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पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह का मामला दिल्ली की अदालत तक पहुंचा, हाई कमांड ने आज वरिष्ठ नेताओं को तलब किया

पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह का मामला दिल्ली की अदालत तक पहुंचा, हाई कमांड ने आज वरिष्ठ नेताओं को तलब किया पंजाब कांग्रेस का अंदरूनी विवाद अब दिल्ली दरबार तक पहुंच गया है। सियासत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस के भीतर चल रहे टकराव के बीच आज एक अहम बैठक होने जा रही है। कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के कई वरिष्ठ नेताओं को तलब किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और के. सी. वेणुगोपाल के साथ पंजाब के नेताओं की बैठक होगी। इस बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, विजय इंदर सिंगला और अंबिका सोनी को हाईकमान की ओर से बुलाया गया है। साथ ही, पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे। फिलहाल पंजाब कांग्रेस जाति के मुद्दे पर उलझी हुई नजर आ रही है। 2027 की विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए हाईकमान इस आंतरिक विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहा है, जिसके बाद कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू करेगी। इसी कारण इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शाम को दिल्ली के इंदिरा हॉल में यह बैठक होगी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच जाति के मुद्दे को लेकर बहस चल रही है। वहीं, कुछ नेताओं ने हाईकमान को अपना पक्ष रखने के लिए पत्र भी लिखा है और मुलाकात के लिए समय मांगा है। हाल ही में चन्नी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने दलित समुदाय के बारे में कहा था कि अनुसूचित जाति (SC) समुदाय को आगे आने का मौका नहीं दिया जा रहा। इसी दौरान चन्नी ने कहा कि पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, महिला विंग की अध्यक्ष और महासचिव सभी ऊंची जातियों से हैं, तो फिर दलित कहां जाएंगे? उन्होंने सवाल उठाया कि दलितों को प्रतिनिधित्व कैसे मिलेगा? अगर पार्टी मानती है कि पंजाब में 32 प्रतिशत दलित आबादी है, तो उन्हें अवसर क्यों नहीं दिए जा रहे? इन बयानों के बाद राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है, और इसी मुद्दे को लेकर आज दिल्ली में यह बड़ी बैठक होने जा रही है।
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1984 सिख कत्लेआम मामला: सज्जन कुमार बरी, जनकपुरी और विकासपुरी में भीड़ भड़काने का था आरोप

1984 सिख कत्लेआम मामला: सज्जन कुमार बरी, जनकपुरी और विकासपुरी में भीड़ भड़काने का था आरोप 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को बरी कर दिया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें उस मामले में दोषमुक्त किया है, जिसमें उन पर जनकपुरी और विकासपुरी में भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप था। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी और विकासपुरी हिंसा मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया। इस हिंसा में दो लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में सज्जन कुमार ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वह निर्दोष हैं और कभी भी इस मामले में शामिल नहीं रहे। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिग्विजय सिंह ने सज्जन कुमार को बरी करने का एक संक्षिप्त मौखिक फैसला सुनाया। फैसले की लिखित प्रति का इंतजार किया जा रहा है। पिछले साल दिसंबर में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला 22 जनवरी के लिए सुरक्षित रख लिया था। बताया जा रहा है कि फरवरी 2015 में एक विशेष जांच टीम (SIT) ने दंगों के दौरान दिल्ली के जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हुई हिंसा से संबंधित शिकायतों के आधार पर कुमार के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की थीं।एक एफआईआर जनकपुरी में हुई हिंसा से जुड़ी थी, जहां 1 नवंबर 1984 को सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या कर दी गई थी।दूसरी एफआईआर गुरबचन सिंह के मामले में दर्ज की गई थी, जिन्हें कथित तौर पर 2 नवंबर 1984 को विकासपुरी में जिंदा जला दिया गया था।
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Free LPG Gas Cylinder: होली और दिवाली पर मिलेगा फ्री गैस सिलेंडर, पैसे सीधे खाते में आएंगे!

