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                <title>अंतर्राष्ट्रीय - Undekhi Khabar</title>
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                <description>अंतर्राष्ट्रीय RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलिया में विदेशी छात्रों पर सख्ती की तैयारी, One Nation का बड़ा प्रस्ताव: कोर्स छोड़ने पर अपील का अधिकार खत्म करने की योजना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए नई नीति प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत कोर्स छोड़ने वाले छात्रों को अपील का अधिकार नहीं मिलेगा और उन्हें देश छोड़ना पड़ सकता है। यह कदम वीज़ा दुरुपयोग रोकने के लिए बताया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/preparation-for-strictness-on-foreign-students-in-australia-one-nations/article-10949"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-06/screenshot_2309.png" alt=""></a><br /><h3>ऑस्ट्रेलिया में छात्र वीज़ा नियमों को लेकर बड़ा बदलाव प्रस्तावित</h3>
<p>ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े नियमों को और सख्त करने की दिशा में एक नया राजनीतिक प्रस्ताव सामने आया है। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">One Nation</span></span> की ओर से कहा गया है कि जो विदेशी छात्र अपने कोर्स बीच में छोड़ देते हैं, उन्हें अपील का अधिकार नहीं दिया जाएगा और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन करने से पहले देश छोड़ना अनिवार्य होगा।</p>
<p>यह प्रस्ताव पार्टी प्रमुख और सीनेटर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Pauline Hanson</span></span> ने पेश किया है।</p>
<hr />
<h3>वीज़ा दुरुपयोग रोकने का दावा</h3>
<p>पार्टी का कहना है कि यह कदम छात्र वीज़ा प्रणाली के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी है। One Nation का आरोप है कि कई छात्र “कोर्स-हॉपिंग”, ब्रिजिंग वीज़ा और प्रोटेक्शन वीज़ा जैसे विकल्पों का उपयोग करके ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय तक रहने की कोशिश करते हैं।</p>
<p>पार्टी के अनुसार, कुछ अंतरराष्ट्रीय छात्रों का उद्देश्य पढ़ाई नहीं बल्कि काम और आर्थिक अवसरों का लाभ लेना होता है।</p>
<hr />
<h3>रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला</h3>
<p>इस मुद्दे पर हाल ही में जारी एक मीडिया रिलीज में कई आंकड़ों का उल्लेख किया गया, जिनका संदर्भ <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Menzies Research Centre</span></span> की जनवरी 2026 की रिपोर्ट <em>“International Student Course-Hopping: University Complicity and Government Inaction”</em> में भी मिलता है।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रिजिंग वीज़ा पर रहने वाले पूर्व छात्र वीज़ा धारकों की संख्या लगभग 13,000 से बढ़कर 107,000 से अधिक हो गई है।</p>
<hr />
<h3>छात्र वीज़ा नीति पर बढ़ती बहस</h3>
<p>यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली और वीज़ा नियमों को लेकर बहस तेज हो रही है। नीति समर्थकों का कहना है कि इससे सिस्टम की पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे असली छात्रों पर भी असर पड़ सकता है।</p>
<hr />
<h2>Key Highlights:</h2>
<ul>
<li>कोर्स छोड़ने वाले छात्रों को अपील का अधिकार नहीं देने का प्रस्ताव</li>
<li>आगे की पढ़ाई से पहले देश छोड़ना अनिवार्य करने की योजना</li>
<li>One Nation पार्टी ने वीज़ा दुरुपयोग का आरोप लगाया</li>
<li>ब्रिजिंग वीज़ा पर छात्रों की संख्या में तेज बढ़ोतरी का दावा</li>
<li>अंतरराष्ट्रीय शिक्षा नीति पर नई बहस शुरू</li>
</ul>
<hr />
<h2>FAQ Section:</h2>
<h3>Q1: क्या यह नया कानून लागू हो चुका है?</h3>
<p>नहीं, यह अभी केवल One Nation पार्टी का प्रस्ताव है।</p>
<h3>Q2: इस प्रस्ताव का उद्देश्य क्या है?</h3>
<p>छात्र वीज़ा के कथित दुरुपयोग को रोकना और सिस्टम को सख्त बनाना।</p>
<h3>Q3: किन छात्रों पर इसका असर पड़ेगा?</h3>
<p>जो छात्र अपने कोर्स बीच में छोड़ देंगे या वीज़ा नियमों का पालन नहीं करेंगे।</p>
<h3>Q4: क्या सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर असर होगा?</h3>
<p>नहीं, यह केवल नियम उल्लंघन या कोर्स छोड़ने वाले मामलों पर केंद्रित है।</p>
<hr />
<h2>Conclusion:</h2>
<p>ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़ी नीतियों को लेकर एक बार फिर सख्ती की चर्चा तेज हो गई है। One Nation का यह प्रस्ताव लागू होता है या नहीं, यह आने वाले राजनीतिक निर्णयों पर निर्भर करेगा, लेकिन इससे शिक्षा और इमिग्रेशन नीति पर नई बहस जरूर शुरू हो गई है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-06/screenshot_2309.png" alt="Screenshot_2309" width="1170" height="602"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 12:17:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब चार दिवसीय भारत दौरे पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब चार दिन की भारत यात्रा पर पहुंचे हैं। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/finnish-president-alexander-stubb-on-four-day-visit-to-india/article-7883"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-03/screenshot_1737.png" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling">
