Category
दिल्ली

हिडमा का पोस्टर.. पुलिसवालों पर चिली स्प्रे, 22 गिरफ्तार, दिल्ली में प्रदूषण पर प्रदर्शन के पीछे की पूरी कहानी

हिडमा का पोस्टर.. पुलिसवालों पर चिली स्प्रे, 22 गिरफ्तार, दिल्ली में प्रदूषण पर प्रदर्शन के पीछे की पूरी कहानी 1981 में सुकमा में जन्मे हिडमा ने पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की एक बटालियन का नेतृत्व किया और सीपीआई माओवादी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था, केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य बन गया था इस महीने की शुरुआत में आंध्र प्रदेश में एक मुठभेड़ में मारे गए शीर्ष माओवादी नेता माडवी हिडमा के समर्थन में पोस्टर और नारे रविवार को दिल्ली के इंडिया गेट पर राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान नजर आए. प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने 'माडवी हिडमा अमर रहें' जैसे नारे लगाए. प्रदर्शन के हिंसक होने से कुछ मिनट पहले, एक व्यक्ति को एक पोस्टर पकड़े हुए देखा जा सकता है, जिस पर लिखा था: 'बिरसा मुंडा से लेकर माडवी हिडमा तक, हमारे जंगलों और पर्यावरण का संघर्ष जारी रहेगा.' दिल्ली पुलिस ने माओवादी नारे लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है. पुलिस ने कहा, 'इंडिया गेट पर ऐसे नारे लगाने वालों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हम उनके खिलाफ मामला दर्ज करेंगे.' माडवी हिडमा कौन था सुरक्षा बलों और नागरिकों के खिलाफ कम से कम 26 सशस्त्र हमलों के लिए जिम्मेदार हिडमा 18 नवंबर को एक मुठभेड़ में मारा गया था. 1981 में सुकमा में जन्मे हिडमा ने पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की एक बटालियन का नेतृत्व किया और सीपीआई माओवादी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था, केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य बन गया था. वह केंद्रीय समिति में बस्तर क्षेत्र का एकमात्र आदिवासी सदस्य था. हिडमा पर 50 लाख रुपये का इनाम था. हिडमा को कई बड़े माओवादी हमलों में उसकी भूमिका के लिए जाना जाता है, जिसमें 2010 में दंतेवाड़ा में हुआ हमला भी शामिल है. इस हमले में 76 सीआरपीएफ कर्मियों की जान चली गई थी.  इसके अलावा 2013 में झीरम घाटी में घात लगाकर हमला हुआ था, जिसमें  कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सहित 27 लोग मारे गए थे. उसने 2021 में सुकमा-बीजापुर में हुए हमले में भी अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें 22 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई थी. प्रदर्शन में 3 पुलिसवाले घायल राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के विरोध में रविवार शाम बड़ी संख्या में नागरिक दिल्ली के इंडिया गेट पर एकत्रित हुए. हालांकि, प्रदर्शन जल्द ही हिंसक और अराजक हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर चिली स्प्रे से हमला किया, जब उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाया जा रहा था. प्रदर्शन में शामिल 22 गिरफ्तार एक अधिकारी ने कहा, 'कुछ प्रदर्शनकारी सी-हेक्सागन में घुस गए और आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की. हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि उनके पीछे कई एम्बुलेंस और चिकित्साकर्मी फंसे हुए हैं और उन्हें आपातकालीन पहुंच की आवश्यकता है, लेकिन वे बहुत उत्तेजित हो गए. उन्होंने इनकार कर दिया और बैरिकेड तोड़ दिए. जब ​​हमारी टीमें उन्हें हटाने की कोशिश कर रही थीं, तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने चिली स्प्रे का इस्तेमाल करके पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया.' पुलिस ने बताया कि हिंसा के सिलसिले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि सरकारी काम में बाधा डालने से संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.  
दिल्ली 

बिहार चुनाव तो खत्म पर 15 दिनों में BJP के लिए दो बड़े चुनावी इम्तेहान, विरोधी दल बदला लेने को बेताब