Free LPG Gas Cylinder: होली और दिवाली पर मिलेगा फ्री गैस सिलेंडर, पैसे सीधे खाते में आएंगे! दिल्ली सरकार ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना को लागू करने के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। दिल्ली सरकार ने एक और चुनावी वादा पूरा करने का फैसला किया है। राजधानी में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) उपभोक्ताओं को अब हर साल दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे। सरकार होली और दिवाली के मौके पर सिलेंडर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करेगी। पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणापत्र में एलपीजी सिलेंडर से जुड़े दो वादे किए थे — होली और दिवाली पर दो मुफ्त सिलेंडर देने के अलावा गरीबों को 500 रुपये में सिलेंडर उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया गया था। फिलहाल सरकार ने सिर्फ हर साल दो मुफ्त सिलेंडर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 500 रुपये में सिलेंडर देने का फैसला बाद में अलग से लिया जाएगा। यह योजना कब से शुरू होगी? रेखा गुप्ता सरकार ने राज्य का एक साल पूरा होने से पहले ही साल में दो मुफ्त सिलेंडर देने का फैसला किया है। पहले सिलेंडर के पैसे मार्च में, होली से पहले लाभार्थियों के खातों में भेजे जाएंगे। किसे मिलेगा इसका लाभ? दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के राशन कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा। सरकार ने मौजूदा राशन कार्ड डेटाबेस के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान की है। जन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत "गरीब" श्रेणी में आने वाले परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इन परिवारों को होली से पहले सिलेंडर रीफिल कराने के लिए राशि मिलेगी। फिलहाल दिल्ली में एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 850 रुपये है।
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नितिन नबीन बने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष; नबीन भाजपा के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।

नितिन नबीन बने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष; नबीन भाजपा के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। इसके अलावा, उन्होंने पूरी भाजपा को बताया कि नितिन नबीन पार्टी के नए नेता हैं और हर नेता को उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा नए नेताओं के लिए एक मंच है। हमारे अध्यक्ष सबसे युवा और ऊर्जा से भरपूर हैं। भाजपा के नए अध्यक्ष ने पदभार संभाल लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर बधाई दी और दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में सभी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन आज से हमारे अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सदस्यता से ज्यादा रिश्ते महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि हम पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे राज्यों में एक बड़ी आवाज़ के रूप में उभरे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सेवा हमारे लिए हमेशा सबसे महत्वपूर्ण रही है और शक्ति इस उद्देश्य के लिए केवल एक साधन है। इसी कारण हमारी सफलता दर इतनी अधिक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब हम नगर निगमों में भी पहली पसंद हैं। भाजपा महाराष्ट्र की स्थानीय संस्थाओं में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। सभी पार्टी नेताओं को एक संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज से नितिन नबीन मेरे बॉस हैं। इसके अलावा, उन्होंने पूरी भाजपा को बताया कि नितिन नबीन पार्टी के नए नेता हैं और हर नेता को उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा नए नेताओं के लिए एक मंच है। हमारे अध्यक्ष सबसे युवा और ऊर्जा से भरपूर हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कौन हैं? एक राजनीतिक परिवार से आने वाले नितिन नबीन के पिता, नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा, एक प्रमुख भाजपा नेता थे। वे पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चार बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए थे। 23 मई 1980 को रांची में जन्मे नितिन नबीन ने 1996 में पटना के एक सीबीएसई स्कूल से अपनी 10वीं कक्षा पूरी की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। उन्होंने 1998 में दिल्ली के एक स्कूल से अपनी 12वीं कक्षा पूरी की।
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अब दिल्ली में वायु प्रदूषण से जल्द मिलेगी छुट्टी, रेखा सरकार ने तैयार किया ब्लू प्रिंट, डेडलाइन भी तय