<p>फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब ने बुधवार को भारत की चार दिवसीय यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश और महत्वपूर्ण तकनीक सहित कई क्षेत्रों में भारत और फ़िनलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है।</p>
<p>राष्ट्रपति स्टब गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे। इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।</p>
<p>भारत रवाना होने से पहले स्टब ने कहा कि यह यात्रा भारत और फ़िनलैंड के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी, खासकर व्यापार के क्षेत्र में।</p>
<p>राष्ट्रपति स्टब गुरुवार शाम आयोजित होने वाले रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।</p>
<p>नई दिल्ली पहुंचने पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत और फ़िनलैंड के बीच संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं और राष्ट्रपति स्टब की यह यात्रा इन संबंधों को नई ऊर्जा देगी।</p>
<p>राष्ट्रपति स्टब के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जिसमें मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारिक नेता शामिल हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब कुछ ही सप्ताह पहले फ़िनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑरपो एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे।</p>
</div>
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<div class="text-center"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-03/screenshot_1737.png" alt="Screenshot_1737" width="964" height="627"></img></div>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 10:45:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत डूबा, अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका के रक्षा मंत्री ने पुष्टि की है कि अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले में ईरान का युद्धपोत IRIS Dena हिंद महासागर में डूब गया। यह हमला श्रीलंका के तट के पास हुआ, जिससे अमेरिका-ईरान-इज़राइल संघर्ष का दायरा भारतीय तट के करीब तक पहुंच गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/confirmation-of-us-submarines-torpedo-attack-sinking-iranian-warship-in/article-7882"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-03/screenshot_1736.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका के रक्षा मंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Pete Hegseth</span></span> ने बुधवार को पुष्टि की कि अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो दागकर ईरान की नौसेना के युद्धपोत <strong>IRIS Dena</strong> को हिंद महासागर में डुबो दिया।</p>
<p>यह हमला <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Indian Ocean</span></span> में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Sri Lanka</span></span> के पश्चिम में हुआ। इस घटना के बाद अमेरिका-ईरान-इज़राइल के बीच जारी तनाव अब भारत के समुद्री क्षेत्र के करीब तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि हमला ईरान से लगभग 4000 किलोमीटर दूर हुआ, जिससे युद्ध का दायरा काफी बढ़ गया है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, ईरानी युद्धपोत <strong>IRIS Dena</strong> भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Exercise Milan</span></span></strong> में भाग लेने के बाद वापस लौट रहा था। यह अभ्यास <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Visakhapatnam</span></span> में आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 74 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था।</p>
<p>हमले के समय जहाज पर करीब 140 नाविक सवार थे, जो फिलहाल लापता बताए जा रहे हैं। श्रीलंका की नौसेना ने जहाज से आए आपातकालीन संदेश के बाद राहत अभियान शुरू किया और अब तक 32 नाविकों को बचाया गया है।</p>
<p>अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि एक ईरानी युद्धपोत, जिसे लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में सुरक्षित है, उसे अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो से डुबो दिया गया। हालांकि उन्होंने आधिकारिक बयान में जहाज का नाम नहीं बताया।</p>
<p>दूसरी ओर, श्रीलंका की नौसेना ने बताया कि आपातकालीन संदेश <strong>IRIS Dena</strong> से आया था, जब जहाज गाले शहर से लगभग 40 किलोमीटर पश्चिम में था।</p>
<p>इससे पहले 16 फरवरी को यह जहाज विशाखापत्तनम बंदरगाह पर आयोजित <strong>Exercise Milan</strong> में शामिल हुआ था, जहां ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, रूस समेत कई देशों के युद्धपोत मौजूद थे।</p>
<p>इसी दौरान ईरान के नौसेना प्रमुख <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Shahram Irani</span></span> ने भारत के नौसेना प्रमुख से मुलाकात कर समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा भी की थी। इस अभ्यास का थीम “United through Oceans” रखा गया था।</p>
