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                <description>RSS Feed of Undekhi Khabar</description>
                
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                <title>खडूर साहिब के निशान-ए-सिखी का शानदार प्रदर्शन, NDA की लिखित परीक्षा में 37 विद्यार्थी पास</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब के खडूर साहिब स्थित निशान-ए-सिखी के 37 विद्यार्थियों ने UPSC की ओर से 13 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की लिखित परीक्षा पास की है। बाबा सेवा सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान ने यह उपलब्धि हासिल की। सफल उम्मीदवारों में 4 लड़कियां और 33 लड़के शामिल हैं। अब सभी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के अगले चरण यानी सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (SSB) के इंटरव्यू के लिए पात्र हो गए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/great-performance-of-khadoor-sahibs-nishan-e-sikhi-37-students-passed-ndas/article-13904"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_656.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब के खडूर साहिब स्थित निशान-ए-सिखी संस्थान ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की लिखित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। संस्थान के कुल 37 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से 13 सितंबर को आयोजित परीक्षा में सफलता हासिल की। परीक्षा के परिणाम हाल ही में घोषित किए गए।</p>
<p>यह उपलब्धि कार सेवा खडूर साहिब के प्रमुख बाबा सेवा सिंह के मार्गदर्शन में हासिल हुई है। सफल उम्मीदवार अब भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने की दिशा में चयन प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल हो सकेंगे।</p>
<p>11वें कोर्स के 31 विद्यार्थियों ने मारी बाजी</p>
<p>निशान-ए-सिखी के सफल उम्मीदवारों में सबसे अधिक विद्यार्थी 11वें कोर्स से हैं। इस कोर्स के कुल 31 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की, जिनमें चार लड़कियां और 27 लड़के शामिल हैं।</p>
<p>इसके अलावा, 10वें कोर्स के पांच लड़कों और नौवें कोर्स के एक लड़के ने भी NDA की लिखित परीक्षा में सफलता हासिल की।</p>
<p>इस तरह कुल 37 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास कर संस्थान का नाम रोशन किया है।</p>
<p>अब SSB इंटरव्यू की तैयारी करेंगे विद्यार्थी</p>
<p>लिखित परीक्षा में सफल सभी 37 उम्मीदवार अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण यानी सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (SSB) के इंटरव्यू के लिए पात्र हैं।</p>
<p>SSB इंटरव्यू NDA चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। इसमें उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व, निर्णय लेने की योग्यता और अधिकारी बनने के लिए जरूरी गुणों का आकलन किया जाता है।</p>
<p>संस्थान के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता हासिल की है।</p>
<p>करीब चार लाख उम्मीदवारों ने दी थी परीक्षा</p>
<p>निशान-ए-सिखी के NDA विंग के निदेशक मेजर जनरल बलविंदर सिंह (VSM), सेवानिवृत्त, ने बताया कि देशभर से लगभग चार लाख उम्मीदवारों ने NDA की परीक्षा दी थी। इनमें से करीब 8,000 उम्मीदवार ही लिखित परीक्षा में सफल हुए।</p>
<p>ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल में संस्थान के 37 विद्यार्थियों का सफल होना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। अब इन उम्मीदवारों का लक्ष्य SSB इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन कर चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ना होगा।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
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<p>खडूर साहिब स्थित निशान-ए-सिखी के 37 विद्यार्थियों ने NDA की लिखित परीक्षा पास की।</p>
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<p>परीक्षा UPSC ने 13 सितंबर को आयोजित की थी।</p>
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<p>सफल उम्मीदवारों में चार लड़कियां और 33 लड़के शामिल हैं।</p>
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<p>11वें कोर्स के 31, 10वें कोर्स के पांच और नौवें कोर्स के एक विद्यार्थी ने सफलता हासिल की।</p>
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<p>सभी सफल उम्मीदवार अब SSB इंटरव्यू के लिए पात्र हैं।</p>
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<p>देशभर में लगभग चार लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, जिनमें करीब 8,000 लिखित परीक्षा में सफल हुए।</p>
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</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. निशान-ए-सिखी के कितने विद्यार्थियों ने NDA परीक्षा पास की? संस्थान के कुल 37 विद्यार्थियों ने NDA की लिखित परीक्षा पास की है।</p>
<p>2. सफल उम्मीदवारों में कितनी लड़कियां हैं? सफल उम्मीदवारों में चार लड़कियां और 33 लड़के शामिल हैं।</p>
<p>3. NDA की परीक्षा कब आयोजित हुई थी? UPSC ने यह लिखित परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित की थी। परिणाम हाल ही में घोषित किए गए।</p>
<p>4. अब सफल विद्यार्थियों को क्या करना होगा? सभी सफल उम्मीदवार अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण यानी SSB इंटरव्यू में शामिल होने के लिए पात्र हैं।</p>
<p>5. परीक्षा में कितने उम्मीदवार सफल हुए? निशान-ए-सिखी NDA विंग के निदेशक मेजर जनरल बलविंदर सिंह के अनुसार, देशभर से लगभग चार लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे और करीब 8,000 लिखित परीक्षा में सफल हुए।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>खडूर साहिब के निशान-ए-सिखी के 37 विद्यार्थियों की NDA लिखित परीक्षा में सफलता संस्थान और पंजाब के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। चार लड़कियों सहित सभी सफल उम्मीदवार अब SSB इंटरव्यू की तैयारी करेंगे। इस सफलता से देश की रक्षा सेवाओं में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिल सकती है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_656.png" alt="Screenshot_656" width="990" height="554"/></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 19:00:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब के बुटाला गांव की हॉकी से पहचान, खेलों ने युवाओं को नशे से दूर रखने में निभाई अहम भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब के बाबा बकाला के पास स्थित बुटाला गांव अपनी हॉकी परंपरा और खेल संस्कृति के लिए जाना जाता है। गांव के लोगों का मानना है कि खेलों के प्रति युवाओं की रुचि ने नशे की समस्या को सीमित रखने में मदद की है। करीब 75 साल पहले शुरू हुई हॉकी की परंपरा आज भी जारी है। ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता दिलप्रीत सिंह सहित कई खिलाड़ियों ने गांव का नाम रोशन किया है, जबकि सैकड़ों युवाओं ने खेलों के जरिए करियर बनाया और खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियां हासिल की हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/punjabs-butala-village-identified-with-hockey-sports-played-an-important/article-13903"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_655.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब में नशे की समस्या एक बड़ी चिंता बनी हुई है, लेकिन बाबा बकाला के पास स्थित बुटाला गांव के लोग अपनी खेल संस्कृति पर गर्व करते हैं। गांव में हॉकी की मजबूत परंपरा रही है और स्थानीय लोगों का मानना है कि खेलों ने युवाओं को सकारात्मक दिशा देने तथा नशे से दूर रखने में अहम भूमिका निभाई है।</p>
<p>बुटाला ने ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता दिलप्रीत सिंह जैसे खिलाड़ी दिए हैं। इसके अलावा, गांव के सैकड़ों युवाओं ने विभिन्न स्तरों पर खेलों में भाग लिया और खेल कोटे के माध्यम से सरकारी नौकरियां भी हासिल कीं।</p>
<p>करीब 75 साल पुरानी है हॉकी की परंपरा</p>
<p>बुटाला में हॉकी का इतिहास लगभग 75 साल पुराना बताया जाता है। इस परंपरा की शुरुआत निरंजन सिंह और सरकारी हाई स्कूल, बुटाला के हेडमास्टर करम सिंह के प्रयासों से हुई। दोनों ने स्कूल के खेल मैदान को हॉकी ग्राउंड के रूप में विकसित किया।</p>
<p>हॉकी के प्रति उनके जुनून ने गांव में खेल का माहौल तैयार किया। उन्होंने बाबा पल्ला हॉकी टूर्नामेंट की शुरुआत भी की, जिसमें धीरे-धीरे आसपास के गांवों की टीमें हिस्सा लेने लगीं।</p>
<p>स्थानीय टूर्नामेंट से बढ़ी हॉकी की लोकप्रियता</p>
<p>समय के साथ बाबा पल्ला हॉकी टूर्नामेंट का दायरा बढ़ता गया। इसमें आसपास के गांवों की टीमों के अलावा विभिन्न सरकारी विभागों और खेल क्लबों की टीमें भी हिस्सा लेने लगीं।</p>
<p>हॉकी का मैदान नियमित मुकाबलों का केंद्र बन गया। गांव और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग मैच देखने पहुंचने लगे। इससे बुटाला में हॉकी को लोकप्रियता मिली और गांव की खेल पहचान मजबूत हुई।</p>
<p>2009 में बाबा पल्ला स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना</p>
<p>हॉकी की लोकप्रियता बढ़ने के बावजूद गांव के बच्चे लंबे समय तक खेल में सक्रिय भागीदारी के बजाय दर्शक बने रहते थे। बच्चों को मैदान तक लाने और उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की जरूरत महसूस हुई।</p>
<p>खेल प्रेमी हरप्रीत सिंह लल्ली के अनुसार, इसी उद्देश्य से वर्ष 2009 में बाबा पल्ला स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना की गई। क्लब ने अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों को हॉकी का प्रशिक्षण देना शुरू किया और युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए दो कोच नियुक्त किए।</p>
<p>इस पहल ने बच्चों को नियमित अभ्यास, खेल अनुशासन और प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर दिया।</p>
<p>जूनियर हॉकी गोल्ड कप से युवा खिलाड़ियों को मौका</p>
<p>जमीनी स्तर पर प्रतिस्पर्धी हॉकी को बढ़ावा देने के लिए क्लब ने श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जूनियर हॉकी गोल्ड कप भी शुरू किया। इसमें अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।</p>
<p>इन टूर्नामेंटों से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा परखने, संगठित प्रतियोगिताओं का अनुभव हासिल करने और बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है।</p>
<p>दिलप्रीत सिंह और प्रभजोत सिंह ने बढ़ाया गांव का गौरव</p>
<p>बुटाला की खेल विरासत से जुड़े प्रमुख खिलाड़ियों में दिलप्रीत सिंह का नाम खास है। वह भारत का ओलंपिक में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।</p>
<p>एक अन्य खिलाड़ी प्रभजोत सिंह ने भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अपनी पहचान बनाई है।</p>
<p>इन खिलाड़ियों के अलावा गांव के सैकड़ों खिलाड़ी अलग-अलग स्तरों पर टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में खेलकर बुटाला तथा बाबा पल्ला स्पोर्ट्स क्लब की पहचान को आगे बढ़ाया है।</p>
<p>खेलों से युवाओं को मिल रही नई दिशा</p>
<p>बुटाला की कहानी बताती है कि स्थानीय खेल मैदान, नियमित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अवसर ग्रामीण युवाओं के लिए कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। गांव में वर्षों से चली आ रही हॉकी परंपरा ने खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच दिया है।</p>
<p>स्थानीय लोगों के अनुसार, खेलों से जुड़ाव युवाओं को अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण सिखाता है। यही वजह है कि गांव अपनी खेल संस्कृति को अपनी पहचान और युवाओं की प्रगति का अहम आधार मानता है।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
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<p>पंजाब के बुटाला गांव में हॉकी की परंपरा करीब 75 साल पुरानी है।</p>
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<p>निरंजन सिंह और हेडमास्टर करम सिंह ने सरकारी हाई स्कूल के मैदान को हॉकी ग्राउंड के रूप में विकसित किया।</p>
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</div>
</li>
<li>
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<p>बाबा पल्ला हॉकी टूर्नामेंट की शुरुआत से आसपास के गांवों में खेल को बढ़ावा मिला।</p>
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<p>वर्ष 2009 में बाबा पल्ला स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना हुई।</p>
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<p>श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जूनियर हॉकी गोल्ड कप में अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग की प्रतियोगिताएं होती हैं।</p>
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<div>
<p>ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता दिलप्रीत सिंह तथा प्रभजोत सिंह ने गांव का नाम रोशन किया।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>गांव के सैकड़ों युवाओं ने खेलों में करियर बनाया और खेल कोटे से सरकारी नौकरियां हासिल कीं।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. बुटाला गांव कहां स्थित है? बुटाला गांव पंजाब में बाबा बकाला के पास स्थित है।</p>
<p>2. बुटाला गांव किस खेल के लिए प्रसिद्ध है? यह गांव अपनी लंबे समय से चली आ रही हॉकी परंपरा और खिलाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है।</p>
<p>3. बाबा पल्ला स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना कब हुई? खेल प्रेमी हरप्रीत सिंह लल्ली के अनुसार, क्लब की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी।</p>
<p>4. बुटाला के कौन से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हैं? दिलप्रीत सिंह, जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं, तथा प्रभजोत सिंह प्रमुख नाम हैं।</p>
<p>5. गांव में युवा हॉकी खिलाड़ियों को कैसे प्रशिक्षण दिया जाता है? बाबा पल्ला स्पोर्ट्स क्लब अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों को प्रशिक्षण देता है। क्लब ने दो कोच नियुक्त किए और जूनियर हॉकी प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को अनुभव हासिल करने का अवसर दिया।</p>
<p>6. खेलों का नशे की समस्या से क्या संबंध बताया गया है? गांव के निवासियों का मानना है कि खेलों में युवाओं की भागीदारी ने उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और नशे की समस्या को सीमित रखने में मदद की है। यह स्थानीय लोगों का अनुभव और दावा है।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>बुटाला गांव की हॉकी परंपरा ग्रामीण खेल संस्कृति और सामुदायिक प्रयासों की एक प्रेरक मिसाल है। करीब 75 वर्षों से जारी यह विरासत आज भी युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। बाबा पल्ला स्पोर्ट्स क्लब, नियमित प्रशिक्षण और जूनियर टूर्नामेंटों ने गांव को हॉकी प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में पहचान दिलाने में योगदान दिया है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_655.png" alt="Screenshot_655" width="858" height="599"/></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:00:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>GNDU में तीन दिवसीय GCA जोन यूथ फेस्टिवल का आगाज, अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) में अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित तीन दिवसीय GCA जोन यूथ फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ। 13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित इस उत्सव में विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थी साहित्यिक, सांस्कृतिक, संगीत, ललित कला, नाट्य और पारंपरिक विरासत से जुड़ी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने युवाओं के सर्वांगीण विकास में ऐसे आयोजनों की भूमिका पर जोर दिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/three-day-gca-zone-youth-festival-begins-in-gndu-event-dedicated/article-13902"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_654.png" alt=""></a><br /><p>गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) में तीन दिवसीय GCA जोन यूथ फेस्टिवल की शुरुआत हुई। अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित इस उत्सव में विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साहित्य तथा कलात्मक परंपराओं के प्रति जागरूक करना है।</p>
<p>कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने किया उद्घाटन</p>
<p>फेस्टिवल का उद्घाटन करते हुए GNDU के कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने कहा कि युवा उत्सव विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान देते हैं।</p>
<p>कुलपति ने अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष के संदर्भ में युवाओं को पंजाब की सांस्कृतिक परंपराओं, साहित्यिक विरासत और कलात्मक अभिव्यक्तियों से जोड़ने के महत्व पर भी जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने विद्यार्थियों से उत्सव में सक्रिय भागीदारी करने और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए नए विचारों तथा रचनात्मक संभावनाओं को अपनाने की अपील की।</p>
<p>गुरजोत कौर हमदर्द रहीं विशिष्ट अतिथि</p>
<p>उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय सीनेट की सदस्य गुरजोत कौर हमदर्द विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने विद्यार्थियों के बीच रचनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ पारंपरिक मूल्यों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने ऐसे आयोजनों को युवा प्रतिभाओं के विकास और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p>13 से 15 अक्टूबर तक होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं</p>
<p>युवा कल्याण विभाग के निदेशक प्रो. अमनदीप सिंह ने बताया कि यह तीन दिवसीय आयोजन 13 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थी कई श्रेणियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p>उत्सव में साहित्यिक, सांस्कृतिक, संगीत, ललित कला, नाट्य और पारंपरिक विरासत से संबंधित प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कला और कौशल दिखाने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>अमृतसर की विरासत और युवा प्रतिभाओं पर रहेगा जोर</p>
<p>अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित यह उत्सव शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। इसमें विद्यार्थियों की भागीदारी के जरिए पंजाब की परंपराओं, कला और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
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<div>
<p>GNDU में तीन दिवसीय GCA जोन यूथ फेस्टिवल का उद्घाटन हुआ।</p>
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</li>
<li>
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<p>यह आयोजन अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित है।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>फेस्टिवल 13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थी कई सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने युवाओं के सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>गुरजोत कौर हमदर्द उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि रहीं।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. GNDU में कौन-सा कार्यक्रम शुरू हुआ है? गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय GCA जोन यूथ फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ है।</p>
<p>2. यह उत्सव किस अवसर पर आयोजित किया जा रहा है? यह आयोजन अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित है।</p>
<p>3. फेस्टिवल कब तक चलेगा? यह उत्सव 13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>4. उत्सव में कौन-कौन सी प्रतियोगिताएं होंगी? इसमें साहित्यिक, सांस्कृतिक, संगीत, ललित कला, नाट्य और पारंपरिक विरासत से जुड़ी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।</p>
<p>5. उद्घाटन समारोह में कौन शामिल हुए? GNDU के कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने उत्सव का उद्घाटन किया, जबकि विश्वविद्यालय सीनेट की सदस्य गुरजोत कौर हमदर्द विशिष्ट अतिथि रहीं।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>GNDU का GCA जोन यूथ फेस्टिवल विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और पंजाब की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित यह आयोजन युवाओं में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_654.png" alt="Screenshot_654" width="979" height="612"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/three-day-gca-zone-youth-festival-begins-in-gndu-event-dedicated/article-13902</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमृतसर में नशा तस्करी और अवैध हथियार सप्लाई के 5 मॉड्यूल का भंडाफोड़, 10 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े कथित पांच मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से 4.409 किलोग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम, छह पिस्तौल, 12.90 लाख रुपये की संदिग्ध नशा राशि, एक ड्रोन और 12 कारतूस बरामद किए गए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/5-modules-of-drug-smuggling-and-illegal-arms-supply-busted/article-13901"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_653.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता मिलने का दावा किया है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, पांच कथित नेटवर्क का पर्दाफाश कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नशीले पदार्थ, हथियार, नकदी और अन्य सामान बरामद किया है।</p>
<p>पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि कार्रवाई के दौरान छह पिस्तौल, 4.409 किलोग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम, 12.90 लाख रुपये की संदिग्ध नशा राशि और एक ड्रोन बरामद किया गया। इसके अलावा, कथित आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल की गई दो कारों को जब्त किया गया और 12 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए।</p>
<p>गिरफ्तार आरोपियों की पहचान</p>
<p>पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:</p>
<ol>
<li>
<div>
<div>
<p>राजबीर सिंह (23), अमृतसर।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>गगनप्रीत सिंह उर्फ गगन (31), अमृतसर।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>सौरव सिंह उर्फ बहादुर (23), अमृतसर।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>विशाल सिंह उर्फ टिबरू (22), नूरपुर गांव, लोपोके।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>रशपाल सिंह उर्फ बब्बा (44), नूरपुर गांव, लोपोके।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>वीरपाल सिंह उर्फ बिल्ला (19), मारी मेघा गांव।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>जगविंदर सिंह उर्फ काला (19), अमी शाह गांव, तरनतारन।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>सुखचैन सिंह उर्फ सुख (20), खियाला गांव।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>जसकरण सिंह उर्फ जस्सी (22), कोलोवाल गांव।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>युवराज सिंह उर्फ जग्गू (20), गोसनाबाद गांव।</p>
</div>
</div>
</li>
</ol>
<p>पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोपियों के कथित तौर पर नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। मामले की आगे जांच की जा रही है।</p>
<p>कौन-कौन से हथियार बरामद हुए?</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए छह पिस्तौलों में एक ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल और पांच .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं। इसके साथ ही 12 जिंदा कारतूस, एक ड्रोन और कथित आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल की गई दो कारें भी जब्त की गई हैं।</p>
<p>पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई कहां से होती थी और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।</p>
<p>पहली कार्रवाई में मकबूलपुरा पुलिस को मिली सफलता</p>
<p>पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, पहली कार्रवाई में मकबूलपुरा पुलिस ने राजबीर सिंह, गगनप्रीत सिंह और सौरव सिंह को गिरफ्तार किया।</p>
<p>इस कार्रवाई के दौरान 169 ग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम और 10.90 लाख रुपये बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, यह रकम संदिग्ध नशा राशि मानी जा रही है।</p>
<p>छेहरटा पुलिस ने 4.130 किलो हेरोइन की बरामद</p>
<p>दूसरी कार्रवाई में छेहरटा पुलिस ने विशाल सिंह और रशपाल सिंह को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 4.130 किलोग्राम हेरोइन बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।</p>
<p>पुलिस अब बाकी गिरफ्तार आरोपियों और कथित नेटवर्क के बीच संबंधों की जांच कर रही है।</p>
<p>नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस</p>
<p>डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, पुलिस आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करना और नशे तथा हथियारों की सप्लाई से जुड़े स्रोतों का पता लगाना है।</p>
<p>जांच पूरी होने के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने पांच कथित नशा तस्करी और अवैध हथियार सप्लाई मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>4.409 किलो हेरोइन और 500 ग्राम अफीम बरामद की गई।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>एक ग्लॉक 9 एमएम और पांच .30 बोर पिस्तौल जब्त किए गए।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>12.90 लाख रुपये की संदिग्ध नशा राशि, एक ड्रोन, 12 कारतूस और दो कारें भी जब्त की गईं।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>पुलिस कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई के स्रोतों की जांच कर रही है।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. अमृतसर में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया? पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी और अवैध हथियार सप्लाई से जुड़े मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p>2. आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ? पुलिस ने 4.409 किलोग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम, छह पिस्तौल, 12.90 लाख रुपये की संदिग्ध नशा राशि, एक ड्रोन और 12 जिंदा कारतूस बरामद करने की जानकारी दी है।</p>
<p>3. बरामद पिस्तौलों में कौन से हथियार शामिल हैं? पुलिस के अनुसार, इनमें एक ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल और पांच .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।</p>
<p>4. पहली कार्रवाई कहां हुई? पहली कार्रवाई मकबूलपुरा पुलिस ने की, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हेरोइन, अफीम और नकदी बरामद की गई।</p>
<p>5. पुलिस अब क्या जांच कर रही है? पुलिस कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों, नशीले पदार्थों और हथियारों की सप्लाई के स्रोतों तथा आरोपियों के आपसी संपर्कों की जांच कर रही है।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई में पांच कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने और 10 लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अब जांच का मुख्य फोकस इन नेटवर्कों के स्रोतों, संपर्कों और अन्य संभावित सदस्यों की पहचान करना है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_653.png" alt="Screenshot_653" width="1185" height="576"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/5-modules-of-drug-smuggling-and-illegal-arms-supply-busted/article-13901</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 16:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इटली में भारतीय सैनिकों की शहादत को सलाम, सिख समुदाय ने 15वें श्रद्धांजलि समारोह में दी वीरों को श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इटली के मर्कातो साराचेनो में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में 15वां शहादत श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। विश्व सिख मिलिट्री (रॉयल) और स्थानीय नगरपालिका के संयुक्त आयोजन में सिख समुदाय, इतालवी अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने सैनिकों के बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर 11 किलोमीटर की स्मारक पदयात्रा भी निकाली गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/salute-to-the-martyrdom-of-indian-soldiers-in-italy-sikh/article-13900"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_652.png" alt=""></a><br /><p>इटली में हर साल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों को याद किया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मर्कातो साराचेनो शहर में 15वां शहादत श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इसमें भारतीय सैनिकों, विशेषकर सिख सैनिकों के साहस और बलिदान को याद किया गया।</p>
