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                <title>पंजाब - Undekhi Khabar</title>
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                <description>पंजाब RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रोपड़ SSP एस. मनिंदर सिंह भारत के 25 सर्वश्रेष्ठ पुलिस अधिकारियों में शामिल, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में शानदार रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p> </p>
<p>रोपड़ के SSP एस. मनिंदर सिंह, IPS को Fame India Asia Post की भारत के 25 सर्वश्रेष्ठ पुलिस अधिकारियों की राष्ट्रीय सूची में शामिल किया गया है। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नेतृत्व और जन-केंद्रित पुलिसिंग में उनके प्रदर्शन को इस पहचान का आधार बनाया गया।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">पंजाब कैडर के 2019 बैच के IPS अधिकारी और रोपड़ के SSP एस. मनिंदर सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। उन्हें Fame India Asia Post की ओर से जारी ‘India’s 25 Best Police Officers’ की सूची में शामिल किया गया है। यह सम्मान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, प्रभावी नेतृत्व और लोगों के प्रति संवेदनशील पुलिसिंग में उनके रिकॉर्ड को देखते हुए दिया गया है।</p>
<p>एस. मनिंदर सिंह ने जनवरी 2026 में रोपड़ SSP का पदभार संभाला था। पंजाब में विभिन्न पदों पर तैनाती के दौरान उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण मामलों को सुलझाने के साथ नशा तस्करी और नार्को-टेररिज्म के खिलाफ भी कार्रवाई का नेतृत्व किया।</p>
<h2>कई अहम पुलिस अभियानों से बनी पहचान</h2>
<p>मनिंदर सिंह की राष्ट्रीय सूची में चयन के पीछे पंजाब में अलग-अलग पदों पर उनके प्रदर्शन को अहम माना गया है। मानसा में Assistant Superintendent of Police के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने मूसा गांव में हुए डबल मर्डर मामले को महज 72 घंटे में ट्रेस किया था।</p>
<p>इसके बाद अमृतसर साउथ में अधिकारी के तौर पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया। इन अभियानों में एक हैंड ग्रेनेड, 4.7 किलोग्राम हेरोइन, एक ड्रोन और नशे के कारोबार से जुड़ी 67.59 लाख रुपये की राशि बरामद की गई।</p>
<h3>ब्लाइंड मर्डर केस सुलझाए, नाबालिग लड़कियों को कराया मुक्त</h3>
<p>अमृतसर साउथ में उनके कार्यकाल के दौरान तीन ब्लाइंड मर्डर केस सुलझाए गए। इसके अलावा अपहरण की गई तीन नाबालिग लड़कियों को भी पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया।</p>
<p>इन कार्रवाइयों ने अपराध की जांच और गंभीर मामलों को तेजी से सुलझाने में उनकी नेतृत्व क्षमता को सामने रखा।</p>
<h2>तरनतारन में शांतिपूर्ण तरीके से संभाले 100 से ज्यादा प्रदर्शन</h2>
<p>तरनतारन में SP Headquarters के रूप में तैनाती के दौरान मनिंदर सिंह ने 100 से अधिक प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला। इस दौरान उन्होंने पुलिस बल की तैनाती को भी प्रभावी ढंग से पुनर्गठित किया और करीब 50 प्रतिशत पुलिस बल को फील्ड स्टेशनों में तैनात किया।</p>
<p>उनके कार्यकाल के दौरान जिले की Sanjh Kendra प्रणाली में रैंकिंग में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ। जिला पुलिस निचले पांच स्थानों से निकलकर शीर्ष पांच जिलों में पहुंची।</p>
<p>इसी दौरान उन्होंने 25 लाख रुपये के हवाला-नशीले पदार्थ नेटवर्क का पर्दाफाश करने में भी भूमिका निभाई।</p>
<h2>अमृतसर ग्रामीण में बाढ़ राहत से नार्को-टेरर के खिलाफ कार्रवाई तक</h2>
<p>SSP अमृतसर ग्रामीण के रूप में मनिंदर सिंह का कार्यकाल कानून-व्यवस्था के साथ आपदा प्रबंधन और नार्को-टेररिज्म के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी उल्लेखनीय रहा।</p>
<p>सीमा से लगे गांवों में भीषण बाढ़ के दौरान उनके नेतृत्व में पुलिस टीमों ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की। इसके बाद जिला पुलिस ने नशे और अपराध के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की।</p>
<h3>बड़ी मात्रा में हेरोइन और हथियार बरामद</h3>
<p>अमृतसर ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई में 1,354 गिरफ्तारियां की गईं। इस दौरान 237 किलोग्राम हेरोइन, 1.9 करोड़ रुपये की ड्रग मनी, 297 पिस्तौल और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए।</p>
<p>पुलिस ने 800 से अधिक गांव रक्षा समितियों को सक्रिय किया। इसके अलावा अवैध तरीके से अर्जित करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज किया गया।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>रोपड़ SSP एस. मनिंदर सिंह को भारत के 25 सर्वश्रेष्ठ पुलिस अधिकारियों की सूची में जगह मिली।</li>
<li>राष्ट्रीय सूची Fame India Asia Post ने जारी की।</li>
<li>मनिंदर सिंह पंजाब कैडर के 2019 बैच के IPS अधिकारी हैं।</li>
<li>उन्होंने जनवरी 2026 में रोपड़ SSP का पदभार संभाला।</li>
<li>मानसा में 72 घंटे के भीतर डबल मर्डर केस ट्रेस किया।</li>
<li>अमृतसर साउथ में 4.7 किलो हेरोइन, ड्रोन, हैंड ग्रेनेड और 67.59 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद हुई।</li>
<li>तरनतारन में 100 से अधिक प्रदर्शनों को शांतिपूर्वक संभाला।</li>
<li>अमृतसर ग्रामीण में 1,354 गिरफ्तारियां और बड़ी मात्रा में ड्रग्स व हथियार बरामद किए गए।</li>
<li>800 से अधिक गांव रक्षा समितियों को सक्रिय किया गया।</li>
<li>करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां फ्रीज की गईं।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>एस. मनिंदर सिंह कौन हैं?</h3>
<p>एस. मनिंदर सिंह पंजाब कैडर के 2019 बैच के IPS अधिकारी हैं और जनवरी 2026 से रोपड़ के SSP के रूप में कार्यरत हैं।</p>
<h3>एस. मनिंदर सिंह को कौन-सा राष्ट्रीय सम्मान मिला है?</h3>
<p>उन्हें Fame India Asia Post की ओर से जारी भारत के 25 सर्वश्रेष्ठ पुलिस अधिकारियों की राष्ट्रीय सूची में शामिल किया गया है।</p>
<h3>मनिंदर सिंह ने मानसा में कौन-सा महत्वपूर्ण केस सुलझाया था?</h3>
<p>मानसा में Assistant Superintendent of Police के रूप में उन्होंने मूसा गांव के डबल मर्डर केस को 72 घंटे के भीतर ट्रेस किया था।</p>
<h3>अमृतसर ग्रामीण में पुलिस ने कितनी हेरोइन बरामद की?</h3>
<p>उनके SSP अमृतसर ग्रामीण के कार्यकाल के दौरान जिला पुलिस ने 237 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी।</p>
<h3>अमृतसर ग्रामीण में कितनी गिरफ्तारियां हुईं?</h3>
<p>जिला पुलिस ने नशे और अपराध के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 1,354 गिरफ्तारियां की थीं।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>SSP एस. मनिंदर सिंह का राष्ट्रीय स्तर की इस सूची में शामिल होना पंजाब पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अलग-अलग जिलों में चुनौतीपूर्ण कानून-व्यवस्था की स्थितियों से निपटने, गंभीर अपराधों को सुलझाने, नशा तस्करी और नार्को-टेररिज्म के खिलाफ कार्रवाई तथा आपदा के समय राहत कार्यों में उनकी भूमिका ने उनकी पुलिसिंग को अलग पहचान दी है। रोपड़ SSP के रूप में उनकी मौजूदा जिम्मेदारी के बीच मिली यह राष्ट्रीय पहचान उनके अब तक के पुलिस करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/ropar-ssp-s-maninder-singh-included-in-25-best-police/article-12977</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 19:00:43 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेलों के महाकुंभ की शुरुआत: अमृतसर पहुंची ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की मशाल, ओलंपियन ब्रिगेडियर हरचरण सिंह ने किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब के सबसे बड़े जमीनी स्तर के खेल कार्यक्रम ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की मशाल शुक्रवार को गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी पहुंची। ओलंपियन ब्रिगेडियर हरचरण सिंह समेत खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने इसका जोरदार स्वागत किया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/olympian-brigadier-harcharan-singh-welcomed-the-torch-of-khedaan-watan/article-12976"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1111.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">पंजाब में जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने वाले सबसे बड़े कार्यक्रम ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की तैयारियों के बीच शुक्रवार को मशाल रिले अमृतसर पहुंची। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में हॉकी ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता ब्रिगेडियर हरचरण सिंह ने मशाल का स्वागत किया। इस दौरान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।</p>
<p>मशाल रिले को पंजाब के विभिन्न जिलों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि खेलों को लेकर युवाओं में उत्साह और भागीदारी बढ़ाई जा सके।</p>
<h2>संगरूर से शुरू हुई मशाल रिले</h2>
<p>‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की मशाल रिले की शुरुआत 12 अगस्त को संगरूर से हुई थी। इसके बाद यह पंजाब के अलग-अलग जिलों से गुजर रही है। खेलों के चौथे संस्करण का औपचारिक आयोजन 5 सितंबर से बठिंडा में शुरू होगा।</p>
<p>इस वर्ष खेलों का आयोजन पंजाब के सभी 153 ब्लॉकों और 23 जिलों में किया जाना प्रस्तावित है। प्रतियोगिताओं में कुल 38 खेलों के साथ चार पैरा-स्पोर्ट्स विधाओं को भी शामिल किया जाएगा।</p>
<h3>अमृतसर से तरनतारन रवाना हुई मशाल</h3>
<p>अमृतसर पहुंचने के बाद मशाल रिले को आगे तरनतारन जिले के लिए रवाना कर दिया गया। इससे पहले अमृतसर में मशाल का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया।</p>
<p>अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) अमृतसर पल्लवी मिश्रा, IAS ने बताया कि मशाल रिले का स्वागत अमृतसर के गांव जैतीपुर में किया गया। इसके बाद यह वेरका बाईपास चौक, बटाला रोड, SSSS चौक और नॉवेल्टी चौक से होते हुए गुरु नानक स्टेडियम स्थित जिला खेल अधिकारी के कार्यालय तक पहुंची।</p>
<h2>गुरु नानक स्टेडियम में खिलाड़ियों ने किया जोरदार स्वागत</h2>
<p>गुरु नानक स्टेडियम पहुंचने पर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने मशाल रिले का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ने और पंजाब में खेल संस्कृति को मजबूत करना है।</p>
<p>मशाल को ओलंपियन ब्रिगेडियर हरचरण सिंह और अमृतसर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र के स्पोर्ट्स वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन जे.एस. राहुल ने प्राप्त किया।</p>
<h3>अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने युवाओं को किया प्रेरित</h3>
