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नौवें पातशाह की शहादत को समर्पित श्रीनगर से निकला नगर कीर्तन, CM मान और केजरीवाल रहे मौजूद
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By khabarundekhi@gmail.com
नौवें पातशाह की शहादत को समर्पित श्रीनगर से निकला नगर कीर्तन, CM मान और केजरीवाल रहे मौजूद
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित विशाल नगर कीर्तन की शुरुआत श्रीनगर से हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और जम्मू–कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित अन्य संगतों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
नगर कीर्तन 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। नगर कीर्तन का पंजाब भर में भव्य स्वागत किया जाएगा, जिसमें हर जिले के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी मौजूद रहेंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान श्रीनगर पहुंचे, जहां एक कीर्तन दरबार आयोजित किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, नगर कीर्तन श्रीनगर से पठानकोट और होशियारपुर होते हुए यात्रा करेगा और श्री आनंदपुर साहिब में इसका समापन होगा। प्रशासन ने नगर कीर्तन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। पंजाब में प्रवेश करने पर नगर कीर्तन का शानदार स्वागत किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि नगर कीर्तन में शामिल होने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, पूरे मार्ग पर उत्कृष्ट प्रबंध किए गए हैं।
कंगना रणौत के खिलाफ अब आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा, किसान आंदोलन के दौरान दिया था विवादित बयान
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By khabarundekhi@gmail.com
कंगना रणौत के खिलाफ अब आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा, किसान आंदोलन के दौरान दिया था विवादित बयान
BJP सांसद कंगना रणौत की मुश्किलें बढ़ीं:फिल्म अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अब उत्तर प्रदेश के आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा। किसान आंदोलन के दौरान किसानों का अपमान करने और देशद्रोह से जुड़े बयानों को लेकर यह मामला दर्ज किया गया था।
बुधवार को विशेष जज MP-MLA लोकेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने कंगना के खिलाफ दायर संशोधित याचिका को स्वीकार कर लिया। अदालत ने कहा कि जिस निचली अदालत ने पहले केस को खारिज कर दिया था, अब उस पर दोबारा सुनवाई होगी।
अदालत ने आदेश दिया है कि कंगना रणौत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 356 और 152 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इससे पहले 10 नवंबर को अदालत ने कंगना की तरफ से पेश वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
6 बार भेजे गए समन:कंगना रणौत के खिलाफ यह केस वकील रामशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को दायर किया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि 26 अगस्त 2024 को दिए एक इंटरव्यू में कंगना ने किसानों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिससे लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। अब तक कंगना अदालत में पेश नहीं हुई हैं, जबकि उन्हें 6 बार समन भेजे जा चुके हैं।
बठिंडा केस में मांगनी पड़ी थी माफी:इससे पहले दिसंबर 2020 में किसान आंदोलन के दौरान कंगना ने एक बुजुर्ग महिला की फोटो शेयर कर उसे "बिलकिस दादी" बताया था, जो शाहीन बाग प्रदर्शन में शामिल थीं। इसके बाद पंजाब के बठिंडा कोर्ट में उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ। अक्टूबर 2024 में वह इस मामले में अदालत में पेश हुईं और माफी मांगते हुए कहा कि यह एक “गलतफहमी” थी और वह हर "मां" का सम्मान करती हैं।
किसान आंदोलन के दौरान दिए थे विवादित बयान:कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर कई विवादित बयान दिए थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की तुलना खालिस्तानी आतंकवादियों से की थी और कहा था,
“खालिस्तानी आतंकवादी आज सरकार पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन हमें इंदिरा गांधी को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने उन्हें अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था।”
अब इन बयानों को लेकर उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दोबारा शुरू किया जा रहा है, जिससे उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
हिमाचल में बदला मौसम, इन जिलों में बारिश के साथ हुई बर्फबारी, बिछी सफेद चादर
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By khabarundekhi@gmail.com
हिमाचल में बदला मौसम, इन जिलों में बारिश के साथ हुई बर्फबारी, बिछी सफेद चादर
हिमाचल प्रदेश के मौसम ने अचानक करवट बदली जिसके बाद ऊंचाई वाले इलाकों ने बुधवार तड़के बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। इस बर्फबारी ने पर्यटन कारोबारियों के चेहरे पर रौनक ला दी है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले तथा मनाली के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट आई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। बर्फबारी से मनाली और लाहौल-स्पीति के पर्यटन से जुड़े हितधारकों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि उन्हें पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है।
कल कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, आज और कल 23 अक्टूबर भी राज्य के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिले के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। वहीं, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में बहुत हल्की बारिश के आसार हैं। हालांकि, 24 से 28 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
लाहौल-स्पीति के ताबो में तापमान शून्य से 0.7 डिग्री नीचे
शिमला मौसम कार्यालय ने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। मनाली में 12 मिलिमीटर, भरमौर में 11.5 मिमी, केलांग में 6 मिमी, भुंतर में 3.6 मिमी, सेओबाग में 2.4 मिमी, पालमपुर में 2 मिमी, कुकुमसेरी में 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। जनजातीय लाहौल और स्पीति जिले के ताबो में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 0.7 डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी में 0.4 डिग्री, केलोंग में 1.8 डिग्री और कल्पा में 4.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
32 लाख रुपये की गाड़ियां, 48 बैंक खातों में 2.23 करोड़ रुपये जब्त, ED ने असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर को किया गिरफ्तार
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By khabarundekhi@gmail.com
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने हिमाचल प्रदेश के असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर को गिरफ्तार किया है। ईडी की ओर से की गई इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में एक बड़े भ्रष्टाचार मामले का पर्दाफाश करते हुए प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने निशांत सरीन, जो इस समय असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर (मुख्यालय), डायरेक्टरेट ऑफ हेल्थ एंड सेफ्टी रेगुलेशन, हिमाचल प्रदेश में तैनात हैं, को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की ये कार्रवाई PMLA के तहत की गई है।आइए जानते हैं कि क्या है ये पूरा मामला।
क्या है पूरा मामला?
