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                <title>हरियाणा - Undekhi Khabar</title>
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                <description>हरियाणा RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>करनाल जेल में भावुक हुआ रक्षाबंधन, बहनों ने सलाखों के पीछे बंद भाइयों को बांधी राखी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">करनाल जेल में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व भावनात्मक माहौल में मनाया गया। बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं, जहां जेल प्रशासन ने मुलाकात, सुरक्षा, मिठाई और लंगर की विशेष व्यवस्था की।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/rakshabandhan-became-emotional-in-karnal-jail-sisters-tied-rakhi-to/article-12967"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1102.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">करनाल: रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है और शुक्रवार को करनाल जेल में यह रिश्ता जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच भी मजबूत नजर आया। बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने के लिए जेल पहुंचीं।</p>
<p>इस दौरान जेल परिसर के बाहर भावनात्मक माहौल देखने को मिला। बहनों ने भाइयों की सलामती और बेहतर भविष्य की कामना की। कई कैदियों को भी लंबे समय बाद अपने परिवार के सदस्यों के साथ त्योहार मनाने का अवसर मिला।</p>
<h2>राखी और मिठाई की विशेष व्यवस्था</h2>
<p>रक्षाबंधन के अवसर पर करनाल जेल प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे। बहनों को अपने भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने की अनुमति दी गई।</p>
<p>मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों को मिठाई भी खिलाई और उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की। जेल प्रशासन की व्यवस्था के कारण कैदियों को घर से दूर होने के बावजूद अपने परिवार के साथ त्योहार का कुछ समय बिताने का अवसर मिला।</p>
<h2>सुबह से पहुंचने लगीं बहनें और परिजन</h2>
<p>रक्षाबंधन के मौके पर सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें और परिवार के सदस्य करनाल जेल पहुंचने लगे थे। मुलाकात की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।</p>
<p>जेल प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने यह सुनिश्चित किया कि मुलाकातों के दौरान व्यवस्था बनी रहे और सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।</p>
<h3>कई बहनों की आंखों में दिखे आंसू</h3>
<p>कई बहनों के लिए अपने भाइयों से मुलाकात बेहद भावुक क्षण रही। मुलाकात के बाद लौटते समय कुछ बहनों की आंखों में आंसू दिखाई दिए।</p>
<p>हालांकि मीडिया को जेल परिसर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं थी, लेकिन मुलाकात के बाद बाहर आती बहनों के भावों से भाई-बहन के गहरे रिश्ते और इस अवसर की भावनात्मकता साफ झलक रही थी।</p>
<h2>जेल अधीक्षक ने बताया कैसे हुई विशेष तैयारी</h2>
<p>करनाल जेल के अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़ ने बताया कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर कैदियों और उनकी बहनों की मुलाकात की विशेष व्यवस्था की गई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार सभी तैयारियां एक दिन पहले ही पूरी कर ली गई थीं।</p>
<h3>सुरक्षा के लिए पुलिस और जेल स्टाफ रहा तैनात</h3>
<p>जेल अधीक्षक के अनुसार कार्यक्रम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस गार्ड, अधिकारी और जेल कर्मचारी पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्था संभालने के लिए तैनात रहे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दिन किसी अधिकारी या कर्मचारी ने अवकाश नहीं लिया और पूरा स्टाफ व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में जुटा रहा।</p>
<h2>आगंतुकों के लिए लगाया गया लंगर</h2>
<p>जेल प्रशासन की ओर से आगंतुकों के लिए लंगर की भी व्यवस्था की गई थी। इससे जेल पहुंचने वाले बहनों और अन्य परिजनों को भोजन एवं जलपान की सुविधा मिल सकी।</p>
<p>इस विशेष व्यवस्था ने त्योहार के दौरान परिवारों को सुविधा देने के साथ-साथ आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में मदद की।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>करनाल जेल में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व विशेष व्यवस्था के साथ मनाया गया।</li>
<li>बड़ी संख्या में बहनें जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं।</li>
<li>बहनों को भाइयों से मिलने और राखी बांधने की अनुमति दी गई।</li>
<li>कैदियों और उनके परिजनों के लिए भावुक मुलाकातों का माहौल रहा।</li>
<li>राखी और मिठाई की विशेष व्यवस्था की गई।</li>
<li>पुलिस, जेल अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा एवं व्यवस्था में तैनात रहे।</li>
<li>पूरा जेल स्टाफ रक्षाबंधन की व्यवस्थाओं में मौजूद रहा।</li>
<li>आगंतुकों के लिए लंगर का भी आयोजन किया गया।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. करनाल जेल में रक्षाबंधन कैसे मनाया गया?</h3>
<p>करनाल जेल में बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनके बेहतर भविष्य की कामना की।</p>
<h3>Q2. क्या जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की थी?</h3>
<p>हां, जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए थे। मुलाकातों के साथ राखी, मिठाई, सुरक्षा और आगंतुकों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई थी।</p>
<h3>Q3. रक्षाबंधन पर सुरक्षा की क्या व्यवस्था की गई?</h3>
<p>पुलिस गार्ड, अधिकारी और जेल कर्मचारियों को पर्याप्त संख्या में तैनात किया गया था, ताकि मुलाकातें और अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।</p>
<h3>Q4. आगंतुकों के लिए क्या सुविधा उपलब्ध कराई गई?</h3>
<p>जेल प्रशासन की ओर से आगंतुकों के लिए लंगर आयोजित किया गया, जिससे उन्हें भोजन और जलपान की सुविधा मिल सके।</p>
<h3>Q5. करनाल जेल अधीक्षक ने क्या कहा?</h3>
<p>जेल अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़ ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार एक दिन पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और पूरा जेल स्टाफ व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद था।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>करनाल जेल में मनाया गया रक्षाबंधन एक बार फिर भाई-बहन के रिश्ते की गहराई और मजबूती को दर्शाता नजर आया। जेल की दीवारों के बावजूद बहनों ने भाइयों तक अपना प्यार और अपनापन पहुंचाया। विशेष व्यवस्थाओं के कारण कैदियों को भी अपने परिवार के साथ त्योहार के भावनात्मक पल साझा करने का अवसर मिला।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1102.png" alt="Screenshot_1102" width="858" height="620"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/rakshabandhan-became-emotional-in-karnal-jail-sisters-tied-rakhi-to/article-12967</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 12:30:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका के मिशिगन में पहली बार हरियाणवी तीज महोत्सव, झूले और पारंपरिक खेलों से जीवंत हुई हरियाणा की संस्कृति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका के मिशिगन में हरियाणा एसोसिएशन ऑफ अमेरिका-मिशिगन ने पहली बार हरियाणवी तीज महोत्सव आयोजित किया। कार्यक्रम में हरियाणवी परिवारों और भारतीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक झूलों, खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए अपनी जड़ों से जुड़ने का उत्सव मनाया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/for-the-first-time-in-michigan-america-haryanas-culture-came/article-12966"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1101.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मिशिगन: अमेरिका में हरियाणवी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने की दिशा में हरियाणा एसोसिएशन ऑफ अमेरिका-मिशिगन (HAA-MI) ने एक खास पहल की है। संगठन ने हाल ही में नॉर्थविल स्थित मेबरी स्टेट पार्क में अपना पहला हरियाणवी तीज महोत्सव आयोजित किया।</p>
<p>इस आयोजन में हरियाणवी परिवारों, मित्रों और भारतीय समुदाय के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक खेलों और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों ने हरियाणा की लोक परंपराओं का उत्सव मनाया।</p>
<h2>पारंपरिक झूलों और खेलों ने बढ़ाया उत्सव का आकर्षण</h2>
<p>तीज महोत्सव में पारंपरिक झूलों के साथ-साथ कई पारिवारिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खो-खो, पिट्ठू और अन्य पारंपरिक खेलों ने बच्चों से लेकर युवाओं और बड़ों तक सभी को आकर्षित किया।</p>
<p>प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिससे पूरे आयोजन में पारिवारिक और उत्सवपूर्ण माहौल बना रहा।</p>
<h3>नई पीढ़ी को हरियाणा की संस्कृति से जोड़ने का प्रयास</h3>
<p>इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य अमेरिका में पली-बढ़ी युवा पीढ़ी और बच्चों को हरियाणा की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से परिचित कराना भी रहा।</p>
<p>महोत्सव में बच्चों और युवाओं को पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिला। इससे अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत हुआ।</p>
<h2>कुछ परिवारों से शुरू होकर करीब 100 परिवारों तक पहुंचा संगठन</h2>
<p>हरियाणा एसोसिएशन ऑफ अमेरिका-मिशिगन की शुरुआत कुछ परिवारों के एक छोटे समूह के रूप में हुई थी। इन परिवारों का उद्देश्य मिशिगन में रहते हुए अपनी हरियाणवी जड़ों से जुड़े रहना और एक मजबूत सामुदायिक नेटवर्क तैयार करना था।</p>
<p>समय के साथ संगठन का विस्तार हुआ और अब इसमें करीब 100 परिवार और व्यक्ति जुड़े हुए हैं। यह संख्या अमेरिका में हरियाणवी संस्कृति के संरक्षण और सामुदायिक जुड़ाव में बढ़ती रुचि को दर्शाती है।</p>
<h2>HAA-MI अध्यक्ष रवि यादव ने बताया महत्वपूर्ण शुरुआत</h2>
<p>HAA-MI के अध्यक्ष रवि यादव ने इस पहले हरियाणवी तीज उत्सव को संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी लोगों का संगठन आभारी है। उनका कहना था कि अब संगठन का फोकस एक मजबूत और अधिक समावेशी हरियाणवी समुदाय तैयार करने पर रहेगा।</p>
<h2>हरियाणा दिवस और सामाजिक कार्यक्रमों की भी तैयारी</h2>
<p>संगठन भविष्य में और अधिक सांस्कृतिक, सामाजिक और सामुदायिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है।</p>