बिहार चुनाव तो खत्म पर 15 दिनों में BJP के लिए दो बड़े चुनावी इम्तेहान, विरोधी दल बदला लेने को बेताब बिहार विधानसभा चुनाव के 15 दिनों के भीतर भाजपा को दो और बड़ी चुनावी परीक्षा से गुजरना होगा. ये दोनों ही चुनाव भाजपाशासित राज्यों में हो रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी-जेडीयू को प्रचंड बहुमत मिला है, लेकिन इलेक्शन मशीन भाजपा के सामने 15 दिनों के भीतर दो बड़े चुनावी इम्तेहान होंगे. दोनों ही चुनाव बीजेपीशासित राज्यों में हो रहे हैं, जहां वो विपक्षी दलों को सत्ता से हटाकर सरकार में आई है. बिहार में बीजेपी और जेडीयू की अगुवाई वाले गठबंधन ने 202 सीटें जीतकर नया इतिहास रचा है. ऐसे में बीजेपी नहीं चाहेगी कि वो कोई ढिलाई बरते. भाजपा हर चुनाव में ताकत झोंकने के लिए जानी भी जाती है. वहीं कांग्रेस, आप जैसे दलों के लिए ये जोरदार वापसी का मौका होगा. बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव के पहले भी ये बड़ी टक्कर होगी.... दिल्ली नगर निगम उपचुनाव दिल्ली में फरवरी 2025 में आम आदमी पार्टी की करारी हार के बाद 30 नवंबर को एमसीडी के 12 वार्डों पर उपचुनाव हो रहा है. आप इस चुनाव के जरिये कोशिश में है कि वो ये साबित कर सके कि दिल्ली में अभी उसका वो दमखम कायम है. वहीं बीजेपी के लिए भी नाक का सवाल होगा. बीजेपी और आप के साथ कांग्रेस ने भी पूरी ताकत झोंक दी है. 2 दिसंबर को महाराष्ट्र में निकाय चुनाव 30 नवंबर को दिल्ली एमसीडी उपचुनाव के 12 वार्डों में  29 नगर निगमों में चुनाव बीएमसी समेत महाराष्ट्र में  3 दिसंबर को महाराष्ट्र में आएंगे नतीजे 246 नगर परिषद और 42 टाउन परिषदों, 32 जिला परिषदों के लिए भी चुनाव महाराष्ट्र निकाय चुनाव दिसंबर में  महाराष्ट्र में 2 दिसंबर को निकाय चुनाव के तहत वोटिंग होगी. इसके लिए 18 नवंबर को नामांकन पत्रो की जांच के साथ 21 नवंबर को नामांकन वापसी की आखिरी तारीख है. चुनाव आयोग 26 नवंबर को चुनाव चिन्ह के साथ उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी करेगा. 2 दिसंबर को बीएमसी समेत निकाय चुनाव की वोटिंग कराई जाएगी. मुंबई, पुणे जैसे बड़े नगर निगमों के अलावा 246 नगर परिषदों के 288 प्रमुखों और 6859 सदस्यों के लिए मतदान होगा. इसके साथ ही 42 नगर पंचायतों के लिए भी चुनाव होगा. तीन दिसंबर को मतगणना कराई जाएगी.  
राष्ट्रीय  दिल्ली 

अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े 25 ठिकानों पर ED रेड, दिल्ली से फरीदाबाद तक टीमों ने धावा बोला

अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े 25 ठिकानों पर ED रेड, दिल्ली से फरीदाबाद तक टीमों ने धावा बोला ED Raid in Al Falah University: दिल्ली ब्लास्ट केस के बाद जांच के घेरे में आई अल फलाह यूनिवर्सिटी की वित्तीय अनियमितताओं की जांच हो रही है. उसके ओखला दफ्तर पर ईडी की छापेमारी हुई है. ED Raid in Delhi Faridabad: दिल्ली ब्लास्ट से जांच के घेरे में आई अल फलाह यूनिवर्सिटी के ओखला मुख्यालय और उससे जुड़े 25 ट्रस्टियों के ठिकानों पर मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने छापेमारी की. दिल्ली के साथ फरीदाबाद में भी कई स्थानों पर रेड डाली गई. अल फलाह यूनिवर्सिटी ही आतंकियों का अड्डा बनी हुई थी.  जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने दिल्ली और फरीदाबाद में 25 स्थानों ये रेड की है. इसमें ओखला हेडक्वार्टर के साथ यूनिवर्सिटी से जुड़े ट्रस्टी की लोकेशन पर भी ईडी टीमें पहुंची हैं. दरअसल, दिल्ली ब्लास्ट केस में एनआईए की जांच के साथ ईडी ने मनी लॉड्रिंग मामले की जांच के लिए एक केस दर्ज किया था. अल फलाह यूनिवर्सिटी के कामकाज में कई गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है, जिसकी जांच में एजेंसियां जुटी हैं.  ईडी की टीम अल फलाह यूनिवर्सिटी भी पहुंची है और वहां भी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. मालूम हो कि दिल्ली लाल किले में बम धमाका करने वाले डॉ. उमर उन नबी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. शाहीन और डॉ. आदिल अहमद इसी यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए थे. कई अन्य डॉक्टर भी इसी नेटवर्क का हिस्सा था.  शेल कंपनियों का पता चला ये कार्रवाई समूह से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं, शेल कंपनियों के इस्तेमाल, फर्जी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा है. सूत्रों के अनुसार, अल फलाह ट्रस्ट और उससे संबंधित कई संस्थानों की भूमिका खंगाली जा रही है. समूह में आर्थिक मामलों की जिम्मेदारी संभालने  वाले लोगों तक भी जांच एजेंसियां पहुंच चुकी हैं. एक ही पते पर 9 मुखौटा कंपनियां छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने ग्रुप से जुड़ी 9 संदिग्ध शेल कंपनियों की गतिविधियों को जांच के दायरे में लिया है. ये सभी एक ही पते पर रजिस्टर्ड पाई गईं. शुरुआती जांच में कई ऐसे पैटर्न सामने आए हैं, जो शेल कंपनी परिचालन की ओर इशारा करते हैं. न बिजली और पानी का इस्तेमाल जानकारी के मुताबिक, घोषित ऑफिस में न कोई स्टाफ था. न बिजली और पानी का इस्तेमाल हो रहा था. अलग-अलग कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल का इस्तेमाल हो रहा था. पीएफ का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. जबकि कागजों में बड़ा कारोबार दिखाया गया. कई कंपनियों में एक जैसे डायरेक्टर मिले. बैंक खातों से नाम मात्र का वेतन भुगतान था. एचआर रिकॉर्ड लगभग नदारद था.कंपनियों के गठन की एक जैसी टाइमलाइन और एक जैसी डिटेल मिली हैं. यूनिवर्सिटी के संस्थापक फरार यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी को भी जांच एजेंसियां दो बार समन भेज चुकी हैं. लेकिन वो अभी तक पेश नहीं हुआ है. जावेद अहमद सिद्दीकी पहले ही वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है. सवाल है कि कैसे एक छोटा सा कॉलेज चलाने वाला सिद्दीकी 750 एकड़ में बनी यूनिवर्सिटी खड़ा कर सका. कैसे उसने 250 करोड़ रुपये भी उसने कैसे जुटा लिए.   
राष्ट्रीय  दिल्ली 