ईडी की ये जांच, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। निशांत सरीन पर आरोप है कि बतौर ड्रग इंस्पेक्टर और बाद में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर, उन्होंने दवा कंपनियों से रिश्वत लेकर भारी संपत्ति बनाई। हिमाचल पुलिस की विजिलेंस ने पहले भ्रष्टाचार, जालसाजी, धोखाधड़ी और साजिश के मामले में निशांत सरीन और उनकी सहयोगी कोमल खन्ना के खिलाफ केस दर्ज किया था। दोनों पर Zhenia Pharmaceuticals (पंचकूला) की पार्टनरशिप डीड में फर्जीवाड़ा करने का आरोप भी है। बताया गया कि कोमल खन्ना की हिस्सेदारी को जबरन 50% से बढ़ाकर 95% कर दिया गया था, और इसमें निशांत सरीन की भूमिका सामने आई।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
इसके अलावा, 23 सितंबर 2025 को शिमला की विजिलेंस ने एक और एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आरोप है कि निशांत सरीन ने 1.66 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जमा की, जो उनकी वैध आय से कहीं अधिक है। ईडी ने जून और जुलाई 2025 में कई ठिकानों पर छापे मारे थे। इस दौरान करीब 32 लाख रुपये की दो गाड़ियां, 65 लाख रुपये के सोने के गहने, और 48 बैंक खातों/FDRs में जमा 2.23 करोड़ रुपये की रकम जब्त/फ्रीज की गई।
जांच में क्या पता लगा?
जांच में पता चला है कि निशांत सरीन ने दवा कंपनियों से व्यक्तिगत लाभ और रिश्वत लेकर आलीशान जीवनशैली अपनाई और बेनामी संपत्तियां खरीदीं। गिरफ्तारी के बाद निशांत सरीन को विशेष पीएमएलए अदालत, शिमला में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 अक्टूबर 2025 तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में समय से पहले हुई बर्फबारी
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चंबा जिले में भारी बारिश और बर्फबारी ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं. अक्टूबर में बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्टेशनों के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
हिमाचल प्रदेश में समय से पहले ही बर्फबारी शुरू हो गई. जानकारी के मुताबिक अक्टूबर की शुरुआत में ही पर्वतीय ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है. लाहौल-स्पिति, चंबा, किन्नौर और कुल्लू के ऊंचे इलाकों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है. शिमला जिले के चूड़धार और चांशल पीक पर भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई है.
चंबा जिले में भारी बारिश और बर्फबारी ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं. अक्टूबर में बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्टेशनों के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. अधिकांश क्षेत्रों का अधिकतम तापमान सामान्य से 6-14 डिग्री सेल्सियस तक कम चल रहा है. लाहौल-स्पिति के केलांग व किंन्नौर जिला के कई इलाकों में तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच गया हैं.
उधर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि ये क्लाइमेट चेंज का असर है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि अक्टूबर के आरंभ में बर्फबारी वर्ष 2018 में केलांग में दर्ज की गई थी. यहां 11 अक्टूबर को बर्फबारी हुई थी लेकिन इस बार यह बर्फबारी 5-7 अक्तूबर के बीच हुई है. हालांकि, अक्टूबर के तीसरे व चाैथे सप्ताह में साल 2023 व 2024 को छोड़कर रिहायशी इलाकों में बर्फबारी होती रही है.