<p>ध्यान देने वाली बात यह है कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">USS Pinckney</span></span></strong> भी इस अभ्यास में शामिल होने वाला था, लेकिन 15 फरवरी को उसे सिंगापुर की ओर मोड़ दिया गया और अमेरिका ने इस अभ्यास में अपना जहाज नहीं भेजा।</p>
<p>यह नौसैनिक अभ्यास 25 फरवरी को समाप्त हुआ था। इसके तीन दिन बाद, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Operation Epic Fury</span></span></strong> शुरू किया।</p>
<p>बुधवार सुबह स्थानीय समयानुसार करीब 5:08 बजे <strong>IRIS Dena</strong> ने संकट संदेश भेजा था। इसके बाद श्रीलंका की सरकार ने राहत अभियान शुरू किया।</p>
<p>श्रीलंका के विदेश मंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Vijitha Herath</span></span> ने संसद को बताया कि बचाव अभियान के लिए दो नौसैनिक जहाज और एक विमान भेजा गया। बचाए गए नाविकों को गाले के करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<p>फिलहाल बचाव और जांच अभियान जारी है, जबकि इस घटना ने हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-03/screenshot_1736.png" alt="Screenshot_1736" width="984" height="612"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 10:30:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत–अमेरिका व्यापार समझौते में डेयरी व संवेदनशील कृषि उत्पाद बाहर, निर्यातकों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के तहत <strong>भारतीय डेयरी और संवेदनशील कृषि उत्पादों को समझौते के दायरे से बाहर रखा गया है</strong>, जबकि <strong>40 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के भारतीय उत्पादों को शून्य शुल्क पर पहुंच</strong> मिलेगी। श्रम-प्रधान निर्यात वस्तुओं पर सीमा शुल्क <strong>पहले दिन से 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत</strong> कर दिया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/big-relief-to-exporters-of-dairy-and-sensitive-agricultural-products/article-7010"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-02/screenshot_912.png" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

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<div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling">
<p>राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रंप</strong> द्वारा सोमवार को घोषित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के प्रमुख बिंदुओं को लेकर मंगलवार को सामने आए विवरण के अनुसार, यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इस समझौते में <strong>डेयरी और अन्य संवेदनशील कृषि उत्पादों</strong> को पूरी तरह बाहर रखा गया है, जिससे इन क्षेत्रों को किसी तरह की प्रतिस्पर्धात्मक चोट नहीं लगेगी।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, अमेरिका द्वारा <strong>रूसी तेल खरीदने के कारण भारतीय उत्पादों पर लगाया गया 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क</strong> अगले कुछ दिनों में हटा लिया जाएगा। इसके अलावा, करीब <strong>30 अरब डॉलर मूल्य के श्रम-प्रधान भारतीय उत्पादों</strong> पर लगाया गया <strong>25 प्रतिशत का पारस्परिक (रेसिप्रोकल) शुल्क</strong>, समझौते को औपचारिक रूप से संयुक्त बयान के जरिए लागू किए जाने के कुछ ही दिनों बाद <strong>18 प्रतिशत</strong> कर दिया जाएगा। यह आंकड़े <strong>कैलेंडर वर्ष 2024</strong> के द्विपक्षीय व्यापार डेटा पर आधारित बताए जा रहे हैं।</p>
<p>अब तक भारतीय निर्यातकों को अपने सबसे बड़े बाजार अमेरिका में <strong>बांग्लादेश, कंबोडिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, चीन, मलेशिया और थाईलैंड</strong> जैसे देशों की तुलना में भारी शुल्क नुकसान झेलना पड़ रहा था। जहां इन देशों पर औसतन <strong>19–20 प्रतिशत शुल्क</strong> लगता था, वहीं भारतीय उत्पादों पर <strong>50 प्रतिशत तक शुल्क</strong> वसूला जा रहा था। सूत्रों ने कहा कि नए समझौते के बाद भारतीय निर्यातकों को <strong>1–2 प्रतिशत अंकों का शुल्क लाभ</strong> मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।</p>
<p>केंद्रीय <strong>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल</strong> ने नई दिल्ली में कहा कि इस समझौते में <strong>संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों की पूरी सुरक्षा</strong> सुनिश्चित की गई है, जबकि इससे <strong>श्रम-प्रधान और निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों</strong> को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “<strong>यह ऐसा समझौता है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।</strong>”</p>
<p>वहीं, <strong>अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर</strong> ने एक साक्षात्कार में कहा कि भारत ने अमेरिकी निर्यात पर शुल्क घटाने पर सहमति दी है और भारत के <strong>औद्योगिक उत्पादों पर औसत शुल्क 13.5 प्रतिशत से घटकर शून्य</strong> हो जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने <strong>कृषि उत्पादों के मामले में कुछ संरक्षण बनाए रखा है।</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल भारतीय निर्यातकों को राहत देगा, बल्कि <strong>भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई</strong> पर ले जाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।</p>