दिल्ली धमाके का लुधियाना कनेक्शन सामने आया, NIA ने डॉक्टर से की पूछताछ

दिल्ली धमाके का लुधियाना कनेक्शन सामने आया, NIA ने डॉक्टर से की पूछताछदिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके मामले में NIA अलग–अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है। लुधियाना के एक डॉक्टर के साथ इस धमाके के तार जुड़े पाए गए हैं। एजेंसी अल-फलाह यूनिवर्सिटी के उन सभी छात्रों का रिकॉर्ड खंगाल रही है, जिन छात्रों के यहाँ पढ़ाने वाले आरोपी और संदिग्ध प्रोफेसरों के लिंक सामने आ रहे हैं। बम धमाके का लुधियाना कनेक्शन सामने आ रहा है। 13 नवंबर को लुधियाना के बाल सिंह नगर में भी NIA ने रेड की थी। इस दौरान टीम ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से MBBS करने वाले डॉक्टर जान निसार आलम की क्लिनिक पर दबिश दी। डॉक्टर वहाँ मौजूद नहीं थे, उनकी क्लिनिक से थोड़ी दूरी पर उनका घर है। उनके पिता से टीम ने पूछताछ की तो यह पता लगा कि डॉक्टर जान निसार कुछ दिन पहले रिश्तेदारी में पश्चिम बंगाल के गाँव डालखोला गए हुए हैं। NIA की टीम ने बंगाल में छापा मारकर डॉक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूरे दिन पूछताछ करने के बाद शाम को उन्हें छोड़ दिया गया। डॉक्टर का लैपटॉप और मोबाइल टीम के कब्जे में है, जिसकी जांच की जा रही है। टीम ने डॉक्टर से कहा है कि जैसे ही इस केस में उनकी दोबारा जरूरत होगी, उन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा और उन्हें उपस्थित होना पड़ेगा। आज डॉक्टर आलम को दिल्ली स्थित NIA दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। डॉ. जान निसार आलम के पिता तौहीत आलम ने बताया कि अधिकारियों की टीम जरूर उनके घर आई थी और पूछताछ की थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने 2020 में MBBS में दाखिला लिया था और 2025 में MBBS पूरा कर इंटर्नशिप की है। अब वह लुधियाना में अपनी क्लिनिक चला रहा है। पिता तौहीत आलम ने बताया कि उनके बेटे ने 12वीं तक की पढ़ाई ग्रीनलैंड स्कूल, सुभाष नगर से की है। उसके बाद MBBS के लिए यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। उन्होंने बताया कि उनका परिवार 1984 से लुधियाना में रह रहा है। उनका पुश्तैनी घर पश्चिम बंगाल में है। गाँव में उनकी भतीजी की शादी है और 24 दिसंबर को उनकी अपनी बेटी की भी शादी है। इसलिए उन्होंने अपने बेटे-बेटी और पत्नी को गाँव भेजा हुआ है। NIA ने वहीं उनके बेटे से पूछताछ की है। पूछताछ के बाद NIA ने उनके बेटे को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि वे जांच एजेंसी की हर तरह से मदद करेंगे और जांच में पूरा सहयोग देंगे।
पंजाब  दिल्ली 