<p>इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलक सुनील सिंह और अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्ट प्रीति को सम्मानित किया गया। दोनों खिलाड़ियों ने मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें खेलों को अपने करियर और जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>उन्होंने युवाओं को नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के साथ खेलों में आगे बढ़ने का संदेश दिया।</p>
<h2>38 खेलों और चार पैरा-स्पोर्ट्स में होगी प्रतियोगिता</h2>
<p>‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ का विस्तार इस बार व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत पंजाब के 153 ब्लॉकों और 23 जिलों में खेल गतिविधियां आयोजित करने की योजना है।</p>
<p>प्रतियोगिताओं में 38 खेलों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही चार पैरा-स्पोर्ट्स विधाओं को भी जगह दी गई है। इससे सामान्य खिलाड़ियों के साथ दिव्यांग खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की मशाल रिले अमृतसर पहुंची।</li>
<li>रिले की शुरुआत 12 अगस्त को संगरूर से हुई थी।</li>
<li>खेलों का चौथा संस्करण 5 सितंबर से बठिंडा में शुरू होगा।</li>
<li>कार्यक्रम 153 ब्लॉकों और 23 जिलों में आयोजित करने की योजना है।</li>
<li>प्रतियोगिताओं में 38 खेल और चार पैरा-स्पोर्ट्स विधाएं शामिल होंगी।</li>
<li>ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता ब्रिगेडियर हरचरण सिंह ने मशाल प्राप्त की।</li>
<li>अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलक सुनील सिंह और जिम्नास्ट प्रीति ने युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित किया।</li>
<li>अमृतसर के बाद मशाल रिले को तरनतारन जिले के लिए रवाना किया गया।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ कब शुरू होगी?</h3>
<p>खेलों के चौथे संस्करण का आयोजन 5 सितंबर से बठिंडा में शुरू होगा।</p>
<h3>मशाल रिले की शुरुआत कहां से हुई?</h3>
<p>‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की मशाल रिले 12 अगस्त को संगरूर से शुरू हुई थी।</p>
<h3>इस बार खेलों का आयोजन कितने जिलों और ब्लॉकों में होगा?</h3>
<p>इस संस्करण को पंजाब के 23 जिलों और सभी 153 ब्लॉकों तक ले जाने की योजना है।</p>
<h3>‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ में कितने खेल शामिल हैं?</h3>
<p>इस बार प्रतियोगिताओं में 38 खेलों के साथ चार पैरा-स्पोर्ट्स विधाओं को शामिल किया गया है।</p>
<h3>अमृतसर में मशाल का स्वागत किसने किया?</h3>
<p>ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता ब्रिगेडियर हरचरण सिंह तथा स्पोर्ट्स वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन जे.एस. राहुल ने मशाल प्राप्त की।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की मशाल रिले का अमृतसर पहुंचना पंजाब में खेलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 153 ब्लॉकों और 23 जिलों तक पहुंचने वाली यह रिले युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का संदेश दे रही है। 5 सितंबर से बठिंडा में शुरू होने वाले चौथे संस्करण में 38 खेलों और चार पैरा-स्पोर्ट्स विधाओं के शामिल होने से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के व्यापक अवसर मिलने की उम्मीद है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1111.png" alt="Screenshot_1111" width="868" height="568"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/olympian-brigadier-harcharan-singh-welcomed-the-torch-of-khedaan-watan/article-12976</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 18:00:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षाबंधन पर BSF जवानों के साथ बहनों का भावुक रिश्ता, अटारी-वाघा बॉर्डर और असल उत्तर में बांधी राखी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रक्षाबंधन पर अटारी-वाघा बॉर्डर और असल उत्तर मिलिट्री हेरिटेज साइट पर BSF जवानों के साथ भावनात्मक रूप से त्योहार मनाया गया। छात्राओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान जताया।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/sisters-emotional-bond-with-bsf-soldiers-on-rakshabandhan-rakhi-tied/article-12975"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1110.png" alt=""></a><br /><p>रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा में तैनात BSF जवानों के साथ भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक तस्वीर देखने को मिली। अटारी-वाघा बॉर्डर पर पूर्व पंजाब स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता लक्ष्मी कांता चावला ने BSF जवानों की कलाई पर राखी बांधकर वर्षों पुरानी परंपरा को निभाया। वहीं, तरनतारन में INTACH की संयोजक डॉ. बलजीत कौर ने असल उत्तर मिलिट्री हेरिटेज साइट पर BSF जवानों को रक्षा सूत्र बांधा।</p>
<h2>अटारी-वाघा बॉर्डर पर BSF जवानों को बांधी राखी</h2>
<p>रक्षाबंधन के मौके पर लक्ष्मी कांता चावला कई स्कूलों की छात्राओं के साथ अटारी-वाघा संयुक्त जांच चौकी पहुंचीं। यहां उन्होंने BSF जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी।</p>
<p>चावला पिछले कई दशकों से इस परंपरा को निभाती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 1969 से रक्षाबंधन पर सीमा पर तैनात जवानों को राखी बांधती रही हैं।</p>
<h3>‘देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं जवान’</h3>
<p>लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि BSF के बहादुर जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, ताकि देशवासी अपने घरों में सुरक्षित और चैन की नींद सो सकें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात जवान अक्सर अपने परिवार और बहनों से दूर रहते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन उनकी बहनें उनके पास नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने जवानों की कलाई पर राखी बांधने को अपने लिए सम्मान की बात बताया।</p>
<p>चावला ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपनी जान तक न्योछावर करने से पीछे नहीं हटने वाले इन जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाना गर्व का विषय है।</p>
<h2>असल उत्तर में भी BSF जवानों के साथ मनाया रक्षाबंधन</h2>
<p>इस बीच INTACH तरनतारन की संयोजक डॉ. बलजीत कौर ने भी रक्षाबंधन के अवसर पर BSF जवानों के साथ त्योहार मनाया। उन्होंने असल उत्तर मिलिट्री हेरिटेज साइट पर BSF personnel की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा।</p>
<p>डॉ. बलजीत कौर द्वारा जवानों को राखी बांधना सैनिकों और आम नागरिकों के बीच मजबूत रिश्ते का प्रतीक बना। इस पहल के जरिए सीमा की सुरक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।</p>
<h3>सैनिकों और नागरिकों के रिश्ते का प्रतीक</h3>
<p>रक्षाबंधन का यह आयोजन केवल एक त्योहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और आम नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी सामने रखा।</p>
<p>सीमा पर तैनात जवान जहां देशवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं, वहीं रक्षाबंधन जैसे अवसर उन्हें परिवार से दूर होने के बावजूद अपनापन महसूस कराने का माध्यम बनते हैं।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>रक्षाबंधन पर अटारी-वाघा बॉर्डर पर BSF जवानों को राखी बांधी गई।</li>
<li>पूर्व पंजाब स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मी कांता चावला ने वर्षों पुरानी परंपरा निभाई।</li>
<li>चावला वर्ष 1969 से BSF जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाती आ रही हैं।</li>
<li>विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने भी जवानों की कलाई पर राखी बांधी।</li>
<li>असल उत्तर मिलिट्री हेरिटेज साइट पर INTACH तरनतारन की संयोजक डॉ. बलजीत कौर ने BSF जवानों को रक्षा सूत्र बांधा।</li>
<li>कार्यक्रमों में जवानों और आम नागरिकों के बीच भावनात्मक संबंध को रेखांकित किया गया।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>लक्ष्मी कांता चावला कब से BSF जवानों को राखी बांध रही हैं?</h3>
<p>लक्ष्मी कांता चावला वर्ष 1969 से रक्षाबंधन के अवसर पर BSF जवानों को राखी बांधने की परंपरा निभा रही हैं।</p>
<h3>अटारी-वाघा बॉर्डर पर रक्षाबंधन कैसे मनाया गया?</h3>
<p>लक्ष्मी कांता चावला ने विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के साथ अटारी-वाघा संयुक्त जांच चौकी पर BSF जवानों की कलाई पर राखी बांधी।</p>
<h3>लक्ष्मी कांता चावला ने जवानों के बारे में क्या कहा?</h3>
<p>उन्होंने कहा कि BSF जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं ताकि नागरिक शांति और सुरक्षा के साथ अपने घरों में रह सकें।</p>
<h3>डॉ. बलजीत कौर ने कहां BSF जवानों को राखी बांधी?</h3>
<p>INTACH तरनतारन की संयोजक डॉ. बलजीत कौर ने असल उत्तर मिलिट्री हेरिटेज साइट पर BSF जवानों को राखी बांधी।</p>
<h3>रक्षाबंधन पर जवानों को राखी बांधने का क्या संदेश है?</h3>
<p>यह पहल देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और नागरिकों-सैनिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>रक्षाबंधन के अवसर पर अटारी-वाघा बॉर्डर और असल उत्तर में BSF जवानों की कलाई पर बंधा राखी का धागा देशभक्ति और भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं का प्रतीक बना। लक्ष्मी कांता चावला की 1969 से चली आ रही परंपरा और डॉ. बलजीत कौर की पहल ने उन जवानों के प्रति सम्मान जताया, जो अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1110.png" alt="Screenshot_1110" width="990" height="635"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/sisters-emotional-bond-with-bsf-soldiers-on-rakshabandhan-rakhi-tied/article-12975</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 17:00:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘महा हड़ताल’ पर कार्रवाई की चेतावनी से भड़के सरकारी कर्मचारी, अमृतसर में सरकार का पुतला फूंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>‘महा हड़ताल’ में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी वाले सरकारी पत्र के विरोध में विभिन्न विभागों के कर्मचारी शुक्रवार को जिला प्रशासनिक परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार का पुतला फूंककर विरोध जताया और कर्मचारियों को परेशान न करने की चेतावनी दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/enraged-by-warning-of-action-on-grand-strike-government-employees/article-12974"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1109.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">‘महा हड़ताल’ में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। शुक्रवार को विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने अमृतसर के जिला प्रशासनिक परिसर में एकत्र होकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार को चेताया कि उन्हें दबाव में लेने या परेशान करने की कोशिश से स्थिति और बिगड़ सकती है।</p>