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<div class="pointer-events-none h-px w-px absolute bottom-0"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-02/screenshot_912.png" alt="Screenshot_912" width="753" height="418"></img></div>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 13:45:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने कनाडा को दी 50% टैरिफ की धमकी, विमान व्यापार पर छिड़ा नया विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर अमेरिका में बेचे जाने वाले सभी विमानों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी है। यह कदम कनाडा द्वारा अमेरिकी कंपनी गल्फस्ट्रीम के जेट विमानों को प्रमाणित न किए जाने के विरोध में उठाया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/trump-threatens-canada-with-50-tariffs-new-controversy-erupts-over/article-6860"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_779.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कनाडा को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्थिति में तत्काल सुधार नहीं किया गया तो अमेरिका में बेचे जाने वाले सभी कनाडाई विमानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। यह धमकी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ जारी टकराव के बीच दी गई है।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि कनाडा ने सवाना (जॉर्जिया) स्थित गल्फस्ट्रीम एयरोस्पेस द्वारा निर्मित अत्याधुनिक जेट विमानों को प्रमाणन देने से “गलत और अवैध तरीके से” इनकार किया है। इसके जवाब में अमेरिका कनाडा में बने सभी विमानों का प्रमाणन रद्द करेगा, जिसमें देश की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी बॉम्बार्डियर के विमान भी शामिल हैं।</p>
<p>ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा,<br />“कनाडा ने गल्फस्ट्रीम 500, 600, 700 और 800 जेट्स को प्रमाणित करने से गलत, अवैध और हठधर्मी रवैया अपनाते हुए इनकार किया है। ये दुनिया के सबसे बेहतरीन और तकनीकी रूप से उन्नत विमानों में से हैं। इसलिए हम बॉम्बार्डियर ग्लोबल एक्सप्रेस समेत कनाडा में बने सभी विमानों का प्रमाणन रद्द कर रहे हैं, जब तक कि गल्फस्ट्रीम — एक महान अमेरिकी कंपनी — को पूरी तरह प्रमाणित नहीं किया जाता।”</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रमाणन प्रक्रिया के जरिए कनाडा अपने देश में गल्फस्ट्रीम विमानों की बिक्री पर भी प्रभावी रूप से रोक लगा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति तुरंत नहीं बदली, तो अमेरिका में बेचे जाने वाले हर कनाडाई विमान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।</p>
<p>गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब बॉम्बार्डियर और अमेरिका के बीच विवाद सामने आया हो। वर्ष 2017 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने बॉम्बार्डियर के एक यात्री विमान पर यह आरोप लगाते हुए शुल्क लगाया था कि कंपनी अमेरिका में लागत से कम कीमत पर विमान बेच रही है। हालांकि बाद में वाशिंगटन स्थित अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग ने फैसला सुनाया था कि बॉम्बार्डियर से अमेरिकी उद्योग को कोई नुकसान नहीं हुआ है।</p>
<p>नए घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच विमानन और व्यापार संबंधों में और अधिक तनाव की आशंका जताई जा रही है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_779.png" alt="Screenshot_779" width="915" height="596"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 12:15:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका में भारत-चीन संबंधों पर होगी अहम सुनवाई, यूएस-चीन आयोग 17 फरवरी को करेगा सार्वजनिक बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यूएस-चीन इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन 2026 रिपोर्टिंग साइकिल की पहली सार्वजनिक सुनवाई 17 फरवरी को आयोजित करेगा। इसमें भारत-चीन-अमेरिका के बीच बदलते भू-राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक समीकरणों पर चर्चा होगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/important-hearing-on-india-china-relations-will-be-held-in-america/article-6857"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_776.png" alt=""></a><br /><p>यूएस-चीन इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन अगले महीने 17 फरवरी को 2026 रिपोर्टिंग साइकिल की अपनी पहली सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करेगा। यह सुनवाई भारत के अमेरिका और चीन के साथ संबंधों को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक और सैन्य मुद्दों पर केंद्रित होगी।</p>
<p>सुनवाई में चीन के साथ भारत के सीमा तनाव, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री पहुंच और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा, तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक अहम सुरक्षा साझेदार के रूप में भारत की उभरती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।</p>