केलांग में तापमान शून्य से नीचे चल रहा है. आज भी प्रदेश के अधिकतर स्थानों में बारिश का दौर जारी रहेगा. 9 अक्टूबर तक मौसम खराब बने रहने का अनुमान है जबकि 10 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ रहेगा. हिमाचल प्रदेश में समय से पहले बर्फ़बारी और बारिश को मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन यानी क्लाइमेट चेंज कहा है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सूक्खु ने कहा कि राज्य में मौसम के असामान्य बदलावों के संकेत स्पष्ट दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि “हिमाचल प्रदेश में सर्दियां पहले शुरू हो गई हैं, जो क्लाइमेट चेंज का स्पष्ट असर है. बरसात भी सामान्य से ज्यादा हुई है. हमने यह मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री के सामने भी उठाया था, और केंद्र की एक विशेषज्ञ टीम हिमाचल भेजी गई थी. इस समय तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है.
दिल्ली में गुलाबी ठंड, केदारनाथ में बर्फ, गीजर ऑन... इस बार आ रही कड़ाके वाली ठंड
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चमोली जिला प्रशासन ने पहले ही छह और सात अक्टूबर के लिए ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी थी. अधिकारियों ने आम जनता और पर्यटकों से अनावश्यक आवाजाही से बचने और पूरी सावधानी बरतने की अपील की है. तीर्थयात्रियों से विशेष रूप से कहा गया है कि वे अपने साथ गर्म कपड़े रखें और मौसम की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर पर्याप्त सावधानी बरतें.
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है, जिसके कारण पूरे उत्तर भारत में ठंड के मौसम का आगाज हो गया है. कश्मीर के ऊपरी इलाकों में हुए ताजा हिमपात और निचले मैदानी इलाकों में बारिश के चलते घाटी के दिन के तापमान में भारी गिरावट आई है. पहाड़ों पर हुई इस बर्फबारी का असर अब दिल्ली-एनसीआर में भी साफ दिखने लगा है. पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश और बर्फीली हवाओं के कारण दिल्ली में अचानक ठंड की एंट्री हो गई है. मौसम में आई इस तेज गिरावट से लोगों को अब गीजर ऑन करने की नौबत आ गई है, जो यह दर्शाता है कि गुलाबी ठंड अब जोरदार सर्दी में बदल रही है.
केदारनाथ, बदरीनाथ में भी बर्फबारी
पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में यह बड़ा बदलाव आया है, जहां एक ओर पहाड़ बर्फ की चादर से ढक गए है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों की ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरी है. इन क्षेत्रों में केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुंड, औली और मुनस्यारी शामिल हैं. अक्टूबर की शुरुआत में ही सीजन की यह पहली बर्फबारी हुई है.
केदारनाथ में भगवान के दर्शन के लिए आए श्रद्धालु इस अचानक हुई बर्फबारी का आनंद लेते नजर आए. निचले इलाकों में हो रही बारिश के कारण पूरे प्रदेश के तापमान में गिरावट आई है, जिससे पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में ठंडक बढ़ गई है.
मौसम विभाग का अलर्ट और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग ने मंगलवार तक प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश जारी रहने और 4,000 मीटर या उससे अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में और अधिक बर्फबारी होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है. इस चेतावनी को देखते हुए, प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए हैं.
चमोली जिला प्रशासन ने पहले ही छह और सात अक्टूबर के लिए ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी थी. अधिकारियों ने आम जनता और पर्यटकों से अनावश्यक आवाजाही से बचने और पूरी सावधानी बरतने की अपील की है. तीर्थयात्रियों से विशेष रूप से कहा गया है कि वे अपने साथ गर्म कपड़े रखें और मौसम की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर पर्याप्त सावधानी बरतें.
हिमाचल प्रदेश में बर्फ की सफेद चादरहिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है. सीजन की पहली बर्फबारी ने पूरे इलाके को बर्फ की सफेद चादर से ढक दिया है. अचानक आई इस बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोग अपने घरों के भीतर दुबककर बैठने को मजबूर हो गए हैं.
बर्फबारी से रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कुंजुम, तांदी, केलांग, उदयपुर और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्र पूरी तरह बर्फ से ढक गए हैं. सुबह होते-होते सड़कों पर बर्फ की मोटी परत जम गई, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. लोगों के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है और ठंडी हवाओं के थपेड़ों से बचने के लिए लोग घरों के अंदर दुबकने को मजबूर हो गए हैं.
कश्मीर के ऊपरी इलाकों में ताजा हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण सोमवार को घाटी में दिन के तापमान में भारी गिरावट आई. अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग जिले के सिंथन टॉप, गुलमर्ग के अफरवत, ज़ोजिला दर्रा, कुपवाड़ा के बंगस, गुरेज घाटी के राजदान दर्रा और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की खबर है.