दिल्ली ब्लास्ट के बाद 200 डॉक्टरों की लिस्ट तैयार, एक-एक कर सबसे होगी पूछताछ

दिल्ली ब्लास्ट के बाद 200 डॉक्टरों की लिस्ट तैयार, एक-एक कर सबसे होगी पूछताछ दिल्ली ब्लास्ट की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है. कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जुड़े लगभग 200 डॉक्टर और मेडिकल छात्र रडार पर हैं. जैश-ए-मोहम्मद की महिला रिक्रूटर डॉ. शाहीन के नेटवर्क से उनके संबंधों की जांच हो रही है. दिल्ली बम ब्लास्ट की जांच आगे बढ़ रही है. सुरक्षा एजेंसियों ने लिस्ट तैयार की है और एक एक कर सबसे पूछताछ की जा रही है. मामले के तार कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के साथ साथ विदेशों से भी जुड़े हैं. सूत्रों के अनुसार, इन डॉक्टरों और छात्रों के डॉ. शाहीन, डॉ. उमर मोहम्मद से और अन्य आरोपियों से संपर्क रहे हैं और यह जांच की जा रही है कि जा रही है कि कहीं यह व्हाइट कॉलर मॉड्यूल का हिस्सा तो नहीं. उत्तर प्रदेश के करीब 200 डॉक्टर एजेंसियों के रडार पर हैं. गिरफ्तार होने वाली महिला डॉक्टर शाहीन ने पाकिस्तान समेत कई देशों में नेटवर्क बनाया था. उसके संपर्क में पाकिस्तान सेना के डॉक्टर समेत कश्मीरी मूल के कई और डॉक्टर और छात्र थे. यूपी में काम करने वाले कश्मीरी मूल के करीब 200 डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट एजेंसियों के रडार पर हैं. यूपी की डॉक्टरों के संपर्क में थी शाहीन सूत्रों से खुलासा हुआ है कि डॉक्टर शाहीन लगातार यूपी में काम करने वाले 30 से 40 डॉक्टर के संपर्क में थी. शाहीन वह महिला है जिसे जैश ए मोहम्मद का हिंदुस्तान में महिला विंग का रिक्रूटर माना जा रहा है. पूछताछ के लिए एटीएस की एक टीम दिल्ली है दूसरी श्रीनगर जाने की तैयारी में है, यानी अभी और लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है. शाहीन के संपर्क में आने वाले डॉक्टरों को मेवात से उठाया जांच एजेंसियों ने मेवात से बीती रात तीन डॉक्टरों से हिरासत में लिया है. इनसे पूछताछ की जा रही है . इन तीनों डॉक्टरों का संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से है. इनमें से एक डॉक्टर मुस्तकीम ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से इंटर्नशिप किया है, इसकी भूमिका की जांच की जा रही है. खबरों के मुताबिक मुजम्मिल, उमर और शाहीन के संपर्क में था उससे पूछताछ की जा रही है.
हरियाणा  दिल्ली 

सुरक्षा में बुरी तरह विफल’, दिल्ली ब्लास्ट को लेकर खरगे ने की सर्वदलीय बैठक की मांग

सुरक्षा में बुरी तरह विफल’, दिल्ली ब्लास्ट को लेकर खरगे ने की सर्वदलीय बैठक की मांग दिल्ली ब्लास्ट पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सरकार की खुफिया विफलता पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर सर्वदलीय बैठक की तत्काल मांग की है. वहीं AAP नेता सिसोदिया ने भी सुरक्षा तंत्र में भारी लापरवाही बताते हुए सरकार पर हमला बोला. दिल्ली ब्लास्ट और शुक्रवार रात नौगाम में विस्फोट ने पूरे देश को दहला दिया है. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक्स पर कहा, यह जानकर अत्यंत दुःख और निराशा हुई कि जम्मू-कश्मीर के नौगाम में एक पुलिस स्टेशन पर हुए विस्फोट में 9 बहुमूल्य जानें चली गईं और 24 लोग घायल हो गए. इसके साथ देश की सुरक्षा और आतंक के खतरे को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक मांग की है. खरगे ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए आगे कहा, “ये घटनाक्रम दिल्ली में लाल किले के पास हुए कायराना कार बम विस्फोट के कुछ ही दिनों बाद सामने आए हैं और केंद्र सरकार के लिए खुफिया तंत्र और आतंकवाद-रोधी तंत्र को मजबूत करने की चेतावनी है. वह जवाबदेही से नहीं भाग सकती.” सर्वदलीय बैठक की मांग खरगे ने आगे कहा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आतंकवाद के अभिशाप के विरुद्ध राष्ट्र के साथ एकजुट है. हाल ही में लाल किले पर हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर, आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की तत्काल आवश्यकता है, जिसे बाहरी ताकतों से लगातार समर्थन और समर्थन मिल रहा है.” साथ कहा कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. खरगे ने घायलों के जल्द इलाज और पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा देने की भी मांग की है. देश को सुरक्षा देने में विफल हो रही सरकार- मनीष सिसोदिया वहीं आप नेता मनीष सिसोदिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अभी देश पहलगाम की पीड़ा से उभरा भी नहीं था कि पहले दिल्ली और फिर कल देर रात श्रीनगर पुलिस स्टेशन में हुए धमाकों ने एक बार फिर पूरे देश में डर का माहौल बना दिया है. लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि ‘कथित सुरक्षित भारत’ का नारा देने वाली सरकार अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश की सुरक्षा में बुरी तरह विफल हो रही है.” उन्होंने पूछा कि देश के गृह मंत्री जी क्या कर रहे हैं? ये कोई सामान्य चूक नहीं, बल्कि सुरक्षा तंत्र में भारी लापरवाही और बुरी व्यवस्थाओं का परिणाम है. इसके अलावा हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं जताई है और ईश्वर से प्रार्थना है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले में घायल सभी वीर जल्द स्वस्थ हों.  
राष्ट्रीय  दिल्ली 