<p>इस कार्यक्रम में सिख समुदाय के सदस्यों, इतालवी अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। समारोह का उद्देश्य युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और भारत-इटली के ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करना था।</p>
<p>विश्व सिख मिलिट्री और नगरपालिका ने किया आयोजन</p>
<p>श्रद्धांजलि समारोह का संयुक्त आयोजन विश्व सिख मिलिट्री (रॉयल) और मर्कातो साराचेनो नगरपालिका की ओर से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्व सिख मिलिट्री समिति के सचिव सतनाम सिंह द्वारा की गई प्रार्थना से हुई।</p>
<p>इसके बाद मर्कातो साराचेनो के मेयर और विश्व सिख मिलिट्री समिति के अध्यक्ष पृथिपाल सिंह ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने हिटलर की सेनाओं के खिलाफ लड़ाई में सैनिकों के साहस और बलिदान को याद किया।</p>
<p>पृथिपाल सिंह ने उम्मीद जताई कि शहीदों को याद करने की यह वार्षिक परंपरा भविष्य में भी जारी रहेगी।</p>
<p>1944 में सिख सैनिकों से जुड़े ऐतिहासिक मार्ग पर 11 किलोमीटर की पदयात्रा</p>
<p>समारोह का प्रमुख आकर्षण 11 किलोमीटर की स्मारक पदयात्रा रही। रिपोर्ट के अनुसार, यह ऐतिहासिक मार्ग 1944 में जर्मन सेना के खिलाफ लड़ाई के दौरान सिख सैनिकों द्वारा बनाया गया था।</p>
<p>पदयात्रा का उद्देश्य उन कठिन परिस्थितियों को याद करना था, जिनमें भारतीय सैनिकों ने इटली के सैन्य अभियान के दौरान संघर्ष किया था।</p>
<p>इस यात्रा में भारतीय और इतालवी लड़के-लड़कियों ने भाग लिया। रास्ते में प्रतिभागियों को उन स्थानों के बारे में जानकारी दी गई, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सिख सैनिकों की लड़ाई और बलिदान से जुड़े थे।</p>
<p>इस पहल ने दोनों समुदायों के बीच दोस्ती और साझा इतिहास को समझने का अवसर प्रदान किया।</p>
<p>द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सेना का योगदान</p>
<p>ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने मित्र राष्ट्रों के साथ मिलकर इटली में जर्मन सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उस समय जर्मन सेना ने उत्तरी इटली में गॉथिक लाइन नामक एक महत्वपूर्ण रक्षात्मक मोर्चा बनाया हुआ था।</p>
<p>भारतीय सैनिकों को 1944 के दौरान पहाड़ी और घाटी वाले कठिन इलाकों में लड़ाई का सामना करना पड़ा। सिख सैनिक भी इस अभियान का हिस्सा थे और उन्होंने भारी प्रतिरोध के बीच आगे बढ़ने में योगदान दिया।</p>
<p>इटली को नाजी कब्जे से मुक्त कराने के व्यापक मित्र राष्ट्र अभियान में भारतीय सेना की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इन सैनिकों का बलिदान आज भी भारत और इटली के साझा सैन्य इतिहास का अहम हिस्सा माना जाता है।</p>
<p>शहीदों की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास</p>
<p>श्रद्धांजलि समारोह और स्मारक पदयात्रा के माध्यम से आयोजकों ने युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद को जीवित रखने का प्रयास किया। भारतीय और इतालवी युवाओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि ऐतिहासिक बलिदानों को याद करना और आने वाली पीढ़ियों को उनके बारे में जानकारी देना कितना महत्वपूर्ण है।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>इटली के मर्कातो साराचेनो में 15वां शहादत श्रद्धांजलि समारोह आयोजित हुआ।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय और सिख सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>विश्व सिख मिलिट्री (रॉयल) और स्थानीय नगरपालिका ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>1944 के ऐतिहासिक मार्ग से जुड़ी 11 किलोमीटर की स्मारक पदयात्रा निकाली गई।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>भारतीय और इतालवी युवाओं ने साझा सैन्य इतिहास को जानने के लिए इसमें भाग लिया।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. इटली में श्रद्धांजलि समारोह क्यों आयोजित किया गया? द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए भारतीय सैनिकों, विशेषकर सिख सैनिकों, के बलिदान को याद करने के लिए यह समारोह आयोजित किया गया।</p>
<p>2. यह समारोह कहां आयोजित हुआ? यह कार्यक्रम इटली के मर्कातो साराचेनो शहर में आयोजित किया गया।</p>
<p>3. समारोह का आयोजन किसने किया? विश्व सिख मिलिट्री (रॉयल) और मर्कातो साराचेनो नगरपालिका ने संयुक्त रूप से आयोजन किया।</p>
<p>4. 11 किलोमीटर की पदयात्रा का क्या महत्व था? यह पदयात्रा उस ऐतिहासिक मार्ग से जुड़ी थी, जिसे रिपोर्ट के अनुसार 1944 में जर्मन सेना के खिलाफ लड़ाई के दौरान सिख सैनिकों ने बनाया था।</p>
<p>5. द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सेना ने क्या भूमिका निभाई? भारतीय सेना ने मित्र राष्ट्रों के साथ मिलकर इटली में जर्मन सेनाओं के खिलाफ अभियान में हिस्सा लिया था। सिख सैनिक भी कठिन पहाड़ी और घाटी वाले इलाकों में लड़े थे।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>इटली में आयोजित 15वां शहादत श्रद्धांजलि समारोह भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और ऐतिहासिक योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर बना। 11 किलोमीटर की स्मारक पदयात्रा और भारतीय-इतालवी युवाओं की भागीदारी ने साझा इतिहास और आपसी मित्रता के संदेश को आगे बढ़ाया।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_652.png" alt="Screenshot_652" width="784" height="587"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/salute-to-the-martyrdom-of-indian-soldiers-in-italy-sikh/article-13900</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 15:00:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा: IPS अधिकारी दीपिका अग्रवाल को प्रमोशन, ASP से बनीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा में IPS अधिकारी दीपिका अग्रवाल को सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) से पदोन्नत कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP), रेवाड़ी बनाया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने उनके कंधे पर अशोक स्तंभ लगाकर उन्हें बधाई दी। दीपिका अग्रवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से BCom और हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) से फाइनेंस में MBA किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/haryana-ips-officer-deepika-agarwal-promoted-as-asp-to-become/article-13894"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_646.png" alt=""></a><br /><p>दीपिका अग्रवाल को मिला प्रमोशन, रेवाड़ी में संभालेंगी नई जिम्मेदारी</p>
<p>हरियाणा पुलिस में IPS अधिकारी दीपिका अग्रवाल को पदोन्नति मिली है। उन्हें सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद से प्रमोट कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP), रेवाड़ी नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने उन्हें नए पद का अशोक स्तंभ लगाकर सम्मानित किया और बधाई दी।</p>
<p>दीपिका अग्रवाल 2023 बैच की IPS अधिकारी हैं। उनके प्रमोशन को पुलिस विभाग में उनकी जिम्मेदारियों और प्रशासनिक भूमिका के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>SP हेमेंद्र कुमार मीणा ने की सराहना</p>
<p>दीपिका अग्रवाल को बधाई देते हुए पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में समर्पण, प्रतिबद्धता और दक्षता के साथ महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p>उन्होंने उम्मीद जताई कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जिला पुलिस को उनकी प्रशासनिक क्षमताओं और कार्यकुशलता का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि दीपिका अग्रवाल आगे भी इसी समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगी और पुलिस विभाग का नाम रोशन करेंगी।</p>
<p>शिक्षा के मामले में भी मजबूत पृष्ठभूमि</p>
<p>IPS अधिकारी दीपिका अग्रवाल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उल्लेखनीय है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम की डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) से फाइनेंस में MBA किया।</p>
<p>उनकी शिक्षा और प्रशासनिक अनुभव नई जिम्मेदारी में उपयोगी साबित हो सकते हैं।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
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<p>IPS अधिकारी दीपिका अग्रवाल को प्रमोशन मिला।</p>
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<p>ASP से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेवाड़ी बनीं।</p>
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<p>वह 2023 बैच की IPS अधिकारी हैं।</p>
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<p>SP हेमेंद्र कुमार मीणा ने अशोक स्तंभ लगाकर बधाई दी।</p>
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<p>उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से BCom किया।</p>
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<p>ISB हैदराबाद से फाइनेंस में MBA की डिग्री हासिल की।</p>
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</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. दीपिका अग्रवाल को किस पद पर प्रमोट किया गया है?</p>
<p>उन्हें सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP), रेवाड़ी के पद पर प्रमोट किया गया है।</p>
<p>2. दीपिका अग्रवाल किस बैच की IPS अधिकारी हैं?</p>
<p>वह 2023 बैच की IPS अधिकारी हैं।</p>
<p>3. उन्हें प्रमोशन पर किसने बधाई दी?</p>
<p>रेवाड़ी के जिला पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने उन्हें बधाई दी और नए पद का अशोक स्तंभ लगाया।</p>
<p>4. दीपिका अग्रवाल ने कहां से पढ़ाई की है?</p>
<p>उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से BCom और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद से फाइनेंस में MBA किया है।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>IPS अधिकारी दीपिका अग्रवाल की ASP से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेवाड़ी के पद पर पदोन्नति उनके पुलिस करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। जिला पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि वह नई जिम्मेदारी में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सेवा के लिए समर्पित रहेंगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_646.png" alt="Screenshot_646" width="867" height="597"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/haryana-ips-officer-deepika-agarwal-promoted-as-asp-to-become/article-13894</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM श्री स्कूलों पर फंड लैप्स होने का संकट, यूनिफॉर्म और एजुकेशनल टूर के भुगतान अटके</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब के PM श्री स्कूलों में फंड की कमी के कारण आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF), पंजाब के अनुसार, 2025-26 सत्र के लिए निर्धारित ग्रांट जारी नहीं होने से स्कूल यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक दौरों सहित कई मदों के भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षक संगठन ने लंबित फंड जल्द जारी करने की मांग उठाई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/pm-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AB%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F--%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%81%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%85%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A5%87/article-13899"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_651.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब के PM श्री स्कूलों के सामने ग्रांट जारी नहीं होने के कारण आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। शिक्षक संगठन डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF), पंजाब ने चिंता जताई है कि 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए निर्धारित फंड समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके कारण स्कूलों के लिए विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है।</p>
<p>संगठन के मुताबिक, स्कूल यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक टूर और अन्य गतिविधियों पर होने वाला खर्च इन ग्रांट से पूरा किया जाना था। लेकिन फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण स्कूल प्रमुखों को बकाया भुगतान को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>समय पर इस्तेमाल नहीं होने से ग्रांट लैप्स होने का दावा</p>
<p>DTF पंजाब के राज्य अध्यक्ष विक्रमदेव सिंह ने कहा कि पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान PM श्री स्कूलों के लिए आवंटित कुछ फंड निर्धारित अवधि में इस्तेमाल नहीं हो सके, जिसके चलते वे लैप्स हो गए।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि नया सत्र शुरू होने के बावजूद संबंधित फंड दोबारा जारी नहीं किए गए। इससे स्कूलों की वित्तीय मुश्किलें बढ़ गई हैं।</p>
<p>संगठन के अनुसार, शैक्षणिक दौरों के लिए निर्धारित 10 लाख रुपये से अधिक की राशि भी प्रभावित हुई है। जिन कंपनियों और विक्रेताओं ने स्कूलों को टूर और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई थीं, वे अब बकाया भुगतान के लिए स्कूल प्रमुखों से संपर्क कर रहे हैं।</p>
<p>यूनिफॉर्म ग्रांट के प्रस्ताव भी प्रभावित</p>
<p>DTF की अमृतसर इकाई के प्रमुख अश्विनी अवस्थी ने कहा कि प्रिंसिपल और हेडमास्टर भुगतान नहीं कर पाने के कारण दबाव में हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि कई स्कूलों की ओर से निर्धारित PPA प्रक्रिया के तहत भेजे गए यूनिफॉर्म ग्रांट के प्रस्ताव कथित तौर पर बिना स्पष्ट कारण के अस्वीकार कर दिए गए। संगठन का कहना है कि नए सिरे से फंड जारी करने की मांग के बावजूद राशि लंबित है।</p>
<p>ग्रांट और उपयोगिता प्रमाणपत्र की समय-सीमा पर सवाल</p>
<p>अश्विनी अवस्थी के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को ग्रांट संबंधी पत्र जारी किया गया था, लेकिन स्कूलों को फंड नहीं मिला। वहीं, उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने की समय-सीमा 25 अक्टूबर बताई गई।</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्कूलों को राशि मिली ही नहीं, तो वे खर्च का उपयोगिता प्रमाणपत्र कैसे जमा कर सकते हैं और लंबित बिलों का भुगतान कैसे कर सकते हैं?</p>
<p>शिक्षक संगठन ने जताई चिंता</p>
<p>DTF पंजाब के पदाधिकारियों ने अलग-अलग जिलों में इस मुद्दे को उठाया। संगठन के राज्य महासचिव महिंदर कौरवाली और वित्त सचिव एवं अमृतसर जिला अध्यक्ष अश्विनी अवस्थी ने भी स्कूलों की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताई।</p>
<p>संगठन का कहना है कि फंड जारी करने में देरी से न केवल स्कूलों का दैनिक प्रबंधन प्रभावित हो रहा है, बल्कि यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े भुगतान भी अटक रहे हैं।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
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<p>पंजाब के PM श्री स्कूलों में 2025-26 की ग्रांट जारी नहीं होने का मुद्दा सामने आया है।</p>
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<p>स्कूल यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक दौरों के भुगतान प्रभावित होने की आशंका है।</p>
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<p>DTF पंजाब के अनुसार, कुछ ग्रांट निर्धारित अवधि में इस्तेमाल नहीं होने से लैप्स हो गईं।</p>
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<p>सेवा प्रदाता और विक्रेता स्कूलों से लंबित बिलों का भुगतान मांग रहे हैं।</p>
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<p>शिक्षक संगठन ने फंड जारी करने और भुगतान संबंधी अनिश्चितता दूर करने की मांग उठाई है।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. PM श्री स्कूलों में क्या समस्या सामने आई है? 2025-26 सत्र की ग्रांट जारी नहीं होने और कुछ फंड लैप्स होने की आशंका के कारण स्कूलों के भुगतान प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p>2. किन मदों के भुगतान पर असर पड़ रहा है? स्कूल यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक टूर और अन्य सेवाओं से जुड़े खर्च प्रभावित होने की बात कही गई है।</p>
<p>3. DTF पंजाब ने क्या मांग उठाई है? शिक्षक संगठन ने लंबित फंड जल्द जारी करने और स्कूलों की वित्तीय समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।</p>
<p>4. उपयोगिता प्रमाणपत्र को लेकर क्या सवाल उठाया गया? संगठन ने सवाल किया कि फंड प्राप्त हुए बिना स्कूल खर्च का उपयोगिता प्रमाणपत्र कैसे जमा कर सकते हैं।</p>
<p>5. इस मुद्दे को किसने उठाया? DTF पंजाब के राज्य अध्यक्ष विक्रमदेव सिंह, महासचिव महिंदर कौरवाली और वित्त सचिव एवं अमृतसर जिला अध्यक्ष अश्विनी अवस्थी सहित संगठन के पदाधिकारियों ने यह मुद्दा उठाया।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>पंजाब के PM श्री स्कूलों में ग्रांट जारी होने में देरी से वित्तीय अनिश्चितता बढ़ने की बात सामने आई है। शिक्षक संगठन के मुताबिक, भुगतान अटकने से स्कूलों और सेवा प्रदाताओं दोनों को परेशानी हो रही है। अब लंबित फंड जारी होने और उपयोगिता प्रमाणपत्र की समय-सीमा से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर नजर रहेगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_651.png" alt="Screenshot_651" width="862" height="619"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/pm-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AB%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F--%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%81%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%85%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A5%87/article-13899</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 14:00:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में Indian Potash Limited पर बड़ा एक्शन, गैर-सब्सिडी वाले खाद की बिक्री का अधिकार तत्काल प्रभाव से सस्पेंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा कृषि विभाग ने खाद की रैक निर्धारित जिलों में भेजने के निर्देशों का कथित उल्लंघन करने पर Indian Potash Limited (IPL) की गैर-सब्सिडी वाली खाद बेचने की अनुमति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। विभाग के अनुसार, सिरसा और हिसार के सतरोड़ में DAP खाद की सप्लाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कंपनी ने कथित तौर पर दूसरी जगहों पर रैक भेजीं। निलंबन अगले आदेश तक जारी रहेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/big-action-on-indian-potash-limited-in-haryana-right-to/article-13893"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_645.png" alt=""></a><br /><p>हरियाणा में खाद की सप्लाई को लेकर IPL पर कार्रवाई</p>
<p>हरियाणा में DAP खाद की आपूर्ति में देरी के बीच कृषि विभाग ने Indian Potash Limited (IPL) के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। विभाग ने कंपनी को गैर-सब्सिडी वाली खाद बेचने के लिए दी गई अनुमति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। यह कार्रवाई रबी सीजन 2026-27 से पहले सिरसा जिले में DAP खाद की आपूर्ति में देरी के आरोपों के बाद की गई है।</p>
<p>विभाग के आदेश के अनुसार, निलंबन अगले आदेश तक लागू रहेगा। अधिकारियों को कंपनी की गैर-सब्सिडी वाली खाद की बिक्री रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p>
<p>सिरसा और फतेहाबाद में DAP खाद के लिए परेशान किसान</p>
<p>सिरसा और फतेहाबाद जिलों में किसान DAP खाद की उपलब्धता को लेकर परेशानी का सामना कर रहे हैं। खाद मिलने में देरी के कारण रबी सीजन की फसलों की समय पर बुवाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।</p>
<p>खाद वितरण केंद्रों के बाहर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। किसान आगामी फसल सीजन के लिए जरूरी DAP खाद प्राप्त करने के लिए इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>विभाग ने रैक रखने से पहले अनुमति लेना किया था अनिवार्य</p>
<p>कृषि विभाग के निदेशक एवं अधिसूचित प्राधिकारी अमित खत्री की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, खाद आपूर्तिकर्ताओं को राज्य में कहीं भी खाद की रैक लगाने से पहले विभाग की अनुमति लेना जरूरी था।</p>
<p>इस निर्देश का उद्देश्य जिलों की स्थानीय जरूरतों और खाद की कमी को ध्यान में रखते हुए समय पर और समान रूप से खाद का वितरण सुनिश्चित करना था।</p>
<p>IPL पर निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप</p>
<p>विभाग के अनुसार, Indian Potash Limited को सिरसा और हिसार जिले के सतरोड़ में DAP खाद की रैक भेजने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि कंपनी ने इसके बजाय झज्जर और जींद में रैक लगा दीं, जिससे सिरसा में DAP की आपूर्ति में काफी देरी हुई।</p>
<p>विभाग ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने सतरोड़ को प्राथमिकता देने के निर्देशों का पालन नहीं किया और वहां रैक भेजने के बजाय जींद में रैक लगा दी।</p>
<p>अक्टूबर के पहले सप्ताह में जारी हुई थीं चेतावनियां</p>
<p>कृषि विभाग ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में कंपनी को कई बार चेतावनी और निर्देश जारी किए थे। इनका उद्देश्य उन जिलों में समय पर DAP खाद पहुंचाना था, जहां इसकी कमी की शिकायतें सामने आ रही थीं।</p>
<p>विभाग का कहना है कि निर्देशों का कथित पालन नहीं होने से राज्य की खाद वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p>Fertiliser Control Order के तहत हुई कार्रवाई</p>
<p>विभाग ने Fertiliser (Control) Order, 1985 के क्लॉज 31 के तहत कार्रवाई करते हुए IPL का Memorandum of Acknowledgement निलंबित किया है। यह अनुमति 31 मई 2017 को जारी की गई थी और इसकी वैधता 30 जून 2030 तक थी।</p>
<p>निलंबन के साथ ही अधिकारियों को कंपनी की गैर-सब्सिडी वाली खाद की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अगले आदेश तक लागू रहेगा।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>हरियाणा कृषि विभाग ने Indian Potash Limited की गैर-सब्सिडी वाली खाद बेचने की अनुमति निलंबित की।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>सिरसा में DAP खाद की सप्लाई में देरी के आरोपों के बाद कार्रवाई हुई।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>सिरसा और हिसार के सतरोड़ में खाद की रैक को प्राथमिकता देने के निर्देश थे।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>कंपनी पर झज्जर और जींद में रैक लगाने का आरोप है।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>सिरसा और फतेहाबाद में किसान DAP खाद के लिए लंबी कतारों में इंतजार कर रहे हैं।</p>
</div>
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</li>
<li>
<div>
<div>
<p>Fertiliser (Control) Order, 1985 के क्लॉज 31 के तहत कार्रवाई की गई।</p>
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</li>
<li>
<div>
<div>
<p>निलंबन अगले आदेश तक जारी रहेगा।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. हरियाणा कृषि विभाग ने IPL के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?</p>
<p>विभाग ने Indian Potash Limited की गैर-सब्सिडी वाली खाद बेचने की अनुमति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है।</p>
<p>2. IPL पर कार्रवाई क्यों की गई?</p>
<p>विभाग का आरोप है कि कंपनी ने DAP खाद की रैक निर्धारित जिलों में प्राथमिकता से भेजने के निर्देशों का पालन नहीं किया, जिससे सिरसा में सप्लाई में देरी हुई।</p>
<p>3. किन जिलों में किसानों को DAP खाद की परेशानी हो रही है?</p>
<p>सिरसा और फतेहाबाद जिलों में किसान DAP खाद की उपलब्धता को लेकर परेशान बताए गए हैं।</p>
<p>4. विभाग ने खाद की रैक लगाने के लिए क्या निर्देश दिए थे?</p>
<p>खाद आपूर्तिकर्ताओं को राज्य में किसी भी स्थान पर रैक लगाने से पहले कृषि विभाग की अनुमति लेने के निर्देश दिए गए थे।</p>
<p>5. IPL की अनुमति कितने समय के लिए निलंबित की गई है?</p>
<p>अनुमति अगले आदेश तक निलंबित रहेगी।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>रबी सीजन 2026-27 से पहले हरियाणा में DAP खाद की आपूर्ति को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। सिरसा में खाद की सप्लाई में देरी के आरोपों के बाद कृषि विभाग ने Indian Potash Limited की गैर-सब्सिडी वाली खाद बेचने की अनुमति निलंबित कर दी है। अब खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_645.png" alt="Screenshot_645" width="975" height="541"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/big-action-on-indian-potash-limited-in-haryana-right-to/article-13893</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह का केजरीवाल पर बड़ा आरोप, बोले- गुरुद्वारा बंगला साहिब को बनाया राजनीतिक मंच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर गुरुद्वारा बंगला साहिब विवाद का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से केजरीवाल को तलब करने और कथित राजनीतिक गतिविधियों के लिए माफी मांगने को कहने की अपील की। वहीं, सिंह ने दिल्ली पुलिस के गुरुद्वारे में जूते पहनकर प्रवेश करने के AAP के दावे पर भी सवाल उठाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/bjp-spokesperson-rp-singhs-big-allegation-on-kejriwal-said/article-13898"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_650.png" alt=""></a><br /><p>गुरुद्वारा बंगला साहिब विवाद को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने मंगलवार को AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर धार्मिक स्थल को राजनीति के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से अपील की कि केजरीवाल को तलब कर इस मामले में जवाब मांगा जाए और उनसे माफी मंगवाई जाए।</p>
<p>10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर लगाए आरोप</p>
<p>अमृतसर में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की युवा इकाई ने 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान गुरुद्वारा बंगला साहिब को राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में दो वीडियो क्लिप दिखाईं।</p>
<p>सिंह ने AAP के उस आरोप पर भी सवाल उठाया, जिसमें दिल्ली पुलिस के जवानों के जूते पहनकर गुरुद्वारे में प्रवेश करने की बात कही गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे के जरिए बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p>लंगर के बहाने प्रवेश कर नारे लगाने का दावा</p>
<p>आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता लंगर छकने के बहाने गुरुद्वारे में दाखिल हुए और बाद में वहां पोस्टर दिखाकर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने दावा किया कि भीड़ में दिल्ली से आए AAP के कई नेता भी शामिल थे, जिन्होंने गुरुद्वारे के अंदर राजनीतिक भाषण दिए।</p>
<p>सिंह ने आरोप लगाया कि मामला सामने आने के बाद AAP नेताओं ने अकाल तख्त साहिब जाने और केंद्रीय गृह मंत्री का नाम लेकर विवाद को नया राजनीतिक रूप देने की कोशिश की। ये सभी आरोप बीजेपी प्रवक्ता ने लगाए हैं; उपलब्ध जानकारी में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।</p>