अब दिल्ली में वायु प्रदूषण से जल्द मिलेगी छुट्टी, रेखा सरकार ने तैयार किया ब्लू प्रिंट, डेडलाइन भी तय दिल्ली में वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने अपने सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक कर के ब्लू प्रिंट तैयार किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में वायु प्रदूषण को कम करने को लेकर रिव्यु मीटिंग ली। इस बैठक में दिल्ली सरकार के मंत्री, मुख्य सचिव, डीडीए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, पर्यावरण विभाग, उद्योग और परिवहन विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि प्रदूषण से लड़ने के लिए जो ब्लू प्रिंट तैयार किए गए हैं, उसको समयबद्ध तरीके पूरा किया जाय। केंद्र सरकार का मिल रहा सहयोग इस मीटिंग में रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 12 महीने, 7 दिन काम करेगी। इसके लिए अल्प व दीर्घकालीन विस्तृत योजनाएं बनाई गई है। प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई में केंद्र सरकार का मार्गदर्शन व सहयोग भी मिल रहा है, इसलिए वायु प्रदूषण की चुनौती से निर्णायक रूप से निपटने के लिए व्यापक व समयबद्ध योजना पर कार्य चल रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार चार सालों में वायु प्रदूषण (PM 2.5) के स्तर में कमी लाने के लिए एक कार्य योजना पर कार्य कर रही है, जिसमें सरकार के सभी विभागों के कार्य शामिल हैं।  ट्रांसपोर्ट विभाग दिल्ली में 14,000 बसें लाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का प्लान है कि अपने बस बेड़े को 31 दिसंबर 2026 तक 6,000, 31 दिसंबर 2027 तक 7,500, 31 मार्च 2028 तक 10,400 और 31 मार्च 2029 तक 14,000 बस दिल्ली की सड़कों पर चले।   इन 14,000 बसों में 500 बसें 7 मीटर लंबाई हैं, जो ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ को मजबूत करने के लिए तैनात की जाएंगी। इन बसों को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए वर्तमान में 100 इलेक्ट्रिक मेट्रो फीडर बसें चलाई जा रही है। वहीं, 31 जनवरी 2026 तक 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ई-ऑटो, बाइक टैक्सी और फीडर कैब के पायलट प्रोजेस्ट को शुरू करने तैयारी है।  ईवी पॉलिसी 2.0: में दोपहिया और कमर्शियल वाहनों पर जोर ·         नई इलेक्ट्रिक पालिसी में दिल्ली के 58 लाख दोपहिया वाहनों को टारगेट किया गया है। दो पहिया वाहन मालिकों को सब्सिडी और स्क्रैपिंग प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।  ·         पब्लिक चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट्स की संख्या को मौजूदा 9,000 से बढ़ाकर 36,000 करने का लक्ष्य रखा गया है। कमर्शियल ट्रकों और तिपहिया वाहनों के लिए ब्याज सबवेंशन और केंद्र की ‘पीएम ई-ड्राइव’ योजना का लाभ लिया जा रहा है।  ·         62 भीड़भाड़ वाले ‘कंजेशन पॉइंट्स’ की पहचान की गई है, जिनमें से 30 पर सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। ट्रैफिक व्यव्स्था को सुदृढ़ करने के लिए दिल्ली सरकार ने डीटीसी से 1,200 अतिरिक्त कर्मी ट्रैफिक पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। ·         वर्तमान में दिल्ली मेट्रो का 395 किमी का नेटवर्क है। जिसे बढ़कर 500 KM करने की योजना है। मेट्रो में प्रतिदिन 30 से 35 लाख लोग सफर करते हैं। फेज-4 के पूरा होने से यात्रियों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अगले चार सालों में एनसीआरटीसी (NCRTC) का कुल नेटवर्क 323 किमी तक पहुंचाया जाएगा।  ·         दिल्ली सरकार ने सड़क सुधार कार्यों के लिए 6,000 करोड़ का बजट रखा है। दिल्ली मे 3,300 किमी सड़क को फिर से बनाने या सुधारने की आवश्यकता है। इस 3,300 किमी में पीडब्ल्यूडी की 800 किमी सड़कें, नगर निगम की 1,200 किमी सड़कें और अनधिकृत कॉलोनियों की 1,000 किमी सड़कें शामिल हैं। योजना के तहत सड़कों के किनारों और सेंट्रल वर्ज (बीच का हिस्सा) का पूर्ण पक्कीकरण (paving) और हरियाली शामिल होगी। बार-बार सड़क काटने से रोकने के लिए भूमिगत यूटिलिटी डक्ट्स का प्रावधान भी किया जाएगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए एक साल का वक्त का रखा गया है।  मशीनों और स्प्रिंकलर का हो रहा उपयोग  सड़कों से धूल और मलबे को हटाने के लिए मशीनों और स्प्रिंकलर का उपयोग किया जा रहा है। अभी एमसीडी, एनडीएमसी, डीएसआईआईडीसी और एनएचएआई सहित तमाम एजेंसियों द्वारा 76 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें (MRSM) तैनात की गई हैं। 31 जनवरी, 2026 तक एमसीडी द्वारा 14 और मशीन तैनात की जाएंगी। 60 फीट से कम चौड़ी सड़कों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा 70 अतिरिक्त एमआरएसएम मशीनों की तैनाती को मंजूरी दी गई है।   दो और योजना लागू कर रही PWD इनके अलावा सरकार पीडब्ल्यूडी की सड़कों के लिए दो और योजना लागू कर रही है। PWD की सड़कों पर 70 एमआरएसएम मशीनों के साथ-साथ 140 लिटर पिकर, डस्ट डंपर और वॉटर टैंकर तैनात करेगी। इसपर दिल्ली सरकार 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसी तरह प्रमुख सड़कों पर धूल ना उड़े उसके के लिए पूरे शहर में 250 वॉटर स्प्रिंकलर-कम-एंटी-डस्ट मशीनों को तैनात किया जाएगा। इस योजना की लागत भी 2000 करोड़ है।  दिल्ली नगर निगम लैंडफिल साइटों की सफाई की रूपरेखा तैयार की गई है। कूड़े के पहाड़ को खत्म करने की समय सीमा भी तय की गई है।  ·         ओखला लैंडफिल: जुलाई 2026 तक  ·         भलस्वा लैंडफिल: अक्टूबर 2026 तक ·         गाजीपुर लैंडफिल दिसंबर 2027 तक दिल्ली सरकार ने कचरा प्रबंधन के लिए एमसीडी को इस वित्त वर्ष में 500 करोड़ रुपये और भविष्य में 300 करोड़ रुपये सालाना देने की घोषणा भी की है। औद्योगिक प्रदूषण से मुक्ति  आब तक 1,000 से अधिक प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सील किया गया है। बड़े उद्योगों को रीयल-टाइम प्रदूषण निगरानी के लिए ‘ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ (OCEMS) लगाने के निर्देश दिए गए हैं। 35 लाख नए पौधे और रिज का पुनरुद्धार  ·         अगले 4 साल में ‘दिल्ली रिज’ क्षेत्र में 35 लाख पेड़ लगाए जाएंगे, जिनमें से 14 लाख पेड़ इसी साल लगाए जाने का लक्ष्य है। इसके अलावा 365 एकड़ ‘ब्राउन पार्क’ क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा। ·         बायोमास और कंस्ट्रशन वेस्ट से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए तेहखंड में नया प्रोसेसिंग प्लांट शुरू किया जा रहा है। ·          सर्दियों में लोगों द्वारा कचरा जलाने से रोकने के लिए 15,500 इलेक्ट्रिक हीटर बांटे जा रहे हैं ताकि लोगों को हीटिंग के लिए बायोमास न जलाना पड़े। स्मार्ट पार्किंग प्रबंधन  दिल्ली सरकार का मानना है कि मौजूदा पार्किंग सुविधाएं अपर्याप्त हैं। जीरो पार्किंग जोन और निर्धारित सड़क किनारे पार्किंग नियमों में बदलाव की जरूरत है। इसके लिए पार्किंग स्पेस बढ़ाने की योजना बनाई गई है। जिससे स्मार्ट प्राइसिंग व्यवस्था लागू की जा सके। भीड़भाड़ वाले इलाकों में निजी वाहनों काम उपयोग हो सके इसकी योजना बनाई जा रही है। भीड़भाड़ और बाजार के इलाकों में मल्टी-लेवल पार्किंग बढ़ाई जाएगी।  प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्त निगरानी और ANPR प्रणाली परादूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए एक अभियान शुरू किया जाएगा।  साथ ही, दिल्ली की एंट्री पॉइंट्स  पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाए जा रहे हैं।  ताकि नियमों का पालन न करने वाली गाड़ियों की पहचान कर उनके खिलाफ करवाई की जा सके।  
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राघव चड्ढा डिलीवरी एजेंट बन स्कूटर पर सवार होकर निकले, जानें क्यों करना पड़ा ये काम

