉकेट सिस्टम का सफल परीक्षण।

<p class="artconfp">रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) भारत के सैन्य बलों को लगातार ताकतवर करने में लगा हुआ है। अब DRDO ने सोमवार को एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल परीक्षण किया है। इस लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट की रेंज 120 किलोमीटर तक की बताई जा रही है। रॉकेट ने प्लान के मुताबिक, सभी मैन्यूवर को पूरा किया है और सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया है।</p>
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<div class="vdo_video_unit vdo_content">
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<h3><strong>रॉकेट ने लक्ष्य को हासिल किया</strong></h3>
<p>पिनाका रॉकेट को आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट ने हाई एनर्जी मैटीरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी के साथ मिलकर डिजाइन किया है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत ने इस रॉकेट के निर्माण में तकनीकी सहयोग प्रदान किया है और परीक्षण की जिम्मेदारी आईटीआर और प्रुफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टेब्लिशमेंट के पास थी।</p>
<h3><strong>DRDO के अध्यक्ष ने देखा परीक्षण</strong></h3>
<p>रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने पिनाका के परीक्षण को देखा और मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सभी टीमों को बधाई दी है। बता दें कि LRGR को इन-सर्विस पिनाका लॉन्चर से लॉन्च किया गया। ये इस लॉन्चर की बहुमुखी प्रतिभा को दिखाता है और एक ही लॉन्चर से कई रेंज के पिनाका वेरिएंट की लॉन्च की क्षमता प्रदान करता है।</p>
<h3><strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई</strong></h3>
<p>भारत के रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इस सफल परीक्षण के बारे में जानकारी दी है। रक्षा मंत्रालय ने बताया- "पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR 120) का पहला उड़ान परीक्षण आज आईटीआर, चांदीपुर में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और अन्य सभी स्टेक होल्डर्स को इस कामयाबी को लेकर बधाई दी है।" जानकारी के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने इस परीक्षण को गेम चेंजर बताया है और कहा है कि लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट के सफल डिजाइन और विकास से सशस्त्र बलों की क्षमताओं में वृद्धि होगी।</p>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>तकनीक</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/technology/drdo-successfully-tests-pinaka-long-range-guided-rocket-know-what/article-5789</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 10:41:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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