<p>यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब भारत-चीन संबंधों में सीमित लेकिन संतुलित नरमी देखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इसका संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात वर्षों से अधिक समय बाद बीजिंग यात्रा, पांच साल से बंद हवाई संपर्कों को फिर से शुरू करना और गलवान संघर्ष के बाद चीनी कंपनियों को भारतीय निवेश और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में धीरे-धीरे वापस आने की अनुमति देने जैसे कदमों से मिलता है।</p>
<p>कमीशन के सदस्य भारत-चीन संबंधों के आर्थिक और तकनीकी पहलुओं की भी गहन समीक्षा करेंगे। इसमें द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन जैसे महत्वपूर्ण और उभरते क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता की रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।</p>
<p>अमेरिका इन क्षेत्रों को चीन के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में बेहद अहम मानता है। ऐसे में यह सुनवाई भारत की भूमिका और उसके रणनीतिक संतुलन को लेकर वाशिंगटन के दृष्टिकोण को समझने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_776.png" alt="Screenshot_776" width="681" height="384"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डॉलर के मुकाबले रुपया 92 के स्तर पर पहुंचा, एक हफ्ते में तीसरी बार बनाया नया रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 92 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं सोना और चांदी की कीमतों में छह फीसदी की उछाल दर्ज की गई और दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/rupee-reaches-92-against-dollar-creates-new-record-for-the/article-6825"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_752.png" alt=""></a><br /><p>भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले <strong>92.00</strong> के स्तर पर पहुंच गया, जिससे उसने एक हफ्ते से भी कम समय में <strong>तीसरी बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया</strong>। बुधवार को रुपया <strong>31 पैसे कमजोर होकर 91.99</strong> पर बंद हुआ था।</p>
<p>इससे पहले मंगलवार को रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से संभलते हुए <strong>22 पैसे की मजबूती</strong> के साथ <strong>91.68</strong> पर बंद हुआ था, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी।</p>
<p>इस बीच, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में <strong>सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी</strong> देखने को मिली। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को शुरुआती कारोबार में <strong>सोना और चांदी वायदा दोनों में करीब छह फीसदी की उछाल</strong> दर्ज की गई।</p>
<p>घरेलू बाजार में <strong>सोना वायदा ₹1,75,869 प्रति 10 ग्राम</strong> के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि <strong>चांदी वायदा ₹4,07,456 प्रति किलोग्राम</strong> के अब तक के उच्चतम स्तर पर कारोबार करती दिखी।</p>
<p>समाचार एजेंसी <strong>पीटीआई</strong> ने विश्लेषकों के हवाले से बताया कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी और <strong>यूरोपीय संघ के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA)</strong> के चलते निवेशकों की धारणा को सहारा मिला, जिससे बुधवार को रुपया कुछ हद तक संभल पाया था।</p>
<p>गौरतलब है कि भारत और <strong>यूरोपीय संघ</strong> ने मंगलवार को बहुप्रतीक्षित <strong>फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA)</strong> पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। इस समझौते के तहत <strong>परिधान, रसायन, फुटवियर</strong> समेत कई घरेलू क्षेत्रों को 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के बाजार में <strong>ड्यूटी-फ्री प्रवेश</strong> मिलेगा।</p>
<p>हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखना आने वाले दिनों में रुपये की दिशा तय करेगा, ऐसा बाजार विशेषज्ञों का मानना है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_752.png" alt="Screenshot_752" width="814" height="436"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 13:30:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत और यूरोपीय संघ ने किया ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता: ‘सबसे बड़े सौदे’ की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU नेताओं ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पूर्ण किया, जो दोनों पक्षों के लिए आर्थिक अवसर और वैश्विक नियम आधारित व्यापार संरचना को मजबूत करेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/the-full-text-of-the-agreement-will-be-published-in/article-6790"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_721.png" alt=""></a><br /><p>भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मंगलवार को <strong>ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA)</strong> पूर्ण किया, जिसे दोनों पक्षों ने “सभी सौदों की जननी” बताया। समझौते के साथ ही व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे और नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष <strong>एंटोनियो कोस्टा</strong> और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष <strong>उर्सुला वॉन डेर लेयेन</strong> का स्वागत करते हुए कहा,</p>