हिमाचल में बदलने वाला है मौसम, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
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हिमाचल प्रदेश का मौसम आज से करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल स्पीति के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने बताया है कि यह बदलाव 4 अक्टूबर से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुरू हो रहा है.
हिमाचल प्रदेश के निवासियों और पर्यटकों को अगले सप्ताह मौसम के बड़े बदलाव के लिए तैयार रहना होगा. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की चेतावनी के अनुसार, 4 से 8 अक्टूबर के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अनुमान है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि यह बदलाव 4 अक्टूबर से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुरू हो रहा है.
मौसम में यह उथल-पुथल 6 अक्टूबर को अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है. इस दिन सात पर्वतीय जिलों- चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल स्पीति के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है बेहद भारी बारिश. अन्य जिलों में भी एहतियात के तौर पर येलो अलर्ट जारी रहेगा. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी गति से हवाएं चलने का भी अनुमान है.
हिमाचल में क्यों पलटी मारेगा मौसम?
मौसम विभाग ने बताया है कि यह बदलाव 4 अक्टूबर से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुरू हो रहा है. 4 अक्टूबर: विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही भारी बारिश और ओलावृष्टि की शुरुआत संभव है.5 अक्टूबर: राज्य के 10 जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी, जिसमें कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की भी आशंका है.6 अक्टूबर: सबसे अधिक प्रभाव, जिसमें 10 जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा.7 और 8 अक्टूबर: इन दिनों भी कुछ इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.
मौसम की करवट से बढ़ेगी ठंड
पिछले दिनों रोहड़ू में भारी बारिश और शिमला में बादलों की मौजूदगी ने आगामी बदलाव का पूर्वाभास दिया है. अगले 2-3 दिनों तक दिन और रात के तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा. हालांकि, तूफानी मौसम के गुजर जाने के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की महत्वपूर्ण गिरावट आने की संभावना है, जो ठंड बढ़ने का संकेत है. टूरिस्टों और स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के दौरान अपनी यात्रा की योजनाएं न बनाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें.
हिमाचल के लाहौल स्पीति में सड़ रहा गोभी, जयराम ठाकुर पहुंचे तो किसानों ने बताया अपना दर्द
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By khabarundekhi@gmail.com
जयराम ठाकुर लाहौल स्पीति पहुंचे तो किसानों ने उन्हें अपने खेतों में बर्बाद हो रही गोभी की फसल दिखाई. किसानों ने अपने नुकसान के बारे में भी उन्हें बताया.
हिमाचल प्रदेश में बरसात ने खूब कहर बरपाया है. लाहौल स्पीति में तो सब्ज़ियां खेतों में ही सड़ गई हैं और सड़क बंद होने की वजह से भारी नुक़सान किसानों को झेलना पड़ा है. आज पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लाहौल स्पीति की सिसु पंचायत का दौरा किया. वहां के हालत देख वो भी परेशान हो गए. गोभी की फसल इस बार बंपर हुई, लेकिन आपदा में सड़कें बंद होने की वजह से बाज़ार तक नहीं पहुंच पाई. अब खेतों में ही सड़ रही हैं. पूरे क्षेत्र में महामारी फैलने का ख़तरा अलग से मंडरा रहा है. फसलें सड़ जाने की वजह से किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
वहीं दिल्ली में गोभी 100 से 120 रुपये किलो बिक रहा है. नोएडा में तो और भी ज्यादा कीमत लग रही है. नोएडा में कीमत 160 रुपये किलो तक है. अन्य सब्जियों के रेट भी काफी महंगे हो गए हैं. वहीं हिमाचल प्रदेश में गोभी खेतों में सड़ रहा है. बारिश के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं. इसके कारण किसान अपना माल बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं. इतनी ज्यादा मात्रा में गोभी घर में रखने की जगह नहीं है. लिहाजा खेत में ही पड़े-पड़े सड़ रही है.
जयराम ठाकुर लाहौल स्पीति पहुंचे तो किसानों ने उन्हें अपने खेतों में बर्बाद हो रही गोभी की फसल दिखाई. किसानों ने अपने नुकसान के बारे में भी उन्हें बताया. पूर्व मुख्यमंत्री ने भी किसानों की इस दुर्दशा पर दुख जताते हुए राज्य सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द सड़कों को ठीक किया जाए. साथ ही किसानों के नुकसान की भरपाई की जाए. उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल सरकार को दी गई मदद के बारे में भी किसानों को अवगत कराया. साथ ही भरोसा दिया कि उनकी पार्टी पूरी तरह से किसानों के साथ है और उनकी समस्याओं पर काम करेगी.
