चंडीगढ़ के सीरियल किलर सोनू कुमार को उम्रकैद की सज़ा, जानिए पूरा मामला

चंडीगढ़ के सीरियल किलर सोनू कुमार को उम्रकैद की सज़ा, जानिए पूरा मामला

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चंडीगढ़ के सीरियल किलर सोनू कुमार को उम्रकैद की सज़ा, जानिए पूरा मामला

Chandigarh Rape-Murder Case: चंडीगढ़ की जिला अदालत ने 15 साल पहले एक एमबीए छात्रा से हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में सीरियल किलर सोनू को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि ऐसे आरोपी को फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए थी, तभी उन्हें न्याय मिलता।

चंडीगढ़ की जिला अदालत ने 15 साल पहले एक एमबीए छात्रा के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में सोनू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। छात्रा के माता-पिता ने कहा कि ऐसे अपराधी को उम्रकैद नहीं बल्कि फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए थी। वे इस बात पर विचार करेंगे कि आगे अपील करनी है या नहीं। उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति इंसान नहीं, एक जानवर है, जिसके अंदर दिल नहीं है। बता दें कि बीते दिन ही जिला अदालत ने सोनू को दोषी ठहराया था।


2010 का मामला

जानकारी के अनुसार यह मामला 2010 का है। छात्रा की हत्या के बाद आरोपी का 12 साल तक कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने भी ‘अनट्रेस केस’ की रिपोर्ट दर्ज कर दी थी और परिवार ने भी न्याय की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन 2022 में चंडीगढ़ में एक महिला की हत्या की जांच करते समय पुलिस को पुराने मामले में पहला सुराग मिला।

पुलिस ने 100 से अधिक डीएनए टेस्ट और 800 लोगों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी सोनू कुमार, जो चंडीगढ़ के डडूमाजरा शहापुर कॉलोनी का रहने वाला है, उसका नाम सामने आया।

लेकिन वह चंडीगढ़ छोड़कर बिहार चला गया था। वह ना मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था, ना आधार कार्ड था, न ही कोई बैंक खाता — इस कारण पुलिस उसे खोज नहीं सकी।

फिर 2024 में जब वह चंडीगढ़ वापिस आया, तो एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने दोनों महिलाओं की हत्या की बात कबूल की। उसने यह भी खुलासा किया कि 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा में उसने एक किशोरी से बलात्कार कर उसकी हत्या की थी।


क्या था पूरा मामला?

चंडीगढ़ के सेक्टर-38 की रहने वाली 21 वर्षीय एमबीए छात्रा 30 जुलाई 2010 की शाम को कोचिंग के लिए घर से निकली थी। वह आमतौर पर रात 9 बजे तक घर लौट आती थी, लेकिन उस दिन वह नहीं लौटी और उसका फोन भी बंद था। परिवार ने कोचिंग सेंटर से संपर्क किया, मगर कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद परिवार ने सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

परिवार ने अपनी तरफ से भी तलाश जारी रखी। थोड़ी देर बाद उन्हें सेक्टर-38 में करण टैक्सी स्टैंड के पास छात्रा की स्कूटी मिली, जिस पर खून के छींटे थे। आसपास खोजबीन करने पर टैक्सी स्टैंड से थोड़ी दूरी पर झाड़ियों में उसकी लाश खून से लथपथ और बिना कपड़ों के मिली। परिजनों ने उसे वहीं से उठाकर पीजीआई पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

चंडीगढ़ के सीरियल किलर सोनू कुमार को उम्रकैद की सज़ा, जानिए पूरा मामला

Chandigarh Rape-Murder Case: चंडीगढ़ की जिला अदालत ने 15 साल पहले एक एमबीए छात्रा से हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में सीरियल किलर सोनू को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि ऐसे आरोपी को फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए थी, तभी उन्हें न्याय मिलता।

चंडीगढ़ की जिला अदालत ने 15 साल पहले एक एमबीए छात्रा के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में सोनू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। छात्रा के माता-पिता ने कहा कि ऐसे अपराधी को उम्रकैद नहीं बल्कि फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए थी। वे इस बात पर विचार करेंगे कि आगे अपील करनी है या नहीं। उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति इंसान नहीं, एक जानवर है, जिसके अंदर दिल नहीं है। बता दें कि बीते दिन ही जिला अदालत ने सोनू को दोषी ठहराया था।


2010 का मामला

जानकारी के अनुसार यह मामला 2010 का है। छात्रा की हत्या के बाद आरोपी का 12 साल तक कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने भी ‘अनट्रेस केस’ की रिपोर्ट दर्ज कर दी थी और परिवार ने भी न्याय की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन 2022 में चंडीगढ़ में एक महिला की हत्या की जांच करते समय पुलिस को पुराने मामले में पहला सुराग मिला।

पुलिस ने 100 से अधिक डीएनए टेस्ट और 800 लोगों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी सोनू कुमार, जो चंडीगढ़ के डडूमाजरा शहापुर कॉलोनी का रहने वाला है, उसका नाम सामने आया।

लेकिन वह चंडीगढ़ छोड़कर बिहार चला गया था। वह ना मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था, ना आधार कार्ड था, न ही कोई बैंक खाता — इस कारण पुलिस उसे खोज नहीं सकी।

फिर 2024 में जब वह चंडीगढ़ वापिस आया, तो एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने दोनों महिलाओं की हत्या की बात कबूल की। उसने यह भी खुलासा किया कि 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा में उसने एक किशोरी से बलात्कार कर उसकी हत्या की थी।


क्या था पूरा मामला?

चंडीगढ़ के सेक्टर-38 की रहने वाली 21 वर्षीय एमबीए छात्रा 30 जुलाई 2010 की शाम को कोचिंग के लिए घर से निकली थी। वह आमतौर पर रात 9 बजे तक घर लौट आती थी, लेकिन उस दिन वह नहीं लौटी और उसका फोन भी बंद था। परिवार ने कोचिंग सेंटर से संपर्क किया, मगर कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद परिवार ने सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

परिवार ने अपनी तरफ से भी तलाश जारी रखी। थोड़ी देर बाद उन्हें सेक्टर-38 में करण टैक्सी स्टैंड के पास छात्रा की स्कूटी मिली, जिस पर खून के छींटे थे। आसपास खोजबीन करने पर टैक्सी स्टैंड से थोड़ी दूरी पर झाड़ियों में उसकी लाश खून से लथपथ और बिना कपड़ों के मिली। परिजनों ने उसे वहीं से उठाकर पीजीआई पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

चंडीगढ़ के सीरियल किलर सोनू कुमार को उम्रकैद की सज़ा, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़ के सीरियल किलर सोनू कुमार को उम्रकैद की सज़ा, जानिए पूरा मामला

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