<p>इनमें हरियाणा दिवस समारोह के अलावा परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए अतिरिक्त गतिविधियां और कार्यक्रम शामिल करने की योजना है।</p>
<h3>समुदाय और संस्कृति को जोड़ने पर जोर</h3>
<p>HAA-MI का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि अमेरिका में रहने वाले हरियाणा के लोगों और हरियाणा से जुड़े अन्य मित्रों के लिए एक ऐसा मंच तैयार करना भी है, जहां वे अपनी विरासत का उत्सव मना सकें।</p>
<p>संगठन लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने, परस्पर सहयोग करने और व्यापक समुदाय में सकारात्मक योगदान देने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की योजना बना रहा है।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>मिशिगन में पहली बार हरियाणवी तीज महोत्सव आयोजित किया गया।</li>
<li>आयोजन नॉर्थविल के मेबरी स्टेट पार्क में हुआ।</li>
<li>हरियाणा एसोसिएशन ऑफ अमेरिका-मिशिगन ने कार्यक्रम आयोजित किया।</li>
<li>हरियाणवी परिवारों और भारतीय समुदाय के लोगों ने भाग लिया।</li>
<li>पारंपरिक झूलों, खो-खो और पिट्ठू जैसे खेलों का आयोजन हुआ।</li>
<li>बच्चों, युवाओं और बड़ों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।</li>
<li>HAA-MI की शुरुआत कुछ परिवारों के छोटे समूह से हुई थी।</li>
<li>अब संगठन से करीब 100 परिवार और व्यक्ति जुड़े हुए हैं।</li>
<li>संगठन भविष्य में हरियाणा दिवस और अन्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करेगा।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. अमेरिका में पहला हरियाणवी तीज महोत्सव कहां आयोजित किया गया?</h3>
<p>हरियाणवी तीज महोत्सव अमेरिका के मिशिगन राज्य के नॉर्थविल स्थित मेबरी स्टेट पार्क में आयोजित किया गया।</p>
<h3>Q2. इस कार्यक्रम का आयोजन किस संगठन ने किया?</h3>
<p>कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा एसोसिएशन ऑफ अमेरिका-मिशिगन यानी HAA-MI ने किया।</p>
<h3>Q3. महोत्सव में कौन-कौन सी गतिविधियां आयोजित की गईं?</h3>
<p>कार्यक्रम में पारंपरिक झूले, खो-खो, पिट्ठू और अन्य पारिवारिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।</p>
<h3>Q4. HAA-MI से कितने लोग जुड़े हैं?</h3>
<p>संगठन में अब करीब 100 परिवार और व्यक्ति जुड़े हुए हैं।</p>
<h3>Q5. संगठन भविष्य में क्या कार्यक्रम आयोजित करेगा?</h3>
<p>HAA-MI भविष्य में हरियाणा दिवस समारोह के साथ सांस्कृतिक, सामाजिक, सामुदायिक सेवा तथा बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>मिशिगन में आयोजित पहला हरियाणवी तीज महोत्सव अमेरिका में बसे हरियाणवी समुदाय के लिए अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का खास अवसर बना। पारंपरिक खेलों और गतिविधियों के जरिए आयोजन ने नई पीढ़ी को हरियाणा की विरासत से परिचित कराने के साथ समुदाय के बीच आपसी जुड़ाव को भी मजबूत किया। HAA-MI की भविष्य की योजनाएं विदेश में हरियाणवी संस्कृति को आगे बढ़ाने और एक समावेशी समुदाय तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती हैं।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1101.png" alt="Screenshot_1101" width="857" height="618"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/for-the-first-time-in-michigan-america-haryanas-culture-came/article-12966</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 11:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यमुनानगर में दिव्यांग बच्चों संग मेयर सुमन बहमानी ने मनाया रक्षाबंधन, दिया समानता और सम्मान का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यमुनानगर की मेयर सुमन बहमानी ने शुक्रवार को उत्थान संस्थान में दिव्यांग बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया। बच्चों के स्नेह और मुस्कान से भावुक मेयर ने समाज में समानता, सम्मान और अवसरों की जरूरत पर जोर दिया।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/mayor-suman-bahmani-celebrated-rakshabandhan-with-disabled-children-in-yamunanagar/article-12965"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1100.png" alt=""></a><br /><p>यमुनानगर: रक्षाबंधन के अवसर पर यमुनानगर की मेयर सुमन बहमानी ने शुक्रवार को उत्थान संस्थान पहुंचकर दिव्यांग बच्चों के साथ त्योहार मनाया। इस दौरान बच्चों ने मेयर को राखी बांधी और कार्यक्रम में प्रेम, स्नेह, सम्मान तथा समानता का संदेश दिया गया।</p>
<p>मेयर ने बच्चों के साथ समय बिताया और उनकी गतिविधियों को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच रक्षाबंधन मनाना उनके लिए सौभाग्य की बात है।</p>
<h2>बच्चों की मुस्कान और स्नेह ने छुआ दिल</h2>
<p>सुमन बहमानी ने कहा कि बच्चे ईश्वर का स्वरूप होते हैं और उनके साथ रक्षाबंधन मनाने का अनुभव बेहद विशेष रहा। उन्होंने बच्चों की मुस्कान, उनके निश्छल प्रेम और स्नेह की सराहना करते हुए कहा कि इस अनुभव ने उन्हें भावुक कर दिया।</p>
<p>उन्होंने बच्चों के साथ काफी समय बिताया और संस्थान में होने वाली विभिन्न गतिविधियों को भी देखा।</p>
<h2>दिव्यांग बच्चों को दया नहीं, सम्मान की जरूरत</h2>
<p>मेयर ने कहा कि दिव्यांग बच्चे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उनके प्रति दया का भाव रखने के बजाय उन्हें सम्मान देना और जीवन में आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बच्चों में अनेक प्रतिभाएं और क्षमताएं मौजूद होती हैं। जरूरत केवल उन्हें समझने, प्रोत्साहित करने और अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर देने की है।</p>
<h3>आत्मविश्वास बढ़ाने पर दिया जोर</h3>
<p>सुमन बहमानी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और उनका आत्मविश्वास मजबूत हो।</p>
<p>उन्होंने समाज से भी अपील की कि बच्चों की क्षमताओं को पहचानकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक सहयोग दिया जाए।</p>
<h2>उत्थान संस्थान के कार्यों की सराहना</h2>
<p>मेयर ने उत्थान संस्थान की ओर से दिव्यांग बच्चों के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने संस्थान की निदेशक डॉ. अंजू बाजपेयी और डॉ. प्रमोद बाजपेयी के प्रयासों को सराहा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संस्थान बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ संस्कार, आत्मनिर्भरता और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।</p>
<h2>ऐसे संस्थान बढ़ाते हैं संवेदनशीलता और मानवता</h2>
<p>मेयर ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए काम करने वाले संस्थान समाज में संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमताओं के आधार पर आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ सकें।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>यमुनानगर की मेयर सुमन बहमानी ने उत्थान संस्थान में रक्षाबंधन मनाया।</li>
<li>दिव्यांग बच्चों ने मेयर को राखी बांधी।</li>
<li>कार्यक्रम में प्रेम, सम्मान और समानता का संदेश दिया गया।</li>
<li>मेयर ने दिव्यांग बच्चों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।</li>
<li>उन्होंने कहा कि बच्चों को दया नहीं, सम्मान और प्रोत्साहन की जरूरत है।</li>
<li>मेयर ने बच्चों की प्रतिभा और क्षमताओं की सराहना की।</li>
<li>डॉ. अंजू बाजपेयी और डॉ. प्रमोद बाजपेयी के कार्यों की प्रशंसा की गई।</li>
<li>मेयर ने बच्चों के साथ समय बिताया और उनकी गतिविधियों का अवलोकन किया।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. यमुनानगर की मेयर ने रक्षाबंधन कहां मनाया?</h3>
<p>मेयर सुमन बहमानी ने यमुनानगर स्थित उत्थान संस्थान में दिव्यांग बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया।</p>
<h3>Q2. कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने क्या किया?</h3>
<p>दिव्यांग बच्चों ने मेयर सुमन बहमानी को राखी बांधी और उनके साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।</p>
<h3>Q3. मेयर ने दिव्यांग बच्चों के लिए क्या संदेश दिया?</h3>
<p>उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को दया की नजर से नहीं देखना चाहिए, बल्कि उन्हें सम्मान, प्रोत्साहन और समान अवसर मिलने चाहिए।</p>
<h3>Q4. उत्थान संस्थान में बच्चों के लिए क्या कार्य किए जा रहे हैं?</h3>
<p>मेयर के अनुसार संस्थान बच्चों को शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने का प्रयास कर रहा है।</p>
<h3>Q5. मेयर ने संस्थान के किन लोगों की सराहना की?</h3>
<p>मेयर ने उत्थान संस्थान की निदेशक डॉ. अंजू बाजपेयी और डॉ. प्रमोद बाजपेयी के कार्यों की प्रशंसा की।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>यमुनानगर के उत्थान संस्थान में दिव्यांग बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाकर मेयर सुमन बहमानी ने समाज को समानता, सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिव्यांग बच्चों की प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने की जरूरत है। ऐसे प्रयास न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में मानवता और समावेशिता की भावना को भी मजबूत करते हैं।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1100.png" alt="Screenshot_1100" width="1182" height="610"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/mayor-suman-bahmani-celebrated-rakshabandhan-with-disabled-children-in-yamunanagar/article-12965</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 10:30:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करनाल में 1509 बासमती ने किसानों को दिया शानदार मुनाफा, मंडियों में 3,900 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">करनाल में पूसा बासमती 1509 की कटाई शुरू होने के साथ किसानों ने अपनी उपज मंडियों में पहुंचानी शुरू कर दी है। मौजूदा समय में इस किस्म को 3,900 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक के अच्छे दाम मिल रहे हैं।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/in-karnal-1509-basmati-gave-great-profit-to-the-farmers/article-12964"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1099.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">करनाल: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सप्ताह से जल्दी बोई गई पूसा बासमती 1509 किस्म की अच्छी आवक और बेहतर कीमत मिलने के बाद अब हरियाणा के करनाल जिले में भी किसानों ने अपनी फसल मंडियों में पहुंचानी शुरू कर दी है। क्षेत्र में धान की कटाई तेज होने के साथ मंडियों में पूसा बासमती 1509 की आवक लगातार बढ़ रही है।</p>
<p>मौजूदा समय में किसानों को इस बासमती किस्म के लिए 3,900 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिल रहा है। बेहतर बाजार कीमतों के कारण किसानों में उत्साह देखा जा रहा है।</p>