<p>प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका और एक दिन पहले जारी किए गए उस पत्र का विरोध किया, जिसमें ‘महा हड़ताल’ में शामिल होने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।</p>
<h2>सरकारी पत्र के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन</h2>
<p>विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े कर्मचारी शुक्रवार को जिला प्रशासनिक परिसर में पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कर्मचारियों के खिलाफ किसी तरह की दमनात्मक कार्रवाई नहीं करने की अपील की। उनका कहना था कि पहले से ही कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दे लंबित हैं और ऐसे में दबाव बढ़ाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।</p>
<h3>सरकार को दी आगे परेशानी न बढ़ाने की सलाह</h3>
<p>प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने राज्य सरकार को सलाह दी कि वह कर्मचारियों के लिए और मुश्किलें पैदा करने से बचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी पत्र के जरिए कर्मचारियों को डराने या दबाव में लेने की कोशिश का वे विरोध करेंगे।</p>
<p>कर्मचारियों ने सरकार का पुतला जलाकर अपना रोष जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।</p>
<h2>‘दबाव झेलने के लिए पूरी तरह तैयार’: सुखप्रीत सिंह पन्नू</h2>
<p>सभा को संबोधित करते हुए सांझा मुलाजिम मंच के जिला संयोजक सुखप्रीत सिंह पन्नू ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों को अपमानित और डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कर्मचारी इस तरह के दबाव का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p>पन्नू ने कर्मचारियों को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए सरकार को संकेत दिया कि कार्रवाई की चेतावनी से कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>‘महा हड़ताल’ में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी का विरोध।</li>
<li>अमृतसर के जिला प्रशासनिक परिसर में विभिन्न विभागों के कर्मचारी जुटे।</li>
<li>प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार का प्रतीकात्मक पुतला फूंका।</li>
<li>कर्मचारियों ने सरकार से आगे परेशानी पैदा नहीं करने की अपील की।</li>
<li>सांझा मुलाजिम मंच के जिला संयोजक सुखप्रीत सिंह पन्नू ने सरकार पर दबाव और डराने का आरोप लगाया।</li>
<li>कर्मचारियों ने कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव का सामना करने के लिए तैयार हैं।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>सरकारी कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन क्यों किया?</h3>
<p>कर्मचारियों ने ‘महा हड़ताल’ में शामिल होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देने वाले राज्य सरकार के पत्र के विरोध में प्रदर्शन किया।</p>
<h3>कर्मचारियों ने प्रदर्शन कहां किया?</h3>
<p>कर्मचारियों ने अमृतसर के जिला प्रशासनिक परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<h3>प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने क्या किया?</h3>
<p>कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध स्वरूप सरकार का प्रतीकात्मक पुतला फूंका।</p>
<h3>सुखप्रीत सिंह पन्नू ने क्या कहा?</h3>
<p>सांझा मुलाजिम मंच के जिला संयोजक सुखप्रीत सिंह पन्नू ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को अपमानित और डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी ऐसे दबाव का सामना करने के लिए तैयार हैं।</p>
<h3>कर्मचारियों की सरकार से क्या मांग है?</h3>
<p>कर्मचारियों ने सरकार से उनके खिलाफ दबाव बढ़ाने या नई परेशानियां पैदा करने से बचने की सलाह दी और कार्रवाई की चेतावनी का विरोध किया।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>‘महा हड़ताल’ को लेकर राज्य सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। कार्रवाई की चेतावनी वाले पत्र के विरोध में अमृतसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपना रोष जाहिर किया। पुतला फूंकने के साथ कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे सरकारी दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1109.png" alt="Screenshot_1109" width="982" height="547"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/enraged-by-warning-of-action-on-grand-strike-government-employees/article-12974</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 16:00:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बठिंडा सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन पर भावुक हुए भाई-बहन, बिना बैरियर बहनों ने बांधी राखी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रक्षाबंधन पर बठिंडा सेंट्रल जेल में कैदियों और उनकी बहनों की भावुक मुलाकात हुई। राज्य सरकार की अनुमति के बाद बहनों को बिना कांच की दीवार और जाली के अपने भाइयों से मिलने और राखी बांधने का मौका मिला।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/brothers-and-sisters-got-emotional-on-rakshabandhan-in-bathinda-central/article-12973"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1108.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रक्षाबंधन के मौके पर बठिंडा सेंट्रल जेल में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं। इस खास दिन उन्हें जेल में बंद भाइयों से बिना सामान्य मुलाकाती बैरियर के मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने की अनुमति दी गई। कई भाई-बहनों के लिए यह मुलाकात लंबे समय बाद एक-दूसरे के करीब आने का भावुक अवसर बनी।</p>
<h2>रक्षाबंधन पर जेल में खास मुलाकात</h2>
<p>रक्षाबंधन को देखते हुए बठिंडा सेंट्रल जेल में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जेल पहुंचीं। कई परिवारों में यह मिलन वर्षों के अंतराल के बाद हुआ।</p>
<p>जेल में आम दिनों में कैदियों की अपने परिजनों से मुलाकात कांच की दीवार के जरिए टेलीफोन पर या तार की जाली के पीछे से होती है। हालांकि, रक्षाबंधन के अवसर पर राज्य सरकार की अनुमति के बाद बहनों को अपने भाइयों से बिना इन बाधाओं के मिलने की सुविधा दी गई।</p>
<h3>तीन साल बाद विदेश से भाई से मिलने पहुंची बहन</h3>
<p>इस दौरान एक युवती अपने भाई से मिलने विदेश से पहुंची। उसने बताया कि वह करीब तीन साल बाद अपने भाई से मिल पाई है। भाई की कलाई पर राखी बांधने और उससे आमने-सामने मिलने का मौका मिलने पर उसने खुशी जताई।</p>
<p>बहन के लिए यह मुलाकात इसलिए भी खास रही क्योंकि लंबे समय से भाई से दूरी के बाद रक्षाबंधन के दिन उसे उसके साथ समय बिताने का अवसर मिला।</p>
<h3>बहनों ने भाइयों से अपराध की राह छोड़ने की अपील की</h3>
<p>जेल पहुंचीं दो अन्य महिलाओं ने अपने भाइयों से जीवन में सुधार लाने और अपराध की दुनिया से दूर रहने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल रक्षाबंधन पर उन्हें भाइयों से मिलने के लिए जेल नहीं आना पड़ेगा।</p>
<p>दोनों महिलाओं के अनुसार, उनके भाइयों ने उनसे वादा किया है कि वे सामान्य जीवन जीएंगे और दोबारा अपराध की दुनिया में नहीं लौटेंगे।</p>
<p>कई बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और भावुक होकर उन्हें गले लगाया। इस दौरान जेल परिसर में भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक तस्वीर देखने को मिली।</p>
<h2>जेल अधीक्षक ने बताया क्यों बदली मुलाकात की व्यवस्था</h2>
<p>बठिंडा सेंट्रल जेल के अधीक्षक हेमंत शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर जेल में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन उन विशेष अवसरों में शामिल है, जब कैदियों को अपनी बहनों से मिलने और उनसे राखी बंधवाने की अनुमति दी जाती है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में कैदियों और उनके परिजनों की मुलाकात कांच की पार्टिशन के जरिए टेलीफोन पर या तार की जाली के पीछे से होती है। लेकिन इस बार राज्य सरकार की अनुमति के बाद बहनों को अपने भाइयों से बिना इन बैरियर के मिलने की सुविधा दी गई।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>बठिंडा सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन पर बहनों को भाइयों से मिलने की अनुमति मिली।</li>
<li>विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में महिलाएं जेल पहुंचीं।</li>
<li>बहनों ने कैदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें गले लगाया।</li>
<li>एक युवती तीन साल बाद विदेश से अपने भाई से मिलने पहुंची।</li>
<li>कुछ बहनों ने भाइयों से अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीने का आग्रह किया।</li>
<li>राज्य सरकार की अनुमति के बाद इस दिन मुलाकात कांच और जाली के बैरियर के बिना हुई।</li>
<li>जेल अधीक्षक हेमंत शर्मा ने विशेष व्यवस्था की जानकारी दी।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>रक्षाबंधन पर बठिंडा जेल में क्या खास हुआ?</h3>
<p>रक्षाबंधन के अवसर पर कैदियों को अपनी बहनों से बिना सामान्य कांच या जाली के बैरियर के मिलने और राखी बंधवाने की अनुमति दी गई।</p>
<h3>बठिंडा सेंट्रल जेल में आम दिनों में मुलाकात कैसे होती है?</h3>
<p>आम दिनों में कैदियों की मुलाकात कांच की पार्टिशन के जरिए टेलीफोन पर या तार की जाली के पीछे से होती है।</p>
<h3>क्या बहनें जेल में भाइयों को राखी बांध सकीं?</h3>
<p>हां, रक्षाबंधन पर बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने की अनुमति दी गई।</p>
<h3>क्या किसी बहन ने लंबे समय बाद अपने भाई से मुलाकात की?</h3>
<p>हां, एक युवती विदेश से करीब तीन साल बाद अपने जेल में बंद भाई से मिलने पहुंची।</p>
<h3>जेल प्रशासन ने सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की?</h3>
<p>जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में आने वाली महिलाओं को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>बठिंडा सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन का दिन भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं से भरा रहा। लंबे समय से अलग रह रहे कैदियों को अपनी बहनों से आमने-सामने मिलने और राखी बंधवाने का अवसर मिला। कुछ बहनों ने जहां अपने भाइयों के बेहतर भविष्य की कामना की, वहीं उनसे अपराध की राह छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की अपील भी की। इस दौरान राखी के धागे ने जेल की दीवारों के बीच रिश्तों की भावनात्मक दूरी को कुछ समय के लिए जरूर कम कर दिया।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1108.png" alt="Screenshot_1108" width="779" height="586"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/brothers-and-sisters-got-emotional-on-rakshabandhan-in-bathinda-central/article-12973</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 15:00:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Baba Bakala में पंथिक वोट की जंग तेज, Waris Punjab De ने ड्रग्स पर White Paper का किया ऐलान; Sukhbir Badal ने Amritpal पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बाबा बकाला में Rakhar Punya के दौरान अलग-अलग अकाली गुटों के बीच पंथिक वोट को लेकर मुकाबला तेज दिखाई दिया। Waris Punjab De ने पंजाब के तीन दशक पुराने ड्रग संकट पर White Paper लाने की घोषणा की, जबकि Sukhbir Singh Badal ने Amritpal Singh और कथित ‘एंटी-पंजाब’ ताकतों पर निशाना साधा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/battle-of-panthic-votes-intensifies-in-baba-bakala-waris-punjab/article-12972"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1107.png" alt=""></a><br /><p>बाबा बकाला: पंजाब में पंथिक राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण Rakhar Punya सम्मेलनों में शुक्रवार को अकाली गुटों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा साफ दिखाई दी। Akali Dal Waris Punjab De (WPD) ने जहां नशे की समस्या को अपने राजनीतिक एजेंडे का प्रमुख मुद्दा बनाया, वहीं Sukhbir Singh Badal के नेतृत्व वाले Shiromani Akali Dal (SAD) ने WPD अध्यक्ष Amritpal Singh पर सीधा हमला बोला।</p>