<p>सुल्तानपुर लोधी की घटना पर भी उठाए सवाल</p>
<p>आरपी सिंह ने नवंबर 2023 में सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा अकाल बुंगा साहिब में हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी के रुख पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी दोनों घटनाओं को लेकर अलग-अलग मापदंड अपना रही है।</p>
<p>उन्होंने AAP से उस घटना को लेकर भी जवाबदेही तय करने की मांग की।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने अरविंद केजरीवाल पर गुरुद्वारा बंगला साहिब विवाद का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से केजरीवाल को तलब करने और माफी मांगने के लिए कहने की अपील की।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>सिंह ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान गुरुद्वारे में राजनीतिक गतिविधियां होने का दावा किया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>उन्होंने दिल्ली पुलिस के जूते पहनकर गुरुद्वारे में प्रवेश करने के AAP के आरोप पर सवाल उठाए।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा अकाल बुंगा साहिब में नवंबर 2023 की पुलिस कार्रवाई को लेकर भी AAP से जवाब मांगा।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. आरपी सिंह ने अरविंद केजरीवाल पर क्या आरोप लगाया? आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने गुरुद्वारा बंगला साहिब विवाद का राजनीतिकरण किया।</p>
<p>2. उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से क्या अपील की? उन्होंने केजरीवाल को तलब कर कथित राजनीतिक गतिविधियों के संबंध में जवाब मांगने और माफी मांगने के लिए कहने की अपील की।</p>
<p>3. विवाद किस तारीख के प्रदर्शन से जुड़ा है? आरपी सिंह के आरोपों के अनुसार, यह विवाद 10 अक्टूबर को गुरुद्वारा बंगला साहिब में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है।</p>
<p>4. आरपी सिंह ने दिल्ली पुलिस के बारे में क्या कहा? उन्होंने AAP के उस दावे पर सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस के जवान जूते पहनकर गुरुद्वारे में दाखिल हुए थे।</p>
<p>5. सुल्तानपुर लोधी की घटना का जिक्र क्यों किया गया? सिंह ने नवंबर 2023 में गुरुद्वारा अकाल बुंगा साहिब में हुई पुलिस कार्रवाई का हवाला देकर AAP के रुख पर सवाल उठाए।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>गुरुद्वारा बंगला साहिब विवाद ने बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने धार्मिक स्थल पर कथित राजनीतिक गतिविधियों और पुलिस की भूमिका को लेकर AAP पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस मामले में सामने आए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_650.png" alt="Screenshot_650" width="988" height="628"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 13:00:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांधवाड़ी लैंडफिल 120 दिनों में होगी सील, मार्च 2027 तक कचरा हटाने का लक्ष्य; गुरुग्राम-फरीदाबाद में नई व्यवस्था की तलाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुरुग्राम और फरीदाबाद के बांधवाड़ी लैंडफिल को 120 दिनों के भीतर सील करने की योजना है। प्रशासन का लक्ष्य मार्च 2027 तक साइट से कचरा हटाना है। हालांकि, नगर निगम गुरुग्राम के NGT में दाखिल हलफनामे के अनुसार, तब तक करीब 7.2 लाख टन कचरा बचा रह सकता है। दोनों शहरों के लिए वैकल्पिक कचरा निस्तारण स्थलों की तलाश जारी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/bandhwadi-landfill-will-be-sealed-in-120-days-target-to/article-13892"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_644.png" alt=""></a><br /><p>बांधवाड़ी लैंडफिल को सील करने की तैयारी, 120 दिनों में बंद होगा नया कचरा डालना</p><p>हरियाणा में गुरुग्राम और फरीदाबाद के कचरे के निस्तारण को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बांधवाड़ी लैंडफिल पर अगले 120 दिनों के भीतर नया कचरा डालना बंद करने और साइट को सील करने की योजना है। दोनों शहरों में रोजाना लगभग 2,000 से 2,500 टन कचरा निकलता है, जिसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है।</p><p>बांधवाड़ी साइट पर अभी भी लगभग 16.60 लाख टन पुराना कचरा जमा है। इसे हटाने का लक्ष्य मार्च 2027 रखा गया है। हालांकि, नगर निगम गुरुग्राम (MCG) की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, तय समयसीमा तक लगभग 7.2 लाख टन कचरा बचने की आशंका है। इसमें वैकल्पिक सुविधाएं शुरू होने से पहले जमा होने वाला नया कचरा भी शामिल हो सकता है।</p><p>MCG कमिश्नर ने मार्च 2027 की समयसीमा तय की</p><p>नगर निगम गुरुग्राम के कमिश्नर प्रदीप दहिया ने कहा कि बांधवाड़ी साइट को मार्च 2027 तक साफ करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि यहां नया कचरा डालना बंद किया जाएगा और कुछ समय तक गुरुग्राम व फरीदाबाद में वैकल्पिक स्थानों पर कचरा भेजा जाएगा।</p><p>हालांकि, प्रस्तावित वैकल्पिक स्थलों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, नई लैंडफिल और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित होने तक सोहना नगरपालिका क्षेत्र में अस्थायी रूप से कचरे का निस्तारण किया जा सकता है।</p><p>पुराना कचरा हटाने की रफ्तार धीमी</p><p>बांधवाड़ी में वर्षों से जमा कचरे को हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। MCG के NGT में दाखिल हलफनामे के अनुसार, 2026 के शुरुआती आठ महीनों में संबंधित एजेंसियां केवल लगभग 3.6 लाख टन पुराने कचरे का ही प्रसंस्करण कर सकीं।</p><p>नगर निगम ने पहले इस काम को फरवरी 2028 तक पूरा करने की योजना बनाई थी। फरवरी 2025 में पुराने कचरे की बायो-माइनिंग के लिए दो कंपनियों को नियुक्त किया गया था। लेकिन प्रदर्शन संबंधी निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने के कारण दोनों कंपनियों के अनुबंध समाप्त कर दिए गए और उन पर कुल 9.02 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।</p><p>2010 में शुरू हुई थी बांधवाड़ी लैंडफिल साइट</p><p>बांधवाड़ी लैंडफिल की स्थापना 2010 में अरावली क्षेत्र में लगभग 29 एकड़ की परित्यक्त खनन भूमि पर की गई थी। वर्ष 2013 में आग लगने के बाद यहां कचरा उपचार संयंत्र के रूप में कामकाज बंद हो गया, लेकिन गुरुग्राम और फरीदाबाद का कचरा लगातार यहां डाला जाता रहा।</p><p>समय के साथ कचरे का पहाड़ लगभग 40 मीटर ऊंचा हो गया है। यह स्वीकृत क्षेत्र से आगे बढ़कर वन भूमि तक फैल गया है, जिससे पर्यावरणीय चिंताएं भी बढ़ी हैं।</p><p>गुरुग्राम-फरीदाबाद के सामने कचरा प्रबंधन की चुनौती</p><p>बांधवाड़ी में नया कचरा डालना बंद करने के लिए दोनों शहरों को वैकल्पिक व्यवस्था जल्द तैयार करनी होगी। रोजाना हजारों टन कचरे के निस्तारण के लिए अस्थायी स्थल, नई लैंडफिल और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट जैसे विकल्पों पर काम करना जरूरी है।</p><p>जब तक नई सुविधाएं पूरी तरह चालू नहीं होतीं, तब तक कचरे को दूसरी जगह भेजने की व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ेगा। यदि पुराना कचरा हटाने की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ती, तो मार्च 2027 की समयसीमा तक पूरी साइट साफ करना मुश्किल हो सकता है।</p><p>मुख्य बातें</p><ul><li><div><div><p>बांधवाड़ी लैंडफिल को 120 दिनों के भीतर सील करने की योजना।</p></div></div></li><li><div><div><p>मार्च 2027 तक साइट साफ करने का लक्ष्य।</p></div></div></li><li><div><div><p>साइट पर लगभग 16.60 लाख टन पुराना कचरा जमा।</p></div></div></li><li><div><div><p>NGT में दाखिल हलफनामे के अनुसार, मार्च 2027 तक करीब 7.2 लाख टन कचरा बच सकता है।</p></div></div></li><li><div><div><p>गुरुग्राम और फरीदाबाद में रोजाना 2,000 से 2,500 टन कचरा निकलता है।</p></div></div></li><li><div><div><p>2026 के शुरुआती आठ महीनों में करीब 3.6 लाख टन पुराने कचरे का प्रसंस्करण हुआ।</p></div></div></li><li><div><div><p>दो कंपनियों के अनुबंध समाप्त कर कुल 9.02 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।</p></div></div></li><li><div><div><p>कचरे का पहाड़ लगभग 40 मीटर ऊंचा होकर वन भूमि तक फैल चुका है।</p></div></div></li></ul><p>FAQs</p><p>1. बांधवाड़ी लैंडफिल को कब तक सील करने की योजना है?</p><p>योजना के अनुसार, अगले 120 दिनों के भीतर साइट पर नया कचरा डालना बंद करके इसे सील किया जाना है।</p><p>2. बांधवाड़ी लैंडफिल से कचरा हटाने की समयसीमा क्या है?</p><p>साइट को साफ करने का लक्ष्य मार्च 2027 रखा गया है।</p><p>3. बांधवाड़ी में कितना पुराना कचरा जमा है?</p><p>उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां लगभग 16.60 लाख टन पुराना कचरा जमा है।</p><p>4. गुरुग्राम और फरीदाबाद में रोजाना कितना कचरा निकलता है?</p><p>दोनों शहरों में मिलाकर रोजाना लगभग 2,000 से 2,500 टन कचरा निकलता है।</p><p>5. बांधवाड़ी में कचरे का निस्तारण कहां किया जाएगा?</p><p>वैकल्पिक स्थलों की तलाश जारी है। सूत्रों के अनुसार, नई लैंडफिल और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट शुरू होने तक सोहना नगरपालिका क्षेत्र का अस्थायी तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।</p><p>6. क्या मार्च 2027 तक पूरा कचरा हट जाएगा?</p><p>MCG के NGT में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, मार्च 2027 तक लगभग 7.2 लाख टन कचरा बच सकता है। इसलिए पूरी साइट साफ होने की समयसीमा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।</p><p>निष्कर्ष</p><p>बांधवाड़ी लैंडफिल को सील करने की योजना गुरुग्राम और फरीदाबाद में कचरा प्रबंधन की समस्या को हल करने की दिशा में अहम कदम है। लेकिन साइट पर जमा लाखों टन पुराने कचरे, धीमी बायो-माइनिंग और वैकल्पिक सुविधाओं की जरूरत के कारण चुनौती अभी बड़ी है। मार्च 2027 का लक्ष्य हासिल करने के लिए कचरा प्रसंस्करण की रफ्तार बढ़ाने और नई व्यवस्था समय पर शुरू करने की जरूरत होगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_644.png" alt="Screenshot_644" width="871" height="630"/></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:30:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता झोटा हत्याकांड पर सियासत तेज, कांग्रेस का मानसा SSP को अल्टीमेटम; बुधवार को प्रदर्शन की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए मानसा के SSP को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बुधवार तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो कांग्रेस SSP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने झोटा के परिवार से मुलाकात की। विपक्ष ने पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/punjab-congress-chief-pargat-singh-on-tuesday-issued-an-ultimatum/article-13897"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_649.png" alt=""></a><br /><p>झोटा हत्याकांड पर पंजाब कांग्रेस का अल्टीमेटम, मानसा SSP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी</p>
<p>पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने मंगलवार को मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।</p>
<p>परगट सिंह ने चेतावनी दी कि यदि बुधवार तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता SSP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p>झोटा के परिवार से मिले परगट सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी</p>
<p>परगट सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने झोटा के घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की। इसके बाद नेता बारिश से प्रभावित मंडियों का जायजा लेने के लिए बठिंडा और फिरोजपुर रवाना हुए।</p>
<p>झोटा की हत्या को लेकर कांग्रेस ने राज्य में कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरा।</p>
<p>‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान पर कांग्रेस ने उठाए सवाल</p>
<p>प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने AAP सरकार के चर्चित ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झोटा की हत्या जैसे मामले सरकार के नशे के खिलाफ अभियान के दावों पर सवाल खड़े करते हैं।</p>
<p>कांग्रेस इस मामले को राज्य में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था से जोड़कर उठा रही है। हालांकि, अभियान की प्रभावशीलता और हत्या के मामले में जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।</p>
<p>प्रताप सिंह बाजवा ने भी सरकार को घेरा</p>
<p>पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी झोटा की हत्या को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।</p>
<p>उन्होंने संगरूर के गुलजार सिंह से जुड़ी हालिया घटना, जगसीर सिंह से संबंधित घटनाक्रम और मोहनजीत सिंह के कथित उत्पीड़न का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएं नशे की समस्या से निपटने के सरकार के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।</p>
<p>विपक्ष का कहना है कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।</p>
<p>कांग्रेस ने गिरफ्तारी की मांग तेज की</p>
<p>कांग्रेस ने झोटा हत्याकांड में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को प्रमुखता से उठाया है। पार्टी ने पुलिस को कार्रवाई के लिए समयसीमा देते हुए बुधवार को प्रदर्शन की चेतावनी दी है।</p>
<p>अब इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
<li>
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<div>
<p>नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर पंजाब में सियासत तेज।</p>
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<li>
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<div>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने मानसा SSP को सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया।</p>
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<li>
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<div>
<p>गिरफ्तारी नहीं होने पर बुधवार को SSP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी।</p>
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<li>
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<div>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कांग्रेस नेताओं ने झोटा के परिवार से मुलाकात की।</p>
</div>
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<li>
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<div>
<p>परगट सिंह ने AAP के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान पर सवाल उठाए।</p>
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<div>
<p>प्रताप सिंह बाजवा ने भी नशे की समस्या से निपटने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. परमिंदर सिंह झोटा कौन थे?</p>
<p>परमिंदर सिंह झोटा को नशे के खिलाफ सक्रियता के लिए जाना जाता था। उनकी हत्या के मामले ने पंजाब में राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है।</p>
<p>2. परगट सिंह ने मानसा SSP को क्या चेतावनी दी?</p>
<p>उन्होंने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की और ऐसा नहीं होने पर बुधवार को SSP कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन की चेतावनी दी।</p>
<p>3. झोटा के परिवार से कौन-कौन मिला?</p>
<p>पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनके परिवार से मुलाकात की।</p>
<p>4. कांग्रेस ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?</p>
<p>कांग्रेस ने नशे के खिलाफ सरकार के अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।</p>
<p>5. प्रताप सिंह बाजवा ने क्या कहा?</p>
<p>उन्होंने झोटा की हत्या और अन्य हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए नशे की समस्या से निपटने के सरकार के तरीके पर सवाल उठाए।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले ने पंजाब में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। कांग्रेस ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को अल्टीमेटम दिया है और बुधवार को प्रदर्शन की चेतावनी दी है। अब पुलिस की कार्रवाई और जांच की प्रगति पर नजर रहेगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_649.png" alt="Screenshot_649" width="989" height="622"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/punjab-congress-chief-pargat-singh-on-tuesday-issued-an-ultimatum/article-13897</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:00:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहादुरगढ़ की लेदर फैक्ट्री पर बंद होने का खतरा, प्रदूषण बोर्ड ने जारी किया नोटिस; 15 दिन में देना होगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बहादुरगढ़ की एक लेदर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के आरोप में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूनिट को 15 दिन के भीतर जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर फैक्ट्री बंद करने, बिजली-पानी की आपूर्ति पर रोक और पर्यावरणीय मुआवजे सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/bahadurgarhs-leather-factory-is-in-danger-of-closure-pollution-board/article-13891"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_643.png" alt=""></a><br /><p>बहादुरगढ़ की लेदर यूनिट पर प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के आरोप</p>
<p>हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक लेदर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करने के आरोप लगे हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, झज्जर जिला प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा गठित संयुक्त समिति की जांच के बाद की गई है। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में कई पर्यावरणीय कमियां सामने आने की बात कही गई है।</p>
<p>जांच में सामने आईं कई गंभीर कमियां</p>
<p>ETP सही तरीके से काम नहीं कर रहा था</p>
<p>संयुक्त समिति ने पाया कि फैक्ट्री का एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) ठीक से काम नहीं कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, बाईपास व्यवस्था के जरिए छोड़े गए दूषित पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला में भेजे गए।</p>
<p>डीजल जनरेटर में जरूरी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था नहीं</p>
<p>निरीक्षण में यह भी सामने आया कि यूनिट में 125 KVA का डीजल जनरेटर सेट चलाया जा रहा था। समिति के अनुसार, इसमें आवश्यक रेट्रोफिट एमिशन-कंट्रोल डिवाइस किट या ड्यूल-फ्यूल व्यवस्था और पर्याप्त ऊंचाई वाली चिमनी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं नहीं थीं।</p>
<p>खतरनाक कचरे के निपटान में भी कमियां</p>
<p>फैक्ट्री के पास इस्तेमाल किए गए तेल सहित खतरनाक कचरे के निपटान के लिए अनिवार्य प्राधिकरण नहीं होने की बात सामने आई। यह प्राधिकरण Hazardous and Other Wastes (Management and Transboundary Movement) Rules, 2016 के तहत जरूरी है।</p>
<p>इसके अलावा, फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर खतरनाक कचरे से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं था। ETP में निर्धारित इनलेट फ्लो मीटर की कमी और ट्रीटमेंट सिस्टम के संचालन से जुड़े रिकॉर्ड नहीं रखने जैसी खामियां भी दर्ज की गईं।</p>
<p>पर्यावरणीय मंजूरी की शर्तों का पालन नहीं करने के आरोप</p>
<p>समिति ने भूजल निकालने की अनुमति नहीं होने और पर्यावरणीय मंजूरी के तहत जरूरी कई सुरक्षा उपायों की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया।</p>
<p>इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>
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<div>
<p>परिवेशी वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए स्टेशन का अभाव</p>
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</li>
<li>
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<p>पर्याप्त ग्रीन बेल्ट विकसित नहीं होना</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>क्रोम रिकवरी प्लांट की कमी</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>वर्षा जल संचयन प्रणाली का अभाव</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>सोलर इवैपोरेशन पॉन्ड या इलेक्ट्रिक इवैपोरेटर की कमी</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>इन कमियों को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यूनिट से स्पष्टीकरण मांगा है।</p>
<p>15 दिन में देना होगा जवाब, बंदी और जुर्माने की कार्रवाई संभव</p>
<p>हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को नोटिस प्राप्त होने की तारीख से 15 दिन का समय दिया है। यूनिट को बताना होगा कि उसके खिलाफ बंदी के निर्देश और बिजली, पानी सहित अन्य सेवाओं पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।</p>
<p>प्रस्तावित कार्रवाई में पर्यावरणीय मुआवजा, वैधानिक दंड की प्रक्रिया और कानून के तहत संभव अभियोजन या अन्य कानूनी कदम भी शामिल हैं। हालांकि, ये प्रस्तावित कार्रवाइयां हैं और अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रिया के बाद लिया जाएगा।</p>
<p>झज्जर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी</p>
<p>झज्जर जिला प्रशासन ने अधिकारियों को प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी और नियमों के प्रवर्तन को तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना और उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना है।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>बहादुरगढ़ की लेदर फैक्ट्री को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कारण बताओ नोटिस।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>NGT द्वारा गठित संयुक्त समिति ने निरीक्षण के दौरान कई कमियां दर्ज कीं।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>ETP, डीजल जनरेटर और खतरनाक कचरे के प्रबंधन पर सवाल उठे।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>भूजल उपयोग की अनुमति और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों में कमियां बताई गईं।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर जवाब देना जरूरी।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>जवाब संतोषजनक नहीं होने पर फैक्ट्री बंद करने और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. बहादुरगढ़ की लेदर फैक्ट्री को नोटिस क्यों मिला?</p>
<p>फैक्ट्री में अपशिष्ट जल उपचार, डीजल जनरेटर के प्रदूषण नियंत्रण, खतरनाक कचरे के निपटान और पर्यावरणीय मंजूरी की शर्तों से जुड़ी कथित कमियों के कारण नोटिस जारी किया गया।</p>
<p>2. फैक्ट्री को जवाब देने के लिए कितना समय मिला है?</p>
<p>नोटिस प्राप्त होने की तारीख से 15 दिन का समय दिया गया है।</p>
<p>3. क्या फैक्ट्री तुरंत बंद हो जाएगी?</p>
<p>अभी बंदी की कार्रवाई प्रस्तावित है। बोर्ड ने फैक्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा है। आगे का निर्णय जवाब और लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।</p>
<p>4. फैक्ट्री पर कौन-कौन सी कार्रवाई हो सकती है?</p>
<p>प्रस्तावित कार्रवाई में फैक्ट्री बंद करने के निर्देश, बिजली-पानी जैसी सेवाओं पर प्रतिबंध, पर्यावरणीय मुआवजा, वैधानिक दंड और कानून के तहत अभियोजन शामिल हो सकते हैं।</p>
<p>5. जांच किसने की थी?</p>
<p>यह निरीक्षण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा गठित संयुक्त समिति ने किया था।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>बहादुरगढ़ की लेदर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के खिलाफ जारी नोटिस हरियाणा में औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती बढ़ने का संकेत है। फैक्ट्री को अब 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद संबंधित प्राधिकरण आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकते हैं। मामले में अंतिम कार्रवाई की स्थिति आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_643.png" alt="Screenshot_643" width="783" height="573"/></p>]]></content:encoded>
                
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                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/bahadurgarhs-leather-factory-is-in-danger-of-closure-pollution-board/article-13891</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की जमीन खरीद पर ED का बड़ा कदम, पंजाब पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) की ओर से कथित तौर पर बढ़ी हुई कीमतों पर जमीन खरीदने के मामले में पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर FIR दर्ज करने की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार, PCA ने अमृतसर के अजनाला और बठिंडा में कुल लगभग 78 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी। ED ने जमीन की खरीद कीमतों, सरकारी कलेक्टर रेट और संबंधित कंपनियों के बैंक खातों में हुए लेन-देन पर सवाल उठाए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/the-enforcement-directorate-ed-has-written-to-the-punjab-police/article-13896"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_648.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की जमीन खरीद पर ED की नजर</p>
<p>पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) की जमीन खरीद को लेकर विवाद सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने मोहाली के SSP से जल्द कार्रवाई करने को कहा है।</p>
<p>ED की जांच में अमृतसर जिले के अजनाला और बठिंडा में खरीदी गई जमीनों की कीमतों की तुलना सरकारी कलेक्टर रेट से की गई है। हालांकि, कलेक्टर रेट और वास्तविक बाजार मूल्य में अंतर हो सकता है। एजेंसी ने कुछ सौदों में जमीन की खरीद कीमत और पहले संबंधित कंपनियों द्वारा चुकाई गई कीमत के बीच बड़े अंतर का उल्लेख किया है।</p>
<p>करीब 78 करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन</p>
<p>ED की रिपोर्ट के मुताबिक, अजनाला में 155 कनाल 15.5 मरला और बठिंडा में 100 कनाल 10 मरला जमीन खरीदने पर PCA ने कुल 77,99,03,563 रुपये यानी करीब 78 करोड़ रुपये खर्च किए।</p>
<p>जांच में जमीन के सौदों, संबंधित कंपनियों और बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। ED ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में जमीन को कम कीमत पर खरीदने के बाद कुछ ही महीनों में PCA को काफी अधिक कीमत पर बेचा गया।</p>
<p>बठिंडा में कलेक्टर रेट से लगभग 3.93 गुना अधिक कीमत देने का आरोप</p>
<p>ED की रिपोर्ट के अनुसार, बठिंडा में जमीन के एक सौदे के लिए PCA ने 19,76,94,500 रुपये का भुगतान किया। यह कीमत लगभग 19.67 लाख रुपये प्रति कनाल बताई गई है।</p>
<p>इसके मुकाबले संबंधित जमीन का सरकारी कलेक्टर रेट 5 लाख रुपये प्रति कनाल था, जिसके हिसाब से कुल कीमत 5,02,50,000 रुपये बनती थी। ED ने दावा किया कि खरीद मूल्य सरकारी कलेक्टर रेट से करीब 3.93 गुना अधिक था।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के दौरान इस क्षेत्र में एक जमीन सौदे के लिए चुकाई गई यह सबसे अधिक कीमत थी।</p>
<p>अजनाला में कंपनियों ने जमीन खरीदकर PCA को बेची</p>
<p>ED ने अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र में भी जमीन की खरीद और दोबारा बिक्री के दौरान कीमतों में बड़ा अंतर होने का आरोप लगाया है। एजेंसी के मुताबिक, दो कंपनियों ने स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों से जमीन खरीदी और कुछ महीनों के भीतर उसके हिस्से PCA को काफी अधिक कीमत पर बेच दिए।</p>
<p>पहली कंपनी का सौदा</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, एक कंपनी ने स्थानीय किसानों से 61 कनाल 2 मरला जमीन लगभग 1.36 करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसकी औसत कीमत करीब 2.22 लाख रुपये प्रति कनाल थी।</p>
<p>इसके बाद 16 फरवरी 2026 को कंपनी ने इस जमीन में से 32 कनाल 4 मरला PCA को लगभग 12.03 करोड़ रुपये में बेच दी। यह कीमत करीब 37.4 लाख रुपये प्रति कनाल बताई गई है।</p>
<p>दूसरी कंपनी का सौदा</p>
<p>दूसरी कंपनी ने अगस्त से नवंबर 2025 के बीच स्थानीय जमीन मालिकों से 224 कनाल 2 मरला जमीन लगभग 5.56 करोड़ रुपये में खरीदी थी। यह औसतन करीब 2.48 लाख रुपये प्रति कनाल थी।</p>
<p>फरवरी 2026 में कंपनी ने इस जमीन में से 123 कनाल 11.5 मरला PCA को करीब 46.18 करोड़ रुपये में बेच दी। इस सौदे में कीमत लगभग 37.4 लाख रुपये प्रति कनाल बताई गई है।</p>