<h2>पिछले महीने की तुलना में भी बेहतर हुए दाम</h2>
<p>पिछले महीने पूसा बासमती 1509 का बाजार भाव करीब 3,200 से 3,900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा था। अब कीमत बढ़कर 3,900 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।</p>
<p>इस तरह कटाई और आवक बढ़ने के बावजूद किसानों को अपनी फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं।</p>
<h2>पिछले साल से करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा भाव</h2>
<p>मौजूदा कीमतें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक हैं। पिछले साल इसी समय पूसा बासमती 1509 की कीमत करीब 2,000 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल थी।</p>
<p>इस वर्ष किसानों को पिछले साल की तुलना में लगभग 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक अधिक दाम मिलने की स्थिति बनी हुई है, जिससे बासमती उत्पादक किसानों को बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2>करनाल जिले की मंडियों में आवक में बड़ी बढ़ोतरी</h2>
<p>हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के आंकड़ों के अनुसार करनाल जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में पूसा बासमती 1509 की आवक पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।</p>
<p>अब तक जिले की अलग-अलग मंडियों में करीब 91,214 मीट्रिक टन पूसा 1509 पहुंच चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 60,199 मीट्रिक टन था।</p>
<h3>करनाल अनाज मंडी में सबसे ज्यादा आवक</h3>
<p>करनाल अनाज मंडी में अब तक पूसा बासमती 1509 की सबसे अधिक आवक दर्ज की गई है। यहां करीब 69,994 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है।</p>
<p>पिछले वर्ष इसी अवधि में करनाल अनाज मंडी में 41,808 मीट्रिक टन आवक दर्ज की गई थी।</p>
<h2>घरौंडा और तरावड़ी मंडियों में भी बढ़ी आवक</h2>
<p>घरौंडा अनाज मंडी में अब तक लगभग 6,643 मीट्रिक टन पूसा बासमती 1509 की आवक हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 6,197 मीट्रिक टन थी।</p>
<p>वहीं, तरावड़ी अनाज मंडी में इस किस्म की करीब 3,161 मीट्रिक टन आवक दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि में यहां 2,695 मीट्रिक टन धान पहुंचा था।</p>
<h2>निर्यात के लिए महत्वपूर्ण हैं बासमती की ये किस्में</h2>
<p>बासमती धान की कई प्रमुख किस्मों की खेती मुख्य रूप से निर्यात बाजार को ध्यान में रखकर की जाती है। पूसा बासमती 1121, पूसा बासमती 1509 और CSR-30 अपनी खुशबू और गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं।</p>
<p>पूसा बासमती 1509 की बेहतर कीमत किसानों के लिए इस सीजन में महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब उत्पादन लागत और कृषि संबंधी खर्च लगातार बढ़ रहे हैं।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>करनाल में पूसा बासमती 1509 की कटाई के साथ मंडियों में आवक बढ़ी।</li>
<li>किसानों को वर्तमान में 3,900 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है।</li>
<li>पिछले महीने कीमत 3,200 से 3,900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच थी।</li>
<li>पिछले साल इसी अवधि में कीमत 2,000 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल थी।</li>
<li>मौजूदा भाव पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक अधिक है।</li>
<li>करनाल जिले की मंडियों में अब तक 91,214 मीट्रिक टन पूसा 1509 की आवक हुई।</li>
<li>पिछले साल इसी अवधि में आवक 60,199 मीट्रिक टन थी।</li>
<li>करनाल अनाज मंडी में सबसे अधिक 69,994 मीट्रिक टन आवक दर्ज की गई।</li>
<li>घरौंडा में 6,643 मीट्रिक टन और तरावड़ी में 3,161 मीट्रिक टन आवक हुई।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. करनाल में पूसा बासमती 1509 का वर्तमान भाव कितना है?</h3>
<p>मौजूदा समय में पूसा बासमती 1509 को 3,900 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिल रहा है।</p>
<h3>Q2. पिछले साल पूसा बासमती 1509 की कीमत कितनी थी?</h3>
<p>पिछले वर्ष इसी अवधि में यह किस्म करीब 2,000 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रही थी।</p>
<h3>Q3. करनाल जिले में पूसा 1509 की कुल आवक कितनी हुई है?</h3>
<p>HSAMB के आंकड़ों के अनुसार अब तक करनाल जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में करीब 91,214 मीट्रिक टन पूसा बासमती 1509 पहुंच चुकी है।</p>
<h3>Q4. सबसे अधिक आवक किस मंडी में हुई है?</h3>
<p>करनाल अनाज मंडी में सबसे अधिक करीब 69,994 मीट्रिक टन पूसा बासमती 1509 की आवक दर्ज की गई है।</p>
<h3>Q5. बासमती की कौन-कौन सी प्रमुख किस्में निर्यात के लिए जानी जाती हैं?</h3>
<p>पूसा बासमती 1121, पूसा बासमती 1509 और CSR-30 जैसी किस्में अपनी गुणवत्ता और खुशबू के कारण प्रमुख रूप से निर्यात बाजार के लिए जानी जाती हैं।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>करनाल में पूसा बासमती 1509 की बढ़ती आवक के साथ किसानों को अच्छे बाजार भाव मिल रहे हैं। वर्तमान कीमतें पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक हैं, जबकि मंडियों में आवक भी बढ़ी है। 3,900 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव से किसानों को इस सीजन में बेहतर आर्थिक रिटर्न मिलने की उम्मीद है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1099.png" alt="Screenshot_1099" width="971" height="610"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 09:30:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल बाढ़ के बाद लापता या संपर्क से बाहर गुरुग्राम निवासियों की तलाश तेज, जिला प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">नेपाल में आई बाढ़ के बाद गुरुग्राम के ऐसे निवासियों की तलाश के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जो लापता हैं या जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने परिजनों, मित्रों और अन्य लोगों से संबंधित जानकारी तत्काल साझा करने की अपील की है।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/search-for-gurugram-residents-missing-or-uncontactable-after-nepal-floods/article-12963"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1098.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">गुरुग्राम: नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बाद गुरुग्राम जिला प्रशासन ने उन स्थानीय निवासियों की जानकारी जुटाने के लिए पहल शुरू की है, जो वहां लापता हैं या जिनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने ऐसे लोगों के संबंध में सूचना एकत्र करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।</p>
<p>जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें नेपाल में मौजूद किसी गुरुग्राम निवासी के लापता होने या संपर्क से बाहर होने की जानकारी है तो वे इसे तत्काल संबंधित अधिकारियों के साथ साझा करें।</p>
<h2>लापता लोगों की तलाश और परिवारों को सहायता देने पर जोर</h2>
<p>प्रशासन का कहना है कि समय पर जानकारी मिलने से लापता लोगों की तलाश की प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्रवाई की जा सकेगी।</p>
<p>जिला प्रशासन ने कहा कि परिजन, परिचित, मित्र या अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त जानकारी उपयोगी हो सकती है और इसे प्रशासन तक पहुंचाया जाना चाहिए।</p>
<h2>आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने की सूचना साझा करने की अपील</h2>
<p>गुरुग्राम के उपायुक्त और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष उत्तम सिंह ने लोगों से अपील की है कि नेपाल में बाढ़ के बाद यदि किसी गुरुग्राम निवासी के लापता होने या उससे संपर्क न हो पाने की कोई जानकारी मिलती है तो प्रशासन को इसकी सूचना दें।</p>
<p>प्रशासन का उद्देश्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित लोगों का पता लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है।</p>
<h3>परिवार, दोस्त और परिचित दे सकते हैं जानकारी</h3>
<p>प्रशासन के अनुसार लापता या संपर्क से बाहर लोगों की जानकारी उनके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, मित्र, परिचित या अन्य किसी भी विश्वसनीय स्रोत के माध्यम से साझा की जा सकती है।</p>
<p>ऐसी जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>नेपाल में बाढ़ के बाद गुरुग्राम प्रशासन ने लापता लोगों की जानकारी जुटाने की पहल की।</li>
<li>लापता या संपर्क से बाहर गुरुग्राम निवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया।</li>
<li>प्रशासन ने लोगों से संबंधित जानकारी तत्काल साझा करने की अपील की।</li>
<li>परिजन, मित्र और परिचित भी प्रशासन को सूचना दे सकते हैं।</li>
<li>समय पर सूचना मिलने से लापता लोगों की तलाश में तेजी लाने का उद्देश्य है।</li>
<li>जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है।</li>
<li>डीसी उत्तम सिंह ने नागरिकों से सहयोग की अपील की।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. गुरुग्राम प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर क्यों जारी किया है?</h3>
<p>नेपाल में बाढ़ के बाद उन गुरुग्राम निवासियों की जानकारी जुटाने के लिए हेल्पलाइन जारी की गई है, जो लापता हैं या जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।</p>
<h3>Q2. प्रशासन को कौन जानकारी दे सकता है?</h3>
<p>लापता व्यक्ति के परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, मित्र, परिचित या अन्य किसी भी विश्वसनीय माध्यम से जानकारी प्रशासन को दी जा सकती है।</p>
<h3>Q3. सूचना मिलने के बाद प्रशासन का उद्देश्य क्या है?</h3>
<p>प्रशासन का उद्देश्य लापता लोगों की तलाश की प्रक्रिया को तेज करना और आवश्यकता पड़ने पर उनके परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।</p>
<h3>Q4. किन लोगों के संबंध में जानकारी मांगी गई है?</h3>