<p>यह मुकाबला ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब की राजनीति में पंथिक वोट को लेकर विभिन्न अकाली धड़ों के बीच प्रभाव बढ़ाने की कोशिशें तेज हैं।</p>
<h2>Waris Punjab De ने ड्रग्स के खिलाफ White Paper का किया ऐलान</h2>
<p>WPD ने बाबा बकाला में पंजाब में नशे की समस्या को लेकर अपना विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। पार्टी ने ड्रग्स को पंजाब के युवाओं के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया।</p>
<p>पार्टी ने आरोप लगाया कि लगातार सत्ता में रही सरकारें पंजाब में नशे के प्रसार को रोकने में नाकाम रही हैं। इसी के साथ WPD ने करीब तीन दशक पुराने ड्रग संकट की विस्तृत पड़ताल के लिए एक ‘White Paper’ जारी करने की घोषणा की।</p>
<h3>White Paper में किन मुद्दों की होगी जांच?</h3>
<p>WPD के मुताबिक प्रस्तावित White Paper में पंजाब में नशे के फैलाव से लेकर नशे की वजह से हुई मौतों तक कई पहलुओं की जांच की जाएगी।</p>
<p>इसमें ड्रग सप्लाई चेन, कथित तौर पर राजनीतिक नेताओं की भूमिका और नशा तस्करों तथा पुलिस या सुरक्षा बलों के बीच संभावित गठजोड़ जैसे आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।</p>
<p>पार्टी ने कहा कि जांच में जो लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें जवाबदेह बनाया जाएगा। साथ ही ड्रग्स से मौत का शिकार हुए परिवारों को न्याय दिलाने की बात भी कही गई।</p>
<h2>नशा और गैंगस्टरवाद के खिलाफ अभियान का वादा</h2>
<p>WPD नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि नशे और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई पार्टी के राजनीतिक एजेंडे का अहम हिस्सा होगी।</p>
<p>उन्होंने पंजाब में ड्रग तस्करी और गैंगस्टरवाद के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का वादा किया। अयाली ने सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) का मुद्दा भी उठाया और सामाजिक एवं सांप्रदायिक सद्भाव की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<h3>गांवों को दी जाएगी बड़ी भूमिका</h3>
<p>WPD ने नशे की समस्या से निपटने के लिए गांवों की भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। पार्टी के अनुसार गांव स्तर पर सामुदायिक समितियां बनाई जानी चाहिए, जिनमें प्रमुख नागरिकों, स्थानीय निवासियों, किसानों, मजदूर प्रतिनिधियों और महिलाओं को शामिल किया जाए।</p>
<p>पार्टी ने प्रस्ताव रखा कि प्रत्येक समिति की अध्यक्षता महिला करे और उसे प्रभावी ढंग से काम करने के लिए कानूनी अधिकार भी दिए जाएं।</p>
<h2>Sukhbir Badal का Amritpal Singh पर हमला</h2>
<p>दूसरी ओर, SAD के Rakhar Punya सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष Sukhbir Singh Badal ने WPD अध्यक्ष Amritpal Singh पर निशाना साधा।</p>
<p>बादल ने आरोप लगाया कि ‘पंजाब विरोधी और पंथ विरोधी एजेंसियां’ अकाली दल को कमजोर करने और पंजाब को 1980 के दशक की हिंसा की ओर धकेलने के लिए अपने कथित मोहरों का इस्तेमाल कर रही हैं।</p>
<h3>1980 के दशक जैसी स्थिति को लेकर चेतावनी</h3>
<p>Sukhbir Badal ने कहा कि यदि ऐसी ताकतें सत्ता में आती हैं तो पंजाब में डर का माहौल पैदा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि 1980 के दशक जैसी परिस्थितियां लौटने पर लोग घरों से बाहर निकलने से डरेंगे और महिलाओं की सुरक्षा भी प्रभावित होगी।</p>
<p>बादल का यह बयान सीधे तौर पर पंथिक राजनीति में उभर रहे नए समीकरणों और अकाली गुटों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में देखा जा रहा है।</p>
<h2>Rakhar Punya बना पंथिक राजनीति का बड़ा मंच</h2>
<p>बाबा बकाला का Rakhar Punya आयोजन लंबे समय से पंजाब की पंथिक राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। शुक्रवार को यहां अलग-अलग राजनीतिक मंचों पर दिए गए बयानों ने संकेत दिया कि आगामी चुनावों से पहले पंथिक वोट पर पकड़ मजबूत करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।</p>
<p>एक तरफ WPD ने नशे, गैंगस्टरवाद और गांवों की भागीदारी को अपने एजेंडे में प्रमुखता दी, वहीं SAD ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर पंजाब और पंथ को कमजोर करने वाली ताकतों से जुड़े होने का आरोप लगाया।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>बाबा बकाला के Rakhar Punya कार्यक्रम में पंथिक वोट को लेकर अकाली गुटों का मुकाबला तेज दिखा।</li>
<li>Waris Punjab De ने ड्रग संकट पर विस्तृत White Paper लाने की घोषणा की।</li>
<li>WPD ने तीन दशक पुराने नशे के संकट की जांच का प्रस्ताव रखा।</li>
<li>White Paper में ड्रग सप्लाई चेन और कथित राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ की जांच की बात कही गई।</li>
<li>पार्टी ने नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का वादा किया।</li>
<li>गांव स्तर पर नशे के खिलाफ सामुदायिक समितियां बनाने का प्रस्ताव रखा गया।</li>
<li>WPD ने समितियों की कमान महिलाओं को देने की बात कही।</li>
<li>Sukhbir Singh Badal ने Amritpal Singh और कथित ‘एंटी-पंजाब’ ताकतों पर निशाना साधा।</li>
<li>बादल ने पंजाब में 1980 के दशक जैसी हिंसक परिस्थितियां लौटने को लेकर चेतावनी दी।</li>
<li>सरकारी कर्मचारियों के लंबित DA और सांप्रदायिक सद्भाव का मुद्दा भी WPD ने उठाया।</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<h3>Q1. बाबा बकाला में पंथिक राजनीति को लेकर क्या हुआ?</h3>
<p>Rakhar Punya सम्मेलनों में अलग-अलग अकाली गुटों के बीच पंथिक वोट को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा स्पष्ट दिखाई दी। WPD ने नशे के मुद्दे को केंद्र में रखा, जबकि SAD ने Amritpal Singh पर निशाना साधा।</p>
<h3>Q2. Waris Punjab De ने किस White Paper की घोषणा की?</h3>
<p>WPD ने पंजाब के करीब तीन दशक पुराने ड्रग संकट पर White Paper लाने की घोषणा की है। इसमें नशे के प्रसार, मौतों, सप्लाई चेन और कथित राजनीतिक तथा पुलिस गठजोड़ जैसे पहलुओं की जांच का प्रस्ताव है।</p>
<h3>Q3. WPD ने नशे से निपटने के लिए क्या प्रस्ताव दिया?</h3>
<p>पार्टी ने गांवों में सामुदायिक समितियां बनाने का प्रस्ताव रखा है। इनमें स्थानीय नागरिकों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं को शामिल करने तथा समिति की अध्यक्षता महिला को देने की बात कही गई है।</p>
<h3>Q4. Sukhbir Singh Badal ने क्या आरोप लगाया?</h3>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि ‘पंजाब विरोधी और पंथ विरोधी एजेंसियां’ अकाली दल को कमजोर करने के लिए अपने कथित मोहरों का इस्तेमाल कर रही हैं और पंजाब को 1980 के दशक की हिंसा की ओर धकेलना चाहती हैं।</p>
<h3>Q5. Rakhar Punya पंजाब की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है?</h3>
<p>बाबा बकाला का Rakhar Punya आयोजन लंबे समय से पंथिक राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मंच रहा है। यहां होने वाले राजनीतिक सम्मेलनों में अकाली और अन्य दल पंजाब, पंथ और सिख समुदाय से जुड़े प्रमुख मुद्दे उठाते हैं।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>बाबा बकाला के Rakhar Punya सम्मेलनों ने पंजाब की पंथिक राजनीति में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को एक बार फिर सामने ला दिया है। Waris Punjab De ने ड्रग संकट और गैंगस्टरवाद को अपने राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रखकर White Paper का ऐलान किया, जबकि Sukhbir Singh Badal ने Amritpal Singh और कथित पंजाब विरोधी ताकतों पर हमला किया। आने वाले समय में पंथिक वोट को लेकर इन गुटों की राजनीतिक रणनीति पंजाब के चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकती है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1107.png" alt="Screenshot_1107" width="865" height="609"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/battle-of-panthic-votes-intensifies-in-baba-bakala-waris-punjab/article-12972</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 14:00:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rakhar Punya पर CM भगवंत मान का विपक्ष पर हमला, कांग्रेस को बताया बंटी हुई पार्टी; अकाली दल-BJP गठजोड़ पर भी निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को बाबा बकाला में Rakhar Punya के अवसर पर आयोजित AAP रैली में विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कांग्रेस को अंदरूनी कलह से जूझती पार्टी बताया और अकाली दल पर BJP के साथ गठबंधन की कोशिश करने का आरोप लगाया।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/cm-bhagwant-mann-attacks-opposition-on-rakhar-punya-calls-congress/article-12971"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1106.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">बाबा बकाला: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को Rakhar Punya के अवसर पर आयोजित आम आदमी पार्टी की रैली में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से लेकर अकाली दल और BJP के बीच संभावित गठबंधन तक कई राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।</p>
<p>CM मान ने कांग्रेस को ‘बंटी हुई पार्टी’ करार दिया और आरोप लगाया कि उसके नेता अपने राजनीतिक हितों के लिए सत्ता की लड़ाई में उलझे हुए हैं। वहीं, उन्होंने अकाली दल पर BJP के साथ दोबारा गठबंधन करने की कोशिश का आरोप लगाया।</p>
<h2>कांग्रेस की गुटबाजी पर CM मान का हमला</h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को लेकर कहा कि पार्टी के नेता सत्ता हासिल करने के लिए आपस में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास पंजाब और उसके लोगों के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं है।</p>
<p>मान ने दावा किया कि कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य सत्ता में लौटकर पंजाब की संपत्ति को लूटना है।</p>