<blockquote>
<p>“आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता किया है। यह सौदा हमारे किसानों, लघु उद्योगों और सेवा क्षेत्रों के लिए नई संभावनाएँ खोलेगा।”</p>
</blockquote>
<p><strong>मुख्य बिंदु:</strong></p>
<ul>
<li>
<p>EU भारत के 99% निर्यात पर सात वर्षों में <strong>टैरिफ हटाएगा</strong>, $33 बिलियन के वस्त्र, चमड़ा, जूते, आभूषण जैसे श्रम-सघन उत्पादों पर तुरंत लाभ।</p>
</li>
<li>
<p>भारत EU के 96.6% निर्यात पर <strong>टैरिफ कम करेगा</strong>, जिसमें लगभग 1/3 कटौती तुरंत लागू, शेष पांच से दस वर्षों में चरणबद्ध।</p>
</li>
<li>
<p>भारतीय सेवा कंपनियों को 144 EU उप-क्षेत्रों में बाजार तक पहुँच, जबकि 102 उप-क्षेत्र यूरोपीय प्रदाताओं के लिए खुलेंगे।</p>
</li>
<li>
<p>FTA निवेश, नवाचार साझेदारी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा।</p>
</li>
</ul>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समझौते से <strong>आईटी, पेशेवर सेवाएँ, शिक्षा और व्यवसायिक परामर्श</strong> जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे।</p>
<p>समझौते का पूर्ण पाठ फरवरी मध्य तक प्रकाशित होगा, कानूनी समीक्षा और अनुवाद के बाद औपचारिक रूप से अगस्त में हस्ताक्षर किए जाएंगे।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_721.png" alt="Screenshot_721" width="545" height="301"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 14:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>18 साल बाद भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत और यूरोपीय संघ के बीच वर्षों से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की भूमिका को मजबूती मिलने की उम्मीद है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/the-legal-process-is-in-the-final-stages-likely-to/article-6726"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_665.png" alt=""></a><br /><p>भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर 18 वर्षों से चली आ रही वार्ताएं आखिरकार पूरी हो गई हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि समझौता अंतिम रूप ले चुका है और यह भारत के दृष्टिकोण से संतुलित तथा भविष्य उन्मुख है।</p>
<p>अग्रवाल ने बताया कि समझौते के मसौदे की <strong>कानूनी समीक्षा (लीगल स्क्रबिंग)</strong> की प्रक्रिया जारी है और प्रयास है कि इसे जल्द औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया जाए। संभावना है कि यह समझौता इसी वर्ष साइन होगा और 2026 की शुरुआत में लागू हो सकता है। हालांकि, इसके कार्यान्वयन के लिए यूरोपीय संसद की मंजूरी आवश्यक होगी, जबकि भारत में इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति पर्याप्त होगी।</p>
<p>यह समझौता 2007 में शुरू हुई बातचीत के बाद अस्तित्व में आया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत द्वारा अब तक किया गया “<strong>मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स</strong>” बताया है।</p>
<p>FTA के निष्कर्ष की औपचारिक घोषणा मंगलवार को होने वाले <strong>भारत–EU शिखर सम्मेलन</strong> में किए जाने की संभावना है। इस शिखर बैठक में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करेंगे।</p>
<p>समझौते के तहत भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों—जैसे वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, रसायन और इलेक्ट्रिकल मशीनरी—को यूरोपीय बाजार में <strong>शुल्क-मुक्त पहुंच</strong> मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में EU का भारतीय उत्पादों पर औसत आयात शुल्क 3.8 प्रतिशत है, जबकि कई श्रम-प्रधान उत्पादों पर यह लगभग 10 प्रतिशत तक है।</p>
<p>वहीं भारत की ओर से EU के उत्पादों—विशेषकर ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स, प्लास्टिक और फार्मा उत्पादों—पर आयात शुल्क में चरणबद्ध कटौती का प्रावधान किया गया है। एक FTA के तहत आम तौर पर दोनों पक्ष 90 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क कम या समाप्त करते हैं।</p>
<p>समझौता केवल वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दूरसंचार, परिवहन, लेखांकन और अन्य सेवा क्षेत्रों में व्यापार को उदार बनाने के प्रावधान भी शामिल हैं। इसके अलावा, भारत और EU निवेश संरक्षण तथा भौगोलिक संकेतक (GI) पर अलग समझौतों को लेकर भी बातचीत कर रहे हैं।</p>
<p>यह FTA ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ्स के कारण वैश्विक व्यापार में अस्थिरता देखी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारतीय निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच देने, चीन पर निर्भरता कम करने और व्यापार विविधीकरण में मदद करेगा।</p>