<p>ED के अनुसार, दोनों कंपनियों ने करीब 285 कनाल जमीन 6.92 करोड़ रुपये में खरीदी और तीन से छह महीनों के भीतर 155 कनाल 15.5 मरला जमीन PCA को 58.22 करोड़ रुपये में बेच दी। एजेंसी ने दावा किया कि PCA ने कंपनियों द्वारा मूल रूप से चुकाई गई कीमत से करीब 15.4 गुना अधिक भुगतान किया।</p>
<p>बैंक खातों की भी जांच, रकम निकालने का दावा</p>
<p>ED ने संबंधित कंपनियों के बैंक खातों की भी जांच की। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, PCA से प्राप्त रकम खाते में आने के तुरंत बाद ट्रांसफर की गई या निकाल ली गई।</p>
<p>रिपोर्ट में एक कंपनी को PCA की ओर से TDS को छोड़कर 11,91,44,025 रुपये दिए जाने का उल्लेख है। ED के मुताबिक, यह पूरी रकम दो महीने के भीतर निकाल ली गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि प्राप्त धनराशि से तीन व्यक्तियों को बड़े भुगतान किए गए।</p>
<p>इन वित्तीय लेन-देन को लेकर ED ने जांच में सवाल उठाए हैं। हालांकि, आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं माना जा सकता; मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।</p>
<p>पंजाब पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग</p>
<p>ED ने मामले में पंजाब पुलिस से FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने मोहाली के SSP को जल्द कार्रवाई करने के लिए लिखा है।</p>
<p>फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह FIR दर्ज करने की मांग है। पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने या किसी अदालत द्वारा आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष दिए जाने की पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं है।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
<ul>
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<p>ED ने PCA की जमीन खरीद के मामले में पंजाब पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की।</p>
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<li>
<div>
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<p>अजनाला और बठिंडा में जमीन खरीद पर कुल करीब 78 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख।</p>
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<li>
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<p>बठिंडा के एक सौदे में कलेक्टर रेट से लगभग 3.93 गुना अधिक कीमत देने का आरोप।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>अजनाला में दो कंपनियों द्वारा जमीन खरीदकर कुछ महीनों में काफी अधिक कीमत पर PCA को बेचने का दावा।</p>
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<div>
<div>
<p>ED के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने लगभग 6.92 करोड़ रुपये में जमीन खरीदकर संबंधित हिस्से PCA को 58.22 करोड़ रुपये में बेचे।</p>
</div>
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</li>
<li>
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<div>
<p>संबंधित बैंक खातों में रकम आने के बाद ट्रांसफर और निकासी की भी जांच की गई।</p>
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<li>
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<p>मामले में आरोपों की पुष्टि और कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण आगे की जांच पर निर्भर करेगा।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. ED ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ क्या कदम उठाया है?</p>
<p>ED ने कथित तौर पर बढ़ी हुई कीमतों पर जमीन खरीदने के मामले में पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर FIR दर्ज करने की मांग की है।</p>
<p>2. PCA ने कितने रुपये की जमीन खरीदी?</p>
<p>ED की रिपोर्ट के अनुसार, अजनाला और बठिंडा में खरीदी गई जमीनों की कुल कीमत लगभग 78 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>3. बठिंडा के जमीन सौदे में क्या आरोप है?</p>
<p>ED के मुताबिक, एक सौदे में PCA ने करीब 19.76 करोड़ रुपये चुकाए, जबकि सरकारी कलेक्टर रेट के हिसाब से जमीन की कीमत लगभग 5.02 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>4. अजनाला में किन बातों की जांच हो रही है?</p>
<p>ED ने दो कंपनियों द्वारा जमीन खरीदने और कुछ महीनों के भीतर PCA को काफी अधिक कीमत पर बेचने के सौदों की जांच की है।</p>
<p>5. क्या PCA के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है?</p>
<p>उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ED ने FIR दर्ज करने की मांग की है। FIR दर्ज होने की पुष्टि यहां दी गई जानकारी में नहीं है।</p>
<p>6. क्या इस मामले में किसी को दोषी ठहराया गया है?</p>
<p>दी गई जानकारी में किसी अदालत के अंतिम फैसले का उल्लेख नहीं है। फिलहाल रिपोर्ट में ED के आरोप और जांच के निष्कर्ष बताए गए हैं।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की जमीन खरीद को लेकर ED की जांच में सरकारी कलेक्टर रेट, जमीन की दोबारा बिक्री और बैंक खातों में हुए लेन-देन पर सवाल उठाए गए हैं। एजेंसी ने पंजाब पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की है। अब मामले में पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं के संबंध में क्या कानूनी निष्कर्ष निकलते हैं।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_648.png" alt="Screenshot_648" width="515" height="633"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/the-enforcement-directorate-ed-has-written-to-the-punjab-police/article-13896</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 11:00:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंबाला में धान की सीधी बिजाई को झटका! 25 हजार एकड़ का लक्ष्य, सिर्फ 8,097 एकड़ में हुई DSR खेती की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा के अंबाला जिले में धान की सीधी बिजाई (DSR) का रकबा 2026-27 सीजन में घटकर 8,097 एकड़ रह गया है, जबकि लक्ष्य 25,000 एकड़ निर्धारित किया गया था। कृषि विभाग के अनुसार, 18,750 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए पंजीकरण हुआ, लेकिन भौतिक सत्यापन में कम क्षेत्र में DSR की पुष्टि हुई। इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को 4,500 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दिया जाता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/shock-to-direct-sowing-of-paddy-in-ambala-target-of/article-13890"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_642.png" alt=""></a><br /><p>हरियाणा के अंबाला जिले में धान की सीधी बिजाई यानी डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच 2026-27 के सीजन में इसके रकबे में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। पिछले तीन वर्षों में लगातार बढ़ने के बाद इस बार 25,000 एकड़ के लक्ष्य के मुकाबले केवल 8,097 एकड़ में DSR खेती की पुष्टि हुई है।</p>
<p>कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चालू सीजन में 18,750 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए किसानों ने पंजीकरण कराया था। हालांकि, खेतों के भौतिक सत्यापन के बाद वास्तविक रकबा इससे काफी कम पाया गया। विभाग ने इसके पीछे बुवाई के दौरान प्रतिकूल मौसम और जलवायु परिस्थितियों को प्रमुख कारण बताया है।</p>
<p>H2: तीन साल तक लगातार बढ़ा DSR का रकबा</p>
<p>अंबाला जिले में धान की सीधी बिजाई का चलन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा था। कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि किसानों ने इस तकनीक को अपनाने के साथ सरकारी प्रोत्साहन का भी लाभ लिया।</p>
<p>वर्ष 2023-24 में लगभग 4,691 एकड़ में DSR खेती की गई थी। इस दौरान किसानों को 1.87 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि मिली।</p>
<p>वर्ष 2024-25 में DSR का रकबा बढ़कर करीब 6,100 एकड़ हो गया और किसानों को 2.44 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी गई।</p>
<p>इसके बाद 2025-26 में क्षेत्रफल बढ़कर 8,653 एकड़ पहुंच गया। उस सीजन में किसानों को 3.89 करोड़ रुपये से अधिक का प्रोत्साहन मिला।</p>
<p>हालांकि, 2026-27 में सत्यापन के बाद यह आंकड़ा घटकर 8,097 एकड़ रह गया।</p>
<p>H2: किसानों को प्रति एकड़ 4,500 रुपये का प्रोत्साहन</p>
<p>राज्य सरकार धान की सीधी बिजाई को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 4,500 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इसका उद्देश्य पानी की बचत करना, खेती की लागत कम करना और भूजल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करना है।</p>
<p>चालू सीजन में पंजीकरण का दायरा 18,750 एकड़ से अधिक था, लेकिन सत्यापन में केवल 8,097 एकड़ में इस तकनीक के इस्तेमाल की पुष्टि हुई। इससे निर्धारित लक्ष्य और वास्तविक खेती के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।</p>
<p>H2: बराड़ा ब्लॉक DSR खेती में सबसे आगे</p>
<p>अंबाला जिले के विभिन्न ब्लॉकों में DSR खेती का रकबा अलग-अलग दर्ज किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बराड़ा ब्लॉक सबसे आगे रहा।</p>
<p>ब्लॉकवार DSR क्षेत्रफल इस प्रकार है:</p>
<ul>
<li>
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<div>
<p>बराड़ा: लगभग 2,573 एकड़</p>
</div>
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</li>
<li>
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<p>अंबाला सिटी: लगभग 1,785 एकड़</p>
</div>
</div>
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<li>
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<p>साहा: लगभग 1,670 एकड़</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>अंबाला कैंट: 1,093 एकड़ से अधिक</p>
</div>
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<div>
<p>नारायणगढ़: लगभग 803 एकड़</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>शहजादपुर: 171 एकड़ से अधिक</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>इन आंकड़ों से पता चलता है कि जिले के कुछ क्षेत्रों में किसान इस तकनीक को अपना रहे हैं, लेकिन पूरे जिले में इसका विस्तार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो पाया है।</p>
<p>H2: क्या है धान की सीधी बिजाई तकनीक?</p>
<p>धान की सीधी बिजाई को Direct Seeded Rice यानी DSR कहा जाता है। पारंपरिक तरीके में पहले नर्सरी में धान की पौध तैयार की जाती है और फिर उसे खेत में रोपा जाता है। इसके विपरीत DSR तकनीक में धान के बीज सीधे खेत में बोए जाते हैं।</p>
<p>इस पद्धति में पौध की रोपाई की आवश्यकता नहीं होती, जिससे पानी, मजदूरी और खेती से जुड़ी अन्य लागतों में कमी आ सकती है।</p>
<p>H3: DSR से पानी की कितनी बचत होती है?</p>
<p>कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक रोपाई की तुलना में DSR तकनीक से लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक पानी की बचत हो सकती है। इससे भूजल संरक्षण में मदद मिलती है और सिंचाई पर होने वाला खर्च कम किया जा सकता है।</p>
<p>उपयुक्त खेत की स्थिति और सही प्रबंधन के साथ यह तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, इसका लाभ मिट्टी, मौसम, बीज की गुणवत्ता और खरपतवार नियंत्रण जैसे कारकों पर भी निर्भर करता है।</p>
<p>H2: खरपतवार और पैदावार की चिंता से किसान पीछे</p>
<p>पानी और लागत बचाने की संभावनाओं के बावजूद DSR तकनीक को अपनाने में किसानों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>खरपतवार पर नियंत्रण, बीजों का सही अंकुरण और फसल की पैदावार को लेकर चिंताएं इस तकनीक को अपनाने की गति प्रभावित करती हैं। बुवाई के समय मौसम अनुकूल नहीं रहने पर भी किसानों को परेशानी हो सकती है।</p>
<p>इन चुनौतियों के कारण कई किसान पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई को प्राथमिकता देते हैं।</p>
<p>H2: प्रतिकूल मौसम को बताया रकबा घटने का कारण</p>
<p>अंबाला के उपनिदेशक कृषि डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि विभाग को 18,750 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए पंजीकरण प्राप्त हुए थे, लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान लगभग 8,097 एकड़ में ही DSR खेती की पुष्टि हुई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बुवाई के समय जलवायु और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इस बार रकबे में गिरावट आई। उनके अनुसार, किसान DSR तकनीक अपनाकर प्रति एकड़ लगभग 8,000 से 10,000 रुपये तक की बचत कर सकते हैं।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
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<p>अंबाला में 2026-27 सीजन में 8,097 एकड़ में DSR खेती की पुष्टि हुई।</p>
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<p>सरकार ने 25,000 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया था।</p>
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<p>18,750 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए पंजीकरण कराया गया था।</p>
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<p>किसानों को DSR अपनाने पर 4,500 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन मिलता है।</p>
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<p>2025-26 में DSR का रकबा 8,653 एकड़ था।</p>
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<p>बराड़ा ब्लॉक 2,573 एकड़ के साथ जिले में सबसे आगे रहा।</p>
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<div>
<p>DSR से पारंपरिक रोपाई की तुलना में 25-30 प्रतिशत तक पानी बचाने की संभावना है।</p>
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</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>खरपतवार नियंत्रण, अंकुरण और पैदावार से जुड़ी चिंताएं इसके विस्तार में बाधा हैं।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. DSR तकनीक क्या है?</p>
<p>DSR यानी Direct Seeded Rice में धान की पौध को नर्सरी से खेत में रोपने के बजाय बीज सीधे खेत में बोए जाते हैं।</p>
<p>2. अंबाला में 2026-27 में कितने एकड़ में DSR खेती हुई?</p>
<p>कृषि विभाग के भौतिक सत्यापन के अनुसार, लगभग 8,097 एकड़ में DSR खेती की पुष्टि हुई।</p>
<p>3. DSR अपनाने वाले किसानों को कितनी प्रोत्साहन राशि मिलती है?</p>
<p>किसानों को इस तकनीक को अपनाने पर 4,500 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि मिलती है।</p>
<p>4. DSR तकनीक से कितना पानी बच सकता है?</p>
<p>कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक रोपाई की तुलना में DSR से लगभग 25-30 प्रतिशत तक पानी बचाया जा सकता है।</p>
<p>5. अंबाला में DSR का सबसे अधिक रकबा किस ब्लॉक में है?</p>
<p>बराड़ा ब्लॉक में लगभग 2,573 एकड़ क्षेत्र में DSR खेती दर्ज की गई, जो जिले में सबसे अधिक है।</p>
<p>6. इस साल अंबाला में DSR का रकबा क्यों घटा?</p>
<p>उपनिदेशक कृषि डॉ. वजीर सिंह के अनुसार, बुवाई के दौरान प्रतिकूल मौसम और जलवायु परिस्थितियों के कारण रकबे में गिरावट आई। खरपतवार और पैदावार संबंधी चिंताएं भी इस तकनीक को अपनाने में चुनौती बनी हुई हैं।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>अंबाला में धान की सीधी बिजाई का रकबा पिछले तीन वर्षों में बढ़ने के बाद 2026-27 सीजन में कुछ घट गया है। 25,000 एकड़ के लक्ष्य के मुकाबले 8,097 एकड़ में ही खेती की पुष्टि होना बताता है कि DSR तकनीक को बढ़ावा देने के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत है। पानी और लागत बचाने की क्षमता के बावजूद किसानों की चिंताओं को दूर करना, सही तकनीकी मार्गदर्शन देना और बुवाई के अनुकूल परिस्थितियां सुनिश्चित करना इस पद्धति के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_642.png" alt="Screenshot_642" width="984" height="554"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 10:30:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों का पंजाब की राजनीति पर असर? 2027 चुनाव से पहले दोआबा में BJP, AAP और कांग्रेस की रणनीति बदली</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो का असर पंजाब के दोआबा क्षेत्र की राजनीति पर पड़ता दिखाई दे रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले BJP, AAP और कांग्रेस अपनी रणनीतियों पर दोबारा विचार कर रही हैं। AAP और कांग्रेस सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेर रही हैं, जबकि BJP नेताओं का कहना है कि पंजाब के प्रमुख मुद्दे नशा और बेरोजगारी हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/impact-of-delhi-protests-on-punjab-politics-bjp-aap-and/article-13895"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_647.png" alt=""></a><br /><p>दिल्ली की सियासत का पंजाब के दोआबा में असर, 2027 चुनाव से पहले बढ़ी हलचल</p>
<p>दिल्ली में जारी राजनीतिक घटनाक्रम का असर अब पंजाब के दोआबा क्षेत्र में भी महसूस किया जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल युवाओं में बढ़ते असंतोष और विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीतियों का आकलन कर रहे हैं।</p>
<p>दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे युवाओं को धक्का देने, घायल होने और हिरासत में लिए जाने से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए हैं। BJP नेताओं को आशंका है कि इन घटनाओं से पंजाब में पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस इन घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही हैं।</p>
<p>AAP और कांग्रेस सोशल मीडिया पर सक्रिय</p>
<p>AAP और कांग्रेस की सोशल मीडिया टीमें विरोध प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो साझा कर पंजाबी युवाओं तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। AAP ने दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में पुलिस के प्रवेश को लेकर उठे विवाद को भी प्रमुखता से उठाया है।</p>
<p>राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पंजाब में सभी प्रमुख दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे हैं। युवाओं की नाराजगी और सोशल मीडिया पर चल रही बहस चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती है।</p>
<p>BJP नेताओं को पार्टी की चुनावी गति प्रभावित होने की चिंता</p>
<p>BJP के एक पूर्व जिला पदाधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर माना कि दिल्ली की घटनाओं से पंजाब में पार्टी की राजनीतिक गति प्रभावित हुई है।</p>
<p>उनके अनुसार, पिछले कुछ महीनों में पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर के दो दौरों के बाद कार्यकर्ताओं में जोश था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से भी पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद थी।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने कहा कि दिल्ली के घटनाक्रम ने इन राजनीतिक गतिविधियों के प्रभाव पर छाया डाल दी है।</p>
<p>AAP को भी मिल रहा राजनीतिक मुद्दा उठाने का मौका</p>
<p>AAP को पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाइयों के बाद कई विवादों का सामना करना पड़ा था। लेकिन दिल्ली के हालिया घटनाक्रम के बीच पार्टी को अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलता दिखाई दे रहा है।</p>
<p>पार्टी विरोध प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो साझा कर युवाओं के बीच अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इन घटनाओं का पंजाब में पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर कितना असर पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप</p>
<p>कांग्रेस भी दिल्ली के घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है। पार्टी के नेताओं ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कथित तौर पर सत्तावादी राजनीति करने और चुनावी प्रक्रिया को संभालने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख परगट सिंह, जो जालंधर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व और कार्यकर्ता केंद्र सरकार को चुनौती देना जारी रखे हुए हैं।</p>
<p>जालंधर की रहने वाली इंडियन यूथ कांग्रेस की कार्यकर्ता गुरमेहर कौर भी जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं।</p>
<p>BJP ने पंजाब के मुद्दों पर दिया जोर</p>
<p>BJP के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने इस बात को खारिज किया कि दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों का पंजाब के चुनावी माहौल पर कोई बड़ा असर पड़ेगा।</p>
<p>उन्होंने प्रदर्शनों को केंद्र सरकार को अस्थिर करने की कोशिश बताया। साथ ही कहा कि पंजाब के सामने नशे की समस्या और बेरोजगारी जैसे मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p>शेरगिल ने कांग्रेस और AAP पर भी मिलकर अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इस तरह, जहां विपक्ष दिल्ली की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार को घेर रहा है, वहीं BJP इसे पंजाब के स्थानीय मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश के रूप में पेश कर रही है।</p>
<p>मुख्य बातें</p>
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<p>दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों का असर पंजाब के दोआबा क्षेत्र की राजनीति पर पड़ने की चर्चा।</p>
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<p>2027 विधानसभा चुनाव से पहले BJP, AAP और कांग्रेस अपनी रणनीतियों का आकलन कर रही हैं।</p>
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<p>AAP और कांग्रेस विरोध प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं।</p>
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<p>BJP के एक पूर्व जिला पदाधिकारी ने पार्टी की राजनीतिक गति प्रभावित होने की बात कही।</p>
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<p>परगट सिंह ने केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के विरोध का उल्लेख किया।</p>
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<p>गुरमेहर कौर विरोध प्रदर्शनों में प्रमुख चेहरों में शामिल बताई गई हैं।</p>
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<p>BJP प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने चुनावी असर की आशंका खारिज की और नशे व बेरोजगारी को पंजाब के प्रमुख मुद्दे बताया।</p>
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</li>
</ul>
<p>FAQs</p>
<p>1. दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों का पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?</p>
<p>इन घटनाओं से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के कारण युवाओं की प्रतिक्रिया और राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक चुनावी प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>2. AAP और कांग्रेस इन घटनाओं का इस्तेमाल कैसे कर रही हैं?</p>
<p>दोनों दलों की सोशल मीडिया टीमें विरोध प्रदर्शनों के वीडियो साझा कर रही हैं और केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रही हैं।</p>
<p>3. BJP को किस बात की चिंता है?</p>
<p>BJP के कुछ नेताओं को आशंका है कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें पंजाब में पार्टी की चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकती हैं।</p>
<p>4. BJP का इस मामले पर क्या रुख है?</p>
<p>BJP प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य केंद्र सरकार को अस्थिर करना है। उन्होंने पंजाब में नशे और बेरोजगारी को प्रमुख मुद्दे बताया।</p>
<p>5. पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव कब होना है?</p>
<p>पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में निर्धारित है।</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी घटनाओं ने पंजाब की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP, AAP और कांग्रेस इन घटनाओं को अपने-अपने राजनीतिक नजरिए से देख रही हैं। हालांकि, इन घटनाओं का चुनावी नतीजों पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में युवाओं की प्रतिक्रिया, स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर निर्भर करेगा।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_647.png" alt="Screenshot_647" width="659" height="627"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/impact-of-delhi-protests-on-punjab-politics-bjp-aap-and/article-13895</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 10:00:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरुग्राम में अवैध निर्माण पर कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट की रोक, DLF फेज-1 से 5 तक के मकान मालिकों को राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम की DLF फेज-1 से 5 और अन्य लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में आवासीय मकानों में कथित अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) विभाग की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/supreme-court-stops-action-on-illegal-construction-in-gurugram-relief/article-13889"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_641.png" alt=""></a><br /><p>गुरुग्राम में आवासीय मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों और कथित अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अंतरिम रोक लगा दी। यह आदेश DLF फेज-1 से 5 और गुरुग्राम की अन्य लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों से जुड़े मामले में दिया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर के लिए निर्धारित की है।</p>
<p>इस फैसले से उन मकान मालिकों और किरायेदारों को फिलहाल राहत मिल सकती है, जिनके आवासीय परिसरों में कार्यालय, क्लीनिक, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है।</p>
<p>H2: सुप्रीम कोर्ट में किस मामले पर हुई सुनवाई?</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने ‘गौरव कोहली बनाम हरियाणा राज्य’ मामले में विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।</p>
<p>याचिका में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जो TCP विभाग की ऐसी कार्रवाई शुरू करने की शक्तियों से संबंधित है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल मुख्य विवाद इस बात को लेकर है कि संबंधित मामलों में TCP विभाग को किस सीमा तक कार्रवाई करने का अधिकार है। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।</p>
<p>H2: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में भी मामला लंबित</p>
<p>आवासीय मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित एक अन्य मामला मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष भी सूचीबद्ध था।</p>
<p>हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में अधिकार क्षेत्र से जुड़ा मुद्दा लंबित होने के कारण हाई कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई नहीं की। अब इस मामले को 23 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है।</p>
<p>H2: 160 से अधिक मकान किए जा चुके हैं सील</p>
<p>गुरुग्राम में TCP विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) अमित मधोलिया के नेतृत्व में की गई थी। विभाग ने कथित तौर पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 160 से अधिक मकानों को सील किया है।</p>
<p>कार्रवाई के दौरान DLF फेज-3 और फेज-4, सुशांत लोक-1 तथा साउथ सिटी-1 सहित कई इलाकों में सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।</p>
<p>H3: आवासीय प्लॉटों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई</p>
<p>TCP विभाग की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आवासीय प्लॉटों के कथित व्यावसायिक दुरुपयोग और स्वीकृत भवन नक्शों के उल्लंघन को रोकना था।</p>
