- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में मध्यस्थों का रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, विवाद समाधान की नई तकनी...
चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में मध्यस्थों का रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, विवाद समाधान की नई तकनीकों पर हुआ मंथन
मेडिएशन एक्ट 2023, नैतिकता, संवाद कौशल और समझौता तकनीकों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में आयोजित रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रोग्राम में मध्यस्थता से जुड़े नए कानूनी बदलावों, संवाद कौशल और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। देशभर के विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में भाग लेकर व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में शनिवार को पैनल में शामिल मध्यस्थों (Empanelled Mediators) के लिए आयोजित Refresher Training Programme का समापन हो गया।
यह कार्यक्रम Supreme Court of India की Mediation and Conciliation Project Committee (MCPC) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के Mediation and Conciliation Centre के सहयोग से किया गया।
6 मई से 23 मई तक चला प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 मई से 23 मई तक पांच अलग-अलग बैचों में आयोजित किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हाईकोर्ट की मध्यस्थता प्रणाली से जुड़े मध्यस्थों की पेशेवर क्षमता और व्यावहारिक कौशल को मजबूत करना था।
मध्यस्थता के नए रुझानों और कानूनी बदलावों पर चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान मध्यस्थता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रमुख विषय शामिल रहे:
- Mediation के बदलते रुझान
- हालिया कानूनी विकास
- नैतिकता और गोपनीयता
- संवाद और बातचीत कौशल
- Settlement Agreement तैयार करना
- सौहार्दपूर्ण विवाद समाधान की तकनीकें
विशेष रूप से Mediation Act, 2023 के तहत पार्टी-केंद्रित और हित-आधारित मध्यस्थता पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने साझा किए व्यावहारिक अनुभव
देशभर से आए वरिष्ठ मध्यस्थता विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि structured dialogue और facilitation techniques के जरिए विवादों का बेहतर और प्रभावी समाधान संभव है।
विशेषज्ञों ने Alternative Dispute Resolution (ADR) सिस्टम को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।
इंटरैक्टिव और प्रैक्टिकल रहीं ट्रेनिंग सेशन
कार्यक्रम के सभी सत्रों को इंटरैक्टिव और प्रैक्टिकल बनाया गया था।
प्रशिक्षण में शामिल गतिविधियां:
- Role Plays
- Simulation Exercises
- Group Discussions
- Case Study Analysis
इन गतिविधियों के जरिए मध्यस्थों की negotiation strategies और communication techniques को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।
मध्यस्थता प्रणाली को मजबूत करने पर फोकस
कार्यक्रम में अदालतों से जुड़े mediation systems के लिए structured capacity building पर विशेष ध्यान दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभावी मध्यस्थता न्याय प्रणाली पर बोझ कम करने और विवादों के तेज समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Key Highlights:
- चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रोग्राम संपन्न
- Mediation Act 2023 पर विशेष चर्चा
- देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
- संवाद और समझौता कौशल पर दिया गया प्रशिक्षण
- Role play और case study आधारित सेशन आयोजित
FAQ Section:
Q1. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में आयोजित किया गया।
Q2. कार्यक्रम का आयोजन किसके मार्गदर्शन में हुआ?
कार्यक्रम Supreme Court की Mediation and Conciliation Project Committee (MCPC) के तहत आयोजित किया गया।
Q3. प्रशिक्षण में किन विषयों पर चर्चा हुई?
मध्यस्थता के नए रुझान, कानूनी बदलाव, नैतिकता, संवाद कौशल और विवाद समाधान तकनीकों पर चर्चा हुई।
Q4. कार्यक्रम कितने दिनों तक चला?
यह कार्यक्रम 6 मई से 23 मई तक पांच बैचों में आयोजित किया गया।
Conclusion:
चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में आयोजित यह रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्यस्थता प्रणाली को अधिक प्रभावी और पेशेवर बनाने की दिशा में अहम पहल साबित हुआ। बदलते कानूनी परिदृश्य और Mediation Act 2023 के तहत ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विवाद समाधान प्रक्रिया को अधिक मजबूत और व्यावहारिक बनाने में मदद करेंगे।