राघव चड्ढा डिलीवरी एजेंट बन स्कूटर पर सवार होकर निकले, जानें क्यों करना पड़ा ये काम आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी ये वीडियो शेयर किया है. आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इन दिनों सुर्खियों में है. वजह है उनका एक वीडियो, जो कि इंटरनेट की दुनिया में खूब वायरल हो रहा है. दरअसल इस हफ्ते उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसने सभी को चौंका दिया. राघव ने अपनी पारंपरिक सियासी पहचान छोड़कर कुछ वक्त के लिए Blinkit डिलीवरी एजेंट की भूमिका निभाई. इस दौरान वो स्कूटी पर सवार होकर ब्लिंकिट के डिलीवरी एजेंट काम करते दिखे. राघव ने शेयर किया वीडियो राघव चड्ढा ने अपने X अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि बोर्डरूम से दूर, जमीनी स्तर पर, मैंने उनका एक दिन जिया. बने रहिए, आगे और भी है! वीडियो में राघव Blinkit की पहचान वाली पीली यूनिफॉर्म पहने नजर आए. उन्होंने डिलीवरी बैग पीठ पर लटकाया और एक अन्य राइडर के साथ स्कूटी पर सवार होकर डिलीवरी करने निकल पड़े. क्लिप के अंत में राघव एक अपार्टमेंट के दरवाजे तक पहुंचते दिखते हैं. गिग इकॉनमी पर सवाल AAP सांसद का यह वीडियो उस पोस्ट के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देश की गिग इकॉनमी की “शोषणकारी हकीकत” को लोगों के सामने उजागर किया था. पिछले दिनों ही AAP सांसद ने सरकार द्वारा जारी किए गए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियमों का स्वागत किया है. ये नियम 30 दिसंबर 2025 को कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के तहत अधिसूचित किए गए थे. चड्ढा ने इसे “लाखों गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए पहचान, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम” बताया. उन्होंने कहा कि भले ही प्लेटफॉर्म कंपनियों ने इन आवाज़ों को न सुना हो, लेकिन देश और सरकार ने जरूर सुना. संसद सत्र के बाद, राघव चड्ढा ने एक डिलीवरी पार्टनर को अपने आवास पर लंच के लिए आमंत्रित किया था. यह मुलाकात बेहद सहज और आत्मीय रही, जिसमें खुलकर बातचीत हुई. लंच के दौरान डिलीवरी पार्टनर ने अपने वास्तविक अनुभव साझा किए. इस दौरान दोनों के बीच लंबे काम के घंटे, अनिश्चित कमाई, एल्गोरिदम आधारित टारगेट्स और बुनियादी सुरक्षा या शिकायत निवारण तंत्र की कमी पर बात हुई थी.
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आतिशी वीडियो मामला: कपिल मिश्रा पर जालंधर में FIR, BJP ने CP के खिलाफ स्पीकर से की शिकायत