कुल्लू अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव में लोक कलाकारों की इस बार रहेगी धूम
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दशहरा के दौरान लोगों की सुविधा के लिये पूर्व की भांति शटल बस सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी. हर पार्किंग के लिये नगर परिषद द्वारा रेट निर्धारित किये गये हैं और इसके लिये सभी पार्किंग संचालकों को तय रेट ही लेने के आदेश दिये गये हैं.
पिछले दो वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव को बेहतर से बेहतरीन करने का प्रयास किया गया है. उत्सव को इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस के कैलेंडर में भी शामिल किया गया और विदेशी सांस्कृतिक दलों ने इसमें अपनी शानदार प्रस्तुतियां दी हैं, लेकिन इस बार प्रदेश को भारी प्राकृतिक आपदा ने झकझोर कर रख दिया है और जिला कुल्लू भी गंभीर रूप से प्रभावित रहा है. ऐसे में जनता के फीडबैक और सुझावों को देखते हुए इस बार विदेशी सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित नहीं किया गया है. सभी सांस्कृतिक संध्याओं में प्रदेश के लोक कलाकारों, सांस्कृतिक दलों और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी और सभी आयोजनों में खर्चों में की गई इस बचत को आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों के दिया जायेगा. उत्सव के इस बार केवल एक ही सांस्कृतिक मंच लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र रहेगा और सारी सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा.
कुल्लू दशहरा देवी-देवताओं का उत्सव
अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव समिति कुल्लू की महत्वपूर्ण बैठक अटल सदन में समिति के अध्यक्ष एवं विधायक कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा केवल एक सांस्कृतिक पर्व ही नहीं, बल्कि देवी-देवताओं का उत्सव है. इस दौरान ज़िला भर से देवी-देवता कुल्लू पधारते हैं, और उनकी अगवानी करना तथा उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराना उत्सव समिति की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि देवताओं के ठहरने, बैठने, भोजन और अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. समिति का उद्देश्य यह है कि देवताओं और उनके साथ आने वाले बजंतरियों, गुर व कारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. यदि देवताओं और उनके लिए किसी भी प्रकार की नई सुविधा का सृजन अथवा व्यवस्था करने की आवश्यकता पड़ेगी, तो उत्सव समिति इसके लिए पूरी तरह सक्षम और तत्पर है. वहीं समिति इस बात को सुनिश्चित करेगी कि धार्मिक आस्था और परंपरा के अनुरूप इस भव्य उत्सव का आयोजन गरिमा के साथ संपन्न हो. उत्सव के दौरान देवताओं के आगमन मार्गों और समारोह स्थल से लावारिस पशुओं को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजने और उनके लिए अस्थाई बाड़े बनाने के लिए शीघ्र कमेटी गठित करने के निर्देश दिए.
कार्निवाल में दिखेगी कुल्लू सांस्कृतिक झलक
इस बार कल्चरल परेड का आयोजन नहीं किया जा रहा है. पूर्व की भांति कुल्लू कार्निवाल आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल्लू की संस्कृति की झलक के साथ-साथ सुरक्षित निर्माण और आपदा प्रबंधन पर एक टेबलो प्रस्तुत किए जाएगा.
लोक कलाकार आपदा की पीड़ा से जुड़े
प्रदेश के लोक कलाकार भी आपदा की स्थिति को देखते हुए बेहद कम मेहनताना या कुछ बिना किसी शुल्क के उत्सव में शामिल होने के लिए आगे आ रहे हैं. यह आपसी सहयोग और समाज के प्रति समर्पण की भावना का अनुकरणीय उदाहरण है.
उत्सव आपदा प्रभावितों को समर्पित
अध्यक्ष ने कहा कि इस बार का अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव आपदा प्रभावितों के नाम समर्पित रहेगा. खर्चों में की गई कटौती से बचने वाली राशि सीधे तौर पर आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और सहायता कार्यों में लगाई जाएगी. यह उत्सव परंपरा, देव संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का सामंजस्य प्रस्तुत करेगा.
व्यवस्था और सुरक्षा के निर्देश
बैठक में उत्सव के दौरान कानून व्यवस्था, सुरक्षा, ट्रैफिक और पार्किंग सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए. उत्सव के दौरान पुलिस के लगभग 1500 जवान ट्रेफिक, कानून व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे. उन्होंने कहा कि भूत नाथ पुल को दशहरा उत्सव से पूर्व छोटे वाहनों के लिये खोल दिया जायेगा. इसके लिये प्रशासन दिन-रात कार्य कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि दशहरा के दौरान लोगों की सुविधा के लिये पूर्व की भांति शटल बस सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी. उन्होंने कहा कि हर पार्किंग के लिये नगर परिषद द्वारा रेट निर्धारित किये गये हैं और इसके लिये सभी पार्किंग संचालकों को तय रेट ही लेने के आदेश दिये गये हैं. उन्होंने सभी शहर वासियों से अपील की, कि उत्सव के दौरान वाहनों का प्रयोग कम करें.