<h3>अकाली दल-BJP गठबंधन को लेकर निशाना</h3>
<p>अकाली दल पर हमला बोलते हुए CM मान ने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों में दोषियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर हुई फायरिंग की घटनाओं को लेकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में वापसी के लिए अकाली दल अब BJP के साथ गठबंधन की कोशिश कर रहा है।</p>
<h2>किसान आंदोलन को लेकर BJP पर हमला</h2>
<p>भगवंत मान ने BJP पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हुई थी और अब अकाली दल उसी BJP के साथ गठबंधन की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि BJP पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, भाखड़ा बांध, नदी के पानी और पंजाब के अन्य अधिकारों को कमजोर करना चाहती है।</p>
<h2>धार्मिक आयोजनों को लेकर भी साधा निशाना</h2>
<p>CM मान ने Rakhar Punya के मौके पर होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ आधुनिक दौर के ‘मसंद’ धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने के लिए रैलियां कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने लोगों से धार्मिक भावनाओं के नाम पर किए जाने वाले राजनीतिक दावों को लेकर सतर्क रहने की अपील की।</p>
<h2>सरकार की योजनाओं को गिनाया</h2>
<p>राजनीतिक हमलों के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि Raksha Bandhan के अवसर पर ‘सत्कार योजना’ के तहत 5.30 लाख महिलाओं के बैंक खातों में कुल 181.50 करोड़ रुपये की ‘शगुन’ राशि जमा की गई।</p>
<h3>70.92 लाख महिलाओं को मिल चुका लाभ</h3>
<p>CM मान के मुताबिक, अब तक कुल 70.92 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं। उन्होंने इसे सरकार की महिला-केंद्रित कल्याणकारी पहलों का हिस्सा बताया।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>CM भगवंत मान ने बाबा बकाला में AAP की Rakhar Punya रैली को संबोधित किया।</li>
<li>उन्होंने कांग्रेस को ‘बंटी हुई पार्टी’ बताते हुए उसकी अंदरूनी गुटबाजी पर निशाना साधा।</li>
<li>मान ने आरोप लगाया कि SAD, BJP के साथ गठबंधन के लिए प्रयास कर रहा है।</li>
<li>उन्होंने अकाली दल पर बेअदबी और फायरिंग के पुराने मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।</li>
<li>BJP पर किसान आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत का हवाला देते हुए हमला किया।</li>
<li>CM ने BJP पर पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, भाखड़ा बांध और नदी के पानी समेत पंजाब के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया।</li>
<li>उन्होंने धार्मिक आयोजनों के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाले राजनीतिक तत्वों पर भी निशाना साधा।</li>
<li>सत्कार योजना के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में 181.50 करोड़ रुपये जमा किए जाने की जानकारी दी।</li>
<li>CM के अनुसार अब तक 70.92 लाख महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं।</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<h3>Q1. भगवंत मान ने बाबा बकाला में किस कार्यक्रम को संबोधित किया?</h3>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को Rakhar Punya के अवसर पर आम आदमी पार्टी की ओर से आयोजित रैली को संबोधित किया।</p>
<h3>Q2. CM मान ने कांग्रेस के बारे में क्या कहा?</h3>
<p>उन्होंने कांग्रेस को बंटी हुई पार्टी बताया और आरोप लगाया कि उसके नेता अपने राजनीतिक हितों के लिए सत्ता की लड़ाई में उलझे हुए हैं।</p>
<h3>Q3. अकाली दल को लेकर भगवंत मान ने क्या आरोप लगाया?</h3>
<p>मान ने आरोप लगाया कि सत्ता में वापसी के लिए अकाली दल BJP के साथ गठबंधन की कोशिश कर रहा है।</p>
<h3>Q4. BJP पर CM मान ने किन मुद्दों को लेकर हमला किया?</h3>
<p>उन्होंने किसान आंदोलन, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, भाखड़ा बांध, नदी के पानी और पंजाब के अन्य अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए BJP पर निशाना साधा।</p>
<h3>Q5. सत्कार योजना के तहत कितनी महिलाओं को लाभ मिला है?</h3>
<p>CM मान के अनुसार, अब तक 70.92 लाख महिलाएं सत्कार योजना का लाभ उठा चुकी हैं। Raksha Bandhan पर 5.30 लाख महिलाओं के खातों में 181.50 करोड़ रुपये की राशि जमा की गई।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>बाबा बकाला की Rakhar Punya रैली में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की राजनीति के कई प्रमुख मुद्दों को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। कांग्रेस की गुटबाजी और SAD-BJP संभावित गठबंधन को निशाने पर लेते हुए उन्होंने अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से सामने रखा। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के बीच मान का यह संबोधन AAP की चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1106.png" alt="Screenshot_1106" width="859" height="584"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 13:00:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Baba Bakala में BJP की पहली Rakhar Punya रैली, शिवराज चौहान ने किसानों को दिया बड़ा भरोसा; AAP सरकार पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बाबा बकाला में Rakhar Punya कार्यक्रम के दौरान BJP ने पहली बार अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर केंद्रीय योजनाओं और फंड के सही इस्तेमाल में विफल रहने का आरोप लगाया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/bjps-first-rakhar-punya-rally-in-baba-bakala-shivraj-chauhan/article-12970"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1105.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण माने जाने वाले बाबा बकाला के Rakhar Punya आयोजन में शुक्रवार को BJP ने पहली बार हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम लंबे समय से पंथिक दलों से जुड़ा रहा है। BJP की इस भागीदारी को पंजाब में पार्टी के बढ़ते राजनीतिक विस्तार और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।</p>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले फंड का उचित इस्तेमाल नहीं कर रही और कई केंद्रीय योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया है।</p>
<h2>US Trade Deal पर किसानों को शिवराज का भरोसा</h2>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता को लेकर किसानों और किसान संगठनों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है, इसलिए किसानों के हितों से समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर किसानों के बीच भ्रम पैदा कर रहे हैं। चौहान ने कहा कि ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों में किसानों के हितों की पूरी तरह सुरक्षा की गई है।</p>
<h3>किसानों के हितों से समझौता नहीं: चौहान</h3>
<p>केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने व्यापार समझौते को लेकर चल रही आशंकाओं के बीच किसानों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि किसी भी निर्णय में उनके हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।</p>
<h2>पंजाब सरकार पर केंद्रीय योजनाओं को लेकर सवाल</h2>
<p>शिवराज चौहान ने पंजाब सरकार पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित मकानों की सूची भेजने में राज्य सरकार की कथित देरी का भी मुद्दा उठाया।</p>
<p>चौहान के मुताबिक, पंजाब सरकार ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों की सूची केंद्र को भेजने में करीब तीन महीने लगाए। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने 24,000 प्रभावित मकानों की सूची मिलने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि जारी की, लेकिन लाभार्थियों के लिए मकानों का निर्माण नहीं हुआ।</p>
<h3>BJP सरकार बनने पर पक्के मकान का वादा</h3>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर पंजाब में BJP की सरकार बनती है तो कच्चे मकानों में रहने वाले प्रत्येक परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p>इससे पहले उन्होंने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में माथा टेका और बाद में बाबा बकाला में किसानों से बातचीत की।</p>
<h2>नायब सैनी ने Majha क्षेत्र को बताया भारत का प्रवेश द्वार</h2>
<p>हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने Majha क्षेत्र को भारत का प्रवेश द्वार बताते हुए कहा कि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना BJP की प्राथमिकताओं में शामिल होगा।</p>
<p>सैनी ने नशे और हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने को भी पार्टी की प्रमुख प्राथमिकताओं में गिनाया।</p>
<h2>पंजाब BJP अध्यक्ष ने AAP सरकार पर लगाए आरोप</h2>
<p>पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब की स्थिति खराब हुई है।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि राज्य का कर्ज मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 2.82 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 4.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार 25,000 करोड़ रुपये का एक और कर्ज लेने की तैयारी कर रही है।</p>
<h3>कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर हमला</h3>
<p>ढिल्लों ने AAP सरकार पर नशे को खत्म करने के वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में गैंगस्टरवाद, रंगदारी और दिनदहाड़े हत्याओं की घटनाएं जारी हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>BJP ने बाबा बकाला के Rakhar Punya आयोजन में पहली बार हिस्सा लिया।</li>
<li>केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित किया।</li>
<li>चौहान ने भगवंत मान सरकार पर केंद्रीय फंड और योजनाओं के उचित इस्तेमाल में विफल रहने का आरोप लगाया।</li>
<li>US Trade Deal को लेकर उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनके हितों से समझौता नहीं होगा।</li>
<li>चौहान ने PM Fasal Bima Yojana लागू नहीं करने को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए।</li>
<li>उन्होंने बाढ़ प्रभावित 24,000 मकानों के लिए जारी फंड के बावजूद मकान नहीं बनने का दावा किया।</li>
<li>BJP सरकार बनने पर कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्के मकान देने का वादा किया गया।</li>
<li>हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने Majha में इंफ्रास्ट्रक्चर और नशा-हथियार तस्करी पर रोक को प्राथमिकता बताया।</li>
<li>पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP सरकार पर बढ़ते कर्ज और बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर हमला बोला।</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<h3>Q1. BJP ने बाबा बकाला में Rakhar Punya कार्यक्रम में पहली बार कब हिस्सा लिया?</h3>
<p>BJP ने शुक्रवार को पहली बार बाबा बकाला के Rakhar Punya आयोजन में भाग लिया।</p>
<h3>Q2. Rakhar Punya कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?</h3>