<p>नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बाद लापता या संपर्क से बाहर हुए गुरुग्राम के निवासियों के संबंध में जानकारी मांगी गई है।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>नेपाल में बाढ़ के बाद गुरुग्राम के निवासियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सक्रिय कदम उठाया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के लापता होने या संपर्क से बाहर होने की जानकारी हो तो उसे तुरंत साझा करें। इससे संबंधित व्यक्ति की तलाश और परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1098.png" alt="Screenshot_1098" width="841" height="531"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/search-for-gurugram-residents-missing-or-uncontactable-after-nepal-floods/article-12963</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 08:30:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंचकूला में ‘नाइट हॉल्ट’ कार्यक्रम के दौरान DC ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंचकूला के पिंजौर ब्लॉक के चारनिया गांव में आयोजित ‘नाइट हॉल्ट’ कार्यक्रम में उपायुक्त सतपाल शर्मा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों को शिकायतों का तय समय में समाधान करने के निर्देश दिए।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/during-the-night-halt-program-in-panchkula-dc-listened-to/article-12962"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1097.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">पंचकूला: हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके घर-द्वार पर करने की पहल के तहत पंचकूला के पिंजौर ब्लॉक के चारनिया गांव में ‘नाइट हॉल्ट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुवार रात सरकारी हाई स्कूल, चारनिया में हुए कार्यक्रम में उपायुक्त सतपाल शर्मा ने ग्रामीणों की शिकायतें और मांगें सुनीं।</p>
<p>डीसी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इनमें रिटेनिंग वॉल, पेयजल पाइपलाइन, ट्यूबवेल, सड़क मरम्मत, बिजली ट्रांसफार्मर, कच्चे रास्तों को पक्का करना, जल निकासी और स्वच्छता से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।</p>
<h2>11 केवी हाईटेंशन लाइन हटाने के निर्देश</h2>
<p>चारनिया के ग्रामीणों ने गांव में 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से यह लाइन जोखिम पैदा कर रही है।</p>
<p>शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीसी सतपाल शर्मा ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने और बिजली लाइन को बदलने के निर्देश दिए।</p>
<h2>अतिरिक्त ट्यूबवेल जल्द होगा चालू</h2>
<p>ग्रामीणों ने गांव में स्थापित अतिरिक्त ट्यूबवेल के पूरी तरह काम नहीं करने की समस्या भी डीसी के सामने रखी। इस पर उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को ट्यूबवेल को जल्द से जल्द पूरी तरह चालू कराने के निर्देश दिए।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन तीन से चार दिन के भीतर उपलब्ध करा दिया जाएगा और इसे 10 सितंबर तक पूरी तरह कार्यशील बनाने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<h3>सरकारी स्कूल में सफाईकर्मी-सह-चौकीदार की तैनाती</h3>
<p>डीसी ने सरकारी स्कूल में सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए एक सफाईकर्मी-सह-चौकीदार तैनात करने के निर्देश भी दिए।</p>
<p>इसके अलावा गांव की नाली की खराब स्थिति को लेकर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पूर्व सरपंच ने बताया कि यह नाली पूरे गांव के गंदे पानी की निकासी का मुख्य माध्यम है, लेकिन मानसून के दौरान इसके ओवरफ्लो होने से पानी सड़कों पर फैल जाता है।</p>
<h2>100 गज के प्लॉटों तक सड़क बनाने के निर्देश</h2>
<p>ग्रामीणों ने राज्य सरकार की ओर से आवंटित 100 वर्ग गज के प्लॉटों तक पहुंचने वाली सड़क को पक्का करने की मांग भी रखी।</p>
<p>डीसी ने पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को इन प्लॉटों तक आने-जाने में परेशानी न हो।</p>
<h2>LPG सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति पर भी संज्ञान</h2>
<p>ग्रामीणों ने रसोई गैस सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति की शिकायत भी की। इस पर डीसी ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को गैस एजेंसी के साथ समन्वय कर सिलेंडर वितरण का निर्धारित शेड्यूल तय करने के निर्देश दिए।</p>
<p>इससे ग्रामीणों को समय पर LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<h2>करनपुर में जलभराव की समस्या का होगा निरीक्षण</h2>
<p>करनपुर के निवासियों ने मानसून के दौरान अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था के कारण होने वाले जलभराव की समस्या उठाई।</p>
<p>डीसी सतपाल शर्मा ने पिंजौर के BDPO को मौके का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।</p>
<h2>गोरखनाथ में टूटा बांध बना परेशानी का कारण</h2>
<p>गोरखनाथ गांव के ग्रामीणों ने बारिश के दौरान खेतों में पानी भरने की समस्या बताई। ग्रामीणों के अनुसार गांव में एक बांध क्षतिग्रस्त और जर्जर अवस्था में है, जिसके टूटे हिस्से से बारिश का पानी कृषि भूमि में पहुंच जाता है।</p>
<p>डीसी ने BDPO के साथ कृषि और पंचायती राज विभाग के SDOs को मौके का निरीक्षण करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।</p>
<h3>पपलोहा में स्टेडियम की दीवार की मरम्मत होगी</h3>
<p>पपलोहा गांव के ग्रामीणों ने खेल स्टेडियम की सीमा दीवार की मरम्मत की मांग रखी। डीसी ने लोक निर्माण विभाग को जिला खेल अधिकारी के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने और मरम्मत का अनुमान तैयार करने के निर्देश दिए।</p>
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>पंचकूला के चारनिया गांव में ‘नाइट हॉल्ट’ कार्यक्रम आयोजित हुआ।</li>
<li>DC सतपाल शर्मा ने ग्रामीणों की समस्याएं सीधे सुनीं।</li>
<li>11 केवी हाईटेंशन लाइन का निरीक्षण कर उसे बदलने के निर्देश दिए गए।</li>
<li>अतिरिक्त ट्यूबवेल का बिजली कनेक्शन 3-4 दिन में देने की बात कही गई।</li>
<li>ट्यूबवेल को 10 सितंबर तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया।</li>
<li>सरकारी स्कूल में सफाईकर्मी-सह-चौकीदार तैनात करने के निर्देश दिए गए।</li>
<li>गांव की जल निकासी और नाली की समस्या के समाधान के आदेश दिए गए।</li>
<li>100 वर्ग गज के प्लॉटों तक पहुंचने वाली सड़क को पक्का करने के निर्देश दिए गए।</li>
<li>LPG सिलेंडर की नियमित आपूर्ति के लिए वितरण शेड्यूल तय करने को कहा गया।</li>
<li>करनपुर में जलभराव और गोरखनाथ में टूटे बांध की समस्या पर निरीक्षण के आदेश दिए गए।</li>
<li>पपलोहा के खेल स्टेडियम की सीमा दीवार की मरम्मत के लिए अनुमान तैयार करने को कहा गया।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. पंचकूला में ‘नाइट हॉल्ट’ कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?</h3>
<p>कार्यक्रम पिंजौर ब्लॉक के चारनिया गांव स्थित सरकारी हाई स्कूल में आयोजित किया गया।</p>
<h3>Q2. कार्यक्रम में ग्रामीणों ने किन समस्याओं को उठाया?</h3>
<p>ग्रामीणों ने पेयजल, ट्यूबवेल, सड़क, बिजली लाइन, जल निकासी, जलभराव, स्वच्छता, LPG आपूर्ति और खेल स्टेडियम की सीमा दीवार समेत कई समस्याएं उठाईं।</p>
<h3>Q3. चारनिया की हाईटेंशन लाइन को लेकर क्या निर्देश दिए गए?</h3>
<p>ग्रामीणों की सुरक्षा चिंता को देखते हुए डीसी ने UHBVN अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर 11 केवी बिजली लाइन को बदलने के निर्देश दिए।</p>
<h3>Q4. चारनिया का अतिरिक्त ट्यूबवेल कब तक चालू होगा?</h3>
<p>अधिकारियों के अनुसार बिजली कनेक्शन तीन से चार दिन में उपलब्ध कराया जाएगा और ट्यूबवेल को 10 सितंबर तक पूरी तरह कार्यशील करने का लक्ष्य है।</p>
<h3>Q5. करनपुर में जलभराव की समस्या पर क्या कार्रवाई होगी?</h3>
<p>डीसी ने पिंजौर के BDPO को मौके का निरीक्षण करने और जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>चारनिया में आयोजित ‘नाइट हॉल्ट’ कार्यक्रम के जरिए प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनकर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। बिजली, पेयजल और जल निकासी से लेकर सड़क, स्वच्छता और LPG आपूर्ति तक कई स्थानीय मुद्दों पर मौके से ही अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। अब इन निर्देशों के अमल और तय समयसीमा में समस्याओं के समाधान पर ग्रामीणों की नजर रहेगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1097.png" alt="Screenshot_1097" width="701" height="617"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/during-the-night-halt-program-in-panchkula-dc-listened-to/article-12962</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 07:30:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रोहतक MDU में छात्र पर हमले के बाद सख्ती, शाम 5 बजे के बाद बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रोहतक की महार्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में एक युवक पर हुए कथित हमले के बाद कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अब शाम 5 बजे से सुबह 8 बजे तक बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।</p>
<h2> </h2>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/strict-ban-on-entry-of-outside-vehicles-after-5-pm/article-12961"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1096.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रोहतक: महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक में एक युवक पर हुए कथित brutal assault के एक दिन बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। विश्वविद्यालय ने कामकाजी समय के बाद बाहरी वाहनों के परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।</p>
<p>सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए वरिष्ठ विश्वविद्यालय अधिकारियों की बैठक के बाद गुरुवार को इस संबंध में सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया। नए नियमों का उद्देश्य बाहरी लोगों की अनधिकृत आवाजाही को नियंत्रित करना और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है।</p>
<h2>शाम 5 बजे के बाद बाहरी वाहनों पर रोक</h2>
<p>विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिस के अनुसार शाम 5 बजे से सुबह 8 बजे तक कैंपस में केवल निर्धारित श्रेणी के वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी।</p>
<p>इस अवधि में विश्वविद्यालय कर्मचारियों, कैंपस में रहने वाले लोगों और उनके रिश्तेदारों तथा वैध हॉस्टल निवासियों से संबंधित वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा।</p>
<p>अन्य बाहरी वाहनों को इस समयावधि में परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।</p>
<h3>आगंतुकों के लिए नया नियम</h3>
<p>कामकाजी घंटों के दौरान आधिकारिक कार्य से विश्वविद्यालय आने वाले आगंतुकों के लिए भी सुरक्षा नियम कड़े किए गए हैं। ऐसे लोगों को कैंपस के प्रवेश द्वार पर अपना ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) सुरक्षा कर्मियों के पास जमा करना होगा।</p>
<p>दस्तावेज आगंतुक को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलते समय वापस किया जाएगा।</p>