बिहार में भारी जीत के बाद बीजेपी में जश्न, PM मोदी शाम 6 बजे पहुँच सकते हैं पार्टी मुख्यालय

बिहार में भारी जीत के बाद बीजेपी में जश्न, PM मोदी शाम 6 बजे पहुँच सकते हैं पार्टी मुख्यालय Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति की दिशा स्पष्ट कर दी है। शुरुआती और मध्य चरण के रुझानों से साफ संकेत मिल रहा है कि एनडीए भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की ओर बढ़ रहा है।बीजेपी और जेडीयू की संयुक्त बढ़त 203 सीटों को पार कर चुकी है। ताज़ा रुझानों के अनुसार: बीजेपी: 90 सीटों पर आगे जेडीयू: 81 सीटों पर आगे महागठबंधन: मात्र 38 सीटों तक सीमित महागठबंधन का यह प्रदर्शन पिछले चुनाव के मुकाबले बेहद कमजोर माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रुझानों से उत्साहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 6 बजे दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंच सकते हैं, जहाँ वे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और बिहार की जनता का धन्यवाद करेंगे। एनडीए की मजबूत वापसी के संकेत रुझान दर्शाते हैं कि बीजेपी–जेडीयू गठबंधन एक बार फिर बिहार में मजबूत स्थिति में है और सरकार बनाने को तैयार है। एनडीए की बढ़त उसकी स्थिर नेतृत्व क्षमता और जनता के बढ़ते समर्थन को दर्शाती है। दिल्ली में बीजेपी समर्थकों का जश्न दिल्ली में बीजेपी समर्थकों ने एनडीए की बढ़त का जमकर जश्न मनाया। समर्थक ढोल बजाते, नाचते और गीत गाते नज़र आए। जैसे-जैसे एनडीए की लीड बढ़ती गई, दिल्ली स्थित बीजेपी दफ़्तर और आसपास के इलाकों में उत्साह और जोशीला माहौल बन गया।
राष्ट्रीय  दिल्ली 

दिल्ली की हवा ज़हरीली करने में पाकिस्तान भी ज़िम्मेदार, PGI-PU रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

दिल्ली की हवा ज़हरीली करने में पाकिस्तान भी ज़िम्मेदार, PGI-PU रिपोर्ट में बड़ा खुलासा पंजाब और हरियाणा के साथ-साथ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पराली जलाने से भी दिल्ली की हवा ज़हरीली हो रही है। इस सीज़न में अब तक पाकिस्तान के पंजाब में 12,688 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं। लगभग 16 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार से बह रही हवा के कारण पाकिस्तान से उठने वाला धुआं दिल्ली तक पहुंच रहा है। इसका असर पंजाब और हरियाणा में भी महसूस किया जा रहा है। यह खुलासा पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) और PGIMER चंडीगढ़ की संयुक्त टीम की रिपोर्ट में किया गया है। इसी दौरान, एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमिशन (CAQM) ने पंजाब और हरियाणा को पराली जलाने पर ढिलाई के लिए फटकार लगाई है और दिल्ली की बिगड़ती हवा के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही इस बार पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में कमी आई हो, लेकिन पिछले कुछ दिनों में फिर से मामलों में तेज़ वृद्धि देखी गई है। पंजाब में 4,662 से अधिक पराली जलाने के केस सामने आए हरियाणा में 464 स्थानों पर पराली जलाई गई PU के पर्यावरण अध्ययन विभाग के प्रोफेसर सुमन मोर और PGI के क्मयुनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. रविंदर खाईवाल की टीम लगातार पराली व प्रदूषण पर डेटा जुटा रही है। टीम के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब में पराली जलाने के केस बढ़ रहे हैं और हवा की दिशा दिल्ली की ओर होने से इसका सीधा असर राजधानी और आसपास के इलाकों पर दिख रहा है। दिल्ली का औसत AQI गुरुवार को 404 दर्ज हुआ, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।पंजाब के कई शहरों की हवा भी खराब श्रेणी में पहुंच गई— मंडी गोबिंदगढ़: 247 खन्ना: 219 जालंधर: 210 कुछ शहर पीले ज़ोन में हैं— लुधियाना: 154 पटियाला: 138 अमृतसर: 127 सख़्ती बढ़ाते हुए सरकार ने अपने अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है— 1,185 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस CAQM एक्ट की धारा 14 के तहत 56 अधिकारियों पर कार्रवाई 8 जिलों के DC और SSP को चेतावनी नोटिस किसानों के 1,920 रिकॉर्ड में लाल एंट्री (दंडात्मक नोटिंग) इस बार किसानों को रोकने के लिए 10,000 अधिकारी तैनात किए गए हैं और 1,48,451 CRM मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। फिर भी किसान संगठनों का कहना है कि मशीनें सभी किसानों तक नहीं पहुंच पा रहीं, जिसके चलते पराली जलाना जारी है।  
पंजाब  दिल्ली 