<p>वर्ष 2024–25 में भारत और EU के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा, जिससे EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है। इस दौरान भारत को 15 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार अधिशेष प्राप्त हुआ।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_665.png" alt="Screenshot_665" width="778" height="484"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 07:45:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समुद्र में डूबी 350 से अधिक यात्रियों वाली नाव, 18 शव बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>समुद्र में डूबी 350 से अधिक यात्रियों वाली नाव, 18 शव बरामद</strong></p>
<p>दक्षिणी फिलीपींस में एक दर्दनाक हादसे ने कई साल पहले हुई टाइटैनिक त्रासदी की यादें ताज़ा कर दी हैं। 350 से अधिक लोगों को लेकर जा रही एक नाव अचानक समुद्र में डूब गई। यह हादसा देर रात हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक कम से कम 18 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 316 यात्रियों को बचा लिया गया है। इसके अलावा कई लोग अब भी लापता हैं।</p>
<p>तट रक्षक अधिकारियों के अनुसार, अंतर-द्वीपीय कार्गो और यात्री फेरी <strong>एम/वी त्रिशा क्रिस्टीन-3</strong> बंदरगाह शहर ज़ाम्बोआंगा से सुलु प्रांत के दक्षिणी द्वीप जोलो जा रही थी। फेरी में 332 यात्री और 27 चालक दल के सदस्य सवार थे। स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि फेरी को यांत्रिक समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके बाद वह डूब गई।</p>
<p>बचाए गए यात्रियों में से एक मोहम्मद खान ने बताया कि नाव अचानक एक तरफ झुक गई और उसमें पानी भरने लगा, जिससे लोग अंधेरे समुद्र में गिर गए। खान और उनकी पत्नी अपने छह महीने के बच्चे के साथ यात्रा कर रहे थे। खान और उनकी पत्नी को तो बचा लिया गया, लेकिन उनका बच्चा डूब गया।</p>
<p>कोस्ट गार्ड कमांडर रोमल दुआ ने बताया कि कोस्ट गार्ड और नेवी के जहाज, एक निगरानी पोत, एयर फोर्स का ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और मछली पकड़ने वाली नावों का एक बेड़ा बासिलान के तट से खोज और बचाव अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि नाव के डूबने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और मामले की जांच की जाएगी।</p>
<p>गौरतलब है कि फिलीपींस द्वीप समूह में समुद्री हादसे आम हैं, जिनका कारण अक्सर गंभीर तूफान, नावों की खराब देखभाल, भीड़भाड़ और सुरक्षा नियमों की ढीली पालना होता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/boat-with-more-than-350-passengers-sank-in-sea-18/article-6716"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/de13.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>समुद्र में डूबी 350 से अधिक यात्रियों वाली नाव, 18 शव बरामद</strong></p>
<p>दक्षिणी फिलीपींस में एक दर्दनाक हादसे ने कई साल पहले हुई टाइटैनिक त्रासदी की यादें ताज़ा कर दी हैं। 350 से अधिक लोगों को लेकर जा रही एक नाव अचानक समुद्र में डूब गई। यह हादसा देर रात हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक कम से कम 18 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 316 यात्रियों को बचा लिया गया है। इसके अलावा कई लोग अब भी लापता हैं।</p>
<p>तट रक्षक अधिकारियों के अनुसार, अंतर-द्वीपीय कार्गो और यात्री फेरी <strong>एम/वी त्रिशा क्रिस्टीन-3</strong> बंदरगाह शहर ज़ाम्बोआंगा से सुलु प्रांत के दक्षिणी द्वीप जोलो जा रही थी। फेरी में 332 यात्री और 27 चालक दल के सदस्य सवार थे। स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि फेरी को यांत्रिक समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके बाद वह डूब गई।</p>
<p>बचाए गए यात्रियों में से एक मोहम्मद खान ने बताया कि नाव अचानक एक तरफ झुक गई और उसमें पानी भरने लगा, जिससे लोग अंधेरे समुद्र में गिर गए। खान और उनकी पत्नी अपने छह महीने के बच्चे के साथ यात्रा कर रहे थे। खान और उनकी पत्नी को तो बचा लिया गया, लेकिन उनका बच्चा डूब गया।</p>
<p>कोस्ट गार्ड कमांडर रोमल दुआ ने बताया कि कोस्ट गार्ड और नेवी के जहाज, एक निगरानी पोत, एयर फोर्स का ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और मछली पकड़ने वाली नावों का एक बेड़ा बासिलान के तट से खोज और बचाव अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि नाव के डूबने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और मामले की जांच की जाएगी।</p>
<p>गौरतलब है कि फिलीपींस द्वीप समूह में समुद्री हादसे आम हैं, जिनका कारण अक्सर गंभीर तूफान, नावों की खराब देखभाल, भीड़भाड़ और सुरक्षा नियमों की ढीली पालना होता है।</p>
<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/de13.jpg" alt="समुद्र में डूबी 350 से अधिक यात्रियों वाली नाव, 18 शव बरामद" width="1280" height="720"></img>
समुद्र में डूबी 350 से अधिक यात्रियों वाली नाव, 18 शव बरामद