<h2>कैंपस में हमले के बाद बढ़ी चिंता</h2>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन का यह फैसला कैंपस में एक युवक पर समूह द्वारा किए गए कथित गंभीर हमले के बाद आया है। घटना को लेकर विभिन्न स्तरों पर चिंता और आलोचना सामने आई है।</p>
<p>इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और बाहरी वाहनों तथा आगंतुकों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नए उपाय लागू किए।</p>
<h2>सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर जोर</h2>
<p>नए नियमों के तहत सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। प्रवेश द्वार पर आने वाले आगंतुकों और वाहनों की निगरानी के साथ-साथ निर्धारित समय के बाद बाहरी वाहनों को रोकने की व्यवस्था की जाएगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन का फोकस कैंपस में अनधिकृत प्रवेश को सीमित करने और छात्रों, कर्मचारियों तथा अन्य कैंपस निवासियों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखने पर है।</p>
<h3>Key Highlights:</h3>
<ul>
<li>MDU रोहतक में युवक पर कथित हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई।</li>
<li>शाम 5 बजे से सुबह 8 बजे तक बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी।</li>
<li>विश्वविद्यालय कर्मचारियों के वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी।</li>
<li>कैंपस निवासियों और उनके रिश्तेदारों के वाहनों को भी अनुमति दी जाएगी।</li>
<li>वैध हॉस्टल निवासियों के वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा।</li>
<li>आधिकारिक काम से आने वाले आगंतुकों को ड्राइविंग लाइसेंस या RC जमा करनी होगी।</li>
<li>दस्तावेज कैंपस से बाहर निकलते समय वापस किया जाएगा।</li>
<li>सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद गुरुवार को सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया।</li>
</ul>
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1. MDU रोहतक में बाहरी वाहनों पर रोक कब से रहेगी?</h3>
<p>नए नियम के अनुसार शाम 5 बजे से सुबह 8 बजे तक बाहरी वाहनों को कैंपस में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।</p>
<h3>Q2. किन वाहनों को शाम 5 बजे के बाद प्रवेश की अनुमति होगी?</h3>
<p>विश्वविद्यालय कर्मचारियों, कैंपस निवासियों और उनके रिश्तेदारों तथा वैध हॉस्टल निवासियों से संबंधित वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी।</p>
<h3>Q3. MDU आने वाले आगंतुकों को क्या करना होगा?</h3>
<p>आधिकारिक काम से आने वाले आगंतुकों को प्रवेश द्वार पर अपना ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन की RC सुरक्षा कर्मियों के पास जमा करनी होगी।</p>
<h3>Q4. जमा किया गया दस्तावेज कब वापस मिलेगा?</h3>
<p>ड्राइविंग लाइसेंस या RC आगंतुक को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलते समय वापस किया जाएगा।</p>
<h3>Q5. विश्वविद्यालय ने सुरक्षा नियम क्यों कड़े किए?</h3>
<p>कैंपस में एक युवक पर हुए कथित गंभीर हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर नए नियम लागू किए।</p>
<h2>Conclusion:</h2>
<p>MDU रोहतक में युवक पर हुए कथित हमले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बाहरी वाहनों और आगंतुकों की आवाजाही पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। शाम 5 बजे से सुबह 8 बजे तक बाहरी वाहनों पर रोक और आगंतुकों के दस्तावेज जमा कराने की व्यवस्था का उद्देश्य परिसर में अनधिकृत प्रवेश को नियंत्रित करना और सुरक्षा बढ़ाना है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1096.png" alt="Screenshot_1096" width="985" height="547"></img></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/strict-ban-on-entry-of-outside-vehicles-after-5-pm/article-12961</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 06:30:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में 15 साल पुराने मर्डर केस में पूर्व INLD विधायक बाली पहलवान समेत 7 दोषी करार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">हरियाणा के मेहम में 15 साल पुराने हत्या मामले में पूर्व INLD विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत सात लोगों को अदालत ने दोषी करार दिया है। यह मामला 2011 में कलानौर अनाज मंडी में हुए खूनी संघर्ष से जुड़ा है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/7-including-former-inld-mla-bali-pehalwan-found-guilty-in/article-12950"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1080.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">हरियाणा के रोहतक जिले में 15 साल पुराने हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की स्थानीय अदालत ने मेहम से दो बार विधायक रह चुके पूर्व INLD विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत सात लोगों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया है।</p>
<p>अदालत ने सभी दोषियों को मोखरा गांव का निवासी बताया है। मामले में सजा की अवधि यानी दोषियों को कितनी सजा दी जाए, इस पर गुरुवार को बहस होगी।</p>
<h2>2011 में कलानौर अनाज मंडी में हुआ था खूनी संघर्ष</h2>
<p>यह मामला मई 2011 का है। उस समय कलानौर की अनाज मंडी में दो गुटों के बीच विवाद के बाद हिंसक झड़प हो गई थी।</p>
<p>झड़प के दौरान निगाना गांव निवासी विष्णु राम को गोली लगी थी। गंभीर रूप से घायल विष्णु राम ने बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इस संघर्ष में कई अन्य लोग भी घायल हुए थे।</p>
<h3>19 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR</h3>
<p>विष्णु राम के एक रिश्तेदार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसमें बाली पहलवान भी आरोपी बनाए गए थे।</p>
<p>आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।</p>
<h2>19 आरोपियों में से 7 को ठहराया गया दोषी</h2>
<p>मामले की लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने बुधवार को सात आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया। दोषियों में पूर्व INLD विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान भी शामिल हैं।</p>
<p>मामले में सुनवाई करीब 15 वर्षों तक चली। इस दौरान कुछ आरोपियों की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य को अदालत ने बरी कर दिया।</p>
<h3>गुरुवार को तय होगी सजा</h3>
<p>अदालत ने दोषसिद्धि का फैसला सुनाने के बाद सजा की अवधि पर बहस के लिए गुरुवार का दिन निर्धारित किया है।</p>
<p>अब अभियोजन और बचाव पक्ष दोषियों को दी जाने वाली सजा की अवधि को लेकर अदालत के सामने अपनी दलीलें रखेंगे। इसके बाद अदालत सजा पर फैसला सुनाएगी।</p>
<h2>लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आया फैसला</h2>
<p>2011 में दर्ज हुए इस मामले में 19 लोगों को आरोपी बनाया गया था। लगभग डेढ़ दशक तक चली कानूनी प्रक्रिया के दौरान मामले में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए।</p>
<p>कुछ आरोपियों की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि अन्य आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त आधार नहीं मिलने पर बरी कर दिया। अंततः सात आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया।</p>
<h2>बाली पहलवान की राजनीतिक पृष्ठभूमि</h2>
<p>दोषी ठहराए गए बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान मेहम विधानसभा क्षेत्र से दो बार INLD विधायक रह चुके हैं। उनके खिलाफ यह मामला वर्ष 2011 में दर्ज हुआ था।</p>
<p>अदालत के बुधवार के फैसले के बाद अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण सजा की घोषणा का होगा।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>15 साल पुराने हत्या मामले में अदालत का फैसला आया।</li>
<li>पूर्व INLD विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान दोषी करार।</li>
<li>बाली पहलवान समेत कुल सात लोगों को दोषी ठहराया गया।</li>
<li>सभी दोषी मोखरा गांव के निवासी बताए गए हैं।</li>
<li>मामला मई 2011 में कलानौर अनाज मंडी में हुई झड़प से जुड़ा है।</li>
<li>हिंसा के दौरान निगाना निवासी विष्णु राम को गोली लगी थी।</li>
<li>बाद में विष्णु राम की मौत हो गई थी।</li>
<li>पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।</li>
<li>आरोप हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत लगाए गए थे।</li>
<li>सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों की मौत हो गई और कुछ बरी हुए।</li>
<li>गुरुवार को अदालत सजा की अवधि पर दलीलें सुनेगी।</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>सवाल: बाली पहलवान कौन हैं?</p>
<p>बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान हरियाणा के मेहम विधानसभा क्षेत्र से दो बार INLD विधायक रह चुके हैं।</p>
<p>सवाल: अदालत ने बाली पहलवान को किस मामले में दोषी ठहराया?</p>
<p>उन्हें मई 2011 में कलानौर अनाज मंडी में हुई हिंसक झड़प के दौरान हुई विष्णु राम की हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया है।</p>
<p>सवाल: इस मामले में कितने लोग दोषी ठहराए गए हैं?</p>
<p>अदालत ने पूर्व विधायक बाली पहलवान समेत कुल सात आरोपियों को दोषी करार दिया है।</p>
<p>सवाल: मूल रूप से कितने लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी?</p>
<p>विष्णु राम के रिश्तेदार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।</p>
<p>सवाल: दोषियों को सजा कब सुनाई जाएगी?</p>
<p>अदालत गुरुवार को सजा की अवधि को लेकर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनेगी। इसके बाद सजा पर फैसला सुनाया जाएगा।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>मई 2011 में कलानौर अनाज मंडी में हुई हिंसक झड़प से जुड़े 15 साल पुराने हत्या मामले में अदालत ने पूर्व INLD विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत सात लोगों को दोषी करार दिया है। 19 आरोपियों से शुरू हुए इस मामले में लंबी सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों की मौत हो गई और कुछ को अदालत ने बरी कर दिया। अब गुरुवार को अदालत दोषियों की सजा की अवधि पर सुनवाई करेगी, जिसके बाद मामले में अगला महत्वपूर्ण फैसला सामने आएगा।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1080.png" alt="Screenshot_1080" width="783" height="515"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/7-including-former-inld-mla-bali-pehalwan-found-guilty-in/article-12950</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 13:30:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा के राइस मिलर्स ने CM नायब सैनी से लगाई गुहार, FCI से 6.5 लाख टन लंबित CMR स्वीकार कराने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा के राइस मिलर्स ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से FCI द्वारा पिछले धान खरीद सीजन का लंबित कस्टम-मिल्ड राइस स्वीकार नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया। करीब 6.5 लाख मीट्रिक टन CMR के साथ डिलीवरी की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाने की मांग की गई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/rice-millers-of-haryana-appealed-to-cm-nayab-saini-to/article-12949"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1079.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर पिछले धान खरीद सीजन के लंबित कस्टम-मिल्ड राइस (CMR) को भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया।</p>