आतिशी वीडियो मामला: कपिल मिश्रा पर जालंधर में FIR, BJP ने CP के खिलाफ स्पीकर से की शिकायत आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़ा विवाद पंजाब में लगातार बढ़ता जा रहा है। आतिशी पर आरोप है कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने सिख गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। पंजाब भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आतिशी का एक वीडियो अपलोड कर ये आरोप लगाए हैं। पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और उपाध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने इस वीडियो के जरिए पंजाब की ‘आप’ सरकार पर निशाना साधा, जिससे विवाद और तेज हो गया। 9 जनवरी को जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की। इसमें इकबाल सिंह ने दिल्ली के कानून और श्रम मंत्री कपिल मिश्रा पर वीडियो से छेड़छाड़ करने और उसे वायरल करने का आरोप लगाया है। इस कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली भाजपा ने जालंधर पुलिस के विरुद्ध विधानसभा स्पीकर के पास शिकायत दर्ज कराई है। दिल्ली भाजपा का कहना है कि विधानसभा के भीतर की कार्यवाही के आधार पर किसी अन्य राज्य में मामला कैसे दर्ज किया जा सकता है। भाजपा का मानना है कि यह सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन है और इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर ने भी पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर की कार्यवाही को रिकॉर्ड करने का अधिकार केवल विधानसभा को है, इसलिए पंजाब पुलिस की कार्रवाई विशेषाधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ विधायक आतिशी मार्लेना के वीडियो को लेकर जालंधर पुलिस ने दिल्ली सरकार में भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जालंधर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला इकबाल सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आतिशी के एक वीडियो को तकनीकी रूप से तोड़-मरोड़ कर गलत तरीके से अपलोड और प्रसारित किया गया। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी को सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और निंदनीय टिप्पणियां करते हुए दिखाने वाली भड़काऊ सुर्खियों के साथ एक छोटी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड और प्रसारित की गई थी। पुलिस प्रवक्ता ने आगे बताया कि वीडियो क्लिप की वैज्ञानिक (फोरेंसिक) जांच कराई गई। आतिशी की ऑडियो वाली यह वीडियो क्लिप भाजपा नेता कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड की गई थी और इसे फोरेंसिक जांच के लिए पंजाब की फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल), एसएएस नगर भेजा गया था। इसके बाद 9 जनवरी को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि आतिशी ने कहीं भी “गुरु” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, जैसा कि वायरल वीडियो क्लिप्स में दिखाया गया था। वास्तव में वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और तकनीकी रूप से उसमें ऐसे शब्द जोड़े गए थे, जो आतिशी ने बोले ही नहीं थे। बताया गया कि विपक्षी दलों ने दिल्ली विधानसभा में दिए गए भाषण का एक वीडियो जारी कर यह दावा किया था कि विधायक आतिशी ने सिख गुरुओं का अपमान किया है। हालांकि, आतिशी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। आतिशी ने स्पष्ट किया था कि वीडियो में उन्होंने भाजपा द्वारा प्रदूषण पर चर्चा से बचने और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन का जिक्र किया था, लेकिन इसमें झूठे सब-टाइटल जोड़कर सिख गुरुओं का नाम डाल दिया गया।
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पूर्व CM आतिशी का वीडियो साझा कर बुरी तरह फंसे BJP मंत्री! पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR

