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Harwinder Singh
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT रिपोर्ट में बड़ी लापरवाही का खुलासा
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By Harwinder Singh
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT रिपोर्ट में बड़ी लापरवाही का खुलासा
अयोध्या: श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को चोरी की बड़ी वजह बताया गया है।
जांच में सामने आया कि चढ़ावे की गिनती आउटसोर्स कर्मचारियों से कराई जा रही थी और भर्ती में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ। रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन की निगरानी और एसओपी में ढिलाई पर भी सवाल उठाए गए हैं। सरकार रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला करेगी।
17 जुलाई: हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में पीएम मोदी का मेगा दौरा
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By Harwinder Singh
17 जुलाई: हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में पीएम मोदी का मेगा दौराप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास कर सकते हैं। साथ ही कई सरकारी कार्यक्रमों और जनसभाओं में भी हिस्सा लेने की संभावना है। इस दौरे को विकास, आधारभूत ढांचे और जनकल्याण योजनाओं के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीसरी भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता, 9वीं नहीं 5वीं-6वीं से पढ़ाने की सलाह
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By Harwinder Singh
तीसरी भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता, 9वीं नहीं 5वीं-6वीं से पढ़ाने की सलाह
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने CBSE में कक्षा 9 से तीसरी भाषा शुरू करने पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे छात्रों पर अनावश्यक पढ़ाई का दबाव बढ़ सकता है। अदालत ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि नई भाषा की शुरुआत कक्षा 5 या 6 से की जाए, ताकि बच्चे इसे बेहतर ढंग से सीख सकें।
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की बेंच ने यह टिप्पणी तमिलनाडु सरकार की जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) किसी भी राज्य पर कोई भाषा थोपने की बात नहीं करती और तीसरी भाषा के रूप में हिंदी अनिवार्य नहीं है।
मानसून सत्र से पहले मोदी सरकार एक्टिव, 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई
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By Harwinder Singh
मानसून सत्र से पहले मोदी सरकार एक्टिव, 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में आगामी सत्र की रणनीति और प्रमुख विधेयकों पर चर्चा होगी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के परिसीमन से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इन विधेयकों को पारित कराने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। बताया जा रहा है कि इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार सहयोगी और अन्य दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगी है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा।
कच्चे तेल में उछाल के बाद सरकार का बड़ा फैसला, डीजल-ATF पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा
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By Harwinder Singh
कच्चे तेल में उछाल के बाद सरकार का बड़ा फैसला, डीजल-ATF पर विंडफॉल टैक्स बढ़ानई दिल्ली: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है। डीजल पर टैक्स 8.5 रुपये से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 7.5 रुपये से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं पेट्रोल के निर्यात पर टैक्स 4 रुपये से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
सरकार का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान तनाव के चलते सप्लाई पर बढ़ती चिंता को देखते हुए लिया गया है। नई दरें 16 जुलाई से लागू हो गई हैं।
घोटाला: लालू-तेजस्वी को फिलहाल राहत, आरोप तय करने पर फैसला 31 जुलाई तक टला
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By Harwinder Singh
IRCTC घोटाला: लालू-तेजस्वी को फिलहाल राहत, आरोप तय करने पर फैसला 31 जुलाई तक टला
नई दिल्ली: आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को फिलहाल राहत मिली है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने पर फैसला 31 जुलाई तक के लिए टाल दिया है।
ईडी ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव समेत कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए आईआरसीटीसी होटल ठेकों में अनियमितताएं हुईं और इसके बदले बेनामी कंपनी के जरिए करीब तीन एकड़ कीमती जमीन हासिल की गई। अब अदालत 31 जुलाई को आरोप तय करने पर अपना फैसला सुनाएगी।
राजस्थान बॉर्डर पर ज़मीन सौदों पर IT का बड़ा शिकंजा, ₹150 करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध लेन-देन की जांच