<p>उन्होंने पंजाब सरकार पर केंद्रीय फंड और योजनाओं के उचित इस्तेमाल में विफल रहने का आरोप लगाया और किसानों को आश्वस्त किया कि अमेरिका के साथ किसी भी व्यापार समझौते में उनके हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।</p>
<h3>Q3. US Trade Deal को लेकर किसानों की क्या चिंता है?</h3>
<p>किसानों और किसान संगठनों को आशंका है कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते का कृषि क्षेत्र पर असर पड़ सकता है। चौहान ने कहा कि अभी कोई समझौता अंतिम नहीं हुआ है और किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे।</p>
<h3>Q4. BJP ने पंजाब में कच्चे मकानों को लेकर क्या वादा किया?</h3>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब में BJP की सरकार बनने पर कच्चे मकानों में रहने वाले हर परिवार को PM Awas Yojana के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<h3>Q5. पंजाब BJP ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?</h3>
<p>पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य के बढ़ते कर्ज, नशे, गैंगस्टरवाद, रंगदारी और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर AAP सरकार पर निशाना साधा।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>बाबा बकाला के Rakhar Punya आयोजन में BJP की पहली भागीदारी पंजाब की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेत देती है। शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के मुद्दों से लेकर केंद्रीय योजनाओं और पंजाब सरकार के कामकाज तक कई मुद्दे उठाए। वहीं, नायब सिंह सैनी और पंजाब BJP नेतृत्व ने नशे, कानून-व्यवस्था, कर्ज और विकास को लेकर AAP सरकार को घेरा। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में BJP की सक्रियता पंजाब की राजनीति में नई रणनीति की ओर इशारा कर रही है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1105.png" alt="Screenshot_1105" width="779" height="511"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 12:00:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पंजाब कांग्रेस में फिर खुलकर सामने आई गुटबाजी, रंधावा-चन्नी के मंच पर वॉरिंग कैंप नदारद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक होती नजर आई। बाबा बकाला में राखड़ पुण्या मेले के मौके पर आयोजित रैली से PCC अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वॉरिंग और उनके खेमे के नेताओं ने दूरी बनाई, जबकि पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा मंच पर मौजूद रहे।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/factionalism-once-again-comes-to-the-fore-in-punjab-congress/article-12969"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1104.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">बाबा बकाला: पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी शुक्रवार को उस समय खुलकर सामने आ गई, जब राखड़ पुण्या मेले के अवसर पर आयोजित एक रैली में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वॉरिंग और उनके खेमे के नेताओं ने हिस्सा नहीं लिया।</p>
<p>बाबा बकाला के पूर्व विधायक संतोख सिंह भलैपुर द्वारा आयोजित इस रैली में कांग्रेस के दूसरे गुट के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत की।</p>
<h2>चन्नी-रंधावा ने साझा किया मंच</h2>
<p>रैली में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की मौजूदगी खास रही। पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा तथा विधायक राणा गुरजीत सिंह भी मंच पर उनके साथ नजर आए।</p>
<p>इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने चन्नी को कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर पेश किया और उनके नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किए गए कामों का उल्लेख किया।</p>
<h3>कई बड़े कांग्रेस नेता रहे अनुपस्थित</h3>
<p>रैली से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वॉरिंग के अलावा उनके खेमे के कई नेताओं की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही।</p>
<p>अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला, पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, पूर्व सांसद जसबीर सिंह गिल डिंपा और प्रताप सिंह समेत क्षेत्र के कई प्रमुख कांग्रेस नेता कार्यक्रम में नजर नहीं आए।</p>
<h2>रंधावा ने मंच से साधा निशाना</h2>
<p>रैली को संबोधित करते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस को ऐसे नेताओं की जरूरत नहीं है, जो सत्ताधारी व्यवस्था के साथ समझौता करते हैं।</p>
<p>उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि उन नेताओं के साथ क्या किया जाना चाहिए, जो ऐसे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होते।</p>
<p>इसके बाद मंच पर मौजूद नेताओं की ओर इशारा करते हुए रंधावा ने उन्हें ‘असली कांग्रेस’ बताया। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी के संदर्भ में देखा जा रहा है।</p>
<h2>हरियाणा CM को रंधावा की चुनौती</h2>
<p>सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर का पानी और चंडीगढ़ पंजाब का है।</p>
<p>रंधावा ने उन सिख बंदियों की रिहाई की मांग भी उठाई, जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं।</p>
<h3>पंजाब के मुद्दों पर कांग्रेस का रुख</h3>
<p>रैली में कांग्रेस नेताओं ने पंजाब से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया। SYL नहर और चंडीगढ़ के अधिकार के अलावा सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।</p>
<p>इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस के भीतर अलग-अलग गुटों की गतिविधियों के बीच पंजाब से जुड़े पारंपरिक और संवेदनशील मुद्दों को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी जारी है।</p>
<h2>2027 चुनाव से पहले बढ़ रही गुटबाजी की चर्चा</h2>
<p>पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के करीब आने के साथ कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।</p>
<p>बाबा बकाला की रैली में चन्नी को CM फेस के तौर पर पेश किए जाने और वॉरिंग कैंप की अनुपस्थिति ने पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस कार्यक्रम में नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर सार्वजनिक होती नजर आई।</li>
<li>PCC अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वॉरिंग और उनके खेमे ने रैली में हिस्सा नहीं लिया।</li>
<li>पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी ने कार्यक्रम में शिरकत की।</li>
<li>सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक राणा गुरजीत सिंह भी मंच पर मौजूद रहे।</li>
<li>रंधावा ने मौजूद नेताओं को ‘असली कांग्रेस’ बताया।</li>
<li>उन्होंने बिना नाम लिए उन नेताओं पर निशाना साधा जो सत्ताधारी पक्ष से समझौता करते हैं।</li>
<li>रंधावा ने हरियाणा CM नायब सिंह सैनी से SYL और चंडीगढ़ पर रुख स्पष्ट करने की मांग की।</li>
<li>सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई की मांग भी उठाई गई।</li>
<li>रैली में चन्नी को कांग्रेस के CM चेहरे के तौर पर पेश किया गया।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. बाबा बकाला की रैली में कौन-कौन से प्रमुख कांग्रेस नेता शामिल हुए?</h3>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक राणा गुरजीत सिंह सहित कई नेता कार्यक्रम में शामिल हुए।</p>
<h3>Q2. रैली से कौन से प्रमुख कांग्रेस नेता अनुपस्थित रहे?</h3>
<p>PCC अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वॉरिंग और उनके खेमे के नेताओं के अलावा अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला, ओपी सोनी और पूर्व सांसद जसबीर सिंह गिल डिंपा समेत कई नेता कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।</p>
<h3>Q3. सुखजिंदर सिंह रंधावा ने क्या कहा?</h3>
<p>रंधावा ने बिना किसी नेता का नाम लिए कहा कि कांग्रेस को ऐसे नेताओं की जरूरत नहीं है जो सत्ताधारी व्यवस्था के साथ समझौता करते हैं। उन्होंने मंच पर मौजूद नेताओं को ‘असली कांग्रेस’ बताया।</p>
<h3>Q4. रंधावा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से क्या मांग की?</h3>
<p>उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से SYL नहर और चंडीगढ़ को पंजाब का बताने वाला रुख स्पष्ट रूप से घोषित करने की चुनौती दी।</p>
<h3>Q5. रैली में चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर क्या संदेश दिया गया?</h3>
<p>रैली में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने चन्नी को पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर पेश किया और उनकी पिछली सरकार के कार्यकाल में किए गए कार्यों को याद किया।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>बाबा बकाला की राखड़ पुण्या रैली ने पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक तरफ चन्नी, रंधावा और राणा गुरजीत सिंह जैसे नेता एक मंच पर नजर आए, वहीं PCC अध्यक्ष राजा वॉरिंग और उनके खेमे की गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चा तेज कर दी। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में नेतृत्व और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर आगे की राजनीति पर सभी की नजरें रहेंगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1104.png" alt="Screenshot_1104" width="864" height="600"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/factionalism-once-again-comes-to-the-fore-in-punjab-congress/article-12969</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 11:00:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब चुनाव से पहले SAD-BJP की फिर बढ़ी नजदीकी? दिल्ली में सुखबीर बादल और CR पाटिल की मुलाकात की चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के दोबारा साथ आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में सुखबीर सिंह बादल और CR पाटिल के बीच संभावित मुलाकात में सीट शेयरिंग समेत चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/sad-bjp-closeness-again-increased-before-punjab-elections-discussion-of-meeting/article-12968"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1103.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली: पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर हलचल बढ़ गई है। दोनों दलों के अलग होने के बाद अब एक बार फिर साथ आने की अटकलें तेज हैं। इसी बीच दिल्ली में दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच संभावित मुलाकात की चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, पंजाब को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले CR पाटिल ने SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से नई दिल्ली में मुलाकात की। यह बैठक सुखबीर बादल के पंजाब लौटने से एक रात पहले होने की बात कही जा रही है।</p>