दशहरा के दौरान लोगों की सुविधा के लिये पूर्व की भांति शटल बस सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी. हर पार्किंग के लिये नगर परिषद द्वारा रेट निर्धारित किये गये हैं और इसके लिये सभी पार्किंग संचालकों को तय रेट ही लेने के आदेश दिये गये हैं.
पिछले दो वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव को बेहतर से बेहतरीन करने का प्रयास किया गया है. उत्सव को इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस के कैलेंडर में भी शामिल किया गया और विदेशी सांस्कृतिक दलों ने इसमें अपनी शानदार प्रस्तुतियां दी हैं, लेकिन इस बार प्रदेश को भारी प्राकृतिक आपदा ने झकझोर कर रख दिया है और जिला कुल्लू भी गंभीर रूप से प्रभावित रहा है. ऐसे में जनता के फीडबैक और सुझावों को देखते हुए इस बार विदेशी सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित नहीं किया गया है. सभी सांस्कृतिक संध्याओं में प्रदेश के लोक कलाकारों, सांस्कृतिक दलों और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी और सभी आयोजनों में खर्चों में की गई इस बचत को आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों के दिया जायेगा. उत्सव के इस बार केवल एक ही सांस्कृतिक मंच लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र रहेगा और सारी सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा.
कुल्लू दशहरा देवी-देवताओं का उत्सव
अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव समिति कुल्लू की महत्वपूर्ण बैठक अटल सदन में समिति के अध्यक्ष एवं विधायक कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा केवल एक सांस्कृतिक पर्व ही नहीं, बल्कि देवी-देवताओं का उत्सव है. इस दौरान ज़िला भर से देवी-देवता कुल्लू पधारते हैं, और उनकी अगवानी करना तथा उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराना उत्सव समिति की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि देवताओं के ठहरने, बैठने, भोजन और अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. समिति का उद्देश्य यह है कि देवताओं और उनके साथ आने वाले बजंतरियों, गुर व कारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. यदि देवताओं और उनके लिए किसी भी प्रकार की नई सुविधा का सृजन अथवा व्यवस्था करने की आवश्यकता पड़ेगी, तो उत्सव समिति इसके लिए पूरी तरह सक्षम और तत्पर है. वहीं समिति इस बात को सुनिश्चित करेगी कि धार्मिक आस्था और परंपरा के अनुरूप इस भव्य उत्सव का आयोजन गरिमा के साथ संपन्न हो. उत्सव के दौरान देवताओं के आगमन मार्गों और समारोह स्थल से लावारिस पशुओं को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजने और उनके लिए अस्थाई बाड़े बनाने के लिए शीघ्र कमेटी गठित करने के निर्देश दिए.
कार्निवाल में दिखेगी कुल्लू सांस्कृतिक झलक
इस बार कल्चरल परेड का आयोजन नहीं किया जा रहा है. पूर्व की भांति कुल्लू कार्निवाल आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल्लू की संस्कृति की झलक के साथ-साथ सुरक्षित निर्माण और आपदा प्रबंधन पर एक टेबलो प्रस्तुत किए जाएगा.
लोक कलाकार आपदा की पीड़ा से जुड़े
प्रदेश के लोक कलाकार भी आपदा की स्थिति को देखते हुए बेहद कम मेहनताना या कुछ बिना किसी शुल्क के उत्सव में शामिल होने के लिए आगे आ रहे हैं. यह आपसी सहयोग और समाज के प्रति समर्पण की भावना का अनुकरणीय उदाहरण है.
उत्सव आपदा प्रभावितों को समर्पित
अध्यक्ष ने कहा कि इस बार का अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव आपदा प्रभावितों के नाम समर्पित रहेगा. खर्चों में की गई कटौती से बचने वाली राशि सीधे तौर पर आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और सहायता कार्यों में लगाई जाएगी. यह उत्सव परंपरा, देव संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का सामंजस्य प्रस्तुत करेगा.
व्यवस्था और सुरक्षा के निर्देश
बैठक में उत्सव के दौरान कानून व्यवस्था, सुरक्षा, ट्रैफिक और पार्किंग सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए. उत्सव के दौरान पुलिस के लगभग 1500 जवान ट्रेफिक, कानून व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे. उन्होंने कहा कि भूत नाथ पुल को दशहरा उत्सव से पूर्व छोटे वाहनों के लिये खोल दिया जायेगा. इसके लिये प्रशासन दिन-रात कार्य कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि दशहरा के दौरान लोगों की सुविधा के लिये पूर्व की भांति शटल बस सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी. उन्होंने कहा कि हर पार्किंग के लिये नगर परिषद द्वारा रेट निर्धारित किये गये हैं और इसके लिये सभी पार्किंग संचालकों को तय रेट ही लेने के आदेश दिये गये हैं. उन्होंने सभी शहर वासियों से अपील की, कि उत्सव के दौरान वाहनों का प्रयोग कम करें.