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By Harwinder Singh
राजस्थान बॉर्डर पर ज़मीन सौदों पर IT का बड़ा शिकंजा, ₹150 करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध लेन-देन की जांचराजस्थान के भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों जैसलमेर और श्रीगंगानगर में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹150 करोड़ से अधिक के संदिग्ध भूमि सौदों के दस्तावेज़ जब्त किए हैं। जांच में कई रजिस्ट्रियों में PAN नंबर गायब, करोड़ों रुपये के नकद भुगतान और वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।आयकर विभाग अब संबंधित लोगों को नोटिस जारी करेगा। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर 70% तक टैक्स, 10% पेनल्टी और ब्याज वसूला जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि सीमा क्षेत्रों में ब्लैक मनी, बेनामी निवेश और विदेशी फंडिंग के जरिए ज़मीन खरीद की जा रही है, जिसे लेकर जांच तेज कर दी गई है।
NEET-UG 2026 पेपर लीक केस: CBI का बड़ा दावा, 136 में से 111 सवाल परीक्षा से मिले मेल
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By Harwinder Singh
NEET-UG 2026 पेपर लीक केस: CBI का बड़ा दावा, 136 में से 111 सवाल परीक्षा से मिले मेल
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी के अनुसार, मामले में गिरफ्तार लातूर के एक कोचिंग सेंटर संचालक के मोबाइल फोन से बरामद 136 हस्तलिखित केमिस्ट्री प्रश्नों में से 111 सवाल NEET-UG 2026 के मास्टर प्रश्न सेट से मेल खाते हैं।
CBI ने यह जानकारी आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत में दाखिल अपने जवाब में दी। जांच एजेंसी का कहना है कि बरामद दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं और जांच के दौरान महत्वपूर्ण सबूत सामने आए हैं।
इस खुलासे के बाद NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। CBI पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि प्रश्नपत्र लीक का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर हाईकोर्ट गंभीर, कहा- 'जिंदगी सबसे कीमती'
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By Harwinder Singh
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर हाईकोर्ट गंभीर, कहा- 'जिंदगी सबसे कीमती'
नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि "जिंदगी अनमोल है" और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वांगचुक की नियमित मेडिकल जांच कराई जाए।
सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि मामले में पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि डॉक्टरों की नियमित स्वास्थ्य रिपोर्ट के आधार पर यदि उनकी स्थिति गंभीर होती है, तो संबंधित अधिकारी बिना देरी किए आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में वांगचुक के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ समझौता नहीं होना चाहिए।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: आखिर क्यों भगवान जगन्नाथ का प्रसाद सड़क पर बिखेरा जाता है? जानिए इसके पीछे की मान्यता
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By Harwinder Singh
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: आखिर क्यों भगवान जगन्नाथ का प्रसाद सड़क पर बिखेरा जाता है? जानिए इसके पीछे की मान्यता
Jagannath Rath Yatra 2026: आज से ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। हर साल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर निकलने वाली यह भव्य यात्रा देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा भव्य रथों पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं।
रथ यात्रा के दौरान कई धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं, जिनमें से एक है भगवान जगन्नाथ के प्रसाद को मार्ग में बिखेरना। पहली नजर में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है।
मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ के रथ के मार्ग पर प्रसाद बिखेरना शुभ माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि इससे यात्रा मार्ग पवित्र होता है और भगवान का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं तक समान रूप से पहुंचता है। कई भक्त इस प्रसाद को श्रद्धा से ग्रहण करते हैं और इसे सौभाग्य व समृद्धि का प्रतीक मानते हैं।
पुरी की ऐतिहासिक बड़दांडा (ग्रैंड रोड) पर निकलने वाली यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान और भक्त के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का अद्भुत उत्सव मानी जाती है। रथ यात्रा के दौरान भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं, इसलिए इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है।
बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधनों को लेकर SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध जताया, 31 मई को बुलाया पंथक सम्मेलन
