- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- आज फिर सरकारी बसों का चक्का जाम, हड़ताल पर गए कच्चे कर्मचारी, लोगों को होगी भारी परेशानी
आज फिर सरकारी बसों का चक्का जाम, हड़ताल पर गए कच्चे कर्मचारी, लोगों को होगी भारी परेशानी
आज फिर सरकारी बसों का चक्का जाम, हड़ताल पर गए कच्चे कर्मचारी, लोगों को होगी भारी परेशानी
आज फिर सरकारी बसों का चक्का जाम, हड़ताल पर गए कच्चे कर्मचारी, लोगों को होगी भारी परेशानी
पंजाब में आधार कार्ड के साथ मुफ्त सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को आज भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। दरअसल, सरकारी बसों का आज दोबारा चक्का जाम कर दिया गया है। PUNBUS और PRTC के कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं और इस दौरान पूरे पंजाब में बस डिपो बंद करने का ऐलान किया गया है। यूनियन की ओर से किलोमीटर स्कीम के टेंडर को लेकर ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
यूनियन के मुताबिक कर्मचारियों और नेताओं की गिरफ्तारियां कल शाम से शुरू हुईं, जिसके कारण तनावपूर्ण स्थिति और बढ़ गई। पनबस और पीआरटीसी यूनियन नेताओं की गिरफ्तारियां आज सुबह तक अमृतसर सहित पूरे प्रदेश में जारी रहीं।
पुलिस ने 20 से अधिक यूनियन नेताओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें प्रदेश संयुक्त सचिव जोध सिंह, प्रदेश महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों, बलजीत सिंह गिल, बलविंदर सिंह रत्त, गुरप्रीत सिंह (मुक्तसर), बरनाला डिपो के तीन प्रमुख नेता, फरीदकोट डिपो के तीन नेता और श्री मुक्तसर साहिब के प्रतिनिधि शामिल हैं।
यूनियन ने इसका कारण आज पनबस में किलोमीटर स्कीम के तहत निजी मालिकाना बसों के लिए खोले जा रहे टेंडर को बताया है। यूनियन पहले ही इस स्कीम का सख्त विरोध करने की घोषणा कर चुकी है और टेंडर प्रक्रिया के दौरान गेट रैली निकालने तथा तुरंत बंद का ऐलान करने की चेतावनी दी थी। यूनियन का आरोप है कि यह योजना ट्रांसपोर्ट विभाग के धीरे-धीरे निजीकरण की ओर बढ़ने का कदम है, जो कर्मचारियों के भविष्य के लिए खतरा है।
गिरफ्तारियों के विरोध में पनबस और पीआरटीसी यूनियनों ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरे पंजाब के सभी डिपो बंद करने की घोषणा कर दी है। इससे पूरे राज्य में बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार नेताओं को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो वे और भी कठोर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगी।
आज फिर सरकारी बसों का चक्का जाम, हड़ताल पर गए कच्चे कर्मचारी, लोगों को होगी भारी परेशानी
पंजाब में आधार कार्ड के साथ मुफ्त सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को आज भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। दरअसल, सरकारी बसों का आज दोबारा चक्का जाम कर दिया गया है। PUNBUS और PRTC के कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं और इस दौरान पूरे पंजाब में बस डिपो बंद करने का ऐलान किया गया है। यूनियन की ओर से किलोमीटर स्कीम के टेंडर को लेकर ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
यूनियन के मुताबिक कर्मचारियों और नेताओं की गिरफ्तारियां कल शाम से शुरू हुईं, जिसके कारण तनावपूर्ण स्थिति और बढ़ गई। पनबस और पीआरटीसी यूनियन नेताओं की गिरफ्तारियां आज सुबह तक अमृतसर सहित पूरे प्रदेश में जारी रहीं।
पुलिस ने 20 से अधिक यूनियन नेताओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें प्रदेश संयुक्त सचिव जोध सिंह, प्रदेश महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों, बलजीत सिंह गिल, बलविंदर सिंह रत्त, गुरप्रीत सिंह (मुक्तसर), बरनाला डिपो के तीन प्रमुख नेता, फरीदकोट डिपो के तीन नेता और श्री मुक्तसर साहिब के प्रतिनिधि शामिल हैं।
यूनियन ने इसका कारण आज पनबस में किलोमीटर स्कीम के तहत निजी मालिकाना बसों के लिए खोले जा रहे टेंडर को बताया है। यूनियन पहले ही इस स्कीम का सख्त विरोध करने की घोषणा कर चुकी है और टेंडर प्रक्रिया के दौरान गेट रैली निकालने तथा तुरंत बंद का ऐलान करने की चेतावनी दी थी। यूनियन का आरोप है कि यह योजना ट्रांसपोर्ट विभाग के धीरे-धीरे निजीकरण की ओर बढ़ने का कदम है, जो कर्मचारियों के भविष्य के लिए खतरा है।
गिरफ्तारियों के विरोध में पनबस और पीआरटीसी यूनियनों ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरे पंजाब के सभी डिपो बंद करने की घोषणा कर दी है। इससे पूरे राज्य में बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार नेताओं को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो वे और भी कठोर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगी।