हिमाचल के पर्यावरण संकट पर हुई 'सुप्रीम' सुनवाई, SC ने राज्य सरकार से पूछे कई सवाल, 28 अक्टूबर तक मांगा जवाब
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जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका में सुनवाई की.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 23 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में बिना लगाम हो रहे विकास कार्य और उससे पारिस्थितिक असंतुलन से संबंधित अपनी स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया जिसमें हिमाचल प्रदेश सरकार से राज्य में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पारिस्थितिक असंतुलन से संबंधित कुछ सवालों के जवाब मांगे हैं. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि उसने सवालों की एक लिस्ट जारी की है जिसका जवाब राज्य सरकार को देना है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सवालों को लेकर विस्तृत आदेश आज सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे. इसपर राज्य सरकार को 28 सितंबर तक सवालों का जवाब देना है. सुप्रीम कोर्ट के सवाल पारिस्थितिक असंतुलन, प्राकृतिक आपदाओं, उनके कारणों और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संबंधित हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ये सवाल एमिकस क्यूरी की 65 पेज की रिपोर्ट के आधार पर पूछे हैं.
हर साल हिमाचल झेल रहा प्रकृति की मार- लेकिन दोषी कौन?
इस साल 2025 के मानसून की भारी बारिश में भी राज्य में मानवीय और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है. अपने पहले के जवाब में हिमाचल सरकार ने कहा था कि राज्य में आई तबाही जलवायु परिवर्तन की वजह से हुई है, जो कि एक वैश्विक सच्चाई है. राज्य सरकार ने कहा कि पिछले दिनों हुई भारी बारिश, क्लाउड बर्स्ट, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, बर्फबारी के पैटर्न में बदलाव और ग्लेशियरों का पिघलना जलवायु परिवर्तन का नतीजा है.
25 अगस्त को, देश की सबसे बड़ी अदालत ने हिमाचल प्रदेश में पारिस्थितिक असंतुलन से संबंधित एक मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था. उसने पहले सख्त चेतावनी दी थी कि यदि तत्काल स्थिति को संभालने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो राज्य नक्शे से गायब हो जाएगा. बेंच ने राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) की दलीलें दर्ज की थीं, जिन्होंने बताया था कि हिमाचल प्रदेश ने 23 अगस्त को एक विस्तृत प्रतिक्रिया दायर की थी.
अरुणाचल के पहाड़ों में नवरात्रि के पहले दिन PM मोदी को हुए शैलपुत्री के दर्शन
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पीएम मोदी ने कहा कि जैसे तिरंगे का पहला रंग केसरिया है, वैसे ही अरुणाचल का पहला रंग भी केसरिया है. यहां का हर व्यक्ति शौर्य और शांति का प्रतीक है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में हजारों करोड़ के विकास योजनाओं का उद्धाटन करते हुए कहा कि अरुणाचल की यह भूमि उगते सूर्य की धरती के साथ देशभक्ति के उफान की भी धरती है. जैसे तिरंगे का पहला रंग केसरिया है, वैसे ही अरुणाचल का पहला रंग भी केसरिया है. यहां का हर व्यक्ति शौर्य और शांति का प्रतीक है.
पहला यह कि नवरात्रि के पावन अवसर पर मुझे इन शानदार पहाड़ों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. नवरात्रि के इस दिन हम हिमालय की पुत्री माँ शैलपुत्री की पूजा करते हैं. इन पहाड़ों के बीच रहकर अपनी भक्ति अर्पित करना सचमुच दिव्य अनुभूति है. आज देश में NextGenGST Reforms लागू हुए हैं. GST बचत उत्सव की शुरुआत हुई है. त्योहारों के इस मौसम में जनता जनार्दन को यह डबल बोनस मिला है.
कांग्रेस की सोच से देश को दिलाया मुक्ति: PM मोदी
2014 में जब आपने मुझे सेवा का मौका दिया, तब मैंने कांग्रेस की सोच से देश को मुक्ति दिलाने की ठान ली. हमारी प्रेरणा किसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं, Nation First की भावना है. हमारा एक ही मंत्र है, 'नागरिक देवो भव:' प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की एक पुरानी आदत है कि विकास का जो भी काम मुश्किल होता है, उस काम को वह कभी हाथ ही नहीं लगाती। कांग्रेस की इस आदत से नॉर्थ ईस्ट को बहुत नुकसान हुआ. जहां विकास कार्य करना चुनौती होता था, उसे कांग्रेस पिछड़ा घोषित कर भूल जाती थी. जो सीमा से सटे गांव थे, उन्हें लास्ट विलेज कहकर पल्ला झाड़ लेती थी. यही कारण है कि सीमावर्ती क्षेत्रों से लोगों का पलायन होता गया.
