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अंबाला पुलिस ने फर्जी सरकारी नौकरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 3 आरोपी गिरफ्तार
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 40 लोगों से करीब 60 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र और नकली मुहरें बरामद
अंबाला पुलिस ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर फर्जी दस्तावेज, नकली मुहरें और कैश बरामद किया है।
अंबाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई
हरियाणा के अंबाला में पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
Economic Offences Wing (EOW) की टीम ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर हरियाणा, राजस्थान और दक्षिण भारत के कई राज्यों के करीब 40 बेरोजगार युवाओं से ठगी करने का आरोप है।
60 लाख रुपये की ठगी का आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पीड़ितों से करीब 60 लाख रुपये वसूले।Babyal गांव निवासी Sohan Lal समेत कई पीड़ितों ने 21 अप्रैल 2025 को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोपी नकली नामों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इनमें “Yogesh Sharma” नाम भी शामिल था।
ऐसे करते थे युवाओं को ठगी का शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर जीतते थे भरोसा
युवाओं का भरोसा जीतने के लिए आरोपी:
- फर्जी जॉइनिंग लेटर देते थे
- ट्रेनिंग के नाम पर छोटे-मोटे काम करवाते थे
- प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से काम पर लगाते थे
- शुरुआती 2-3 महीने अपनी जेब से वेतन देते थे
वेतन भेजते समय ऐसा मैसेज भेजा जाता था, जिससे लगे कि सैलरी सरकारी ट्रेजरी से आई है।
इससे पीड़ितों को विश्वास हो जाता था कि उनकी नौकरी पक्की है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान Ambala Police की Economic Offences Wing ने:
- Ajay Kumar (लाडवा निवासी) को 12 मई को गिरफ्तार किया
- Sunil Kumar उर्फ Sahil (झज्जर निवासी) को 15 मई को पकड़ा
- Waris Alam उर्फ Sameer (बिहार निवासी) को 17 मई को गिरफ्तार किया
पुलिस रिमांड के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
दिल्ली में भी दर्ज है मामला
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी Ajay Kumar के खिलाफ दिल्ली में भी इसी तरह का मामला दर्ज है।
वह फिलहाल उस केस में जमानत पर बाहर था।
फर्जी मुहरें और दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में नकली सरकारी दस्तावेज और मुहरें बरामद की हैं।
बरामद सामान में शामिल:
- 17 फर्जी सरकारी मुहरें
- नकली नियुक्ति पत्र
- रेलवे विभाग के फर्जी दस्तावेज
- Food Corporation of India (FCI) की नकली मुहर
- Ministry of Home Affairs की फर्जी सील
- Excise and Taxation Department की मुहरें
- नकली IDs पर खरीदे गए मोबाइल और SIM कार्ड
- 2 लाख रुपये नकद
पुलिस का बयान
Economic Offences Wing के जांच अधिकारी Narender Kumar ने बताया:
“आरोपी ऑनलाइन विज्ञापन देकर बेरोजगार युवाओं को फंसाते थे। वे बेहद शातिर तरीके से युवाओं का भरोसा जीतते थे ताकि ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक किसी सरकारी अधिकारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है।
Key Highlights:
- अंबाला पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगी गिरोह पकड़ा
- सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 60 लाख की ठगी
- तीन आरोपी गिरफ्तार
- फर्जी नियुक्ति पत्र और सरकारी मुहरें बरामद
- करीब 40 बेरोजगार युवाओं को बनाया शिकार
FAQ Section:
Q1. पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Q2. आरोपियों ने कितने लोगों को ठगा?
करीब 40 लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा गया।
Q3. आरोपियों से क्या बरामद हुआ?
फर्जी नियुक्ति पत्र, 17 नकली सरकारी मुहरें, मोबाइल, फर्जी SIM कार्ड और 2 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
Q4. आरोपी युवाओं को कैसे फंसाते थे?
वे ऑनलाइन विज्ञापन देकर युवाओं को फर्जी नौकरी का झांसा देते और शुरुआती महीनों में खुद वेतन देकर भरोसा जीतते थे।
Conclusion:
अंबाला पुलिस की यह कार्रवाई बेरोजगार युवाओं को ठगी से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकारी नौकरी के नाम पर सक्रिय ऐसे गिरोह युवाओं के सपनों और मेहनत का फायदा उठाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी से जुड़े किसी भी ऑफर की पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही पैसे या दस्तावेज साझा करें।