पूर्व CM आतिशी का वीडियो साझा कर बुरी तरह फंसे BJP मंत्री! पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी मार्लेना के वीडियो को लेकर जालंधर पुलिस ने दिल्ली सरकार में भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज की है। जालंधर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला इकबाल सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आतिशी के एक वीडियो को तोड़-मरोड़कर तकनीकी रूप से बदला गया और उसे गलत तरीके से अपलोड व प्रसारित किया गया। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी को गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और निंदनीय टिप्पणियां करते हुए दिखाने वाली भड़काऊ सुर्खियों के साथ एक छोटी वीडियो क्लिप सहित कई पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड और प्रसारित की गईं। पुलिस प्रवक्ता ने आगे बताया कि वीडियो क्लिप की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई गई। आतिशी की ऑडियो वाली यह वीडियो क्लिप भाजपा नेता कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड की गई थी और फोरेंसिक जांच के लिए निदेशक, फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी, पंजाब, एसएएस नगर भेजी गई थी। इसके बाद 9 जनवरी को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि आतिशी ने कहीं भी “गुरु” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, जैसा कि वीडियो क्लिप में दिखाया गया है। वास्तव में, वीडियो से छेड़छाड़ कर उसे तकनीकी रूप से तोड़-मरोड़कर अपलोड किया गया है, जिसमें ऐसे कुछ शब्द जोड़े गए हैं जो आतिशी ने बोले ही नहीं थे। गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने दिल्ली विधानसभा में दिए गए एक भाषण का वीडियो जारी कर दावा किया था कि विधायक आतिशी ने सिख गुरुओं का अपमान किया है। हालांकि, आतिशी ने इन दावों पर पलटवार करते हुए कहा था कि वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। आतिशी ने स्पष्ट किया कि वीडियो में उन्होंने भाजपा द्वारा प्रदूषण पर चर्चा से बचने और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन का जिक्र किया है। इसमें झूठे सब-टाइटल जोड़कर सिख गुरुओं का नाम डाला गया है।
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संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा, वित्त मंत्री 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी

संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा, वित्त मंत्री 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट पेश कर सकती है। संसदीय कार्यों पर कैबिनेट समिति की बैठक हुई, जिसमें संसद के आगामी बजट सत्र की तारीखों का प्रस्ताव रखा गया। राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से करने और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के अनुसार, इन तारीखों पर अंतिम फैसला अभी लिया जाना बाकी है और जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है। बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया जाता है। पहले और दूसरे हिस्से के बीच अवकाश रखा जाता है ताकि संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों की मांगों की जांच कर सकें। सूत्रों ने बताया कि बैठक में बजट सत्र की शुरुआत के लिए 28 जनवरी और 31 जनवरी—इन दो संभावित तारीखों पर चर्चा हुई, जिनमें से किसी एक पर जल्द अंतिम फैसला लिया जाएगा। आमतौर पर बजट सत्र जनवरी के आखिरी सप्ताह में ही शुरू होता है। माना जा रहा है कि 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण सदन में पेश किया जाएगा। इसके बाद के चरण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। केंद्रीय बजट कई वर्षों से 1 फरवरी को ही पेश किया जा रहा है। इस साल 1 फरवरी रविवार है और पूरी संभावना है कि सरकार वित्तीय प्रक्रियाओं में निरंतरता बनाए रखने के लिए बजट पेश करने की तारीख नहीं बदलेगी। भारत में लंबे समय तक केंद्रीय बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता रहा। वर्ष 2017 में मोदी सरकार ने इस परंपरा को बदलते हुए बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी कर दी थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लगातार 9वीं बार बजट पेश करेंगी।
राष्ट्रीय  दिल्ली 

AAP नेता आतिशी द्वारा विधानसभा में गुरु साहिबान पर दिए गए बयान की एडवोकेट धामी ने कड़ी निंदा की

AAP नेता आतिशी के बयान की शिरोमणि कमेटी ने कड़ी निंदा कीशिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने दिल्ली विधानसभा में AAP नेता आतिशी द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बारे में की गई अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे AAP नेताओं की घटिया मानसिकता बताया और आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग की।
पंजाब  दिल्ली 

दिल्ली मेट्रो के स्टाफ क्वार्टर में लगी भीषण आग; बेटी सहित माता-पिता जिंदा जले

दिल्ली मेट्रो के स्टाफ क्वार्टर में लगी भीषण आग; बेटी सहित माता-पिता जिंदा जले दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में दिल्ली मेट्रो के स्टाफ क्वार्टरों में लगी भीषण आग के कारण तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो जाने का मामला सामने आया है। मृतकों में पति, पत्नी और उनकी बेटी शामिल हैं। मंगलवार सुबह उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के आदर्श नगर स्थित दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में आग लगने से एक परिवार के तीन सदस्यों की झुलसकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में पति, पत्नी और उनकी बेटी शामिल हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली फायर सर्विस के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार सुबह उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के आदर्श नगर में डीएमआरसी क्वार्टरों की एक इमारत में आग लगने से एक दंपति और उनकी 10 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अजय कुमार (42), उनकी पत्नी नीलम (38) और बेटी जाह्नवी (10) के रूप में हुई है। फायर ब्रिगेड से मिली जानकारी के अनुसार, जहांगीरपुरी के पास माजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित डीएमआरसी स्टाफ क्वार्टर के एफ ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर एक फ्लैट में मंगलवार सुबह करीब 2:30 बजे आग लगने की सूचना मिली। दमकल कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। आग पांचवीं मंजिल पर घर के सामान में लगी थी। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया। इस दौरान आग बुझाते समय एक फायर फाइटर के हाथ में चोट लग गई। उसे जगजीवन अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
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सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कीं, 5 अन्य आरोपियों को राहत

सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कीं, 5 अन्य आरोपियों को राहत Delhi Riots Case:सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के मुद्दे, मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले आरोपियों को लंबे समय तक जेल में रखने की दलीलों से अधिक महत्वपूर्ण हैं। यह फैसला न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने सुनाया। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि आरोपियों को मुकदमे की सुनवाई शुरू हुए बिना ही 5 साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के अन्य आरोपियों — गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद — की निरंतर हिरासत को आवश्यक नहीं माना और उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद इन सभी को जेल से रिहा किया जाएगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों — आरोपियों और दिल्ली पुलिस — की दलीलें सुनने के बाद 10 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सभी आरोपी वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में कथित भूमिका के चलते पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद हैं। उमर खालिद और शरजील इमाम को छोड़कर अन्य सभी को अब राहत मिल गई है। इन सभी आरोपियों ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जमानत से इनकार किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। यह मामला नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़के 2020 के दिल्ली दंगों की कथित “बड़ी साजिश” से जुड़ा है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
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