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यूपी में AYUSH शिक्षा को मिलेगा बड़ा विस्तार, 5 नए इंटीग्रेटेड AYUSH अस्पताल और कॉलेज खोलने का फैसला
गोंडा, मिर्जापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडलों में स्थापित होंगे नए संस्थान, आयुर्वेद से लेकर होम्योपैथी तक की मिलेगी शिक्षा
उत्तर प्रदेश सरकार ने AYUSH शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पांच नए इंटीग्रेटेड AYUSH अस्पताल एवं कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन संस्थानों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा और अनुसंधान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
AYUSH सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में AYUSH शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार पांच नए इंटीग्रेटेड AYUSH अस्पताल एवं कॉलेज स्थापित करेगी, जहां आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से जुड़ी शिक्षा भी उपलब्ध होगी।
इस पहल से न केवल AYUSH शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी मजबूत होगी।
पांच मंडलों में स्थापित होंगे नए संस्थान
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नए इंटीग्रेटेड AYUSH कॉलेज और अस्पताल राज्य के पांच प्रमुख मंडलों में स्थापित किए जाएंगे।प्रस्तावित स्थान
- गोंडा मंडल
- मिर्जापुर मंडल
- मेरठ मंडल
- आगरा मंडल
- बस्ती मंडल
इन संस्थानों के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
कहां कितनी भूमि चिन्हित की गई?
AYUSH विभाग के अनुसार विभिन्न मंडलों में कॉलेज और अस्पतालों के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराई गई है।
भूमि का विवरण
गोंडा (देवीपाटन मंडल)
- गांव कोडर, वजीरगंज विकासखंड
- लगभग 14.82 एकड़ भूमि
मिर्जापुर मंडल
- सदर तहसील के अकौढ़ी गांव में
- लगभग 13.83 एकड़ भूमि
मेरठ मंडल
- गाजियाबाद जिले की मोदीनगर तहसील
- सैदपुर गांव, हुसैनपुर डलना क्षेत्र
- लगभग 11 एकड़ भूमि
आगरा मंडल
- किरावली तहसील के अकबरा गांव में
- लगभग 13.5 एकड़ भूमि
बस्ती मंडल
- हर्रैया तहसील के जोगापुर गांव में
- लगभग 15 एकड़ भूमि
चार स्थानों पर भूमि हस्तांतरण पूरा
AYUSH विभाग के अधिकारियों के अनुसार पांच में से चार मंडलों की भूमि पहले ही AYUSH विभाग के नाम दर्ज की जा चुकी है।
चैत्रा वी ने बताया कि बस्ती मंडल में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे भी पूरा कर लिया जाएगा।
शिक्षा के साथ अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का लक्ष्य केवल कॉलेज खोलना नहीं, बल्कि इन संस्थानों को अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।
अनुसंधान के प्रमुख क्षेत्र
- आयुर्वेदिक औषधियों पर शोध
- योग चिकित्सा
- जीवनशैली आधारित उपचार पद्धतियां
- पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का वैज्ञानिक अध्ययन
- समग्र स्वास्थ्य देखभाल मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैज्ञानिक आधार पर और अधिक मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को होगा लाभ
नए अस्पतालों के शुरू होने से उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा जहां विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की कमी है।
AYUSH आधारित उपचार पद्धतियों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह पहल आम लोगों को किफायती और वैकल्पिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी।
आत्मनिर्भर स्वास्थ्य प्रणाली की ओर कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि AYUSH और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से एक मजबूत और समग्र स्वास्थ्य प्रणाली विकसित की जा सकती है। सरकार की यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Key Highlights:
- उत्तर प्रदेश में 5 नए इंटीग्रेटेड AYUSH अस्पताल और कॉलेज स्थापित होंगे
- गोंडा, मिर्जापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल चुने गए
- आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी की शिक्षा मिलेगी
- चार स्थानों पर भूमि हस्तांतरण पूरा
- अनुसंधान और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित होंगे संस्थान
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा विस्तार
- AYUSH शिक्षा और चिकित्सा को मिलेगा नया बढ़ावा
FAQ Section:
Q1. नए AYUSH कॉलेज किन शहरों में खुलेंगे?
उत्तर: गोंडा, मिर्जापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडलों में नए इंटीग्रेटेड AYUSH कॉलेज और अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।
Q2. इन संस्थानों में कौन-कौन सी चिकित्सा पद्धतियों की शिक्षा मिलेगी?
उत्तर: आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी के साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा दी जाएगी।
Q3. क्या इन संस्थानों में रिसर्च भी होगी?
उत्तर: हां, इन्हें अनुसंधान और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
Q4. भूमि हस्तांतरण की स्थिति क्या है?
उत्तर: चार मंडलों में भूमि AYUSH विभाग के नाम दर्ज हो चुकी है, जबकि बस्ती में प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
Q5. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: AYUSH शिक्षा का विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैज्ञानिक आधार प्रदान करना।
Conclusion:
उत्तर प्रदेश सरकार का पांच नए इंटीग्रेटेड AYUSH अस्पताल एवं कॉलेज स्थापित करने का फैसला राज्य के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को नई पहचान मिलेगी, अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी। आने वाले वर्षों में यह पहल AYUSH सेक्टर के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