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 16:25:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harwinder Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुला दा सिल्वा से की फोन पर बातचीत, भारत-ब्राजील साझेदारी को बताया ‘मजबूत’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री <strong>नरेन्द्र मोदी</strong> ने गुरुवार को ब्राजील के राष्ट्रपति <strong>लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा</strong> के साथ टेलीफोनिक बातचीत की। दोनों नेताओं ने <strong>भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी</strong> में मजबूती और इस साझेदारी के अगले स्तर पर जाने की संभावनाओं की समीक्षा की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/prime-minister-modi-spoke-on-phone-with-brazilian-president-lula/article-6633"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_592.png" alt=""></a><br /><p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में कहा, <em>“लुला राष्ट्रपति से बातचीत करके प्रसन्न हूँ। हमने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी की मजबूत गति की समीक्षा की, जो अगले वर्ष नई ऊँचाइयों तक पहुँचने को तैयार है। ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने में हमारा सहयोग आवश्यक है। मैं लुला का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हूँ।”</em></p>
<p>लुला फरवरी में भारत का दौरा करेंगे और पांच दिवसीय <strong>AI इम्पैक्ट समिट</strong> में भाग लेंगे। इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति <strong>इमैनुएल मैक्रों</strong> भी इस इवेंट में शामिल होंगे।</p>
<p>दिलचस्प बात यह है कि भारत और ब्राजील दोनों पर अमेरिका द्वारा भारी टैरिफ लगाए गए हैं, जिसका दोनों देशों ने विरोध किया है। अमेरिका ने भारत पर <strong>रूसी तेल की खरीद के लिए कुल 50 प्रतिशत टैरिफ</strong> लगाया है। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत पर आलोचना की, लेकिन पीएम मोदी को अपने ‘महान मित्र’ के रूप में बताया और यह उम्मीद जताई कि <strong>नई दिल्ली और वाशिंगटन जल्द ही अच्छे व्यापार समझौते पर पहुँचेंगे।</strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्री <strong>अश्विनी वैष्णव</strong> ने ट्रम्प के बयान का स्वागत करते हुए कहा, <em>“ये बहुत प्रोत्साहित करने वाले हैं। भारत का संदेश स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 11 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था को कैसे बदला और खोला। इस बार का संदेश है – भारत के साथ साझेदारी करें और भविष्य में निवेश करें।”</em><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_592.png" alt="Screenshot_592" width="1101" height="614"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/international/prime-minister-modi-spoke-on-phone-with-brazilian-president-lula/article-6633</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 13:00:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान में ऑटो रिक्शा से भागी शेरनी, पुलिस ने कब्जे से बरामद किए 11 और शेर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पाकिस्तान के पंजाब में एक <strong>शेरनी के ऑटो रिक्शा से भागने</strong> के मामले ने पुलिस को उसके मालिक के कब्जे से <strong>11 अन्य बड़े शेरों</strong> तक पहुंचा दिया। शेरनी के भागने से एक आठ साल की बच्ची घायल हो गई, लेकिन उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/international/lioness-escaped-from-auto-rickshaw-in-pakistan-police-recovered-11/article-6629"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-01/screenshot_588.png" alt=""></a><br /><p>लाहौर पुलिस के अनुसार, शेरनी अपने मालिक द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक <strong>ऑटो रिक्शा में ले जाई जा रही थी</strong>, जब अचानक वह परेशान होकर बाहर कूद गई। शेरनी ने बच्ची पर हमला किया, लेकिन मालिक ने शेरनी को काबू में कर लिया और अन्य लोगों को सुरक्षित किया। घायल बच्ची को <strong>शेख जायद अस्पताल, लाहौर</strong> में भर्ती कराया गया।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि आरोपी के कब्जे से <strong>11 और अवैध रूप से रखे गए शेर बरामद</strong> किए गए हैं, जिनमें <strong>5 शेरनियां, 3 शेर और 3 शावक</strong> शामिल हैं। मालिकों के पास लाहौर में शेर रखने का <strong>वैध लाइसेंस नहीं था</strong>। इनके खिलाफ <strong>खतरनाक जानवरों के अवैध व्यापार</strong> का मामला दर्ज कर दिया गया है और शेरों को <strong>पंजाब वाइल्डलाइफ विभाग</strong> को सौंप दिया गया।</p>
<p>पिछले साल जुलाई में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब एक पालतू शेर लाहौर में अपने मालिक से भाग गया और एक महिला तथा उसके दो बच्चों पर हमला कर दिया था। उस घटना का <strong>CCTV फुटेज</strong> सोशल मीडिया पर साझा किया गया था, जिसमें शेर को कंक्रीट की दीवार कूदते और महिला के पीछे दौड़ते देखा गया। सभी घायल हुए लेकिन बच गए।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-01/screenshot_588.png" alt="Screenshot_588" width="371" height="548"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/international/lioness-escaped-from-auto-rickshaw-in-pakistan-police-recovered-11/article-6629</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 12:00:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Karan Singh]]></dc:creator>
                            </item>

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