अग्निवीर की मौत पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त, सेना को 6 हफ्ते में जवाब देने के आदेश

जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान हुई थी अग्निवीर आकाशदीप सिंह की मौत, माता-पिता ने मौत के कारणों पर मांगी स्पष्ट जानकारी

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Punjab and Haryana High Court ने जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान मृत अग्निवीर Akashdeep Singh की मौत के कारणों पर सेना को विस्तृत और स्पष्ट आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया जाए।

Punjab and Haryana High Court ने जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अग्निवीर Akashdeep Singh की मौत के मामले में सेना अधिकारियों को कारण स्पष्ट करते हुए विस्तृत आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।

मृतक सैनिक के माता-पिता Karamjit Kaur और Balwinder Singh ने हाईकोर्ट का रुख किया था। उनका आरोप था कि सेना ने अब तक उनके 20 वर्षीय बेटे की मौत की परिस्थितियों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

सेना ने नहीं दी जांच रिपोर्ट की जानकारी

दंपति की ओर से पेश हुए अधिवक्ता Rajesh Sehgal ने अदालत को बताया कि सेना ने परिवार को सूचित किया था कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (COI) के जरिए मौत के कारणों की जांच की जाएगी। हालांकि अब तक जांच रिपोर्ट, निष्कर्ष, राय या सक्षम प्राधिकारी के निर्देश परिवार को उपलब्ध नहीं कराए गए।

हाईकोर्ट ने दिए ये निर्देश

1 मई को न्यायमूर्ति Sandeep Moudgil ने मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के सीनियर रिकॉर्ड ऑफिसर और 8 मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री (7 पंजाब) के कमांडिंग ऑफिसर अथवा अधिकृत अधिकारी को निर्देश दिया कि याचिका में उठाए गए सभी मुद्दों और नोटिस ऑफ डिमांड की सामग्री की जांच की जाए।

अदालत ने कहा कि संबंधित अधिकारी छह सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार “स्पीकिंग और रीजनड ऑर्डर” जारी करें। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को व्यक्तिगत सुनवाई का उचित अवसर दिया जाए।

आखिरी बार बेटे से हुई थी बातचीत

करमजीत कौर ने बताया कि बेटे से उनकी आखिरी बातचीत उसकी मौत से एक दिन पहले हुई थी। आकाशदीप नियमित रूप से वीडियो कॉल के जरिए परिवार से बात करता था और घर का हालचाल पूछता था। वह अपने कुत्तों और बुलेट मोटरसाइकिल को भी देखने की इच्छा जताता था।

उन्होंने बताया, “रात 9:24 बजे उसकी वीडियो कॉल आई थी, लेकिन गांव चहल (फरीदकोट) में बिजली चली गई, इसलिए उसने आवाज कॉल पर बात की। उसने मेरे छोटे बेटे के हिसार में NCC कैंप जाने के लिए टिकट भी बुक किए थे और उसका स्क्रीनशॉट भेजा था।”

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

अगले दिन यानी 15 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के अवंतीपोरा क्षेत्र में आकाशदीप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया गया कि उसे तीन गोलियां लगी थीं। यह घटना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुई थी।

पिता बलविंदर सिंह, जो पेशे से किसान हैं, ने बताया कि सुबह करीब 9:30 बजे एक नायब सूबेदार का फोन आया, जिसमें बेटे की मौत की सूचना दी गई।

उन्होंने कहा, “इसके बाद मैंने कई सेना अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।”

परिवार की सहमति बिना हुआ पोस्टमार्टम

माता-पिता का आरोप है कि 15 मई 2025 को पोस्टमार्टम उनकी सहमति के बिना कराया गया। अगले दिन सेना के जवान आकाशदीप का शव फरीदकोट स्थित उनके घर लेकर पहुंचे, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।

आकाशदीप सिंह ने 4 जुलाई 2023 को भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती ली थी। परिवार अब अपने बेटे की मौत के पीछे की सच्चाई जानने की मांग कर रहा है।

 
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Edited By: Karan Singh

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