<p>इस अभियान के बाद उन संपत्ति मालिकों और किरायेदारों के बीच चिंता बढ़ गई थी, जो शहर की पुरानी लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में आवासीय परिसरों से कार्यालय, क्लीनिक, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान चला रहे हैं।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस कार्रवाई से जुड़े कानूनी विवाद पर अब शीर्ष अदालत में आगे सुनवाई होगी।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में TCP विभाग की संबंधित प्रवर्तन कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>आदेश DLF फेज-1 से 5 और अन्य लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों से जुड़े मामले में दिया गया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>‘गौरव कोहली बनाम हरियाणा राज्य’ मामले में विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई हुई।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में संबंधित मामले की सुनवाई अब 23 नवंबर को सूचीबद्ध है।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>TCP विभाग 160 से अधिक मकानों को सील कर चुका है।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>DLF फेज-3 और 4, सुशांत लोक-1 तथा साउथ सिटी-1 में भी कार्रवाई हुई थी।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में किस कार्रवाई पर रोक लगाई है?</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने DLF फेज-1 से 5 और अन्य लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में आवासीय मकानों में कथित अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ TCP विभाग की संबंधित कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई है।</p>
<p>2. मामले की अगली सुनवाई कब होगी?</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।</p>
<p>3. TCP विभाग ने कितने मकानों को सील किया है?</p>
<p>उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विभाग ने कथित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 160 से अधिक मकानों को सील किया है।</p>
<p>4. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अगली सुनवाई कब है?</p>
<p>संबंधित मामले को हाई कोर्ट में 23 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है।</p>
<p>5. क्या सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों को वैध घोषित कर दिया है?</p>
<p>नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने संबंधित प्रवर्तन कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई है। यह अंतिम फैसला नहीं है और व्यावसायिक गतिविधियों की वैधता पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>गुरुग्राम की लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में आवासीय मकानों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश महत्वपूर्ण है। TCP विभाग की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगने के बाद अब सभी की नजर 3 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी। मामले का अंतिम परिणाम अदालत के आगे के आदेशों और विभाग के अधिकार क्षेत्र पर होने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_641.png" alt="Screenshot_641" width="985" height="541"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/supreme-court-stops-action-on-illegal-construction-in-gurugram-relief/article-13889</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 09:30:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी BJP, CR पाटिल और संदीप पाठक संभालेंगे चुनावी रणनीति की कमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुजरात के वरिष्ठ सांसद सीआर पाटिल और आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में आए संदीप पाठक को पंजाब में पार्टी की रणनीति और संगठन विस्तार से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/bjp-is-preparing-for-punjab-assembly-elections-cr-patil-and/article-13885"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_637.png" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_637.png" alt="Screenshot_637" width="987" height="559"/>पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दो प्रमुख रणनीतिकारों सीआर पाटिल और संदीप पाठक की भूमिका बढ़ा रही है। दोनों नेताओं ने सोमवार को पंजाब से संबंधित भाजपा की एक आधिकारिक बैठक में पहली बार हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने ऑनलाइन की।</p>
<p>इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने अभियान की अगली रणनीति पर विचार कर रहा है। वहीं, भाजपा पंजाब में संगठन विस्तार और आगामी चुनावों की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।</p>
<p>H2: पंजाब में भाजपा की रणनीति संभालेंगे सीआर पाटिल</p>
<p>गुजरात की नवसारी लोकसभा सीट से चार बार सांसद रहे सीआर पाटिल को पंजाब में भाजपा की चुनावी रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है। वह पहले ही पंजाब भाजपा के कई नेताओं के साथ अनौपचारिक बैठकें कर चुके हैं।</p>
<p>सोमवार की बैठक में पाटिल ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी, जहां पार्टी का पहले से संगठनात्मक आधार मौजूद है।</p>
<p>बैठक में प्रदेश अध्यक्ष केवल ढिल्लों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और अश्वनी शर्मा तथा भाजपा उपाध्यक्ष मनप्रीत बादल सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।</p>
<p>पार्टी के भीतर पाटिल की सक्रिय भूमिका को पंजाब में भाजपा की रणनीति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष निगरानी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाटिल सीधे प्रधानमंत्री को अपनी रिपोर्ट दे सकते हैं।</p>
<p>H2: AAP से भाजपा में आए संदीप पाठक को भी अहम जिम्मेदारी</p>
<p>भाजपा की पंजाब रणनीति में दूसरे प्रमुख चेहरे संदीप पाठक हैं। वह आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) रह चुके हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से हाल ही में घोषित नई टीम में उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।</p>
<p>पाठक की नियुक्ति को पंजाब में भाजपा की चुनावी तैयारी और संभावित उम्मीदवारों के चयन से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्हें जमीनी स्तर से राजनीतिक जानकारी जुटाने, चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण करने और संगठन को मजबूत बनाने का अनुभव है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने करीब एक महीने पहले ही पाठक से पंजाब में पार्टी के लिए काम करने की संभावना पर बातचीत की थी। माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के कई प्रभावशाली नेताओं के साथ उनके पुराने संपर्क भी भाजपा की रणनीति में भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p>H2: 2022 में AAP की चुनावी जीत में रही थी पाठक की अहम भूमिका</p>
<p>संदीप पाठक ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी की चुनावी रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस समय उन्होंने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में भी भाग लिया था।</p>
<p>अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने उस चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की थी। बाद में पाठक और पार्टी के बीच मतभेद बढ़ गए। रिपोर्ट के मुताबिक, वह उन राज्यसभा सांसदों में शामिल थे, जो इस साल की शुरुआत में भाजपा में शामिल हुए।</p>
<p>अब भाजपा में उनकी नई जिम्मेदारी के तहत पंजाब में उम्मीदवारों के चयन और संगठन विस्तार में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।</p>
<p>H2: बूथ से जिला स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी</p>
<p>भाजपा पंजाब में बूथ, मंडल और जिला स्तर पर संगठन का विस्तार करने की योजना बना रही है। पार्टी का जोर उन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर है, जहां पहले से कार्यकर्ता और संगठनात्मक ढांचा मौजूद है।</p>
<p>सीआर पाटिल और संदीप पाठक की भागीदारी को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों, जमीनी फीडबैक और चुनावी आंकड़ों के आधार पर अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।</p>
<p>पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में भाजपा के लिए संगठनात्मक विस्तार और स्थानीय नेतृत्व के साथ समन्वय आगामी चुनावों की तैयारी के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे।</p>
<p>H2: चुनावी जीत का अनुभव रखते हैं सीआर पाटिल</p>
<p>सीआर पाटिल को अनुभवी चुनावी रणनीतिकार माना जाता है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में नवसारी सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को लगभग 6.89 लाख वोटों के अंतर से हराया था। यह उस चुनाव में देश के सबसे बड़े जीत के अंतर में शामिल था।</p>
<p>उन्होंने 2014 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। उनके चुनावी अनुभव को देखते हुए पंजाब में भाजपा की रणनीति तैयार करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
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<p>भाजपा ने पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज की हैं।</p>
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<p>सीआर पाटिल को राज्य में चुनावी रणनीति बनाने की अहम जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है।</p>
</div>
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</li>
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<p>AAP के पूर्व संगठन महासचिव संदीप पाठक को भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।</p>
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</li>
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<p>दोनों नेताओं ने सोमवार को पंजाब से संबंधित भाजपा की आधिकारिक बैठक में हिस्सा लिया।</p>
</div>
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<p>भाजपा बूथ, मंडल और जिला स्तर पर संगठन मजबूत करने की तैयारी कर रही है।</p>
</div>
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</li>
<li>
<div>
<div>
<p>संदीप पाठक ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में AAP की रणनीति और उम्मीदवारों के चयन में भूमिका निभाई थी।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>सीआर पाटिल ने 2019 के लोकसभा चुनाव में लगभग 6.89 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. पंजाब में भाजपा की चुनावी रणनीति से कौन से नेता जुड़े हैं? रिपोर्ट के अनुसार, सीआर पाटिल और संदीप पाठक पंजाब में भाजपा की चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार में अहम भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p>2. संदीप पाठक कौन हैं? संदीप पाठक आम आदमी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) हैं। वह भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय सचिव बनाए गए।</p>
<p>3. पंजाब में भाजपा की संगठन विस्तार योजना क्या है? भाजपा बूथ, मंडल और जिला स्तर पर संगठन मजबूत करने तथा उन विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान देने की योजना बना रही है, जहां पार्टी की पहले से मौजूदगी है।</p>
<p>4. 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में संदीप पाठक की क्या भूमिका थी? उन्होंने आम आदमी पार्टी की चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन में अहम भूमिका निभाई थी। पार्टी ने उस चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की थी।</p>
<p>5. सीआर पाटिल ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कितने अंतर से जीत हासिल की थी? रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने नवसारी लोकसभा सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को लगभग 6.89 लाख वोटों से हराया था।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। सीआर पाटिल का चुनावी अनुभव और संदीप पाठक की जमीनी रणनीति तथा उम्मीदवार चयन की विशेषज्ञता पार्टी की योजना में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, दोनों नेताओं की वास्तविक जिम्मेदारियों और उम्मीदवार चयन में उनकी भूमिका को लेकर अंतिम तस्वीर पार्टी की आगामी घोषणाओं और संगठनात्मक फैसलों से स्पष्ट होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/bjp-is-preparing-for-punjab-assembly-elections-cr-patil-and/article-13885</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 09:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में बनेंगे ‘सिस्टर सिटी’ कॉरिडोर! KMP एक्सप्रेसवे के किनारे नए शहरों के विकास में गुरुग्राम निभाएगा अहम भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा सरकार कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के आसपास ‘सिस्टर सिटी’ मॉडल लागू करने की योजना बना रही है। इसके तहत गुरुग्राम जैसे विकसित शहरों को कम विकसित शहरी क्षेत्रों से जोड़कर बुनियादी ढांचे, निवेश और नागरिक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल स्वीडन के इस मॉडल का अध्ययन करने जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/sister-city-corridor-will-be-built-in-haryana-gurugram-will/article-13888"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_640.png" alt=""></a><br /><p>हरियाणा में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ‘सिस्टर सिटी’ मॉडल अपनाने की तैयारी कर रही है। इस पहल का उद्देश्य विकसित शहरों के संसाधनों, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रशासनिक अनुभव का लाभ कम विकसित शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाना है। सरकार की योजना कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के आसपास प्रस्तावित नए शहरों के विकास में इस मॉडल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की है।</p>
<p>इस योजना में गुरुग्राम जैसे आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत शहरों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। सरकार स्वीडन के ‘फ्रेंडशिप टाउन’ मॉडल से प्रेरणा लेकर हरियाणा में शहरी विकास के बीच मौजूद अंतर को कम करना चाहती है।</p>
<p>H2: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वीडन जाएगा प्रतिनिधिमंडल</p>
<p>हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह स्वीडन का दौरा करेगा। इस टीम में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और उनके विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।</p>
<p>दौरे का उद्देश्य स्वीडन में अपनाए जा रहे सिस्टर सिटी मॉडल को समझना और यह जानना है कि विभिन्न नगरपालिकाओं के बीच सहयोग से शहरी विकास को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है।</p>
<p>H2: क्या है हरियाणा सरकार का सिस्टर सिटी प्लान?</p>
<p>प्रस्तावित योजना के तहत विकसित शहरों को अपेक्षाकृत कम विकसित शहरी केंद्रों के साथ जोड़ा जाएगा। इसका मकसद केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार करना नहीं, बल्कि निवेश आकर्षित करना, प्रशासनिक क्षमता बढ़ाना और स्थानीय नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना भी है।</p>
<p>H3: गुरुग्राम बनेगा विकास का प्रमुख सहयोगी</p>
<p>गुरुग्राम हरियाणा के प्रमुख कॉर्पोरेट, आईटी और रियल एस्टेट केंद्रों में शामिल है। यहां उपलब्ध तकनीकी संसाधनों, आर्थिक क्षमता और प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल नए शहरी क्षेत्रों के विकास में किया जा सकता है।</p>
<p>फरीदाबाद और उसके पड़ोसी नूंह जैसे क्षेत्र भी ऐसी साझेदारी से लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, किन शहरों को औपचारिक रूप से जोड़ा जाएगा, इसकी अंतिम जानकारी अभी सामने नहीं आई है।</p>
<p>H2: KMP एक्सप्रेसवे के किनारे चार नए शहरों पर फोकस</p>
<p>राज्य सरकार KMP एक्सप्रेसवे के आसपास चार नए शहर विकसित करने की योजना बना रही है। इसी क्षेत्र में सिस्टर सिटी मॉडल को शुरुआती स्तर पर लागू करने का प्रस्ताव है।</p>
<p>इस पायलट परियोजना में गुरुग्राम की भूमिका अहम रहने की उम्मीद है। यदि शुरुआती प्रयोग सफल रहता है, तो सरकार इस मॉडल का विस्तार हरियाणा के दूसरे हिस्सों में भी कर सकती है।</p>
<p>H2: विपुल गोयल ने बताई योजना के पीछे की सोच</p>
<p>शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के अनुसार, स्वीडन का अनुभव हरियाणा सरकार की इस पहल के लिए प्रेरणास्रोत बना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सिस्टर सिटी की अवधारणा स्वीडन में संतुलित विकास को बढ़ावा देने में सहायक रही है। हरियाणा सरकार चाहती है कि राज्य के प्रमुख शहर बुनियादी ढांचे, निवेश, संस्कृति और पर्यटन के मामले में एक-दूसरे के बराबर आगे बढ़ें और आपसी सहयोग से विकास करें।</p>
<p>H2: स्वीडन का ‘फ्रेंडशिप टाउन’ मॉडल क्या है?</p>
<p>स्वीडन में सिस्टर सिटी की अवधारणा को ‘वैनऑर्ट’ (Vänort) कहा जाता है, जिसका अर्थ मित्रता या मैत्री शहर से जुड़ा है। इसके अंतर्गत अलग-अलग नगरपालिकाएं औपचारिक या अनौपचारिक साझेदारी करके लंबे समय तक सांस्कृतिक, आर्थिक और प्रशासनिक संबंध विकसित करती हैं।</p>
<p>द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में इस तरह की साझेदारियों को शांति, सद्भाव और आपसी समझ बढ़ाने के माध्यम के रूप में प्रोत्साहन मिला।</p>
<p>स्वीडन के उदवाला शहर और डेनमार्क के थिस्टेड के बीच वर्ष 1939 में साझेदारी इस तरह के सहयोग का एक शुरुआती उदाहरण रही।</p>
<p>H3: सिस्टर सिटी मॉडल से किन क्षेत्रों में सहयोग संभव है?</p>
<p>इस मॉडल के तहत शहर कई क्षेत्रों में एक-दूसरे के अनुभव और संसाधनों का लाभ उठा सकते हैं:</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>शहरी नियोजन: बेहतर शहरों की योजना और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े अनुभव साझा करना।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>प्रशासनिक सहयोग: नगर निकायों के कामकाज और नागरिक सेवाओं में सुधार के तरीके अपनाना।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>शिक्षा और युवा गतिविधियां: स्कूल कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>निवेश और कारोबार: व्यापारिक संबंधों और निवेश के नए अवसर विकसित करना।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>पर्यटन और संस्कृति: स्थानीय विरासत, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>ग्रीन टेक्नोलॉजी: पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ शहरी विकास से जुड़ी तकनीकों का आदान-प्रदान करना।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>स्वीडन का वेक्स्यो शहर पर्यावरण संरक्षण और हरित पहलों के लिए जाना जाता है। ऐसे उदाहरणों से दूसरे शहरों को टिकाऊ विकास के तरीके सीखने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>H2: हरियाणा में संतुलित शहरी विकास की जरूरत</p>
<p>हरियाणा में शहरी विकास सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं रहा है। गुरुग्राम ने कॉर्पोरेट गतिविधियों, रियल एस्टेट और निवेश के क्षेत्र में बड़ी पहचान बनाई है, जबकि नूंह जैसे जिलों में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।</p>
<p>सिस्टर सिटी मॉडल के जरिए सरकार विकसित शहरी केंद्रों की विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि साझेदारी किस तरह लागू होती है, संसाधनों का आवंटन कैसे किया जाता है और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य कितनी प्रभावी ढंग से पूरे होते हैं।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>हरियाणा सरकार स्वीडन के सिस्टर सिटी मॉडल से प्रेरित होकर नई योजना तैयार कर रही है।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल स्वीडन का दौरा करेगा।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और विभागीय अधिकारी भी दौरे में शामिल होंगे।</p>
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</li>
<li>
<div>
<div>
<p>KMP एक्सप्रेसवे के आसपास प्रस्तावित चार नए शहरों में पायलट प्रोजेक्ट की योजना है।</p>
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</li>
<li>
<div>
<div>
<p>गुरुग्राम को नए शहरी केंद्रों के विकास में प्रमुख भूमिका मिल सकती है।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>फरीदाबाद और नूंह जैसे क्षेत्रों को संभावित रूप से लाभ मिल सकता है।</p>
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</li>
<li>
<div>
<div>
<p>सफल रहने पर इस मॉडल का विस्तार हरियाणा के अन्य क्षेत्रों में किया जा सकता है।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. हरियाणा सरकार की सिस्टर सिटी योजना क्या है?</p>
<p>यह एक प्रस्तावित शहरी विकास पहल है, जिसके तहत विकसित शहरों को कम विकसित शहरी केंद्रों से जोड़कर बुनियादी सुविधाओं, निवेश और प्रशासनिक क्षमता में सुधार करने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>2. हरियाणा में सिस्टर सिटी मॉडल कहां लागू करने की योजना है?</p>
<p>शुरुआत में KMP एक्सप्रेसवे के आसपास प्रस्तावित चार नए शहरों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की योजना है।</p>
<p>3. इस योजना में गुरुग्राम की क्या भूमिका होगी?</p>
<p>गुरुग्राम के तकनीकी संसाधनों, आर्थिक क्षमता और प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल नए शहरों के विकास में किया जा सकता है।</p>
<p>4. क्या फरीदाबाद और नूंह को इस योजना से लाभ मिलेगा?</p>
<p>फरीदाबाद और पड़ोसी नूंह संभावित लाभार्थी क्षेत्रों में शामिल बताए गए हैं। हालांकि, शहरों की अंतिम सूची और साझेदारी का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>5. स्वीडन के फ्रेंडशिप टाउन मॉडल का उद्देश्य क्या है?</p>
<p>इस मॉडल का उद्देश्य अलग-अलग नगरपालिकाओं के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और प्रशासनिक सहयोग बढ़ाना तथा साझा प्रयासों से विकास को प्रोत्साहित करना है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>हरियाणा सरकार की प्रस्तावित सिस्टर सिटी योजना राज्य में शहरी विकास की असमानताओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन सकती है। KMP एक्सप्रेसवे के आसपास नए शहरों के विकास में गुरुग्राम जैसे स्थापित आर्थिक केंद्रों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल होने से निवेश, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं को बढ़ावा मिलने की संभावना है। हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव पायलट प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन, स्थानीय जरूरतों और सरकार की आगे की नीतियों पर निर्भर करेगा।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_640.png" alt="Screenshot_640" width="782" height="589"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/sister-city-corridor-will-be-built-in-haryana-gurugram-will/article-13888</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 08:30:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में कानून-व्यवस्था पर CM भगवंत मान सख्त, परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद सभी जिलों के SSP-DSP की बुलाई जाएगी बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सभी जिलों के SSP, SDM और DSP को शामिल कर अपराध नियंत्रण और हत्या के मामलों में त्वरित कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/cm-bhagwant-mann-strict-on-law-and-order-in-punjab/article-13884"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_636.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था का मुद्दा गरमा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, मान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP), उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) और पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) को जल्द बैठक के लिए बुलाया जाए।</p>
<p>इस बैठक में अपराध पर नियंत्रण, हत्या के मामलों में तेजी से कार्रवाई और आरोपियों को जल्द कानून के दायरे में लाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस को परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>H2: झोटा हत्याकांड के बाद कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे CM मान</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीरता से चर्चा करने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सभी जिलों में अपराध की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से हत्या के मामलों में त्वरित जांच और आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने पर जोर दिया है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।</p>
<p>H2: मेडिकल स्टोर पर गोलीबारी में हुई परविंदर सिंह झोटा की मौत</p>
<p>परविंदर सिंह झोटा को मंगलवार सुबह मानसा शहर में एक केमिस्ट की दुकान पर गोली मार दी गई। वह नशे के खिलाफ काम करने वाली एक टास्क फोर्स के निदेशक थे। इस गोलीबारी में उनके चार साथी भी घायल हो गए।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद मेडिकल स्टोर के मालिक ने कथित तौर पर गोली चलाई। घटना से पहले झोटा और उनके साथियों की दुकानदार के साथ बहस हुई थी।</p>
<p>इस घटना का करीब छह मिनट का वीडियो झोटा के फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारित हुआ था। वीडियो में झोटा और उनके साथियों को दुकानदार के साथ बहस करते देखा गया, जिसके बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी।</p>
<p>H2: अस्पताल पहुंचने से पहले ही झोटा की मौत</p>
<p>गोलीबारी में घायल पांचों लोगों को मानसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने परविंदर सिंह झोटा को मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, झोटा के शरीर पर गोली लगने के तीन घाव थे। इनमें से दो पेट में और एक जांघ में था। उनके एक साथी की हालत गंभीर बताई गई है।</p>
<p>पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया है। मामले में गोलीबारी की परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है।</p>
<p>H2: नशे के खिलाफ लंबे समय से अभियान चला रहे थे झोटा</p>
<p>परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के क्षेत्रों में कई वर्षों से नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। उनके प्रयासों से कई ग्राम पंचायतों ने अपने गांवों में नशे के खिलाफ प्रस्ताव भी पारित किए थे।</p>
<p>उनकी हत्या के बाद क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नशे के खिलाफ अभियान से जुड़े लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>H2: विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना</p>
<p>परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद विपक्षी नेताओं ने पंजाब सरकार की आलोचना की है। पंजाब कांग्रेस के नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस घटना को राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता से जोड़कर देखा।</p>
<p>शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी सरकार पर निशाना साधा और गोलीबारी से कुछ क्षण पहले रिकॉर्ड किया गया वीडियो साझा किया।</p>
<p>विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों के साथ राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>H2: पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाओं के बीच अहम बैठक</p>
<p>पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाओं के बीच यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रविवार शाम तरनतारन जिले के नौशहरा पन्नुआं गांव में 54 वर्षीय ASI इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, वह गुरुद्वारे से घर लौट रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर आए दो हमलावरों ने उन पर गोली चलाई। इकबाल सिंह फिरोजपुर जिले में काउंटर-इंटेलिजेंस विंग में तैनात थे।</p>
<p>बताया गया कि इस साल पंजाब में किसी पुलिसकर्मी पर हुआ यह पांचवां घातक हमला था। इन घटनाओं के बीच राज्य सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था की समीक्षा और पुलिस कार्रवाई में तेजी लाने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
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<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कानून-व्यवस्था पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाने के निर्देश दिए।</p>
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<p>सभी जिलों के SSP, SDM और DSP को बैठक में बुलाने की तैयारी है।</p>
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</li>
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<p>पुलिस को परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच तेज करने के निर्देश दिए गए।</p>
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</li>
<li>
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<p>मानसा में मेडिकल स्टोर पर गोलीबारी में झोटा की मौत हुई और चार साथी घायल हुए।</p>
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</li>