<p>एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से केंद्र सरकार के समक्ष इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की, ताकि हरियाणा के राइस मिलर्स का लंबित चावल स्वीकार किया जा सके। मिलर्स के अनुसार, FCI के पास करीब 6.5 लाख मीट्रिक टन CMR की डिलीवरी लंबित है।</p>
<h2>6.5 लाख मीट्रिक टन लंबित CMR स्वीकार करने की मांग</h2>
<p>राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार से बातचीत कर FCI को लंबित कस्टम-मिल्ड राइस स्वीकार करने के लिए आवश्यक निर्देश दिलाने में हस्तक्षेप करें।</p>
<p>मिलर्स का कहना है कि पिछले धान खरीद सीजन का लगभग 6.5 लाख मीट्रिक टन CMR अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है, जिससे मिलिंग उद्योग को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<h3>30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर करने की मांग</h3>
<p>एसोसिएशन ने CMR डिलीवरी की मौजूदा अंतिम तिथि बढ़ाने की भी मांग की है। मिलर्स ने कहा कि डिलीवरी की समय सीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर की जानी चाहिए।</p>
<p>उनका तर्क है कि कई कारणों से मिलिंग और डिलीवरी का काम तय समय के अनुसार पूरा नहीं हो सका, इसलिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाना जरूरी है।</p>
<h2>IPR स्टैक की सीमित उपलब्धता से प्रभावित हुआ काम</h2>
<p>एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ राइस मिलर्स से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि FCI में इम्प्रूव्ड राइस (IPR) के लिए स्टोरेज स्टैक की उपलब्धता कुल खरीदी गई मात्रा के केवल 20 प्रतिशत तक सीमित रही। इसके कारण CMR से संबंधित काम प्रभावित हुआ।</p>
<h3>FRK की कमी के कारण कई बार रुका CMR कार्य</h3>
<p>मिलर्स ने बैठक में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल्स (FRK) की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि पर्याप्त मात्रा में FRK उपलब्ध नहीं होने के कारण कई बार CMR का काम रोकना पड़ा।</p>
<p>इसका सीधा असर चावल की मिलिंग और समय पर डिलीवरी पर पड़ा, जिससे प्रक्रिया में महत्वपूर्ण देरी हुई।</p>
<h2>केवल चार एजेंसियों को टेंडर मिलने से सप्लाई पर असर</h2>
<p>एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा के अनुसार, FRK टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई और टेंडर केवल चार पार्टियों को दिया गया।</p>
<p>उनका कहना है कि सीमित संख्या में आपूर्तिकर्ता होने के कारण समय पर पर्याप्त मात्रा में FRK उपलब्ध नहीं हो पाया। नतीजतन कई अवसरों पर CMR कार्य कई दिनों तक बंद रहा।</p>
<h3>मिलिंग और डिलीवरी में बढ़ती गई देरी</h3>
<p>FRK की कमी और CMR कार्य के बार-बार रुकने से चावल की मिलिंग और उसकी डिलीवरी में देरी हुई।</p>
<p>मिलर्स का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए लंबित CMR डिलीवरी के लिए समय सीमा बढ़ाना जरूरी है, ताकि प्रक्रिया पूरी की जा सके।</p>
<h2>FCI गोदामों में स्टोरेज क्षमता की कमी भी बनी समस्या</h2>
<p>राइस मिलर्स ने FCI के गोदामों में पर्याप्त भंडारण क्षमता उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।</p>
<p>एसोसिएशन के अनुसार, स्टोरेज स्पेस की कमी के कारण मिल किया गया चावल समय पर डिलीवर नहीं किया जा सका।</p>
<h3>गेहूं खरीद के दौरान चावल के लिए कम हुआ स्थान</h3>
<p>मिलर्स ने कहा कि गेहूं खरीद सीजन के दौरान FCI ने गेहूं के भंडारण और डिलीवरी को प्राथमिकता दी। इसके चलते CMR चावल के लिए उपलब्ध स्टोरेज स्पेस पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।</p>
<p>भंडारण क्षमता की कमी को भी लंबित CMR डिलीवरी की बड़ी वजहों में शामिल किया गया।</p>
<h2>पिछले और मौजूदा वर्ष के बोनस का मुद्दा भी उठाया</h2>
<p>प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष पिछले और मौजूदा वर्ष के लंबित बोनस का मामला भी उठाया।</p>
<p>अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि सरकार से बोनस के संबंध में आवश्यक संचार जल्द जारी करने का अनुरोध किया गया है।</p>
<h3>FCI द्वारा CMR स्वीकार न करना मुख्य मुद्दा</h3>
<p>एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उनका सबसे प्रमुख मुद्दा FCI द्वारा लंबित CMR को स्वीकार नहीं किया जाना है।</p>
<p>मिलर्स ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से केंद्र सरकार के स्तर पर हस्तक्षेप करने और FCI को लंबित CMR स्वीकार करने के लिए निर्देश दिलाने की मांग की है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन ने CM नायब सिंह सैनी से मुलाकात की।</li>
<li>पिछले धान खरीद सीजन के लंबित CMR को FCI द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया गया।</li>
<li>करीब 6.5 लाख मीट्रिक टन कस्टम-मिल्ड राइस की डिलीवरी लंबित बताई गई।</li>
<li>CMR डिलीवरी की समय सीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर करने की मांग की गई।</li>
<li>IPR स्टोरेज स्टैक की सीमित उपलब्धता को देरी का एक कारण बताया गया।</li>
<li>FCI में IPR स्टोरेज कुल खरीदी गई मात्रा के करीब 20 प्रतिशत तक सीमित होने की बात कही गई।</li>
<li>FRK की कमी के कारण कई बार CMR कार्य रोकना पड़ा।</li>
<li>FRK टेंडर केवल चार पार्टियों को दिए जाने से आपूर्ति प्रभावित होने का दावा।</li>
<li>FCI गोदामों में स्टोरेज स्पेस की कमी का मुद्दा भी उठाया गया।</li>
<li>पिछले और मौजूदा वर्ष के लंबित बोनस का मामला मुख्यमंत्री के सामने रखा गया।</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>सवाल: हरियाणा के राइस मिलर्स ने मुख्यमंत्री से क्या मांग की है?</p>
<p>राइस मिलर्स ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से केंद्र सरकार के समक्ष हस्तक्षेप कर FCI द्वारा लंबित कस्टम-मिल्ड राइस स्वीकार कराने की मांग की है।</p>
<p>सवाल: कितना CMR लंबित बताया गया है?</p>
<p>एसोसिएशन के अनुसार, करीब 6.5 लाख मीट्रिक टन कस्टम-मिल्ड राइस की डिलीवरी लंबित है।</p>
<p>सवाल: CMR डिलीवरी की समय सीमा बढ़ाने की क्या मांग है?</p>
<p>मिलर्स ने डिलीवरी की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर करने की मांग की है।</p>
<p>सवाल: CMR कार्य में देरी के क्या कारण बताए गए?</p>
<p>एसोसिएशन ने IPR स्टोरेज स्टैक की सीमित उपलब्धता, FRK की कमी, टेंडर प्रक्रिया में देरी और FCI गोदामों में पर्याप्त भंडारण क्षमता नहीं होने को प्रमुख कारण बताया।</p>
<p>सवाल: मिलर्स ने बोनस को लेकर क्या मुद्दा उठाया?</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल ने पिछले और मौजूदा वर्ष के लंबित बोनस का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जल्द आवश्यक संचार जारी करने की मांग की।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>हरियाणा के राइस मिलर्स के सामने लंबित CMR की डिलीवरी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। एसोसिएशन का कहना है कि FRK की कमी, सीमित स्टोरेज क्षमता और FCI द्वारा लंबित चावल स्वीकार नहीं किए जाने से मिलिंग और डिलीवरी प्रक्रिया प्रभावित हुई। अब मिलर्स ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से केंद्र सरकार के स्तर पर हस्तक्षेप की उम्मीद जताई है, ताकि करीब 6.5 लाख मीट्रिक टन लंबित CMR के मुद्दे का समाधान हो सके और डिलीवरी के लिए अतिरिक्त समय मिल सके।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1079.png" alt="Screenshot_1079" width="952" height="611"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/rice-millers-of-haryana-appealed-to-cm-nayab-saini-to/article-12949</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 12:30:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फतेहाबाद में 20 साल बाद कब्जे से मुक्त हुई 9 एकड़ पंचायत भूमि, प्रशासन ने ग्राम पंचायत को सौंपी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">फतेहाबाद के देहमन गांव में प्रशासन ने करीब 9 एकड़ पंचायत भूमि को 20 साल बाद कब्जे से मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान कब्जाधारियों ने स्वेच्छा से जमीन खाली कर दी, जिसके बाद चार एकड़ क्षेत्र में सैकड़ों पौधे भी लगाए गए।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/in-fatehabad-9-acres-of-panchayat-land-freed-from-possession/article-12948"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1078.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">फतेहाबाद जिले के देहमन गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9 एकड़ मूल्यवान पंचायत भूमि को करीब 20 वर्षों बाद कब्जे से मुक्त करा लिया। यह जमीन छह लोगों के कब्जे में थी, जो लंबे समय से इस पर खेती कर रहे थे।</p>
<p>गुरुवार को प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कब्जाधारियों ने जमीन खाली करने और उसे ग्राम पंचायत को सौंपने पर सहमति जता दी। इसके बाद पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कर ली गई।</p>
<h2>छह लोगों के कब्जे में थी पंचायत की करीब 9 एकड़ जमीन</h2>
<p>प्रशासन के अनुसार, देहमन गांव की करीब 9 एकड़ पंचायत भूमि पर छह लोगों का कब्जा था। कब्जाधारी इस जमीन का इस्तेमाल खेती के लिए कर रहे थे।</p>
<p>करीब दो दशकों बाद प्रशासन ने जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की और कब्जाधारियों से पंचायत की संपत्ति वापस सौंपने को कहा।</p>
<h3>कब्जाधारियों ने स्वेच्छा से खाली की जमीन</h3>
<p>प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जमीन खाली करने के लिए कहे जाने के बाद कब्जाधारियों ने पंचायत को जमीन सौंपने पर सहमति दे दी।</p>
<p>इससे कब्जा हटाने की कार्रवाई बिना किसी विवाद के पूरी हो गई और पूरी करीब 9 एकड़ जमीन ग्राम पंचायत के कब्जे में वापस आ गई।</p>
<h2>ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश्वर दास की निगरानी में पहुंची टीम</h2>
<p>कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश्वर दास की निगरानी में मौके पर पहुंची।</p>