<p>सुखबीर बादल 25 अगस्त को नांदेड़ में हुए जानलेवा हमले के बाद लंबे समय तक स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद पंजाब लौटे थे।</p>
<h2>क्या सीट शेयरिंग पर हुई चर्चा?</h2>
<p>सूत्रों ने दावा किया कि CR पाटिल और सुखबीर सिंह बादल के बीच संभावित SAD-BJP गठबंधन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बातचीत में विधानसभा चुनाव के दौरान सीटों के बंटवारे का मुद्दा भी शामिल रहा।</p>
<p>हालांकि, दोनों पार्टियों की ओर से इस कथित मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए बैठक और उसमें हुई बातचीत को लेकर सामने आई जानकारी को फिलहाल सूत्रों के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।</p>
<h3>SAD के बागी धड़े की भूमिका भी अहम</h3>
<p>सूत्रों के मुताबिक संभावित सीट बंटवारे की बातचीत में SAD के अलग हुए सुधारवादी धड़े यानी SAD (Punar Surjit) से जुड़े नेताओं का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>Bibi Jagir Kaur, Prem Singh Chandumajra और Gurpartap Singh Wadala जैसे अकाली दिग्गज 2025 में SAD से अलग हो चुके हैं। ऐसे में आगामी चुनावी समीकरणों में इन नेताओं को किस तरह शामिल किया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण सवाल बना हुआ है।</p>
<h2>2024 लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन BJP के पक्ष में</h2>
<p>गठबंधन वार्ता में 2024 के लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन बीजेपी के लिए अहम आधार बन सकता है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को 18.5 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि SAD का वोट शेयर 13.5 प्रतिशत रहा था।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक बीजेपी इस प्रदर्शन को सीट बंटवारे की बातचीत में अपने पक्ष में मजबूत आधार के तौर पर रख सकती है।</p>
<h2>SAD की नजर तीन चुनावों के प्रदर्शन पर</h2>
<p>वहीं, अकाली दल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि दोनों दलों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है तो सीट बंटवारे का फैसला केवल 2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर आधारित नहीं होगा।</p>
<p>SAD पक्ष की ओर से 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव, 2024 के लोकसभा चुनाव और हालिया ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को भी ध्यान में रखने की बात कही जा रही है।</p>
<p>इससे साफ है कि संभावित गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों के बीच लंबी बातचीत हो सकती है।</p>
<h2>117 विधानसभा सीटों पर तैयारी का संकेत</h2>
<p>गठबंधन को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन दोनों दलों ने कथित तौर पर राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपना संगठनात्मक आधार मजबूत करने और राजनीतिक पहुंच बढ़ाने का फैसला किया है।</p>
<p>बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव BL Santosh पहले ही पंजाब इकाई को सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी करने और मैदान में उतरने का संदेश दे चुके हैं।</p>
<h3>गठबंधन हुआ तो क्या बदलेगा चुनावी समीकरण?</h3>
<p>यदि SAD और BJP दोबारा चुनावी गठबंधन करते हैं तो पंजाब की राजनीति में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। दोनों दलों का पारंपरिक राजनीतिक आधार अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समूहों में रहा है।</p>
<p>हालांकि, सीट बंटवारा, नेतृत्व की भूमिका, मुख्यमंत्री पद का सवाल और अलग हुए अकाली नेताओं को लेकर रुख जैसे मुद्दे संभावित गठबंधन के लिए बड़ी चुनौतियां बने रहेंगे।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>पंजाब में SAD-BJP के संभावित गठबंधन की चर्चा फिर तेज हुई।</li>
<li>दिल्ली में सुखबीर सिंह बादल और CR पाटिल की कथित मुलाकात की खबर सामने आई।</li>
<li>सूत्रों के अनुसार सीट शेयरिंग पर व्यापक चर्चा हुई।</li>
<li>दोनों दलों ने मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।</li>
<li>SAD के अलग हुए सुधारवादी नेताओं की भूमिका भी चर्चा का हिस्सा बताई जा रही है।</li>
<li>2024 लोकसभा चुनाव में BJP का वोट शेयर 18.5% और SAD का 13.5% रहा था।</li>
<li>SAD पक्ष 2022 विधानसभा, 2024 लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के प्रदर्शन को आधार बनाने के पक्ष में है।</li>
<li>बीजेपी ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर तैयारी का संकेत दिया है।</li>
<li>संभावित गठबंधन में सीट बंटवारा और राजनीतिक नेतृत्व अहम मुद्दे रहेंगे।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. क्या SAD और BJP फिर से गठबंधन करने जा रहे हैं?</h3>
<p>फिलहाल दोनों दलों के बीच गठबंधन की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं और सूत्रों ने दोनों दलों के नेताओं के बीच मुलाकात का दावा किया है।</p>
<h3>Q2. सुखबीर सिंह बादल और CR पाटिल की मुलाकात में क्या चर्चा हुई?</h3>
<p>सूत्रों के अनुसार संभावित सीट शेयरिंग समझौते और चुनावी रणनीति पर व्यापक चर्चा हुई। हालांकि, दोनों दलों ने कथित बैठक की पुष्टि नहीं की है।</p>
<h3>Q3. 2024 लोकसभा चुनाव में पंजाब में BJP और SAD का वोट शेयर कितना था?</h3>
<p>2024 लोकसभा चुनाव में पंजाब में BJP का वोट शेयर 18.5 प्रतिशत और SAD का 13.5 प्रतिशत बताया गया है।</p>
<h3>Q4. SAD से अलग हुए प्रमुख नेता कौन हैं?</h3>
<p>Bibi Jagir Kaur, Prem Singh Chandumajra और Gurpartap Singh Wadala जैसे प्रमुख अकाली नेता 2025 में SAD से अलग हो चुके हैं।</p>
<h3>Q5. BJP पंजाब में कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रही है?</h3>
<p>BJP राष्ट्रीय महासचिव BL Santosh के निर्देश के अनुसार पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रही है।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले SAD और BJP के बीच संभावित नजदीकी ने राज्य की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। दिल्ली में सुखबीर सिंह बादल और CR पाटिल की कथित मुलाकात, सीट शेयरिंग पर चर्चा और सभी 117 सीटों पर संगठन मजबूत करने की तैयारियां इस दिशा में महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही हैं। हालांकि, गठबंधन की राह में सीट बंटवारा, नेतृत्व और अकाली दल के अलग हुए नेताओं की भूमिका जैसे कई मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी है।</p>
<p><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1103.png" alt="Screenshot_1103" width="856" height="565"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 10:00:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब के प्रमुख बांधों में पानी पिछले साल से कम, मानसून कमजोर पड़ने से भाखड़ा जलाशय 64% ही भरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस वर्ष अपेक्षाकृत कमजोर मानसून का असर पंजाब के प्रमुख जलाशयों पर दिखाई दे रहा है। भाखड़ा, पोंग और रणजीत सागर बांधों में जल भंडारण पिछले साल के स्तर से कम बना हुआ है, जबकि जलाशयों का फिलिंग सीजन 15 सितंबर के करीब समाप्त होने वाला है।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/water-in-major-dams-of-punjab-is-less-than-last/article-12960"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1095.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">चंडीगढ़: पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में इस साल अपेक्षाकृत कमजोर मानसून का असर प्रमुख जलाशयों में पानी के भंडारण पर भी दिखाई दे रहा है। भाखड़ा, पोंग और रणजीत सागर जैसे महत्वपूर्ण जलाशयों में जल स्तर और उपलब्ध भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में कम बना हुआ है।</p>
<p>जलाशयों का भराव सीजन 15 सितंबर को समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है, लेकिन मौजूदा आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में कम जल उपलब्धता की ओर संकेत कर रहे हैं।</p>
<h2>भाखड़ा जलाशय का जलस्तर पिछले साल से 37.27 फीट नीचे</h2>
<p>भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के आंकड़ों के अनुसार, सतलुज नदी पर स्थित प्रमुख भाखड़ा जलाशय का जलस्तर 27 अगस्त को 1,634.22 फीट दर्ज किया गया।</p>
<p>पिछले वर्ष इसी तारीख को जलाशय का स्तर 1,671.49 फीट था। इस तरह एक वर्ष की तुलना में मौजूदा जलस्तर 37.27 फीट कम है।</p>
<h2>लाइव स्टोरेज 3.61 BCM, जलाशय 64 प्रतिशत भरा</h2>
<p>BBMB के अनुसार इस वर्ष भाखड़ा जलाशय में 3.61 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) लाइव स्टोरेज उपलब्ध है और यह अपनी क्षमता का लगभग 64 प्रतिशत भरा हुआ है।</p>
<p>इसके मुकाबले 2025 में इसी अवधि के दौरान जलाशय में 5.25 BCM लाइव स्टोरेज था और जलाशय लगभग 93 प्रतिशत तक भरा हुआ था।</p>
<p>मौजूदा स्थिति में भाखड़ा जलाशय की लाइव स्टोरेज क्षमता का लगभग 2.05 BCM हिस्सा अभी भी खाली है।</p>
<h2>पिछले साल की तुलना में लगभग आधा रहा पानी का इनफ्लो</h2>
<p>भाखड़ा में 27 अगस्त को पानी का दैनिक इनफ्लो 30,452 क्यूसेक दर्ज किया गया। पिछले वर्ष इसी तारीख को इनफ्लो 58,997 क्यूसेक था।</p>
<p>इस तरह इस वर्ष दैनिक जल प्रवाह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग आधा रहा।</p>
<h3>मई से अगस्त तक संचयी इनफ्लो भी कम</h3>
<p>21 मई से अब तक भाखड़ा में दर्ज संचयी इनफ्लो 31,08,451 क्यूसेक रहा है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 43,36,875 क्यूसेक दर्ज किया गया था।</p>
<p>आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष मानसून के दौरान जलाशय में पहुंचने वाले पानी की मात्रा पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रही है।</p>
<h2>पानी की निकासी भी पिछले वर्ष से कम</h2>
<p>भाखड़ा जलाशय से पानी की मौजूदा निकासी 25,518 क्यूसेक दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जलाशय से 43,635 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।</p>
<p>जल प्रवाह और निकासी दोनों में कमी मौजूदा जल उपलब्धता की स्थिति को दर्शाती है।</p>
<h2>फुल रिजर्वायर लेवल से 45.78 फीट नीचे है जलस्तर</h2>
<p>भाखड़ा बांध का पूर्ण जलाशय स्तर 1,680 फीट है। वर्तमान में जलाशय का स्तर इससे 45.78 फीट नीचे है।</p>
<p>हालांकि, यह स्तर निर्धारित न्यूनतम डाउन लेवल 1,462 फीट से 172.22 फीट ऊपर बना हुआ है।</p>
<p>फिलिंग सीजन समाप्त होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश और नदियों में पानी के प्रवाह पर जलाशयों की स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी।</p>
<h2>पोंग और रणजीत सागर बांधों में भी जल भंडारण कम</h2>
<p>इस वर्ष अपेक्षाकृत कमजोर मानसून के बीच पंजाब के अन्य प्रमुख जलाशयों पोंग और रणजीत सागर बांध में भी जल भंडारण पिछले वर्ष के स्तर से नीचे बना हुआ है।</p>
<p>इन जलाशयों की स्थिति पर भी आने वाले दिनों में मानसूनी बारिश और कैचमेंट क्षेत्रों से होने वाले जल प्रवाह का असर पड़ेगा।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>पंजाब के प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष से कम है।</li>