काले बालों में अंदर गया, सफेद बालों में लौटा... निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की तब और अब की तस्वीरें

काले बालों में अंदर गया, सफेद बालों में लौटा... निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की तब और अब की तस्वीरें ग्रेटर नोएडा की लुक्सर जेल से सुरेंद्र कोली की रिहाई हो गई है. सुरेंद्र कोली का हुलिया अब बदल गया है. देखें तब और अब की तस्वीरें... वो तस्वीर याद है? पुलिस की गिरफ्त में सिर झुकाए चलता हुआ एक शख्स, काले बाल, हाथों में हथकड़ी थी. यही था निठारी कांड का आरोपी सुरेंद्र कोली, वो नाम जिसने साल 2006 में पूरे देश को हिला कर रख दिया था. नोएडा के निठारी गांव में बच्चों के गायब होने की खबरें जब ज्यादा आने लगीं, तब पुलिस ने नोएडा के सेक्टर 31 की कोठी नंबर D5 से कई नरकंकाल बरामद किए. बच्चों के अपहरण, रेप और हत्या की वारदातों ने उस वक्त देश को झकझोंर दिया. कोली उस घर का नौकर था और उसका मालिक था मोनिंदर सिंह पंढेर. आरोप था कि इन दोनों मिलकर हत्याएं कीं हैं. तब पुलिस ने उसे पकड़कर जेल में डाला. जेल जाते वाक्त कोली के बाल काले थे लेकिन जब 15 साल बाद वो जेल से निकला है तो उसके बाल झक्क सफेद हो चुके हैं.  लेकिन कल की तस्वीर में सब कुछ बदला हुआ दिखा. वर्षों जेल में रहने के बाद सुरेंद्र कोली की शक्ल अब पूरी तरह बदल गई है. बाल सफेद हो गए हैं, चेहरे पर झुर्रियां आ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी कोली की आजीवन कारावास की अंतिम सजा रद्द करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया था. बेंच की अगुवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ ने सुरेंद्र कोली की अंतिम सजा को रद्द करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति केवल शक या अनुमान के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता, चाहे अपराध कितना भी जघन्य क्यों न हो. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ग्रेटर नोएडा की जेल से उसकी रिहाई हुई. इसके साथ ही, निठारी कांड के दोनों आरोपियों को सभी मामलों में बरी कर दिया गया. जब वो जेल से बाहर आया, तो वो एक बस एक बूढ़ा, कमजोर आदमी दिख रहा था. मास्क के पीछे अपनी पहचान छिपाने की कोशिश में दिखा. निठारी कांड के पीड़ित परिवार सुरेंद्र कोली की रिहाई से निराश है. निठारी कांड के दोनों आरोपी  मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली अदालत से पूरी तरह से बरी हो चुके हैं. ऐसे में एक सवाल अब भी बरकरार है कि जिन बच्चों के कंकाल इस घर से मिले… उनकी मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है? पीड़ित परिवारों की टूट रही आस  डी-5 कोठी के बाहर बैठी लक्ष्मी, जिनकी आठ साल की बेटी 2006 में गुम हुई थी, आज भी उसी सवाल के साथ जी रही हैं, “हमारी बच्ची का क्या कसूर था?” लक्ष्मी कहती हैं, “हमको पुलिस से उम्मीद थी, लेकिन हमें न्याय नहीं मिला. इतने साल बीत गए, अब तो हम खुद को हारा हुआ महसूस करते हैं.” उनका कहना है कि जांच के दौरान ग़रीब परिवारों की आवाज़ नहीं सुनी गई.  
दिल्ली 