<p>टीम में पंचायत विभाग के पटवारी पुनीत सिहाग, ग्राम सचिव जगन कुमार मेडल और सरपंच गीता देवी यादव भी शामिल थीं। कार्रवाई से पहले किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।</p>
<h3>शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई कार्रवाई</h3>
<p>पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अधिकारियों ने कब्जाधारियों से पंचायत भूमि खाली करने की अपील की। कब्जाधारियों की सहमति के बाद जमीन का कब्जा पंचायत को सौंप दिया गया।</p>
<p>इस कारण कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का टकराव नहीं हुआ और प्रशासनिक प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई।</p>
<h2>जमीन खाली होते ही शुरू हुआ पर्यावरण संरक्षण का काम</h2>
<p>पंचायत भूमि कब्जे से मुक्त होने के बाद प्रशासन ने इसके उपयोग की दिशा में भी कदम उठाए। वन विभाग की टीम ने करीब चार एकड़ भूमि पर सैकड़ों पौधे लगाए।</p>
<p>इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र को हरित बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।</p>
<h3>चार एकड़ क्षेत्र में लगाए गए सैकड़ों पौधे</h3>
<p>वन विभाग द्वारा मुक्त कराई गई जमीन के लगभग चार एकड़ हिस्से में पौधारोपण किया गया। सैकड़ों पौधे लगाए जाने से आने वाले समय में क्षेत्र में हरियाली बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>प्रशासन का यह कदम पंचायत भूमि को केवल कब्जे से मुक्त कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसके बेहतर और उपयोगी इस्तेमाल की दिशा में भी कार्रवाई की गई।</p>
<h2>पंचायत की संपत्ति वापस मिलने से ग्रामीणों को लाभ की उम्मीद</h2>
<p>करीब 20 साल बाद पंचायत के कब्जे में वापस आई इस भूमि का इस्तेमाल भविष्य में गांव और स्थानीय समुदाय के विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है।</p>
<p>पंचायत भूमि सार्वजनिक संपत्ति होती है और उसका उपयोग ग्रामीण विकास तथा सामुदायिक हितों के लिए किया जाना महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>फतेहाबाद के देहमन गांव में करीब 9 एकड़ पंचायत भूमि कब्जे से मुक्त कराई गई।</li>
<li>करीब 20 वर्षों से छह लोगों के कब्जे में थी जमीन।</li>
<li>कब्जाधारी जमीन का उपयोग खेती के लिए कर रहे थे।</li>
<li>प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।</li>
<li>कब्जाधारियों ने स्वेच्छा से जमीन खाली करने पर सहमति जताई।</li>
<li>पूरी जमीन ग्राम पंचायत के कब्जे में वापस दे दी गई।</li>
<li>ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश्वर दास की निगरानी में कार्रवाई हुई।</li>
<li>कार्रवाई के बाद करीब चार एकड़ क्षेत्र में सैकड़ों पौधे लगाए गए।</li>
<li>वन विभाग ने पौधारोपण कर भूमि को हरित बनाने की पहल की।</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>सवाल: फतेहाबाद में कितनी पंचायत भूमि कब्जे से मुक्त कराई गई?</p>
<p>देहमन गांव में करीब 9 एकड़ पंचायत भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया।</p>
<p>सवाल: पंचायत भूमि पर कितने लोगों का कब्जा था?</p>
<p>प्रशासन के अनुसार, इस जमीन पर छह लोगों का कब्जा था और वे इसका उपयोग खेती के लिए कर रहे थे।</p>
<p>सवाल: कितने समय बाद पंचायत भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया?</p>
<p>करीब 20 वर्षों बाद इस पंचायत भूमि को कब्जे से मुक्त कराकर ग्राम पंचायत के हवाले किया गया।</p>
<p>सवाल: कार्रवाई के दौरान क्या कब्जाधारियों ने विरोध किया?</p>
<p>मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन कब्जाधारियों ने जमीन खाली करने और पंचायत को सौंपने पर सहमति दे दी, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई।</p>
<p>सवाल: खाली कराई गई जमीन पर आगे क्या कार्रवाई की गई?</p>
<p>जमीन खाली होने के बाद वन विभाग की टीम ने करीब चार एकड़ क्षेत्र में सैकड़ों पौधे लगाए।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>देहमन गांव में करीब 9 एकड़ पंचायत भूमि का 20 साल बाद कब्जे से मुक्त होना प्रशासन और ग्राम पंचायत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कब्जाधारियों की सहमति से कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई और जमीन पंचायत को वापस मिल गई। इसके साथ ही मुक्त कराई गई भूमि के एक हिस्से पर पौधारोपण शुरू कर प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक भूमि के बेहतर उपयोग की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1078.png" alt="Screenshot_1078" width="1180" height="529"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/in-fatehabad-9-acres-of-panchayat-land-freed-from-possession/article-12948</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 11:30:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फतेहाबाद के शिक्षक राज कुमार सुथार को हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025, जिले से एकमात्र चयनित शिक्षक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फतेहाबाद जिले के भूना स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक राज कुमार सुथार का चयन हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए हुआ है। 38 चयनित शिक्षकों में वह फतेहाबाद से एकमात्र शिक्षक हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/fatehabad-teacher-raj-kumar-suthar-has-been-awarded-haryana-state/article-12947"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1077.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">फतेहाबाद जिले के लिए गर्व की खबर है। भूना स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक राज कुमार सुथार का चयन प्रतिष्ठित हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए किया गया है। राज्यभर से चुने गए 38 शिक्षकों में राज कुमार सुथार फतेहाबाद जिले के एकमात्र शिक्षक हैं।</p>
<p>उन्हें नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में किए गए योगदान के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।</p>
<h2>5 सितंबर को चंडीगढ़ में होगा सम्मान समारोह</h2>
<p>राज कुमार सुथार को शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को चंडीगढ़ में हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>उनके चयन को फतेहाबाद जिले और राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भूना के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।</p>
<h2>मैथेमेटिक्स पार्क बनाकर दी शिक्षा को नई दिशा</h2>
<p>राज कुमार सुथार की प्रमुख उपलब्धियों में गणित पार्क का निर्माण शामिल है। इस पार्क में गणित के विभिन्न सिद्धांतों और गतिविधियों को वर्किंग मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।</p>
<p>इस अनूठी पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए गणित जैसे विषय को अधिक सरल, व्यावहारिक और रोचक बनाना है। मॉडल के माध्यम से छात्र गणितीय अवधारणाओं को देखकर और समझकर सीख सकते हैं।</p>
<h3>गणित पार्क के लिए पहले भी मिल चुकी है पहचान</h3>
<p>राज कुमार सुथार की इस पहल को पहले भी सराहना मिल चुकी है। गणित पार्क के निर्माण के लिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी सम्मान और पहचान मिल चुकी है।</p>
<p>उनका यह प्रयास स्कूल शिक्षा में नवाचार और प्रायोगिक शिक्षण को बढ़ावा देने का उदाहरण माना जा रहा है।</p>
<h2>जरूरतमंद विद्यार्थियों की लगातार की मदद</h2>
<p>राज कुमार सुथार ने शिक्षण कार्य के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को किताबें, कॉपियां और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।</p>
<p>इसके अलावा उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कूल समय के बाद भी पढ़ाई में सहयोग दिया।</p>
<h3>बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए लगाई अतिरिक्त कक्षाएं</h3>
<p>बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए राज कुमार सुथार ने नियमित स्कूल समय के बाद अतिरिक्त कक्षाएं भी आयोजित कीं।</p>
<p>उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को कठिन विषयों को बेहतर तरीके से समझने और परीक्षाओं की तैयारी में अतिरिक्त सहायता देना था।</p>
<h2>मॉडल और व्यावहारिक तरीके से बनाया पढ़ाई को आसान</h2>
<p>कक्षा में राज कुमार सुथार ने पारंपरिक शिक्षण पद्धति के बजाय व्यावहारिक तरीके और विभिन्न मॉडल का इस्तेमाल किया। इससे विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को समझना अधिक आसान और दिलचस्प बना।</p>
<p>उनकी शिक्षण पद्धति का फोकस केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विषयों की अवधारणाओं को वास्तविक उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से समझाने पर रहा।</p>
<h2>NSS के जरिए सामाजिक जागरूकता में योगदान</h2>
<p>राज कुमार सुथार ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के माध्यम से भी कई सामाजिक गतिविधियों में योगदान दिया। उन्होंने लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने में भूमिका निभाई।</p>
<p>इसके अलावा साइकिल रैलियों और विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही।</p>
<h3>छात्रों में सेवा भावना विकसित करने पर जोर</h3>
<p>उन्होंने विद्यार्थियों को रक्तदान शिविरों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया। इसके माध्यम से छात्रों में समाज सेवा और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।</p>
<p>उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जिला और राज्य स्तर की कई प्रतियोगिताओं में शीर्ष स्थान हासिल किए हैं।</p>
<h2>स्कूल प्रिंसिपल ने जताया गर्व</h2>
<p>स्कूल के प्रिंसिपल नरेश कुमार शर्मा ने राज कुमार सुथार को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक का हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए चयन पूरे स्कूल के लिए गर्व की बात है।</p>
<p>स्कूल प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि राज कुमार सुथार की उपलब्धियां अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेंगी।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>राज कुमार सुथार का चयन हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए हुआ।</li>
<li>फतेहाबाद जिले से वह एकमात्र चयनित शिक्षक हैं।</li>
<li>राज्यभर से कुल 38 शिक्षकों का चयन किया गया है।</li>
<li>5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर चंडीगढ़ में सम्मानित किया जाएगा।</li>
<li>राज कुमार सुथार भूना के राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक हैं।</li>
<li>उन्होंने विद्यार्थियों के लिए एक अनूठा गणित पार्क तैयार किया।</li>