<li>भाखड़ा जलाशय का स्तर 27 अगस्त को 1,634.22 फीट दर्ज किया गया।</li>
<li>पिछले वर्ष इसी दिन जलस्तर 1,671.49 फीट था।</li>
<li>मौजूदा जलस्तर पिछले वर्ष से 37.27 फीट कम है।</li>
<li>भाखड़ा जलाशय में लाइव स्टोरेज 3.61 BCM दर्ज किया गया।</li>
<li>जलाशय वर्तमान में लगभग 64 प्रतिशत भरा हुआ है।</li>
<li>पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 93 प्रतिशत भरा था।</li>
<li>भाखड़ा में 27 अगस्त को इनफ्लो 30,452 क्यूसेक रहा।</li>
<li>पिछले वर्ष इसी तारीख को इनफ्लो 58,997 क्यूसेक था।</li>
<li>15 सितंबर के करीब जलाशयों का फिलिंग सीजन समाप्त होने वाला है।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. भाखड़ा जलाशय का वर्तमान जलस्तर कितना है?</h3>
<p>27 अगस्त को भाखड़ा जलाशय का जलस्तर 1,634.22 फीट दर्ज किया गया।</p>
<h3>Q2. पिछले वर्ष की तुलना में जलस्तर कितना कम है?</h3>
<p>पिछले वर्ष 27 अगस्त को जलस्तर 1,671.49 फीट था। इस तरह मौजूदा स्तर 37.27 फीट कम है।</p>
<h3>Q3. भाखड़ा जलाशय इस समय कितने प्रतिशत भरा हुआ है?</h3>
<p>BBMB के अनुसार भाखड़ा जलाशय इस वर्ष करीब 64 प्रतिशत भरा हुआ है।</p>
<h3>Q4. भाखड़ा में इस वर्ष पानी का इनफ्लो कितना रहा?</h3>
<p>27 अगस्त को दैनिक इनफ्लो 30,452 क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि 21 मई से संचयी इनफ्लो 31,08,451 क्यूसेक रहा।</p>
<h3>Q5. जलाशयों का फिलिंग सीजन कब समाप्त होता है?</h3>
<p>प्रमुख जलाशयों का फिलिंग सीजन 15 सितंबर के आसपास समाप्त होने वाला है।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>कमजोर मानसून के कारण पंजाब के प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में कम बना हुआ है। भाखड़ा जलाशय के आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि पानी का इनफ्लो और लाइव स्टोरेज दोनों पिछले साल के मुकाबले नीचे हैं। फिलिंग सीजन समाप्त होने से पहले आने वाले दिनों की बारिश और कैचमेंट क्षेत्रों से जल प्रवाह जलाशयों की अंतिम स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1095.png" alt="Screenshot_1095" width="978" height="547"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/water-in-major-dams-of-punjab-is-less-than-last/article-12960</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 09:00:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बद्दी का औद्योगिक विस्तार गांवों पर पड़ा भारी: भूजल 25 मीटर तक गिरा, सिरसा नदी में जहरीले कचरे की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में बद्दी औद्योगिक क्षेत्र के तेजी से विस्तार पर किए गए एक विस्तृत अध्ययन में आसपास के गांवों में भूजल स्तर में भारी गिरावट और सिरसा नदी में औद्योगिक प्रदूषण की गंभीर स्थिति सामने आई है। अध्ययन के अनुसार यह प्रदूषण आगे पंजाब के रोपड़ रामसर वेटलैंड तक पहुंचने की आशंका पैदा करता है।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/industrial-expansion-of-baddi-caused-heavy-impact-on-villages-ground/article-12959"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1094.png" alt=""></a><br /><p>सोलन: हिमाचल प्रदेश के शिवालिक क्षेत्र में स्थित बद्दी औद्योगिक बेल्ट का तेज विस्तार आसपास के ग्रामीण इलाकों और पर्यावरण पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। बद्दी माइक्रो-वॉटरशेड पर किए गए एक विस्तृत अध्ययन में भूजल के तेजी से घटने, पारंपरिक खेती के प्रभावित होने और औद्योगिक व अन्य जहरीले अपशिष्ट के सिरसा नदी तंत्र तक पहुंचने की गंभीर तस्वीर सामने आई है।</p>
<p>3,256 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले बद्दी माइक्रो-वॉटरशेड के अध्ययन के अनुसार औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच टकराव बढ़ रहा है। रिपोर्ट में 21 गांवों और करीब 12,000 लोगों को अध्ययन के दायरे में शामिल किया गया है।</p>
<h2>21 गांवों और करीब 12 हजार लोगों पर अध्ययन</h2>
<p>यह अध्ययन पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ. एस.एस. ग्रेवाल ने किया है। रिपोर्ट में बद्दी औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय जल संसाधनों, खेती और ग्रामीण आजीविका पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत आकलन किया गया।</p>
<p>अध्ययन में कहा गया है कि औद्योगिक बोरवेल और सरकारी ट्यूबवेलों से भूजल का दोहन प्राकृतिक पुनर्भरण की तुलना में कहीं अधिक तेजी से हो रहा है। इनमें से कई ट्यूबवेल और बोरवेल बारहमासी जल निकासी मार्गों के आसपास स्थापित किए गए हैं।</p>
<h2>15 वर्षों में कृषि बोरवेलों का जलस्तर 8 से 25 मीटर तक नीचे गया</h2>
<p>रिपोर्ट के अनुसार पिछले 15 वर्षों के दौरान किसानों के कृषि बोरवेलों में भूजल स्तर 8 से 25 मीटर तक नीचे चला गया है।</p>
<p>अध्ययन के दौरान 55 कृषि ट्यूबवेलों का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से कई ट्यूबवेल सूख चुके हैं, जबकि अन्य में पानी तक पहुंचने के लिए गहरे पाइप और अधिक क्षमता वाले मोटरों की जरूरत पड़ रही है।</p>
<h3>किसानों पर बढ़ रहा है आर्थिक बोझ</h3>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि भूजल स्तर में गिरावट के कारण किसानों की खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों को अपने बोरवेल और ट्यूबवेल चालू रखने के लिए अधिक पैसा खर्च करना पड़ रहा है।</p>
<p>अध्ययन के अनुसार दासौरा, कोटला और झाड़ माजरा जैसे गांवों में भूजल स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई किसान अपने जल स्रोतों को चालू रखने के लिए लाखों रुपये खर्च करने को मजबूर हैं।</p>
<h2>जल पुनर्भरण से अधिक हो रहा है भूजल का दोहन</h2>
<p>वार्षिक जल संतुलन के आकलन में स्थिति और भी चिंताजनक बताई गई है। अध्ययन के अनुसार क्षेत्र में करीब 1,014 हेक्टेयर-मीटर जल का पुनर्भरण हो रहा है, जबकि कुल जल दोहन लगभग 1,278 हेक्टेयर-मीटर तक पहुंच चुका है।</p>
<p>इस प्रकार क्षेत्र में लगभग 264 हेक्टेयर-मीटर का वार्षिक जल घाटा सामने आया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि वर्तमान स्तर पर भूजल का उपयोग लंबे समय तक जारी रहने पर जल संकट और गंभीर हो सकता है।</p>
<h2>सिरसा नदी में पहुंच रहा प्रदूषित पानी</h2>
<p>अध्ययन में जल प्रदूषण को भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कोटला चोए और अन्य जल निकासी मार्गों से निकलने वाला गहरे रंग और दुर्गंधयुक्त अपशिष्ट जल बालद नदी के रास्ते सिरसा नदी में पहुंच रहा है।</p>
<p>इस अपशिष्ट में आर्सेनिक, सीसा, कैडमियम, निकल और बेरियम जैसे भारी धातु तत्व होने की बात भी अध्ययन में दर्ज की गई है।</p>
<p>सिरसा नदी का यह जल तंत्र आगे पंजाब की ओर बढ़ता है और अंततः सतलुज नदी प्रणाली से जुड़ता है। रिपोर्ट में इस प्रदूषण के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।</p>
<h2>पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी जताई चिंता</h2>
<p>अध्ययन ऐसे समय सामने आया है, जब पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के संबंधित प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को पत्र लिखकर सिरसा नदी में औद्योगिक और अन्य जहरीले कचरे से हो रहे व्यापक प्रदूषण का मुद्दा उठाया है।</p>
<p>बोर्ड ने चिंता जताई है कि सिरसा नदी में पहुंचने वाला प्रदूषण आगे पंजाब में सतलुज नदी तक पहुंच सकता है। इससे नदी तंत्र और उससे जुड़े जल स्रोतों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।</p>
<h2>रोपड़ रामसर वेटलैंड तक पहुंच सकता है प्रदूषण</h2>
<p>अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार सिरसा नदी में पहुंचने वाला प्रदूषित जल आगे पंजाब के रोपड़ रामसर वेटलैंड के पर्यावरणीय तंत्र के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।</p>
<p>रिपोर्ट ने औद्योगिक विकास के साथ भूजल संरक्षण, अपशिष्ट जल प्रबंधन और ग्रामीण पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपायों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>बद्दी माइक्रो-वॉटरशेड का क्षेत्रफल 3,256 हेक्टेयर है।</li>
<li>अध्ययन में 21 गांव और करीब 12,000 लोगों को शामिल किया गया।</li>
<li>पिछले 15 वर्षों में कृषि बोरवेलों का जलस्तर 8 से 25 मीटर तक गिरा।</li>
<li>55 कृषि ट्यूबवेलों का सर्वेक्षण किया गया।</li>
<li>कई ट्यूबवेल सूख गए, जबकि कई में गहरे पाइप और अधिक क्षमता वाले मोटरों की जरूरत पड़ी।</li>
<li>वार्षिक जल पुनर्भरण करीब 1,014 हेक्टेयर-मीटर दर्ज किया गया।</li>
<li>कुल भूजल दोहन लगभग 1,278 हेक्टेयर-मीटर रहा।</li>
<li>क्षेत्र में करीब 264 हेक्टेयर-मीटर का जल घाटा सामने आया।</li>
<li>सिरसा नदी तंत्र में भारी धातुओं वाले प्रदूषित पानी की चिंता जताई गई।</li>
<li>प्रदूषण का असर आगे पंजाब के सतलुज नदी तंत्र और रोपड़ रामसर वेटलैंड तक पहुंचने की आशंका है।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. बद्दी माइक्रो-वॉटरशेड अध्ययन किस क्षेत्र से संबंधित है?</h3>
<p>यह अध्ययन हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में शिवालिक की तलहटी में स्थित 3,256 हेक्टेयर क्षेत्र वाले बद्दी माइक्रो-वॉटरशेड से संबंधित है।</p>
<h3>Q2. भूजल स्तर में कितनी गिरावट दर्ज की गई?</h3>
<p>अध्ययन के अनुसार पिछले 15 वर्षों के दौरान किसानों के कृषि बोरवेलों में भूजल स्तर 8 से 25 मीटर तक नीचे गया है।</p>
<h3>Q3. अध्ययन में कितने गांव शामिल किए गए?</h3>
<p>रिपोर्ट में 21 गांवों और करीब 12,000 निवासियों को अध्ययन के दायरे में शामिल किया गया।</p>
<h3>Q4. सिरसा नदी में किस प्रकार का प्रदूषण पहुंचने की बात कही गई है?</h3>
<p>अध्ययन में औद्योगिक और अन्य अपशिष्ट जल के साथ आर्सेनिक, सीसा, कैडमियम, निकल और बेरियम जैसी भारी धातुओं के सिरसा नदी तंत्र में पहुंचने की बात दर्ज की गई है।</p>
<h3>Q5. भूजल संकट का किसानों पर क्या असर पड़ रहा है?</h3>
<p>जलस्तर नीचे जाने से किसानों को गहरे पाइप लगाने, अधिक क्षमता वाले मोटर इस्तेमाल करने और अपने ट्यूबवेलों को चालू रखने के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>बद्दी औद्योगिक बेल्ट के तेजी से विस्तार और उसके साथ बढ़ते भूजल दोहन तथा प्रदूषण ने सोलन जिले के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गंभीर पर्यावरणीय चुनौती पैदा की है। अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि प्राकृतिक पुनर्भरण की तुलना में भूजल का अधिक दोहन हो रहा है, जबकि प्रदूषित जल सिरसा नदी के माध्यम से पंजाब के जल तंत्र तक पहुंचने की चिंता भी बढ़ रही है। ऐसे में औद्योगिक विकास के साथ प्रभावी जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और औद्योगिक अपशिष्ट के सख्त नियंत्रण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1094.png" alt="Screenshot_1094" width="976" height="607"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 08:00:47 +0530</pubDate>
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