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By Harwinder Singh
बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधनों को लेकर SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध जताया, 31 मई को बुलाया पंथक सम्मेलन
बेअदबी विरोधी कानून : SGPC प्रधान ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले तख्त श्री दमदमा साहिब में बैठक की गई थी और अब 31 मई को गुरुद्वारा श्री बाबा बकाला साहिब में बड़ा पंथक सम्मेलन बुलाया गया है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान से जुड़े कानून में किए गए संशोधनों पर गंभीर आपत्ति जताई गई। एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र के दौरान 2008 के एक्ट में संशोधन किए, लेकिन इस मामले में SGPC और श्री अकाल तख्त साहिब से कोई उचित सलाह-मशविरा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 के तहत विशेष अधिकार प्राप्त हैं और धार्मिक मामलों में सरकार को दखल देने के बजाय पहले SGPC और श्री अकाल तख्त साहिब से चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि SGPC को बेअदबी के लिए सख्त सजा देने पर कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि कमेटी इसका स्वागत करती है, लेकिन एक्ट की कुछ धाराएं धार्मिक प्रबंधों और SGPC के अधिकारों को सीधे प्रभावित करती हैं।
उन्होंने खास तौर पर “कस्टोडियन” और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने वाली धारा पर सवाल उठाए। धामी ने कहा कि SGPC के पास पहले से ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की देखरेख और रिकॉर्ड रखने के लिए आधुनिक व्यवस्था मौजूद है। हर स्वरूप को देने से पहले गुरुद्वारे की जांच, कैमरे, अग्निशमन व्यवस्था और ग्रंथी सिंहों की पुष्टि की जाती है।
उन्होंने कहा कि यदि स्वरूपों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी जाए तो यह सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होगा और इससे गुरु साहिब की महानता को सामान्य वस्तु की तरह प्रस्तुत करने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि “सिख रहित मर्यादा” धार्मिक विषय है और इससे जुड़े फैसले श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, न कि सरकारी कानूनी प्रक्रिया के तहत।
SGPC प्रधान ने बताया कि इस मुद्दे पर पहले तख्त श्री दमदमा साहिब में बैठक की गई थी, जिसमें विभिन्न संप्रदायों, गुरुद्वारा कमेटियों और सिंह सभाओं ने हिस्सा लिया। अब 31 मई को गुरुद्वारा श्री बाबा बकाला साहिब में बड़ा पंथक सम्मेलन बुलाया गया है, जिसमें सभी पंथक जत्थेबंदियों, निहंग सिंह दलों, दमदमी टकसाल, निर्मल संप्रदाय और अन्य धार्मिक संस्थाओं को आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक अधिकारों और सिख संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है। धामी ने पंजाब सरकार से अपील की कि आपत्तिजनक धाराओं को वापस लिया जाए और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप से बचा जाए।
हरियाणा में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे 15220 रुपये
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By Harwinder Singh
हरियाणा में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे 15220 रुपये
हरियाणा सरकार ने मजदूरों के न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी कर दी है. अब अनस्किल्ड मजदूरों को 11274 रुपये की जगह हर महीने 15220 रुपये मिलेंगे, जबकि अन्य श्रेणियों के वेतन में भी बड़ा इजाफा किया गया है.
हरियाणा में मजदूरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने न्यूनतम वेतन में लगभग 35% की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है, जिससे लाखों कामगारों को सीधा फायदा मिलेगा।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि यह नया वेतनमान 1 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा। सरकार का कहना है कि नए लेबर कोड के लागू होने के बाद हरियाणा ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
क्या बदला है वेतन में?
अकुशल (Unskilled) मजदूर:पहले ₹11,274 → अब ₹15,220 प्रति माह
अर्ध-कुशल (Semi-skilled) मजदूर:पहले ₹12,430 → अब ₹16,780 प्रति माह
कुशल (Skilled) मजदूर:पहले ₹13,704 → अब ₹18,500 प्रति माह
अत्यधिक कुशल (Highly Skilled) मजदूर:पहले ₹14,389 → अब ₹19,425 प्रति माह
क्यों लिया गया फैसला?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, बढ़ती महंगाई को देखते हुए मजदूरों के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी, जिसकी सिफारिशों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई।
क्या होगा फायदा?
इस फैसले से:
लाखों मजदूरों की आय बढ़ेगी
उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी
निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के कामगारों को लाभ मिलेगा
सरकार का मानना है कि यह कदम मजदूरों को उनकी मेहनत का सही हक दिलाने की दिशा में एक बड़ा फैसला है।
ज्योतिष
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