<li>
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<p>पुलिस के अनुसार, नशे की कथित बिक्री को लेकर विवाद के बाद गोलीबारी हुई।</p>
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</li>
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<p>झोटा के एक साथी की हालत गंभीर बताई गई है।</p>
</div>
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</li>
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<p>विपक्षी नेताओं ने हत्या को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए।</p>
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</li>
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<p>तरनतारन में ASI इकबाल सिंह की हत्या के बाद पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी चर्चा में है।</p>
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</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने क्या कदम उठाया? मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाने और सभी जिलों के SSP, SDM तथा DSP को शामिल करने के निर्देश दिए।</p>
<p>2. परविंदर सिंह झोटा की हत्या कहां हुई? उन्हें मंगलवार सुबह पंजाब के मानसा शहर में एक मेडिकल स्टोर पर गोली मारी गई थी।</p>
<p>3. गोलीबारी में कितने लोग घायल हुए? परविंदर सिंह झोटा के चार साथी घायल हुए। रिपोर्ट के अनुसार, उनमें से एक की हालत गंभीर थी।</p>
<p>4. गोलीबारी की वजह क्या बताई गई है? पुलिस के अनुसार, नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद मेडिकल स्टोर के मालिक ने कथित तौर पर गोली चलाई। मामले की जांच जारी है।</p>
<p>5. परविंदर सिंह झोटा किस अभियान से जुड़े थे? वह मानसा और आसपास के इलाकों में कई वर्षों से नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे और एक नशा विरोधी टास्क फोर्स के निदेशक थे।</p>
<p>6. पंजाब में ASI इकबाल सिंह की हत्या कहां हुई थी? रिपोर्ट के अनुसार, रविवार शाम तरनतारन जिले के नौशहरा पन्नुआं गांव में घर लौटते समय मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान से जुड़े लोगों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाकर अपराध नियंत्रण और हत्या के मामलों में त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया है। अब पुलिस जांच के नतीजों और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_636.png" alt="Screenshot_636" width="786" height="602"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 08:00:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंबाला के दुखभंजनी मंदिर में 300 किलो दूध से हुआ मां काली का अभिषेक, नवरात्रि पर उमड़े श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा के अंबाला सिटी स्थित दुखभंजनी मंदिर में नवरात्रि के तीसरे दिन मां काली की प्रतिमा का करीब 300 किलोग्राम दूध से अभिषेक किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सुख-समृद्धि की कामना की। अभिषेक के बाद दूध से चरणामृत, खीर और सामुदायिक भंडारे के लिए कढ़ी-चावल तैयार किए गए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/devotees-gathered-on-navratri-to-consecrate-maa-kali-with-300/article-13887"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_639.png" alt=""></a><br /><p>हरियाणा के अंबाला सिटी स्थित दुखभंजनी मंदिर में नवरात्रि के तीसरे दिन मंगलवार को विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। इस अवसर पर मां काली की प्रतिमा का लगभग 300 किलोग्राम दूध से अभिषेक किया गया। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और भक्तों ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।</p>
<p>मंदिर में यह परंपरा कई सदियों से निभाई जा रही है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, श्रद्धा के साथ दूध से अभिषेक करने वाले भक्तों को मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है।</p>
<p>H2: सदियों पुरानी परंपरा के तहत हुआ दूध से अभिषेक</p>
<p>दुखभंजनी मंदिर में नवरात्रि के तीसरे दिन मां काली की प्रतिमा का दूध से अभिषेक करना विशेष धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। मंगलवार को इस अनुष्ठान के दौरान करीब 300 किलो दूध अर्पित किया गया।</p>
<p>श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। भक्तों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान से घर में अन्न, धन और सुख-समृद्धि बनी रहती है।</p>
<p>H2: चरणामृत, खीर और भंडारे में इस्तेमाल हुआ दूध</p>
<p>मां को अर्पित किए गए दूध का उपयोग धार्मिक प्रसाद और सामुदायिक भोजन तैयार करने के लिए भी किया गया। दूध के एक हिस्से को श्रद्धालुओं में चरणामृत के रूप में वितरित किया गया।</p>
<p>बाकी दूध से खीर तैयार की गई, जबकि सामुदायिक भंडारे में परोसे जाने वाले कढ़ी-चावल के लिए दही भी बनाया गया। इस व्यवस्था के जरिए धार्मिक अनुष्ठान को सामूहिक सेवा और प्रसाद वितरण से जोड़ा गया।</p>
<p>H2: शाम को निकलेगी पालकी यात्रा, बुधवार को होगा ताजपोशी समारोह</p>
<p>मंदिर की ओर से मंगलवार शाम को अंबाला शहर में पालकी यात्रा निकालने का कार्यक्रम भी रखा गया। मंदिर के पुजारी पंकज वशिष्ठ के अनुसार, इस दौरान देवी की पवित्र ज्योति पालकी में विराजमान रहती है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस बार ज्योति अंबाजी से आई है। पालकी उन श्रद्धालुओं के घरों तक भी पहुंचती है, जो इसके आगमन का निमंत्रण देते हैं।</p>
<p>मंदिर में बुधवार, 15 अक्टूबर को ताजपोशी यानी राज्याभिषेक समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर परिसर में 15 अक्टूबर को विशेष डांडिया उत्सव का भी कार्यक्रम निर्धारित है।</p>
<p>H2: पुजारी ने बताया दूध चढ़ाने की परंपरा का महत्व</p>
<p>मंदिर के पुजारी पंकज वशिष्ठ ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्त मां को जो कुछ अर्पित करते हैं, मां उन्हें कई गुना आशीर्वाद के रूप में लौटाती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दूध अर्पित करने के पीछे यह कामना जुड़ी है कि हर घर में अन्न, धन और समृद्धि बनी रहे। उन्होंने पालकी यात्रा को भी इस उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।</p>
<p>H2: विजयवाड़ा में मां कनक दुर्गा ने धारण किया अन्नपूर्णा देवी का स्वरूप</p>
<p>नवरात्रि के तीसरे दिन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित श्री कनक दुर्गा मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। इंद्रकीलाद्रि पहाड़ी पर स्थित मंदिर में मां कनक दुर्गा को श्री अन्नपूर्णा देवी के रूप में सजाया गया।</p>
<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां अन्नपूर्णा को भोजन और पोषण की देवी माना जाता है। इस स्वरूप में देवी के हाथों में अन्न से भरा पात्र और करछी दिखाई जाती है, जो सभी जीवों के लिए भोजन उपलब्ध कराने का प्रतीक है।</p>
<p>श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा कर सुख-समृद्धि, भरपूर अन्न और भूख से मुक्ति की कामना की। यहां आयोजित होने वाले वार्षिक दशहरा उत्सव में आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।</p>
<p>Key Highlights:</p>
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<p>अंबाला के दुखभंजनी मंदिर में मां काली का करीब 300 किलो दूध से अभिषेक हुआ।</p>
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<p>नवरात्रि के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।</p>
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<p>अर्पित दूध का उपयोग चरणामृत और खीर तैयार करने में किया गया।</p>
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<p>सामुदायिक भंडारे के लिए कढ़ी-चावल भी तैयार किए गए।</p>
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<p>मंगलवार शाम को अंबाला शहर में पालकी यात्रा निकाली जाएगी।</p>
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<p>बुधवार, 15 अक्टूबर को ताजपोशी समारोह और डांडिया उत्सव आयोजित होगा।</p>
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<p>विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर में मां को अन्नपूर्णा देवी के स्वरूप में सजाया गया।</p>
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</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. अंबाला के दुखभंजनी मंदिर में मां काली का अभिषेक कितने दूध से किया गया? नवरात्रि के तीसरे दिन मां काली की प्रतिमा का लगभग 300 किलोग्राम दूध से अभिषेक किया गया।</p>
<p>2. दूध से अभिषेक करने की क्या मान्यता है? मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा से दूध अर्पित करने पर मां का आशीर्वाद मिलता है और घर में अन्न, धन तथा सुख-समृद्धि बनी रहती है।</p>
<p>3. अभिषेक के बाद दूध का क्या किया गया? दूध का एक हिस्सा चरणामृत के रूप में बांटा गया। बाकी दूध से खीर और भंडारे के लिए कढ़ी-चावल तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला दही बनाया गया।</p>
<p>4. दुखभंजनी मंदिर में पालकी यात्रा कब निकलेगी? मंदिर के कार्यक्रम के अनुसार, पालकी यात्रा मंगलवार शाम को अंबाला शहर में निकाली जाएगी।</p>
<p>5. मंदिर में डांडिया उत्सव कब आयोजित होगा? पुजारी पंकज वशिष्ठ के अनुसार, 15 अक्टूबर को मंदिर परिसर में विशेष डांडिया उत्सव आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>6. विजयवाड़ा में मां कनक दुर्गा को किस स्वरूप में सजाया गया? नवरात्रि के तीसरे दिन मां कनक दुर्गा को श्री अन्नपूर्णा देवी के स्वरूप में सजाया गया।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>नवरात्रि के तीसरे दिन अंबाला के दुखभंजनी मंदिर में आयोजित 300 किलो दूध के अभिषेक ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। सदियों पुरानी परंपरा के तहत हुए इस अनुष्ठान के साथ पालकी यात्रा, ताजपोशी समारोह और डांडिया उत्सव जैसे कार्यक्रम भी धार्मिक उत्सव का हिस्सा हैं। वहीं, विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर में मां अन्नपूर्णा की पूजा के जरिए अन्न, पोषण और समृद्धि का संदेश दिया गया।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_639.png" alt="Screenshot_639" width="857" height="622"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/devotees-gathered-on-navratri-to-consecrate-maa-kali-with-300/article-13887</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 07:30:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में पहली गिरफ्तारी, पुलिस का दावा- पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी व्यक्तिगत रंजिश सामने आई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/first-arrest-in-parvinder-singh-jhota-murder-case-police-claims/article-13883"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_635.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान से जुड़े परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड के पीछे पुरानी व्यक्तिगत रंजिश होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति पर मुख्य आरोपी अश्वनी को वारदात के बाद फरार होने में मदद करने का आरोप है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।</p>
<p>H2: मुख्य आरोपी को फरार होने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तारी</p>
<p>DIG हरजीत सिंह के मुताबिक, पुलिस ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर हत्या के बाद मुख्य आरोपी अश्वनी को मौके से भागने में सहायता की थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर काम कर रही है।</p>
<p>पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्ति का नाम बताने से फिलहाल इनकार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।</p>
<p>H2: सुबह 10:30 बजे पुलिस को मिली थी घटना की सूचना</p>
<p>DIG ने बताया कि पुलिस को मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे घटना की जानकारी मिली थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हत्या में लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। हालांकि, हथियार से संबंधित अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।</p>
<p>गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश के लिए कई टीमें गठित कीं।</p>
<p>H2: पुरानी व्यक्तिगत रंजिश को बताया हत्या का कारण</p>
<p>बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह ने बताया कि मृतक और आरोपी के बीच पहले से विवाद था। उनके अनुसार, दोनों के बीच पुरानी दुश्मनी का मामला वर्ष 2023 में हुई एक घटना के दौरान भी सामने आया था।</p>
<p>पुलिस अब इसी पुरानी रंजिश और उससे जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है, ताकि हत्या के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।</p>
<p>H2: जांच के दौरान आरोपी के परिवार के सदस्य भी हिरासत में लिए गए</p>
<p>DIG के अनुसार, आरोपियों की तलाश और जांच के सिलसिले में उनके परिवार के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया था। पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।</p>
<p>फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तारी से संबंधित सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य जानकारियां सामने आने की संभावना है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
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<p>परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की।</p>
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<p>गिरफ्तार व्यक्ति पर मुख्य आरोपी अश्वनी को फरार होने में मदद करने का आरोप है।</p>
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<p>बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह ने पुरानी व्यक्तिगत रंजिश को हत्या की वजह बताया।</p>
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<p>पुलिस को मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी।</p>
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<p>वारदात में लाइसेंसी हथियार इस्तेमाल होने की आशंका जताई गई है।</p>
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<p>पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।</p>
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<p>जांच के दौरान आरोपियों के परिवार के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया था।</p>
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</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में क्या कार्रवाई हुई है? पुलिस ने मामले में पहली गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार व्यक्ति पर मुख्य आरोपी को फरार होने में मदद करने का आरोप है।</p>
<p>2. हत्या के पीछे क्या कारण बताया जा रहा है? बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में पुरानी व्यक्तिगत रंजिश सामने आई है।</p>
<p>3. मुख्य आरोपी का नाम क्या है? पुलिस ने मुख्य आरोपी का नाम अश्वनी बताया है।</p>
<p>4. हत्या में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ? DIG के अनुसार, हत्या में लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल होने की आशंका है। इसकी अंतिम पुष्टि जांच के बाद होगी।</p>
<p>5. क्या पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बताई है? नहीं, पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में पहली गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह ने पुरानी रंजिश को हत्या की संभावित वजह बताया है। पुलिस मुख्य आरोपी अश्वनी और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान और हथियार से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_635.png" alt="Screenshot_635" width="984" height="555"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/first-arrest-in-parvinder-singh-jhota-murder-case-police-claims/article-13883</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 07:00:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंचकूला के पशु अस्पताल को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं, 25 लाख रुपये से खरीदी जाएगी नई एनिमल एंबुलेंस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा सरकार ने पंचकूला के पेट एनिमल मेडिकल सेंटर (PAMC) को आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अस्पताल में नई जांच मशीनें, पशुओं के लिए विशेष एंबुलेंस, भवन का नवीनीकरण और अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे पशुओं को बेहतर इलाज मिल सकेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/panchkulas-veterinary-hospital-will-get-modern-facilities-a-new-animal/article-13886"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_638.png" alt=""></a><br /><p>हरियाणा में पशुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित पेट एनिमल मेडिकल सेंटर (PAMC) को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके तहत अस्पताल में ECG मशीन, विभिन्न बीमारियों की त्वरित जांच की सुविधा, नई एनिमल एंबुलेंस और भवन के नवीनीकरण को मंजूरी दी गई है।</p>
<p>ये फैसले मंगलवार को पेट एनिमल हेल्थ सोसाइटी (PAHS) की गवर्निंग काउंसिल की आठवीं बैठक में लिए गए। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की। सरकार का उद्देश्य पशुओं के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाओं को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाना है।</p>
<p>H2: पशुओं की जांच के लिए लगेंगी आधुनिक मशीनें</p>
<p>बैठक में अस्पताल में ECG मशीन लगाने और कई गंभीर बीमारियों की त्वरित जांच की सुविधा शुरू करने को मंजूरी दी गई। इन जांचों में कैनाइन डिस्टेंपर, पार्वोवायरस, लेप्टोस्पायरोसिस और खून से फैलने वाले संक्रमण शामिल हैं।</p>
<p>इन सुविधाओं से पशुओं में बीमारियों की पहचान तेजी से करने और समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिलने की उम्मीद है। त्वरित जांच किट खरीदने के लिए हर साल 1 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।</p>
<p>H2: 25 लाख रुपये में खरीदी जाएगी नई एनिमल एंबुलेंस</p>
<p>पशुओं को आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नई एनिमल एंबुलेंस खरीदने की मंजूरी दी है। इस वाहन पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।</p>
<p>प्रस्तावित एंबुलेंस में कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी:</p>
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<p>एयर कंडीशनिंग वाला केबिन</p>
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<p>आपातकालीन ऑक्सीजन की व्यवस्था</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>प्राथमिक उपचार की सुविधाएं</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>मल्टी-पैरामीटर मॉनिटरिंग उपकरण</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>पशुओं को ले जाने के लिए स्ट्रेचर</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>नसों के जरिए तरल पदार्थ देने की सुविधा</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>इन सुविधाओं से घायल, गंभीर रूप से बीमार और तुरंत अस्पताल पहुंचाने की जरूरत वाले पशुओं को सहायता मिल सकेगी।</p>
<p>H2: अस्पताल की बिल्डिंग का होगा नवीनीकरण</p>
<p>पंचकूला स्थित पेट एनिमल मेडिकल सेंटर वर्ष 2009 से पशुओं को चिकित्सा सेवाएं दे रहा है। अस्पताल की इमारत की मरम्मत और नवीनीकरण को भी मंजूरी दी गई है।</p>
<p>इसके साथ ही अस्पताल में 10 यात्रियों की क्षमता वाली लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य अस्पताल की अलग-अलग मंजिलों तक पहुंच आसान बनाना है।</p>
<p>लिफ्ट से विशेष रूप से बड़े, घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं को अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित नेत्र चिकित्सा और डायग्नोस्टिक यूनिट तक पहुंचाने में सुविधा होगी।</p>
<p>H2: अस्पताल में बढ़ाया जाएगा कर्मचारियों का स्टाफ</p>
<p>नई सुविधाओं के संचालन और अस्पताल के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है। इनमें शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>
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<div>
<p>दो पशु परिचारक या मल्टीपर्पज कर्मचारी</p>
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<li>
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<div>
<p>एक अकाउंटेंट-कम-स्टोरकीपर</p>
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<li>
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<div>
<p>तीन सुरक्षा गार्ड</p>
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</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>एक डाटा एंट्री ऑपरेटर</p>
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</div>
</li>
</ul>
<p>ये कर्मचारी विशेष चिकित्सा इकाइयों की सहायता, वित्तीय और स्टॉक रिकॉर्ड के रखरखाव, सुरक्षा तथा डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन में योगदान देंगे।</p>
<p>H2: हर साल बढ़ रहे हैं अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले पशु</p>
<p>बैठक में पेट एनिमल मेडिकल सेंटर के प्रदर्शन की समीक्षा भी की गई। पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने बताया कि अस्पताल में पिछले कुछ वर्षों के दौरान इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।</p>
<p>वर्ष 2025-26 में अस्पताल ने 24,401 ओपीडी मामलों को संभाला। इससे पहले 2024-25 में 23,056 और 2023-24 में 21,129 ओपीडी मामले दर्ज किए गए थे।</p>
<p>प्रयोगशाला जांच और एक्स-रे की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार:</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>प्रयोगशाला जांच: 2023-24 में 3,267 से बढ़कर 2025-26 में 4,407 हुई।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>एक्स-रे जांच: 2023-24 में 1,625 से बढ़कर 2025-26 में 1,901 हुई।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>इन आंकड़ों के आधार पर बैठक में माना गया कि यह केंद्र हरियाणा और आसपास के राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण रेफरल पशु चिकित्सा केंद्र बनकर उभरा है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>
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<div>
<p>पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित पेट एनिमल मेडिकल सेंटर का आधुनिकीकरण होगा।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>नई एनिमल एंबुलेंस खरीदने पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।</p>
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</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>अस्पताल में ECG और कई संक्रामक बीमारियों की त्वरित जांच की सुविधा शुरू होगी।</p>
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</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>जांच किट खरीदने के लिए सालाना 1 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है।</p>
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</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>अस्पताल में 10 यात्रियों की क्षमता वाली लिफ्ट लगाई जाएगी।</p>
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</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>भवन की मरम्मत और नवीनीकरण किया जाएगा।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>अस्पताल के लिए सात अतिरिक्त कर्मचारियों की मंजूरी दी गई है।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>वर्ष 2025-26 में 24,401 ओपीडी मामले दर्ज किए गए।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. पंचकूला के पेट एनिमल मेडिकल सेंटर में क्या नई सुविधाएं मिलेंगी? अस्पताल में ECG मशीन, विभिन्न बीमारियों की त्वरित जांच, नई एनिमल एंबुलेंस, लिफ्ट और नवीनीकृत भवन की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।</p>
<p>2. नई एनिमल एंबुलेंस पर कितना खर्च होगा? नई एंबुलेंस की अनुमानित लागत 25 लाख रुपये है।</p>
<p>3. अस्पताल में कौन-कौन सी बीमारियों की त्वरित जांच होगी? कैनाइन डिस्टेंपर, पार्वोवायरस, लेप्टोस्पायरोसिस और खून से जुड़े संक्रमणों की त्वरित जांच की सुविधा शुरू करने को मंजूरी दी गई है।</p>
<p>4. अस्पताल में लिफ्ट क्यों लगाई जाएगी? 10 यात्रियों की क्षमता वाली लिफ्ट से घायल, बड़े और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं को अस्पताल की अलग-अलग मंजिलों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।</p>
<p>5. वर्ष 2025-26 में अस्पताल में कितने ओपीडी मामले आए? पेट एनिमल मेडिकल सेंटर में वर्ष 2025-26 के दौरान 24,401 ओपीडी मामले दर्ज किए गए।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>हरियाणा सरकार का यह फैसला पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक जांच सुविधाओं, नई एंबुलेंस, लिफ्ट और अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था से अस्पताल की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। पिछले वर्षों में ओपीडी और जांचों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन सुधारों से पशुओं को बेहतर और अधिक सुविधाजनक इलाज उपलब्ध कराने की उम्मीद है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_638.png" alt="Screenshot_638" width="862" height="565"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/panchkulas-veterinary-hospital-will-get-modern-facilities-a-new-animal/article-13886</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परविंदर सिंह झोटा की हत्या से फिर ताजा हुए सिद्धू मूसेवाला की हत्या के जख्म, पिता बलकौर सिंह ने जताया दुख</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब में परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की यादें ताजा कर दी हैं। विदेश में मौजूद मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने इस घटना पर दुख जताते हुए मानसा के लिए इसे एक और बड़ा नुकसान बताया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/wounds-of-sidhu-moosewalas-murder-fresh-again-due-to-the/article-13882"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_634.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। मंगलवार को हुई इस घटना पर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दोनों घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मानसा ने एक बार फिर अपना एक अहम व्यक्ति खो दिया है।</p>
<p>सिद्धू मूसेवाला, जिनका असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू था, की 29 मई 2022 को मानसा जिले के जवाहरके गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपनी मजबूत कद-काठी के कारण मूसेवाला को ‘झोटा’ के नाम से भी जाना जाता था।</p>
<p>H2: बलकौर सिंह ने जताया दुख</p>
<p>फिलहाल विदेश में मौजूद बलकौर सिंह ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने बेटे की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “2022 में एक झोटा छीन लिया गया था और आज 2026 में दूसरा छीन लिया गया। मानसा को एक और बड़ा नुकसान हुआ है।”</p>
<p>उनके इस बयान से परविंदर की हत्या के बाद परिवार और क्षेत्र में छाए दुख का अंदाजा लगाया जा सकता है।</p>
<p>H2: परविंदर को अपने बेटे और छोटे भाई जैसा मानते थे बलकौर सिंह</p>
<p>बलकौर सिंह ने परविंदर सिंह झोटा को याद करते हुए कहा कि वह एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने परविंदर को अपने बेटे और छोटे भाई जैसा बताया।</p>
<p>बलकौर सिंह के मुताबिक, परविंदर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे। ऐसे व्यक्ति की हत्या को उन्होंने बेहद दुखद बताया।</p>
<p>H2: सिद्धू मूसेवाला की हत्या की यादें फिर हुईं ताजा</p>
<p>सिद्धू मूसेवाला की हत्या ने पंजाब ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में उनके प्रशंसकों को झकझोर दिया था। 29 मई 2022 को जवाहरके गांव में हुई इस वारदात के बाद पंजाबी संगीत जगत और उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचा था।</p>
<p>अब परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद बलकौर सिंह की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर मूसेवाला की यादों को सामने ला दिया है। दोनों घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने मानसा के लगातार हो रहे नुकसान पर दुख व्यक्त किया।</p>
<p>Key Highlights:</p>