<li>गणित पार्क में वर्किंग मॉडल के माध्यम से गणितीय अवधारणाएं समझाई जाती हैं।</li>
<li>उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें, कॉपियां और आर्थिक सहायता दी।</li>
<li>बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल समय के बाद अतिरिक्त कक्षाएं लगाईं।</li>
<li>NSS के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और सेवा गतिविधियों में योगदान दिया।</li>
<li>उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने कई जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की।</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>सवाल: राज कुमार सुथार को कौन सा पुरस्कार मिला है?</p>
<p>राज कुमार सुथार का चयन हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए किया गया है।</p>
<p>सवाल: राज कुमार सुथार किस जिले से हैं?</p>
<p>वह फतेहाबाद जिले के भूना स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक हैं।</p>
<p>सवाल: फतेहाबाद से कितने शिक्षकों का चयन हुआ है?</p>
<p>राज कुमार सुथार 38 चयनित शिक्षकों में फतेहाबाद जिले से एकमात्र शिक्षक हैं।</p>
<p>सवाल: राज कुमार सुथार को कब सम्मानित किया जाएगा?</p>
<p>उन्हें 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>सवाल: राज कुमार सुथार की विशेष उपलब्धि क्या है?</p>
<p>उनकी प्रमुख उपलब्धियों में गणित पार्क का निर्माण शामिल है, जिसमें विभिन्न गणितीय सिद्धांतों और गतिविधियों को वर्किंग मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>राज कुमार सुथार का हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए चयन फतेहाबाद जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गणित पार्क जैसे नवाचारपूर्ण शिक्षण प्रयोगों के साथ जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद और सामाजिक सेवा में सक्रिय योगदान ने उनके कार्य को विशेष पहचान दिलाई है। शिक्षक दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों को और अधिक प्रेरणादायक बनाएगा।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1077.png" alt="Screenshot_1077" width="986" height="617"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 10:30:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
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                <title>PGIMS रोहतक की बड़ी पहल: आयुष्मान भारत लाभार्थियों के बाहर होने वाले टेस्ट अब हो सकते हैं मुफ्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>PGIMS रोहतक ने आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को राहत देने के लिए नई पहल शुरू की है। संस्थान में उपलब्ध नहीं होने वाले जरूरी टेस्ट और जांच निजी डायग्नोस्टिक लैब के माध्यम से मुफ्त कराने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/big-initiative-of-pgims-rohtak-tests-conducted-outside-ayushman-bharat/article-12946"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-08/screenshot_1076.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">हरियाणा के प्रमुख चिकित्सा संस्थान PGIMS रोहतक ने आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मरीज हितैषी पहल शुरू की है। संस्थान में कुछ आवश्यक लैब टेस्ट और जांच उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में जाकर अपनी जेब से खर्च करना पड़ता था। अब PGIMS प्रशासन इन जांचों को पात्र लाभार्थियों के लिए निशुल्क उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p>इस पहल के तहत PGIMS रोहतक एक निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने की प्रक्रिया में है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले मरीजों को जरूरी जांचों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।</p>
<h2>PGIMS में उपलब्ध नहीं टेस्ट निजी लैब में कराए जाएंगे</h2>
<p>PGIMS प्रशासन उन लैब टेस्ट और जांचों की सूची तैयार कर रहा है, जो मरीजों के इलाज और बीमारी की पहचान के लिए आवश्यक हैं, लेकिन वर्तमान में संस्थान की जांच सेवाओं के माध्यम से उपलब्ध नहीं हैं।</p>
<p>इसके लिए PGIMS के सभी विभागाध्यक्षों से ऐसे टेस्ट और जांचों की जानकारी मांगी गई है। विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह के भीतर संबंधित सूची जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<h3>मरीजों को निजी लैब में नहीं करना पड़ेगा खर्च</h3>
<p>वर्तमान में जब PGIMS में कोई आवश्यक जांच उपलब्ध नहीं होती है, तो मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक लैब का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है।</p>
<p>नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को ऐसे आवश्यक टेस्ट निजी लैब के माध्यम से निशुल्क उपलब्ध कराने की योजना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मरीजों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2>निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ MoU की तैयारी</h2>
<p>PGIMS रोहतक प्रशासन इस पहल को लागू करने के लिए एक निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ समझौता करने की प्रक्रिया में है। MoU के बाद संस्थान में उपलब्ध नहीं जांचों को संबंधित व्यवस्था के तहत बाहर की लैब से कराया जा सकेगा।</p>
<p>इस कदम का मुख्य उद्देश्य मरीजों को व्यापक और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरी जांच की अनुपलब्धता उनके इलाज में बाधा न बने।</p>
<h3>सभी विभागों से मांगी गई जरूरी जांचों की सूची</h3>
<p>PGIMS प्रशासन ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे उन लैब टेस्ट और जांचों की सूची तैयार करें, जिनकी मरीजों के निदान और उपचार के लिए जरूरत पड़ती है, लेकिन वे वर्तमान में PGIMS में उपलब्ध नहीं हैं।</p>
<p>यह सूची मिलने के बाद प्रशासन यह तय करेगा कि किन जांचों को निजी डायग्नोस्टिक लैब के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<h2>हरियाणा और पड़ोसी राज्यों से पहुंचते हैं मरीज</h2>
<p>PGIMS रोहतक में इलाज के लिए केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में संस्थान में सभी आवश्यक जांच उपलब्ध नहीं होने पर मरीजों को अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>नई पहल से आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को इलाज के दौरान जरूरी जांचों तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2>मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने बताई पहल की जरूरत</h2>
<p>PGIMS के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि मरीजों के निदान और उपचार के लिए कई लैब टेस्ट और जांच जरूरी होती हैं, लेकिन कुछ जांचें वर्तमान में PGIMS में उपलब्ध नहीं हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में मरीजों को निजी लैब में जाकर भुगतान कर जांच करानी पड़ती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए इन जरूरी जांचों को निशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।</p>
<h3>आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मिलेगी राहत</h3>
<p>इस पहल का सबसे बड़ा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र अन्य लाभार्थियों को हो सकता है। महंगी जांचों का खर्च कई मरीजों और उनके परिवारों के लिए इलाज के दौरान एक बड़ी चुनौती बन जाता है।</p>
<p>PGIMS प्रशासन की प्रस्तावित व्यवस्था से ऐसे मरीजों को अतिरिक्त खर्च से राहत मिलने और समय पर जांच के जरिए इलाज को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>PGIMS रोहतक ने आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए मरीज हितैषी पहल शुरू की।</li>
<li>संस्थान में उपलब्ध नहीं कुछ जरूरी टेस्ट और जांच मुफ्त कराने की तैयारी।</li>
<li>PGIMS प्रशासन निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ MoU की प्रक्रिया में।</li>
<li>सभी विभागाध्यक्षों से आवश्यक लेकिन अनुपलब्ध टेस्ट की सूची मांगी गई।</li>
<li>विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह में सूची जमा करने के निर्देश।</li>
<li>वर्तमान में अनुपलब्ध जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब में भुगतान करना पड़ता है।</li>
<li>प्रस्तावित व्यवस्था से आयुष्मान भारत लाभार्थियों को अतिरिक्त खर्च से राहत मिल सकती है।</li>
<li>PGIMS रोहतक में हरियाणा के साथ पड़ोसी राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>सवाल: PGIMS रोहतक ने आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए क्या नई पहल की है?</p>
<p>PGIMS प्रशासन संस्थान में उपलब्ध नहीं कुछ जरूरी लैब टेस्ट और जांचों को पात्र आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए निजी डायग्नोस्टिक लैब के माध्यम से निशुल्क उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p>सवाल: PGIMS किन संस्थानों के साथ समझौता करेगा?</p>
<p>PGIMS प्रशासन प्रस्तावित व्यवस्था के लिए एक निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ MoU करने की प्रक्रिया में है।</p>
<p>सवाल: किन टेस्ट को मुफ्त कराने की योजना है?</p>
<p>उन लैब टेस्ट और जांचों को व्यवस्था में शामिल करने की तैयारी है, जो मरीजों के निदान और उपचार के लिए जरूरी हैं लेकिन वर्तमान में PGIMS की जांच सेवाओं में उपलब्ध नहीं हैं।</p>
<p>सवाल: PGIMS के विभागाध्यक्षों को क्या निर्देश दिए गए हैं?</p>
<p>सभी विभागाध्यक्षों से ऐसे आवश्यक टेस्ट और जांचों की सूची मांगी गई है, जो मरीजों के उपचार के लिए जरूरी हैं लेकिन संस्थान में उपलब्ध नहीं हैं। सूची एक सप्ताह के भीतर जमा करने को कहा गया है।</p>
<p>सवाल: इस पहल से किन मरीजों को फायदा होगा?</p>
<p>प्रस्तावित व्यवस्था का मुख्य लाभ आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्य पात्र श्रेणियों के मरीजों को मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>PGIMS रोहतक की यह प्रस्तावित पहल आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए इलाज को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। संस्थान में उपलब्ध नहीं होने वाले जरूरी टेस्ट के कारण मरीजों को निजी लैब में अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था। निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ MoU की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र मरीजों को इन जांचों का लाभ बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के मिलने की उम्मीद है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-08/screenshot_1076.png" alt="Screenshot_1076" width="872" height="567"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 09:30:35 +0530</pubDate>
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