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कंगना रणौत के खिलाफ अब आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा, किसान आंदोलन के दौरान दिया था विवादित बयान
कंगना रणौत के खिलाफ अब आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा, किसान आंदोलन के दौरान दिया था विवादित बयान
कंगना रणौत के खिलाफ अब आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा, किसान आंदोलन के दौरान दिया था विवादित बयान
BJP सांसद कंगना रणौत की मुश्किलें बढ़ीं:
फिल्म अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अब उत्तर प्रदेश के आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा। किसान आंदोलन के दौरान किसानों का अपमान करने और देशद्रोह से जुड़े बयानों को लेकर यह मामला दर्ज किया गया था।
बुधवार को विशेष जज MP-MLA लोकेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने कंगना के खिलाफ दायर संशोधित याचिका को स्वीकार कर लिया। अदालत ने कहा कि जिस निचली अदालत ने पहले केस को खारिज कर दिया था, अब उस पर दोबारा सुनवाई होगी।
अदालत ने आदेश दिया है कि कंगना रणौत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 356 और 152 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इससे पहले 10 नवंबर को अदालत ने कंगना की तरफ से पेश वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
6 बार भेजे गए समन:
कंगना रणौत के खिलाफ यह केस वकील रामशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को दायर किया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि 26 अगस्त 2024 को दिए एक इंटरव्यू में कंगना ने किसानों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिससे लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। अब तक कंगना अदालत में पेश नहीं हुई हैं, जबकि उन्हें 6 बार समन भेजे जा चुके हैं।
बठिंडा केस में मांगनी पड़ी थी माफी:
इससे पहले दिसंबर 2020 में किसान आंदोलन के दौरान कंगना ने एक बुजुर्ग महिला की फोटो शेयर कर उसे "बिलकिस दादी" बताया था, जो शाहीन बाग प्रदर्शन में शामिल थीं। इसके बाद पंजाब के बठिंडा कोर्ट में उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ। अक्टूबर 2024 में वह इस मामले में अदालत में पेश हुईं और माफी मांगते हुए कहा कि यह एक “गलतफहमी” थी और वह हर "मां" का सम्मान करती हैं।
किसान आंदोलन के दौरान दिए थे विवादित बयान:
कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर कई विवादित बयान दिए थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की तुलना खालिस्तानी आतंकवादियों से की थी और कहा था,
“खालिस्तानी आतंकवादी आज सरकार पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन हमें इंदिरा गांधी को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने उन्हें अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था।”
अब इन बयानों को लेकर उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दोबारा शुरू किया जा रहा है, जिससे उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
कंगना रणौत के खिलाफ अब आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा, किसान आंदोलन के दौरान दिया था विवादित बयान
BJP सांसद कंगना रणौत की मुश्किलें बढ़ीं:
फिल्म अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अब उत्तर प्रदेश के आगरा में देशद्रोह का मुकदमा चलेगा। किसान आंदोलन के दौरान किसानों का अपमान करने और देशद्रोह से जुड़े बयानों को लेकर यह मामला दर्ज किया गया था।
बुधवार को विशेष जज MP-MLA लोकेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने कंगना के खिलाफ दायर संशोधित याचिका को स्वीकार कर लिया। अदालत ने कहा कि जिस निचली अदालत ने पहले केस को खारिज कर दिया था, अब उस पर दोबारा सुनवाई होगी।
अदालत ने आदेश दिया है कि कंगना रणौत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 356 और 152 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इससे पहले 10 नवंबर को अदालत ने कंगना की तरफ से पेश वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
6 बार भेजे गए समन:
कंगना रणौत के खिलाफ यह केस वकील रामशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को दायर किया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि 26 अगस्त 2024 को दिए एक इंटरव्यू में कंगना ने किसानों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिससे लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। अब तक कंगना अदालत में पेश नहीं हुई हैं, जबकि उन्हें 6 बार समन भेजे जा चुके हैं।
बठिंडा केस में मांगनी पड़ी थी माफी:
इससे पहले दिसंबर 2020 में किसान आंदोलन के दौरान कंगना ने एक बुजुर्ग महिला की फोटो शेयर कर उसे "बिलकिस दादी" बताया था, जो शाहीन बाग प्रदर्शन में शामिल थीं। इसके बाद पंजाब के बठिंडा कोर्ट में उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ। अक्टूबर 2024 में वह इस मामले में अदालत में पेश हुईं और माफी मांगते हुए कहा कि यह एक “गलतफहमी” थी और वह हर "मां" का सम्मान करती हैं।
किसान आंदोलन के दौरान दिए थे विवादित बयान:
कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर कई विवादित बयान दिए थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की तुलना खालिस्तानी आतंकवादियों से की थी और कहा था,
“खालिस्तानी आतंकवादी आज सरकार पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन हमें इंदिरा गांधी को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने उन्हें अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था।”
अब इन बयानों को लेकर उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दोबारा शुरू किया जा रहा है, जिससे उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