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<li>
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<p>परविंदर सिंह झोटा की हत्या मंगलवार को हुई।</p>
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</div>
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<p>सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने घटना पर दुख जताया।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>मूसेवाला की 29 मई 2022 को मानसा जिले के जवाहरके गांव में गोली मारकर हत्या की गई थी।</p>
</div>
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</li>
<li>
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<p>मूसेवाला को उनकी मजबूत कद-काठी के कारण ‘झोटा’ भी कहा जाता था।</p>
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<p>बलकौर सिंह ने परविंदर को अपने बेटे और छोटे भाई जैसा बताया।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>उन्होंने कहा कि परविंदर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे।</p>
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</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>1. परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर बलकौर सिंह ने क्या कहा? बलकौर सिंह ने दुख जताते हुए कहा कि 2022 में एक झोटा छीन लिया गया था और 2026 में दूसरा चला गया। उन्होंने इसे मानसा के लिए बड़ा नुकसान बताया।</p>
<p>2. सिद्धू मूसेवाला की हत्या कब हुई थी? सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को हत्या हुई थी।</p>
<p>3. सिद्धू मूसेवाला की हत्या कहां हुई थी? उनकी हत्या पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव में गोली मारकर की गई थी।</p>
<p>4. सिद्धू मूसेवाला को झोटा क्यों कहा जाता था? अपनी मजबूत और मांसल कद-काठी के कारण उन्हें ‘झोटा’ कहा जाता था।</p>
<p>5. बलकौर सिंह परविंदर सिंह झोटा को कैसे याद करते हैं? बलकौर सिंह ने परविंदर को शांत स्वभाव का व्यक्ति बताते हुए अपने बेटे और छोटे भाई जैसा बताया।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने मानसा में एक बार फिर शोक का माहौल पैदा कर दिया है। सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह की प्रतिक्रिया ने इस घटना को उनके परिवार के पुराने दर्द से जोड़ दिया। उन्होंने परविंदर को अपना करीबी बताते हुए उनकी हत्या को बेहद पीड़ादायक बताया। इस घटना से जुड़ी जांच और अन्य तथ्यों की जानकारी संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_634.png" alt="Screenshot_634" width="670" height="626"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/wounds-of-sidhu-moosewalas-murder-fresh-again-due-to-the/article-13882</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 06:00:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जालंधर पासपोर्ट कार्यालय ने ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत चलाया सफाई अभियान, FCI के साथ खेला मैत्री क्रिकेट मैच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO), जालंधर ने स्वच्छता और जन-जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं। इस दौरान श्री साईं दास क्रिकेट ग्राउंड के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसके अलावा, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय और भारतीय खाद्य निगम (FCI), जालंधर की टीमों के बीच मैत्री क्रिकेट मैच भी आयोजित किया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/jalandhar-passport-office-conducted-cleanliness-campaign-under-swachhta-hi-seva/article-13879"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_628.png" alt=""></a><br /><p>जालंधर पासपोर्ट कार्यालय ने चलाया स्वच्छता अभियान, FCI के साथ मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन</p>
<p>जालंधर: ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO), जालंधर की ओर से स्वच्छता को बढ़ावा देने और आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के तहत श्री साईं दास क्रिकेट ग्राउंड के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया गया।</p>
<p>इस पहल के माध्यम से लोगों को सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।</p>
<p>श्री साईं दास क्रिकेट ग्राउंड के आसपास चलाया सफाई अभियान</p>
<p>अभियान के अंतर्गत पासपोर्ट कार्यालय की ओर से श्री साईं दास क्रिकेट ग्राउंड के आसपास के क्षेत्र की सफाई की गई। इसका उद्देश्य लोगों को अपने आसपास सफाई बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों को कचरे से मुक्त रखने के प्रति जागरूक करना था।</p>
<p>कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि स्वच्छता केवल किसी विशेष अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत बनाया जाना चाहिए। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने में नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया।</p>
<p>RPO जालंधर और FCI के बीच मैत्री क्रिकेट मैच</p>
<p>स्वच्छता अभियान के साथ-साथ क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, जालंधर और भारतीय खाद्य निगम (FCI), जालंधर के बीच मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन भी किया गया।</p>
<p>मैच की अध्यक्षता भारतीय खाद्य निगम के डिविजनल मैनेजर महेश सिंह मार्तोलिया और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, जालंधर के OSD जुगल किशोर ने की।</p>
<p>इस आयोजन ने दोनों संस्थानों के कर्मचारियों को खेल के माध्यम से आपसी सहयोग और सौहार्द बढ़ाने का अवसर दिया।</p>
<p>स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर</p>
<p>‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत आयोजित गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और लोगों को अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने के लिए प्रेरित करना था।</p>
<p>सफाई अभियान के जरिए सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का संदेश दिया गया, जबकि मैत्री क्रिकेट मैच ने संस्थानों के बीच सहयोग और खेल भावना को प्रोत्साहित किया।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>
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<div>
<p>RPO जालंधर ने ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं।</p>
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<li>
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<div>
<p>श्री साईं दास क्रिकेट ग्राउंड के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया गया।</p>
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</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।</p>
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</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>RPO जालंधर और FCI जालंधर के बीच मैत्री क्रिकेट मैच आयोजित हुआ।</p>
</div>
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<li>
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<p>मैच की अध्यक्षता महेश सिंह मार्तोलिया और जुगल किशोर ने की।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>अभियान में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>प्रश्न 1: ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत जालंधर में क्या गतिविधियां हुईं?</p>
<p>उत्तर: क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, जालंधर ने सफाई अभियान और जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं। इसके साथ ही FCI जालंधर के साथ मैत्री क्रिकेट मैच भी खेला गया।</p>
<p>प्रश्न 2: सफाई अभियान कहां चलाया गया?</p>
<p>उत्तर: श्री साईं दास क्रिकेट ग्राउंड के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया गया।</p>
<p>प्रश्न 3: मैत्री क्रिकेट मैच किन संस्थानों के बीच हुआ?</p>
<p>उत्तर: यह मैच क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, जालंधर और भारतीय खाद्य निगम (FCI), जालंधर के बीच आयोजित किया गया।</p>
<p>प्रश्न 4: क्रिकेट मैच की अध्यक्षता किसने की?</p>
<p>उत्तर: मैच की अध्यक्षता FCI के डिविजनल मैनेजर महेश सिंह मार्तोलिया और RPO जालंधर के OSD जुगल किशोर ने की।</p>
<p>प्रश्न 5: अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?</p>
<p>उत्तर: अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना था।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत RPO जालंधर ने सफाई अभियान और मैत्री क्रिकेट मैच के माध्यम से स्वच्छता, जन-जागरूकता और आपसी सहयोग का संदेश दिया। श्री साईं दास क्रिकेट ग्राउंड के आसपास की गई सफाई ने सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के महत्व को रेखांकित किया। ऐसी पहलें स्वच्छ वातावरण बनाने और नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_628.png" alt="Screenshot_628" width="980" height="563"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/jalandhar-passport-office-conducted-cleanliness-campaign-under-swachhta-hi-seva/article-13879</link>
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                <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 19:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मल्लिका हांडा ने मलेशिया में जीता कांस्य पदक, जनवरी 2027 में विंटर डेफलिम्पिक्स में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय शतरंज खिलाड़ी मल्लिका हांडा ने मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर एक और उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में स्वर्ण पदक जीता था। उनकी मां रेणु हांडा के अनुसार, मल्लिका जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। हालांकि, उनकी मां ने यह भी कहा कि वर्षों की खेल उपलब्धियों के बावजूद सरकारी नौकरी की उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/mallika-handa-won-bronze-medal-in-malaysia-will-represent-india/article-13878"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_627.png" alt=""></a><br /><p>भारतीय शतरंज खिलाड़ी मल्लिका हांडा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और उपलब्धि हासिल की है। मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता। श्रवण एवं वाक् बाधित मल्लिका ने अपनी इस सफलता से भारतीय शतरंज में अपनी पहचान को और मजबूत किया है।</p>
<p>मल्लिका की यह उपलब्धि हाल ही में मिली राष्ट्रीय सफलता के बाद आई है। उन्होंने नई दिल्ली में 17 से 21 सितंबर तक आयोजित नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में स्वर्ण पदक हासिल किया था।</p>
<p>राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नौवां स्वर्ण पदक</p>
<p>मल्लिका हांडा ने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। हालिया नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में जीता गया स्वर्ण पदक उनके राष्ट्रीय चैंपियनशिप करियर का नौवां गोल्ड मेडल था।</p>
<p>लगभग 14 वर्षों के खेल करियर में उन्होंने लगातार मेहनत और प्रदर्शन के जरिए कई उपलब्धियां हासिल की हैं। मलेशिया में कांस्य पदक जीतना उनके अंतरराष्ट्रीय खेल सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>
<p>जनवरी 2027 में विंटर डेफलिम्पिक्स में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व</p>
<p>मल्लिका की मां रेणु हांडा ने बताया कि इस नई उपलब्धि के बाद मल्लिका जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।</p>
<p>यह प्रतियोगिता मल्लिका के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने कौशल का प्रदर्शन करने का एक और अवसर होगी। उनकी हालिया सफलताओं से आगामी प्रतियोगिता को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।</p>
<p>सरकारी नौकरी की मांग अब भी लंबित: मां</p>
<p>मल्लिका की खेल उपलब्धियों के बीच उनकी मां रेणु हांडा ने सरकारी नौकरी की मांग का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतने और वर्षों तक देश के लिए उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद मल्लिका की सरकारी नौकरी की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।</p>
<p>यह मुद्दा उन खिलाड़ियों के भविष्य और सम्मान से भी जुड़ा है, जो खेल के क्षेत्र में लगातार उपलब्धियां हासिल करते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी नौकरी की मांग पर संबंधित अधिकारियों की कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>मल्लिका हांडा ने मलेशिया में एशिया पैसिफिक डेफ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।</p>
</div>
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</li>
<li>
<div>
<div>
<p>उन्होंने नई दिल्ली में नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में स्वर्ण पदक हासिल किया था।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>राष्ट्रीय चैंपियनशिप में यह उनका नौवां गोल्ड मेडल बताया गया है।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>मल्लिका का खेल करियर लगभग 14 वर्षों का है।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>उनकी मां के अनुसार, वह जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>उनकी मां ने सरकारी नौकरी की मांग लंबित रहने का मुद्दा उठाया है।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>प्रश्न 1: मल्लिका हांडा ने हाल ही में कौन-सा पदक जीता है?</p>
<p>उत्तर: मल्लिका हांडा ने मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है।</p>
<p>प्रश्न 2: मल्लिका ने राष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप में कौन-सी उपलब्धि हासिल की?</p>
<p>उत्तर: उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में स्वर्ण पदक जीता, जो उनका नौवां राष्ट्रीय चैंपियनशिप गोल्ड बताया गया है।</p>
<p>प्रश्न 3: मल्लिका हांडा कब और कहां विंटर डेफलिम्पिक्स में हिस्सा लेंगी?</p>
<p>उत्तर: उनकी मां रेणु हांडा के अनुसार, मल्लिका जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।</p>
<p>प्रश्न 4: मल्लिका हांडा की खेल उपलब्धियां कितने वर्षों के करियर से जुड़ी हैं?</p>
<p>उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मल्लिका का खेल करियर लगभग 14 वर्षों का है।</p>
<p>प्रश्न 5: मल्लिका की मां ने कौन-सा मुद्दा उठाया है?</p>
<p>उत्तर: उनकी मां रेणु हांडा ने कहा कि लगातार खेल उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद मल्लिका की सरकारी नौकरी की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>मल्लिका हांडा ने मलेशिया में कांस्य पदक जीतकर अपने खेल करियर में एक और उपलब्धि जोड़ी है। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नौवां स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद अब वह जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी करेंगी। वहीं, उनकी मां द्वारा सरकारी नौकरी की मांग का मुद्दा उठाए जाने से खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ उनके भविष्य और सम्मान से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_627.png" alt="Screenshot_627" width="436" height="530"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 18:00:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JC DAV कॉलेज दसूहा के 4 विद्यार्थियों ने Panjab University में हासिल किया पहला स्थान, दीक्षांत समारोह में मिलेंगे गोल्ड मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब के दसूहा स्थित JC DAV कॉलेज के चार पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों ने शैक्षणिक सत्र 2026 में Panjab University, Chandigarh के अपने-अपने पाठ्यक्रमों में पहला स्थान हासिल किया है। नवप्रीत कौर, राजविंदर कौर, अतवीर सिंह और मानवी वर्मा को आगामी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इस उपलब्धि से कॉलेज के साथ-साथ कंडी क्षेत्र का भी गौरव बढ़ा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/4-students-of-jc-dav-college-dasuha-achieved-first-place/article-13877"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_626.png" alt=""></a><br /><p>JC DAV कॉलेज दसूहा के 4 विद्यार्थियों ने Panjab University में हासिल किया पहला स्थान</p>
<p>दसूहा: JC DAV कॉलेज, दसूहा के चार विद्यार्थियों ने Panjab University, Chandigarh के शैक्षणिक सत्र 2026 में अपने-अपने पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में पहला स्थान हासिल कर कॉलेज का नाम रोशन किया है। इन विद्यार्थियों को आगामी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे।</p>
<p>चार अलग-अलग विषयों में मिली इस उपलब्धि को कॉलेज के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विद्यार्थियों ने भाषा, मानविकी, भौतिक विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी सफलता को मेहनत, अनुशासन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और बेहतर शैक्षणिक माहौल का परिणाम बताया जा रहा है।</p>
<p>इन चार विद्यार्थियों ने हासिल किया पहला स्थान</p>
<p>कॉलेज के जिन विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है, उनमें शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>नवप्रीत कौर — MA English</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>राजविंदर कौर — MA Punjabi</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>अतवीर सिंह — MSc Physics</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>मानवी वर्मा — MSc Information Technology</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>इन चारों विद्यार्थियों को आगामी दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। उनकी उपलब्धि ने कॉलेज और उनके परिवारों को गर्व का अवसर दिया है।</p>
<p>कंडी क्षेत्र के लिए भी गर्व की बात</p>
<p>JC DAV कॉलेज के चार विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करना कंडी क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे यह संदेश मिलता है कि छोटे शहरों और क्षेत्रीय शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भी सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सहारे उच्च शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।</p>
<p>चार अलग-अलग विषयों में विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन कॉलेज की शैक्षणिक विविधता और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने वाले वातावरण को भी दर्शाता है।</p>
<p>प्रिंसिपल डॉ. भानु गुप्ता ने दी बधाई</p>
<p>कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. भानु गुप्ता ने इस उपलब्धि को संस्थान और पूरे कंडी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत और कॉलेज की शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां दूसरे विद्यार्थियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और अनुशासन, दृढ़ संकल्प तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।</p>
<p>विभागाध्यक्षों ने भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई</p>
<p>संबंधित विभागों के प्रमुखों ने चारों गोल्ड मेडल विजेताओं और उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों की लगन, निरंतर प्रयास और समर्पण की सराहना की।</p>
<p>कॉलेज परिवार ने इस सफलता को विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। यह उपलब्धि कॉलेज की शैक्षणिक यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखी जा रही है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>JC DAV कॉलेज, दसूहा के चार विद्यार्थियों ने Panjab University में पहला स्थान हासिल किया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>उपलब्धि शैक्षणिक सत्र 2026 से संबंधित है।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>नवप्रीत कौर ने MA English में पहला स्थान प्राप्त किया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>राजविंदर कौर ने MA Punjabi में पहला स्थान हासिल किया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>अतवीर सिंह ने MSc Physics में शीर्ष स्थान पाया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>मानवी वर्मा ने MSc Information Technology में पहला स्थान हासिल किया।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>चारों विद्यार्थियों को आगामी दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल दिए जाएंगे।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>प्रिंसिपल डॉ. भानु गुप्ता ने उपलब्धि को कॉलेज और कंडी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>प्रश्न 1: JC DAV कॉलेज दसूहा के कितने विद्यार्थियों ने Panjab University में पहला स्थान हासिल किया?</p>
<p>उत्तर: कॉलेज के चार पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों ने अपने-अपने पाठ्यक्रमों में पहला स्थान हासिल किया है।</p>
<p>प्रश्न 2: गोल्ड मेडल जीतने वाले विद्यार्थियों के नाम क्या हैं?</p>
<p>उत्तर: नवप्रीत कौर, राजविंदर कौर, अतवीर सिंह और मानवी वर्मा ने यह उपलब्धि हासिल की है।</p>
<p>प्रश्न 3: किन विषयों में विद्यार्थियों ने पहला स्थान प्राप्त किया?</p>
<p>उत्तर: MA English, MA Punjabi, MSc Physics और MSc Information Technology में विद्यार्थियों ने पहला स्थान हासिल किया।</p>
<p>प्रश्न 4: विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल कब मिलेंगे?</p>
<p>उत्तर: चारों विद्यार्थियों को आगामी Panjab University दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे। समारोह की तारीख उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।</p>
<p>प्रश्न 5: कॉलेज के प्रिंसिपल ने इस उपलब्धि पर क्या कहा?</p>
<p>उत्तर: प्रिंसिपल डॉ. भानु गुप्ता ने इसे कॉलेज और कंडी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों की मेहनत और संस्थान की शैक्षणिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>JC DAV कॉलेज, दसूहा के चार विद्यार्थियों ने Panjab University में अपने-अपने पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में पहला स्थान हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। आगामी दीक्षांत समारोह में मिलने वाले गोल्ड मेडल उनकी मेहनत और शैक्षणिक उपलब्धि का सम्मान होंगे। यह सफलता कंडी क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है कि निरंतर प्रयास और उचित मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_626.png" alt="Screenshot_626" width="982" height="607"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/4-students-of-jc-dav-college-dasuha-achieved-first-place/article-13877</link>
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                <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 17:00:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कपूरथला में अकाली दल के भीतर बढ़ी नाराजगी, HS वालिया को हटाने की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कपूरथला विधानसभा क्षेत्र में शिरोमणि अकाली दल के कई पारंपरिक और वरिष्ठ नेताओं ने मौजूदा हलका इंचार्ज HS वालिया को पद से हटाने की मांग की है। नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके एकतरफा कामकाज और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी से पार्टी की स्थानीय स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने पार्टी हाईकमान से सर्वे करवाकर किसी उपयुक्त पारंपरिक अकाली नेता को जिम्मेदारी सौंपने की अपील की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/resentment-increases-within-akali-dal-in-kapurthala-demand-for-removal/article-13876"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_625.png" alt=""></a><br /><p>कपूरथला में अकाली दल की अंदरूनी कलह सामने आई, हलका इंचार्ज HS वालिया को हटाने की मांग</p>
<p>कपूरथला: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल के कपूरथला विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक मतभेद सामने आए हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ और पारंपरिक नेताओं ने मौजूदा हलका इंचार्ज HS वालिया को बदलने की मांग करते हुए हाईकमान से हस्तक्षेप की अपील की है।</p>
<p>नेताओं का आरोप है कि हलका इंचार्ज के एकतरफा कामकाज और वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में नहीं लेने के कारण क्षेत्र में पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले कई कार्यकर्ता और नेता मौजूदा व्यवस्था से नाराज हैं।</p>
<p>जत्थेदार जरनैल सिंह डोगरांवाला की अगुवाई में हुई बैठक</p>
<p>वरिष्ठ अकाली नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक SGPC सदस्य जत्थेदार जरनैल सिंह डोगरांवाला के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में पूर्व हलका इंचार्ज एडवोकेट परमजीत सिंह पम्मा, दविंदरबीर सिंह चाहल, जत्थेदार दविंदर सिंह धपई, सुखदेव सिंह सुखा कडुपुर, जत्थेदार हरजीत सिंह वालिया, अमरबीर सिंह लाली ढींडसा, नंबरदार जरनैल सिंह बाजवा, इच्छा सिंह धोत, कुलविंदर सिंह ठेकेदार, महिंदर सिंह मार्कफेड, सतनाम सिंह जल्लोवाल और पूर्व युवा अकाली दल नेता मनवीर सिंह वडाला सहित अन्य नेता शामिल हुए।</p>
<p>बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नेताओं ने कहा कि मौजूदा हलका इंचार्ज की नियुक्ति के बाद से पारंपरिक अकाली कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है।</p>
<p>वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी का लगाया आरोप</p>
<p>बैठक में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया कि HS वालिया कथित तौर पर एकतरफा तरीके से काम कर रहे हैं और अनुभवी व वफादार पार्टी नेताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका दावा है कि नए हलका इंचार्ज के जिम्मेदारी संभालने के बाद कई प्रमुख अकाली नेता पार्टी छोड़ चुके हैं।</p>
<p>नेताओं ने कहा कि वे शिरोमणि अकाली दल के प्रति प्रतिबद्ध हैं और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के निर्देशों का पालन करते हैं। हालांकि, उनके अनुसार, स्थानीय नेतृत्व के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने में मौजूदा हलका इंचार्ज सफल नहीं रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के लिए वर्षों से काम करने वाले नेताओं को कमजोर करने की कोशिशों से संगठन के भीतर निराशा बढ़ी है।</p>
<p>नगर निगम चुनावों का दिया उदाहरण</p>
<p>वरिष्ठ नेताओं ने कपूरथला नगर निगम के हालिया चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि मौजूदा हलका इंचार्ज सभी 50 सीटों पर अकाली उम्मीदवार नहीं उतार सके। उनके अनुसार, वरिष्ठ नेताओं से पर्याप्त विचार-विमर्श किए बिना केवल 20 उम्मीदवार मैदान में उतारे गए, जिनमें से तीन को जीत मिली।</p>
<p>नेताओं ने दावा किया कि इन तीनों उम्मीदवारों ने अपनी व्यक्तिगत मेहनत के दम पर जीत हासिल की। हालांकि, ये आरोप बैठक में शामिल नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।</p>
<p>हाईकमान से सर्वे करवाकर नया हलका इंचार्ज नियुक्त करने की अपील</p>
<p>अकाली नेताओं ने पार्टी हाईकमान से मांग की कि कपूरथला की राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए स्वतंत्र सर्वे कराया जाए और उसके बाद किसी योग्य पारंपरिक अकाली नेता को हलका इंचार्ज नियुक्त किया जाए।</p>
<p>उनका कहना है कि समय रहते नेतृत्व में बदलाव करने से स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाया जा सकता है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि संगठनात्मक नाराजगी दूर नहीं की गई, तो आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।</p>
<p>2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की चुनौती</p>
<p>पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कपूरथला में उठी यह मांग अकाली दल के स्थानीय संगठन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी को मजबूत करने के लिए पारंपरिक कार्यकर्ताओं का विश्वास बहाल करना और स्थानीय नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।</p>
<p>फिलहाल, HS वालिया को हटाने की मांग बैठक में शामिल नेताओं के आरोपों और अपील पर आधारित है। पार्टी हाईकमान इस मांग पर क्या निर्णय लेता है, इस पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>
<div>
<div>