अरुणाचल विकास में पीछे रह गया: PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे अरुणाचल प्रदेश में वैसे तो सूर्य की किरण सबसे पहले आती हैं, लेकिन दुर्भाग्य से यहां विकास की किरण आते-आते कई दशक लग गए. मैं 2014 से पहले भी यहां कई बार आया हूं, आपके बीच रहा हूं. अरुणाचल को प्रकृति ने इतना कुछ दिया है, ये धरती, यहां के परिश्रमी लोग, यहां का सामर्थ्य, यहां इतना कुछ है. लेकिन जो लोग दिल्ली में बैठकर देश चला रहे थे, उन्होंने अरुणाचल को हमेशा नजरअंदाज किया.
हिमाचल के शिमला में लैंडस्लाइड, पेड़ गिरने से 2 दर्जन के करीब गाड़ियां दबी
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शिमला, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, कुल्लू और बिलासपुर जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. विभाग ने साफ कहा है कि अगले 24 घंटे संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, सडक़ बंद होने और छोटे नालों-खड्डों में अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है.
उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश से तबाही का कहर जारी है. राजधानी शिमला में सोमवार देर रात हुई भारी बारिश की वजह से जगह-जगह लैंडस्लाइड (Himachal Landslide) की घटनाएं हुईं और पेड़ गिरे है. शिमला शहर के हिमलेंड, बीसीएस , महेली, ऒर अन्य जगहों पर भी भयानक लैंडस्लाइड हुआ है. बड़ी संख्या में पेड़ गिरने की वजह से 2 दर्जन के करीब गाड़िया दब गई हैं, जिनको निकालने का काम किया जा रहा हैं. हालांकि नेशनल हाईवे को खोलने का काम भी जारी हैं. भारी लैंडस्लाइड की वजह से ट्रैफिक ठप हो गया है.
मंडी के सुंदरनगर के तहसील निहरी की ग्राम पंचायत हाड़ा बोई के ब्रागत गांव में बीती रात को हुई भयंकर बारिश से एक कच्चा मकान ढह गया. घर में रह रहे पांच इसक चपेट में आ गए. दो लोग अपनी जान बचाने में कामयाब रहे लेकिन तीन लोगों की मलबे की चपेट में आकर मौत हो गई.
शिमला में लैंडस्लाइड की वजह से रास्ते जाम
रास्ते जाम होने की वजह से मंगवार सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है. हिमाचल प्रदेश में मानसून की गति थम नहीं रही है. मंगलवार को भी 6 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, इनमें बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में एक-दो स्थानों पर गर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
6 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मंगलवार को मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग के अनुसार 16 सितंबर को प्रदेश के निचले और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज हो सकती है. मौसम विभाग ने बताया कि इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा तेज़ हवाएं चलने की भी आशंका है.
इन जिलों में रहने वाले सावधान!
शिमला, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, कुल्लू और बिलासपुर जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. विभाग ने साफ कहा है कि अगले 24 घंटे संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, सडक़ बंद होने और छोटे नालों-खड्डों में अचानक जलस्तर बढने की स्थिति बन सकती है. विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून गंगानगर, नागपुर, जोधपुर और बरमेर में वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
कुल्लू में एडवेंचर गतिविधियां स्थगित
कुल्लू में जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर 30 सितंबर तक सभी एडवेंचर गतिविधियों को स्थगित करने का आदेश दिया है. यह फैसला हाल ही में आई बाढ़ के कारण लिया गया है, जिसने व्यास नदी के राफ्टिंग स्टार्ट और फिनिशिंग पॉइंट्स को प्रभावित किया है, वहीं पैराग्लाइडिंग लैंडिंग साइट्स भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
हिमाचल की तरह उत्तराखंड में भी बारिश की वजह से बुरा हाल है. सोमवार रात देहरादून में बादल फट गया, वहीं सौंग नदी उफान पर है. सड़क का कुछ हिस्सा पानी में बह गया है. दोनों ही पहाड़ी राज्य इन दिनों मौसम की मार झेल रहे हैं.
हिमाचल प्रदेश में 20 जून से आरंभ हुए मानसून सीजन में अब तक भूस्खलन की 140, फ्लैश फ्लड की 97 और बादल फटने की 46 घटनाएं सामने आ चुकी हैं. राज्य में 409 लोगों की मौत हुई है. 473 घायल और 41 लोग लापता चल रहे हैं. राज्य को 4500 करोड़ से अधिक का नुकसान अब तक हो चुका है.
