Nayab Singh Saini बोले—खाता गड़बड़ी से वंचित किसानों के मुआवजा मामलों की होगी पुनः जांच

फसल नुकसान पर सैकड़ों करोड़ की राशि स्वीकृत, स्टेडियम व पीएचसी निर्माण पर भी सरकार ने दी जानकारी

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हरियाणा विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिन किसानों को खाता त्रुटियों के कारण मुआवजा नहीं मिला, उनके मामलों की दोबारा जांच की जाएगी। विभिन्न विभागों के मंत्रियों ने फसल नुकसान, स्टेडियम नवीनीकरण, स्वास्थ्य केंद्र निर्माण और ओबीसी क्रीमी लेयर सीमा से जुड़े मुद्दों पर सदन को जानकारी दी।

मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने शुक्रवार को कहा कि जिन किसानों को बैंक खाते में गड़बड़ी के कारण फसल नुकसान का मुआवजा नहीं मिल पाया, उनके मामलों की पुनः सत्यापन प्रक्रिया कराई जाएगी, भले ही धनराशि तीन बार जारी की जा चुकी हो।

हरियाणा विधानसभा के चल रहे सत्र के प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के प्रश्न के उत्तर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि वर्ष 2024-25 में फसल नुकसान के लिए 265.57 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जबकि 2025-26 में 168.74 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में त्रुटियों, बैंक खाता विवरण जमा न करने या अन्य कारणों से मुआवजा वितरित नहीं हो सका। विभाग ने पटवारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी त्रुटियों को शीघ्र ठीक कर आवंटित राशि किसानों तक पहुंचाई जाए।

इसी दौरान खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि डबवाली शहर के स्टेडियम के नवीनीकरण के लिए जिला खेल अधिकारी ने एक करोड़ रुपये का अनुमान तैयार कर Haryana Shehri Vikas Pradhikaran (एचएसवीपी) को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव अग्रेषित किया जा चुका है और जल्द ही नवीनीकरण कार्य शुरू होगा।

हालांकि, इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने इसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को नजरअंदाज किया गया है और एक करोड़ रुपये की राशि ऐसे स्टेडियम के लिए बहुत कम है, जिसे तत्काल सुधार की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र के सग्गा और समाना बाहु गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्य बीच में रोकने और अनुबंध समाप्त होने के कारण काम रुका था, लेकिन अब दोनों परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि भारत सरकार ने 8 सितंबर 1993 को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में क्रीमी लेयर को बाहर रखने के लिए मानदंड तय किए थे। समय-समय पर आय एवं संपत्ति सीमा में संशोधन किया गया है, लेकिन अन्य मानदंडों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

कांग्रेस विधायक चंदर प्रकाश के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने क्रीमी लेयर की आय सीमा 8 लाख रुपये वार्षिक निर्धारित की थी। इसी के अनुरूप हरियाणा सरकार ने 16 जुलाई 2024 की अधिसूचना के माध्यम से आय सीमा 8 लाख रुपये प्रतिवर्ष तय की है।

सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कांग्रेस विधायक पूजा के प्रश्न के उत्तर में स्पष्ट किया कि राज्य में प्रत्येक मानसून से पहले नदियों की वार्षिक रूप से गाद निकासी (डिसिल्टिंग) की कोई निर्धारित परंपरा नहीं है।

 
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Edited By: Karan Singh

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