<p>कपूरथला के कई वरिष्ठ अकाली नेताओं ने HS वालिया को हलका इंचार्ज पद से हटाने की मांग की।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>नेताओं ने एकतरफा कामकाज और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की कथित अनदेखी का आरोप लगाया।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>जत्थेदार जरनैल सिंह डोगरांवाला के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>नेताओं ने दावा किया कि कपूरथला नगर निगम चुनाव में 50 में से केवल 20 सीटों पर अकाली उम्मीदवार उतारे गए।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>उनके अनुसार, इन 20 उम्मीदवारों में से तीन को जीत मिली।</p>
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</li>
<li>
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<div>
<p>पार्टी हाईकमान से सर्वे करवाकर नया हलका इंचार्ज नियुक्त करने की अपील की गई।</p>
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</div>
</li>
<li>
<div>
<div>
<p>नेताओं ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>प्रश्न 1: कपूरथला में अकाली दल के नेता क्या मांग कर रहे हैं?</p>
<p>उत्तर: वरिष्ठ नेता मौजूदा हलका इंचार्ज HS वालिया को हटाकर किसी उपयुक्त पारंपरिक अकाली नेता को जिम्मेदारी सौंपने की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>प्रश्न 2: नेताओं ने HS वालिया पर क्या आरोप लगाए हैं?</p>
<p>उत्तर: नेताओं का आरोप है कि वे एकतरफा तरीके से काम करते हैं, वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करते हैं और स्थानीय संगठन में असंतोष बढ़ा है। ये आरोप बैठक में शामिल नेताओं ने लगाए हैं।</p>
<p>प्रश्न 3: बैठक का नेतृत्व किसने किया?</p>
<p>उत्तर: बैठक का नेतृत्व SGPC सदस्य जत्थेदार जरनैल सिंह डोगरांवाला ने किया।</p>
<p>प्रश्न 4: कपूरथला नगर निगम चुनावों को लेकर क्या दावा किया गया?</p>
<p>उत्तर: नेताओं ने दावा किया कि सभी 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बजाय केवल 20 अकाली उम्मीदवार मैदान में थे और उनमें से तीन जीते।</p>
<p>प्रश्न 5: अकाली नेताओं ने हाईकमान से क्या अपील की?</p>
<p>उत्तर: उन्होंने कपूरथला की स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वे कराने और उसके आधार पर नया हलका इंचार्ज नियुक्त करने की मांग की।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>कपूरथला में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं की ओर से HS वालिया को हटाने की मांग ने स्थानीय संगठन में मतभेदों को सामने ला दिया है। नेताओं का कहना है कि पारंपरिक कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करना और नेतृत्व में बेहतर तालमेल स्थापित करना जरूरी है। अब देखना होगा कि पार्टी हाईकमान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस मांग पर क्या कदम उठाता है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_625.png" alt="Screenshot_625" width="870" height="602"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/resentment-increases-within-akali-dal-in-kapurthala-demand-for-removal/article-13876</link>
                <guid>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/resentment-increases-within-akali-dal-in-kapurthala-demand-for-removal/article-13876</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 16:00:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>GNDU में हुनर मेला-I 2026 का आगाज, छात्राओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU), अमृतसर में हुनर मेला-I 2026 का उद्घाटन कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने किया। विभाग के आजीवन शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित था। मेले में विद्यार्थियों ने हस्तनिर्मित कपड़े, फुलकारी, सजावटी सामान, स्वस्थ स्नैक्स और व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए। इसका उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/hunar-mela-i-2026-begins-in-gndu-emphasis-on-connecting-girl/article-13875"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_624.png" alt=""></a><br /><p>GNDU में हुनर मेला-I 2026 का उद्घाटन, कौशल से रोजगार के अवसरों पर फोकस</p>
<p>अमृतसर: गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) में हुनर मेला-I 2026 का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने मेले का उद्घाटन किया। आजीवन शिक्षा विभाग (Department of Lifelong Learning) की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित था।</p>
<p>मेले का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना था। कार्यक्रम में दिखाया गया कि कम अवधि के कौशल आधारित पाठ्यक्रम युवाओं, विशेषकर महिलाओं और छात्राओं, को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद कर सकते हैं।</p>
<p>विद्यार्थियों ने बनाए उत्पादों और कौशल का किया प्रदर्शन</p>
<p>हुनर मेले में एक वर्षीय डिप्लोमा और छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने अपने काम का प्रदर्शन किया। इन पाठ्यक्रमों में फैशन डिजाइनिंग, कॉस्मेटोलॉजी, डाइट एवं न्यूट्रिशन, नैनी केयर और कंप्यूटर से जुड़े कोर्स शामिल हैं।</p>
<p>प्रदर्शनी में हस्तनिर्मित परिधान, क्रोशिया का काम, फुलकारी कढ़ाई वाले पैच, सजावटी वस्तुएं और घर की सजावट में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा विद्यार्थियों ने स्वस्थ स्नैक्स और व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं देखभाल से संबंधित उत्पाद भी प्रदर्शित किए।</p>
<p>कौशल को आमदनी का साधन बनाने पर जोर</p>
<p>मेले में प्रदर्शित उत्पादों और गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थी अपने हुनर को आय के स्रोत में बदल सकते हैं। सिलाई, फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी केयर, पोषण और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेकर छोटे व्यवसाय शुरू करने की संभावनाएं भी विकसित की जा सकती हैं।</p>
<p>कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने प्रतिभागियों से बातचीत की और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने, नए प्रयोग करने और उद्यमिता के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।</p>
<p>शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल जरूरी: कुलपति</p>
<p>प्रो. करमजीत सिंह ने शिक्षा को व्यावहारिक कौशल और उभरते अवसरों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजीवन सीखने की प्रक्रिया व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ पेशेवर प्रगति के लिए भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>हुनर मेले जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपने काम को प्रदर्शित करने, अनुभव हासिल करने और भविष्य में स्वरोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।</p>
<p>महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास</p>
<p>आजीवन शिक्षा विभाग की निदेशक प्रो. वरिंदर कौर ने बताया कि विभाग के अल्पकालिक पाठ्यक्रम महिलाओं और युवतियों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपनी रुचि और कौशल के अनुसार छोटे व्यवसाय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इनमें ब्यूटी सैलून, बुटीक, सिलाई केंद्र, पोषण संबंधी सेवाएं और डिजिटल सेवा केंद्र जैसे विकल्प शामिल हैं।</p>
<p>इस तरह के प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को केवल रोजगार तलाशने में ही नहीं, बल्कि स्वयं रोजगार पैदा करने और अपना व्यवसाय विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
<ul>
<li>
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<p>GNDU में हुनर मेला-I 2026 का उद्घाटन कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने किया।</p>
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<p>आयोजन अमृतसर के 450वें स्थापना वर्ष को समर्पित था।</p>
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<p>मेले में एक वर्षीय डिप्लोमा और छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स के विद्यार्थियों ने भाग लिया।</p>
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<li>
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<div>
<p>फैशन डिजाइनिंग, कॉस्मेटोलॉजी, डाइट-न्यूट्रिशन, नैनी केयर और कंप्यूटर कोर्स के काम प्रदर्शित किए गए।</p>
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</li>
<li>
<div>
<div>
<p>हस्तनिर्मित कपड़े, फुलकारी, क्रोशिया, सजावटी सामान और स्वस्थ स्नैक्स प्रदर्शनी का हिस्सा रहे।</p>
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</li>
<li>
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<p>विभाग का उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।</p>
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</li>
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<div>
<p>ब्यूटी सैलून, बुटीक, सिलाई केंद्र और डिजिटल सेवा केंद्र जैसे स्वरोजगार विकल्पों पर जोर दिया गया।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>प्रश्न 1: GNDU में हुनर मेला-I 2026 का उद्घाटन किसने किया?</p>
<p>उत्तर: मेले का उद्घाटन गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने किया।</p>
<p>प्रश्न 2: हुनर मेला-I 2026 का आयोजन किस विभाग ने किया?</p>
<p>उत्तर: इसका आयोजन GNDU के Department of Lifelong Learning यानी आजीवन शिक्षा विभाग ने किया।</p>
<p>प्रश्न 3: मेले में किन पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने भाग लिया?</p>
<p>उत्तर: फैशन डिजाइनिंग, कॉस्मेटोलॉजी, डाइट एवं न्यूट्रिशन, नैनी केयर और कंप्यूटर से जुड़े एक वर्षीय डिप्लोमा तथा छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स के विद्यार्थियों ने भाग लिया।</p>
<p>प्रश्न 4: हुनर मेले का मुख्य उद्देश्य क्या था?</p>
<p>उत्तर: इसका उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा और व्यावहारिक कौशल को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना था।</p>
<p>प्रश्न 5: प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थी कौन से छोटे व्यवसाय शुरू कर सकते हैं?</p>
<p>उत्तर: प्रशिक्षण और अपनी योग्यता के अनुसार विद्यार्थी ब्यूटी सैलून, बुटीक, सिलाई केंद्र, पोषण संबंधी सेवाएं और डिजिटल सेवा केंद्र जैसे व्यवसाय शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>GNDU का हुनर मेला-I 2026 कौशल आधारित शिक्षा और स्वरोजगार की संभावनाओं को सामने लाने वाला आयोजन रहा। विद्यार्थियों के उत्पादों और प्रदर्शनों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व को उजागर किया। विश्वविद्यालय के आजीवन शिक्षा विभाग का प्रयास महिलाओं और युवतियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_624.png" alt="Screenshot_624" width="864" height="610"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/hunar-mela-i-2026-begins-in-gndu-emphasis-on-connecting-girl/article-13875</link>
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                <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 15:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिरसा की CDLU यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा पर जोर, छात्रों को मिलेंगे बेहतर करियर और रोजगार के अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा के सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU) ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगारपरक कौशल और बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग पर जोर दिया है। कुलपति विजय कुमार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में अकादमिक ज्ञान के साथ सॉफ्ट स्किल्स भी जरूरी हैं। विश्वविद्यालय और यूरोपीय संघ सहभागिता एवं सूचना केंद्र (EUEIC) के बीच हुए समझौते के लाभों पर भी चर्चा की गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/emphasis-on-international-education-in-cdlu-university-of-sirsa-students/article-13869"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_618.png" alt=""></a><br /><p>हरियाणा के सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU) विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ ऐसे कौशल प्रदान करना है, जो उन्हें रोजगार पाने और भविष्य में करियर बनाने में मदद करें।</p>
<p>सोमवार को विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति विजय कुमार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि बदलते रोजगार बाजार में विद्यार्थियों के लिए विषय संबंधी जानकारी के साथ संवाद क्षमता, टीमवर्क और अन्य सॉफ्ट स्किल्स विकसित करना भी आवश्यक है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय सहयोग से छात्रों को मिलेंगे नए अवसर</p>
<p>कुलपति विजय कुमार ने उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग से विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा व्यवस्था को समझने और करियर के नए अवसरों की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वे भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।</p>
<p>NEP 2020 से उच्च शिक्षा में बदलाव पर चर्चा</p>
<p>बैठक के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>कुलपति ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने में मदद मिल सकती है। इससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ने और नए अवसर तलाशने का रास्ता मिल सकता है।</p>
<p>CDLU और EUEIC के समझौते के लाभ बताए</p>
<p>बैठक में यूरोपीय संघ सहभागिता एवं सूचना केंद्र (EUEIC) के प्रतिनिधि जस्मीत सैनी ने विश्वविद्यालय और EUEIC के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के संभावित लाभों की जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने इस समझौते के माध्यम से मिलने वाले शैक्षणिक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। इस पहल को विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संपर्क और करियर संभावनाओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।</p>
<p>रोजगारपरक शिक्षा और सॉफ्ट स्किल्स पर जोर</p>
<p>बैठक में विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए अकादमिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।</p>
<p>आज के रोजगार बाजार में केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है। संवाद कौशल, समस्या समाधान, सहयोग से काम करने की क्षमता और पेशेवर व्यवहार जैसे गुण भी महत्वपूर्ण हैं। विश्वविद्यालय की पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को इन जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
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<p>चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग पर जोर दिया।</p>
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<p>कुलपति विजय कुमार ने संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक की अध्यक्षता की।</p>
</div>
</div>
</li>
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<div>
<p>विद्यार्थियों के लिए अकादमिक ज्ञान के साथ सॉफ्ट स्किल्स को जरूरी बताया गया।</p>
</div>
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</li>
<li>
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<p>राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण पर चर्चा हुई।</p>
</div>
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</li>
<li>
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<p>EUEIC के प्रतिनिधि जस्मीत सैनी ने CDLU और EUEIC के बीच हुए MoU के लाभ बताए।</p>
</div>
</div>
</li>
<li>
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<div>
<p>विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों की रोजगार क्षमता और करियर के अवसरों को बेहतर बनाना है।</p>
</div>
</div>
</li>
</ul>
<p>FAQ Section:</p>
<p>सवाल 1: CDLU विश्वविद्यालय कहां स्थित है?</p>
<p>जवाब: चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय हरियाणा के सिरसा में स्थित है।</p>
<p>सवाल 2: विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर क्यों जोर दे रहा है?</p>
<p>जवाब: इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैश्विक शैक्षणिक संपर्क और करियर के नए अवसरों से जोड़ना है।</p>
<p>सवाल 3: कुलपति विजय कुमार ने विद्यार्थियों के लिए किन कौशलों को जरूरी बताया?</p>
<p>जवाब: उन्होंने अकादमिक ज्ञान के साथ सॉफ्ट स्किल्स और रोजगारपरक क्षमताओं के विकास पर जोर दिया।</p>
<p>सवाल 4: CDLU और EUEIC के बीच क्या हुआ है?</p>
<p>जवाब: दोनों संस्थानों के बीच हाल ही में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। बैठक में EUEIC के प्रतिनिधि जस्मीत सैनी ने इसके लाभों की जानकारी दी।</p>
<p>सवाल 5: NEP 2020 का उच्च शिक्षा में क्या महत्व है?</p>
<p>जवाब: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उच्च शिक्षा में सुधार, कौशल विकास और शिक्षा को बदलती जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक प्रमुख नीति है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की पहल उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने और विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों से जोड़ने पर केंद्रित है। कुलपति विजय कुमार ने अकादमिक ज्ञान और सॉफ्ट स्किल्स के महत्व को रेखांकित किया। CDLU और EUEIC के बीच हुए समझौते से जुड़े अवसरों पर चर्चा भी इसी दिशा में एक कदम है। हालांकि, विद्यार्थियों को मिलने वाले वास्तविक लाभ समझौते के तहत लागू की जाने वाली गतिविधियों और कार्यक्रमों पर निर्भर करेंगे।<img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_618.png" alt="Screenshot_618" width="1173" height="510"/></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.undekhikhabar.com/state/haryana/emphasis-on-international-education-in-cdlu-university-of-sirsa-students/article-13869</link>
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                <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 14:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Atul Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>स्वर्ण मंदिर में जातिगत भेदभाव के खिलाफ 1920 का ऐतिहासिक संघर्ष, 106 साल बाद भी सिख समाज में समानता पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और अकाल तख्त से जुड़ी 12 अक्टूबर 1920 की ऐतिहासिक घटना को सिख संगठनों ने याद किया। उस समय दलित सिखों के साथ जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई गई थी और अकाल तख्त के प्रबंधन में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। शोधकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के मुताबिक, इस संघर्ष में दलित सिखों के साथ जाट सिख नेताओं और अन्य समुदायों के लोगों ने भी भूमिका निभाई थी। हालांकि, 106 साल बाद भी सिख समाज में जातिगत विभाजन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल बने हुए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.undekhikhabar.com/state/punjab/the-historic-struggle-of-1920-against-caste-discrimination-in-the/article-13874"><img src="https://www.undekhikhabar.com/media/400/2026-10/screenshot_623.png" alt=""></a><br /><p>स्वर्ण मंदिर में जातिगत भेदभाव के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष, 106 साल बाद भी समानता की चुनौती</p>
<p>अमृतसर: सिख इतिहास में 12 अक्टूबर 1920 की घटना को धार्मिक अधिकारों और जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में याद किया जाता है। एक सदी से अधिक समय पहले दलित सिखों ने स्वर्ण मंदिर में भेदभावपूर्ण व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई थी। इस आंदोलन ने अकाल तख्त के प्रबंधन पर महंतों के नियंत्रण को समाप्त करने और सिख धार्मिक परंपराओं की बहाली की दिशा में भी अहम भूमिका निभाई।</p>
<p>सोमवार को सिख संगठनों ने इस ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए अरदास और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए। इस अवसर पर शोधकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल दलित सिखों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें जाट सिख नेताओं और दूसरे समुदायों के लोगों ने भी समान धार्मिक अधिकारों के लिए योगदान दिया था।</p>
<p>दलित सिखों के साथ भेदभाव के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन</p>
<p>चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा के नेता शाम सिंह के अनुसार, 12 अक्टूबर 1920 की घटना लंबे समय तक चले प्रयासों का परिणाम थी। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित अरदास में हिस्सा लेते हुए कहा कि खालसा बिरादरी और सिख सुधार आंदोलन से जुड़े कई लोगों ने जातिगत भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाने में भूमिका निभाई थी।</p>
<p>इनमें मेहताब सिंह बीर, जत्थेदार करतार सिंह झब्बर, जत्थेदार तेजा सिंह भुच्चर, प्रिंसिपल बाबा हरकिशन सिंह और प्रिंसिपल तेजा सिंह जैसे नाम शामिल थे।</p>
<p>शाम सिंह ने बताया कि उस समय स्वर्ण मंदिर का प्रबंधन संभाल रहे महंतों ने दलित सिखों की ओर से चढ़ाए गए कड़ाह प्रसाद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद खालसा बिरादरी ने लगभग दो वर्षों तक इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के खिलाफ लोगों को जागरूक किया।</p>
<p>12 अक्टूबर 1920 को धार्मिक अधिकारों के लिए उठी आवाज</p>
<p>शाम सिंह के अनुसार, 12 अक्टूबर 1920 को खालसा बिरादरी के कुछ सदस्य स्वर्ण मंदिर पहुंचे और वहां के पुजारियों से कड़ाह प्रसाद स्वीकार कर उसके लिए अरदास करने की मांग की। इस घटना को धार्मिक समानता और जातिगत भेदभाव के विरोध में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।</p>
<p>इसके बाद वहां मौजूद लोग सामूहिक रूप से अकाल तख्त पहुंचे, जिसे उस समय अकाल बुंगा भी कहा जाता था। जत्थेदार करतार सिंह झब्बर ने अकाल तख्त के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने के लिए 25 युवाओं का एक समूह बनाने का प्रस्ताव रखा।</p>
<p>बताया गया कि इस प्रस्ताव पर 17 स्वयंसेवक आगे आए। इनमें 10 दलित समुदायों से और सात अन्य जातियों से संबंधित थे। यह भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि उस समय धार्मिक अधिकारों और समानता के लिए विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ आए थे।</p>
<p>संघर्ष केवल दलित सिखों तक सीमित नहीं था</p>
<p>शाम सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक घटना को केवल दलित सिखों का आंदोलन मानना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, जाट सिख नेताओं और अन्य समुदायों के लोगों ने भी दलितों की गरिमा और धार्मिक अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष में योगदान दिया था।</p>
<p>सिख रिसर्च इंस्टीट्यूट से जुड़े हरिंदर सिंह ने भी हाल ही में भाई वीर सिंह हॉल में अपने संबोधन के दौरान जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष में जाट सिख नेताओं की भूमिका को रेखांकित किया था।</p>
<p>शाम सिंह के मुताबिक, आज भी कई गैर-दलित कार्यकर्ता इस ऐतिहासिक दिन को याद करने और दलित सिखों के योगदान को सम्मान देने वाले कार्यक्रमों में शामिल होते हैं।</p>
<p>धार्मिक स्थलों पर भेदभाव कम दिखता है, लेकिन गांवों में विभाजन कायम</p>
<p>शाम सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में सिख धार्मिक स्थलों पर जातिगत भेदभाव पहले की तुलना में कम दिखाई देता है, लेकिन गांवों में जाति आधारित विभाजन अब भी मौजूद है। इससे स्पष्ट होता है कि धार्मिक समानता के सिद्धांतों के बावजूद सामाजिक स्तर पर पूरी समानता हासिल करने की चुनौती बनी हुई है।</p>
<p>इतिहासकार राज कुमार हंस ने भी इस विषय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सिंह सभा आंदोलन से जुड़े कुछ उच्च जाति के कार्यकर्ताओं ने दलितों के अधिकारों का समर्थन किया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इन कार्यकर्ताओं के अपने विचार हमेशा जातिगत पूर्वाग्रहों से पूरी तरह मुक्त नहीं थे।</p>
<p>पंजाब की राजनीति में प्रतिनिधित्व पर भी उठ रहे सवाल</p>
<p>1920 की ऐतिहासिक घटना को याद करने के साथ ही पंजाब की राजनीति में प्रतिनिधित्व और समानता का सवाल भी चर्चा में है। राजनीतिक दलों के नेतृत्व में जाट सिख नेताओं की प्रमुख भूमिका के बीच यह बहस फिर सामने आ रही है कि विभिन्न सामाजिक समुदायों को नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में कितना प्रतिनिधित्व मिल रहा है।</p>
<p>यह सवाल केवल राजनीतिक पदों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता, धार्मिक संस्थाओं में भागीदारी और जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के व्यापक प्रयासों से भी जुड़ा हुआ है।</p>
<p>Key Highlights:</p>
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<p>12 अक्टूबर 1920 की घटना को सिख इतिहास में जातिगत भेदभाव के खिलाफ महत्वपूर्ण संघर्ष के रूप में याद किया जाता है।</p>
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<p>दलित सिखों द्वारा चढ़ाए गए कड़ाह प्रसाद को स्वीकार नहीं किए जाने की घटना के बाद आंदोलन तेज हुआ।</p>
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<p>खालसा बिरादरी ने लगभग दो वर्षों तक भेदभाव के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया।</p>
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<p>अकाल तख्त के प्रबंधन के लिए आगे आए 17 स्वयंसेवकों में 10 दलित समुदायों से और सात अन्य जातियों से थे।</p>
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<p>जाट सिख नेताओं और अन्य समुदायों के लोगों ने भी आंदोलन में भूमिका निभाई।</p>
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<p>सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, धार्मिक स्थलों पर भेदभाव कम दिखाई देने के बावजूद गांवों में जातिगत विभाजन मौजूद है।</p>
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<p>पंजाब की राजनीति में प्रतिनिधित्व और समानता को लेकर बहस फिर चर्चा में है।</p>
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<p>FAQ Section:</p>
<p>प्रश्न 1: 12 अक्टूबर 1920 को स्वर्ण मंदिर में क्या हुआ था?</p>
<p>उत्तर: उपलब्ध विवरण के अनुसार, दलित सिखों के साथ जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई गई थी। कड़ाह प्रसाद स्वीकार करने से इनकार किए जाने के बाद खालसा बिरादरी के सदस्यों ने धार्मिक समानता की मांग की।</p>
<p>प्रश्न 2: अकाल तख्त के प्रबंधन से जुड़ी घटना का क्या महत्व था?</p>
<p>उत्तर: इस घटना में स्वयंसेवकों ने अकाल तख्त के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने के लिए आगे आने का प्रस्ताव स्वीकार किया। इसे सिख धार्मिक परंपराओं की बहाली से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।</p>
<p>प्रश्न 3: इस आंदोलन में किन समुदायों के लोगों ने भाग लिया?</p>
<p>उत्तर: दलित सिखों के साथ जाट सिख नेताओं और अन्य समुदायों के लोगों ने भी आंदोलन में भूमिका निभाई थी।</p>
<p>प्रश्न 4: क्या आज भी सिख समाज में जातिगत भेदभाव मौजूद है?</p>
<p>उत्तर: सामाजिक कार्यकर्ताओं और शोधकर्ताओं के अनुसार, धार्मिक स्थलों पर भेदभाव कम दिखाई देता है, लेकिन गांवों में जाति आधारित विभाजन अब भी मौजूद है।</p>
<p>प्रश्न 5: इस ऐतिहासिक घटना को आज क्यों याद किया जाता है?</p>
<p>उत्तर: यह घटना धार्मिक अधिकारों, सामाजिक समानता और जातिगत भेदभाव के खिलाफ सामूहिक संघर्ष की याद दिलाती है। इसके साथ ही यह आज भी प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय पर चर्चा को प्रेरित करती है।</p>
<p>Conclusion:</p>
<p>12 अक्टूबर 1920 की घटना सिख इतिहास में धार्मिक समानता और जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। दलित सिखों के साथ-साथ जाट सिख नेताओं और अन्य समुदायों के कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने इस आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया। हालांकि, शोधकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, धार्मिक समानता के आदर्शों को सामाजिक जीवन में पूरी तरह लागू करने की चुनौती आज भी बनी हुई है। <img src="https://www.undekhikhabar.com/media/2026-10/screenshot_623.png" alt="Screenshot_623" width="973" height="621"/></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 14:00:41 +0530</pubDate>
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