दिल्ली ब्लास्ट का श्रीनगर कनेक्शन: जम्मू-कश्मीर में 13 जगहों पर छापेमारी जारी

दिल्ली ब्लास्ट का श्रीनगर कनेक्शन: जम्मू-कश्मीर में 13 जगहों पर छापेमारी जारी श ए मोहम्मद से जुड़े जो पोस्टर श्रीनगर में लगाए गए थे, उसमें मौलवी इरफान अहमद का नाम सामने आया था. पोस्टर लगाने वाले की धरपकड़ हुई तो उन्होंने मौलवी इरफान का राज उगला. जम्मू-कश्मीर सीआईके की घाटी में 13 जगहों पर छापेमारी चल रही है. ये छापे कथित तौर पर श्रीनगर-दिल्ली विस्फोट मामले की सीआईडी ​​द्वारा चल रही जांच से जुड़े हैं. जल्द ही गिरफ़्तारी और बरामदगी की संभावना है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी जम्मू-कश्मीर सीआईडी द्वारा एकत्र की गई खुफिया जानकारी के आधार पर की जा रही है. जांच एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट की साजिश में शामिल हो सकता है. देश भर में नेटवर्क का संदेह  कई टीमें स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इन जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं. छापेमारी का केंद्र उन व्यक्तियों और परिसरों पर है जिनका संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से होने का संदेह है. सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई देशभर में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल्स को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इस अभियान से कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में फैले आतंक नेटवर्क की गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी. नौगाम टू सहारनपुर टू फरीदाबाद वहीं श्रीनगर के नौगाम से जैश-ए-मोहम्मद के एक एक्सक्लूसिव पोस्टर की कॉपी शेयर की गई है, जिससे जैश के डॉक्टर टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ. यह पोस्टर 16/17 अक्टूबर को चिपकाया गया था और इसी के चलते 27 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से डॉ. आदिल की गिरफ्तारी हुई. दिल्ली धमाके और उससे जुड़े फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के पीछे आखिर सबसे बड़ी भूमिका किसकी थी, ये सच्चाई भी सामने आ रही है. शोपियां के मौलवी इरफान अहमद को इनका सरगना माना जा रहा है, जिसने डॉक्टरों को शागिर्द बनाया और फिर उन्हें आतंक की राह पर धकेल दिया. मास्टरमाइंड इरफान सूत्रों का कहना है कि मास्टरमाइंड इरफान ने डॉक्टरों का ब्रेनवॉश कर उन्हें इस बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा बनाया है. उसने अनंतनाग और पुलवामा के डॉ. आदिल अहमद और डॉ. उमर को आतंकी नेटवर्क से जोड़ा और फिर उनके जरिये डॉ. मुजम्मिल और शाहीन भी इस जिहादी मॉड्यूल में जुड़ी. दरअसल, जैश ए मोहम्मद से जुड़े जो पोस्टर श्रीनगर में लगाए गए थे, उसमें मौलवी इरफान अहमद का नाम सामने आया था. पोस्टर लगाने वाले की धरपकड़ हुई तो उन्होंने मौलवी इरफान का राज उगला. ये मौलवी इरफान श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल स्टाफ था. जबकि उमर मोहम्मद नबी भी इसी कॉलेज में डॉक्टर था और यहीं से खुफिया सूत्रों के मुताबिक़, मौलवी इरफान अहमद ने मेडिकल छात्रों को कट्टरपंथ की राह पर धकेलने में अहम भूमिका निभाई है  
राष्ट्रीय  दिल्ली 

दिल्ली धमाका: लाल रंग की इकोस्‍पोर्ट तक ऐसे पहुंची पुलिस, कई घंटों तक की गई कार की जांच

दिल्ली धमाका: लाल रंग की इकोस्‍पोर्ट तक ऐसे पहुंची पुलिस, कई घंटों तक की गई कार की जांच सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने ड्राइवर से पूछताछ की और उससे दूसरी गाड़ी के बारे में जानकारी ली तो उसने बताया कि लाल रंग की इकोस्पोर्ट कार फरीदाबाद के खंडवाली में अपनी बहन के घर खड़ी की है. दिल्ली में लाल किले के करीब हुए धमाके को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार जांच में जुटी हैं. सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को NIA एक बार फिर से फरीदाबाद पहुंची, जहां डॉक्टर उमर नबी के करीबियों के साथ ही उसे जानने वाले यूनिवर्सिटी के अन्य स्टाफ को अलग-अलग बिठाकर पूछताछ की गई. सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान जाच एजेंसियां डॉ. उमर के बेहद करीबी शख्‍स तक पहुंची, जो कि संदिग्ध लग रहा था. यह संदिग्ध डॉ. उमर का ड्राइवर और उनका असिस्‍टेंट भी है. सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने ड्राइवर से पूछताछ की और उससे दूसरी गाड़ी के बारे में जानकारी ली तो उसने बताया कि लाल रंग की इकोस्पोर्ट कार फरीदाबाद के खंडवाली में अपनी बहन के घर खड़ी की है, जिसके बाद फरीदाबाद पुलिस और जांच एजेंसियां खंडवाली गांव पहुंची. ड्राइवर को लेकर खंडवाली पहुंची पुलिस उन्‍होंने बताया कि जांच एजेंसियां उमर के ड्राइवर को अपने साथ लेकर उस गांव में पहुंची और उसकी निशानदेही पर उन्‍हें एक प्लॉट में लाल रंग की इकोस्पोर्ट कर खड़ी नजर आई. गाड़ी को प्लॉट से रिकवर किया गया, हालांकि यह गाड़ी उमर की थी. जांच एजेंसियों ने घंटों तक की जांच उन्‍होंने बताया कि पुलिस को संदेह था कि इसमें कुछ संदिग्ध हो सकता है, जिसके बाद अन्य जांच एजेंसियों और बम स्क्वायड टीम, एनएसजी को मौके पर बुलाया गया. उन्‍होंने बताया कि कई घंटे बीतने के बावजूद जांच एजेंसियों, BDS और एनएसजी की गाड़ी की जांच जारी रही, जिससे कि कुछ साक्ष्‍य मिल सके. सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद के खंडावली गांव में जहां लाल रंग की ईकोस्पोर्ट कार मिली है, वहां पर एनएसजी की मूवमेंट लगातार हो रही है. एनएसजी के एक कमांडर भी 12:30 बजे आए थे और एक घंटे बाद निकल गए. इस वक्त मौके पर फरीदाबाद पुलिस, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, बॉम स्क्वाड, स्निफर डॉग्स, एनएसजी और एनआईए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉग्स बार बार लाल रंग की इकोस्पोर्ट गाड़ी के पास जाकर बैठ रहे थे तो एजेंसी को शक हैं, जिसकी वजह से टीम रात भर यहां रुकेगी. परिवार के लोगों से पूछताछ में जुटी एजेंसियां सूत्रों के मुताबिक जिस प्लाट में गाड़ी खड़ी हुई मिली है. वह प्लॉट वाहिद नाम के शख्स के नाम रजिस्टर्ड है, जिसकी मौत हो चुकी है. हालांकि ड्राइवर के जीजा पहम्मू और ड्राइवर की बहन अब इस घर में रहती है. जांच एजेंसी परिवार के सभी लोगों से पूछताछ कर रही है और उमर के ड्राइवर को अपने साथ ले गई है. बता दें कि दिल्‍ली पुलिस ने अपनी पांच टीमों के साथ सैंकड़ों जवानों को इस लाल ईकोस्‍पोर्ट कार की तलाश में लगाया गया. दिल्‍ली से लेकर यूपी और हरियाणा तक अलर्ट हो गया है और हर नाके पर इसकी तलाश की गई. खैर, शाम होते-होते यह डीएल10सीके0458 नंबर प्लेट वाली कार हरियाणा के फरीदाबाद के खंदावली गांव में मिल गई. i20 के बाद बुधवार को लाल इकोस्‍पोर्ट के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया था. इस मामले में सामन आया है कि ब्‍लास्‍ट को अंजाम देने वाला उमर नबी धमाके से पहले कमला मार्केट थाने स्थित एक मस्जिद भी गया था. इससे पहले तीन घंटे तक लाल किला की पार्किंग में उमर के रहने का राज भी गहराता जा रहा है. सोमवार को हुए इस ब्‍लास्‍ट में करीब 9 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग इसमें घायल हैं.  
राष्ट्रीय  दिल्ली 

दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में कितनी गाड़ियों को पहुंचा नुकसान? सामने आया आंकड़ा

दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में कितनी गाड़ियों को पहुंचा नुकसान? सामने आया आंकड़ा दिल्ली ब्लास्ट में जिन वाहनों को नुकसान पहुंचा, उनका आंकड़ा सामने आया है। गौरतलब है कि दिल्ली में 10 नवंबर को शाम के 7 बजे के करीब जोरदार धमाका हुआ था। दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा लोग घायल हैं। इस मामले में काफी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसका आंकड़ा सामने आ गया है। कितने वाहनों को पहुंचा नुकसान? लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में 8 गाड़ियां पूरी तरह से डैमेज हैं। इसके अलावा 22 और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसमें ई रिक्शा, ऑटो, टैक्सी और बस शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, विस्फोटक आई-20 कार के पीछे वाली सीट पर रखा हुआ था। शक है कि उमर मोहम्मद लाल किले की पार्किंग में इसलिए गया क्योंकि पहले वो वहां ब्लास्ट करने की फिराक में था लेकिन सोमवार होने के चलते लाल किला बंद था इसलिए वहां भीड़ नहीं थी। इसलिए वह पार्किंग से निकला। सूत्रों के मुताबिक जिस तरह से उसके साथी पकड़े गए ,पूरा विस्फोटक पकड़ा गया, इसके चलते हुए वो काफी पैनिक में था। उसे गिरफ्तारी का डर था, इसी पैनिक स्टेज में गाड़ी के अंदर धमाका किया गया। उमर ने की थी टर्की की यात्रा    खबर ये भी सामने आई है कि उमर मोहम्मद और मुजम्मिल शकील ने टर्की की यात्रा की थी। वहां जैश ए मोहम्मद के हैंडलर से मिला था। पासपोर्ट में टर्की के स्टैंप मिले है। एक और बड़ा खुलासा दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर की शाम हुए धमाके की जांच में हुआ बड़ा खुलासा ये भी हुआ कि इनके निशाने पर लाल किला, इंडिया गेट, कांस्टीट्यूशन क्लब, गौरी शंकर मंदिर, प्रमुख रेलवे स्टेशन और शॉपिंग मॉल्स थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह साजिश जनवरी 2025 से चली आ रही थी। यह आतंकी मॉड्यूल कई महीनों से मुंबई के 26/11 जैसे बड़े हमलों की प्लानिंग कर रहा था। पुलिस के अनुसार, मॉड्यूल ने करीब 200 से अधिक शक्तिशाली IED तैयार करने की योजना बनाई थी, जिन्हें एक साथ दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के हाई-प्रोफाइल निशानों पर उपयोग किया जाना था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश की गई थी पुलिस का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग के कुछ रैडिकलाइज्ड डॉक्टरों ने ‘व्हाइट-कॉलर’ कवर का फायदा उठाते हुए फरीदाबाद में अपना बेस बनाया। डॉक्टर होने की वजह से उन पर लोगों को शक कम होता था और वे NCR में आसानी से आ-जा पाते थे। विस्फोटक छिपाने और जमा करने के लिए आरोपियों ने धौज और फतेहपुर तागा इलाके में ऐसे कमरे किराए पर लिए जहां बिना शक-संदेह आवाजाही हो सकती थी।   
दिल्ली 
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software