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ऑस्ट्रेलिया में विदेशी छात्रों पर सख्ती की तैयारी, One Nation का बड़ा प्रस्ताव: कोर्स छोड़ने पर अपील का अधिकार खत्म करने की योजना
सेनटर Pauline Hanson की अगुवाई वाली One Nation पार्टी ने छात्र वीज़ा नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा, जिससे इंटरनेशनल स्टूडेंट्स पर सख्त प्रतिबंध लग सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए नई नीति प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत कोर्स छोड़ने वाले छात्रों को अपील का अधिकार नहीं मिलेगा और उन्हें देश छोड़ना पड़ सकता है। यह कदम वीज़ा दुरुपयोग रोकने के लिए बताया गया है।
ऑस्ट्रेलिया में छात्र वीज़ा नियमों को लेकर बड़ा बदलाव प्रस्तावित
ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े नियमों को और सख्त करने की दिशा में एक नया राजनीतिक प्रस्ताव सामने आया है। One Nation की ओर से कहा गया है कि जो विदेशी छात्र अपने कोर्स बीच में छोड़ देते हैं, उन्हें अपील का अधिकार नहीं दिया जाएगा और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन करने से पहले देश छोड़ना अनिवार्य होगा।
यह प्रस्ताव पार्टी प्रमुख और सीनेटर Pauline Hanson ने पेश किया है।
वीज़ा दुरुपयोग रोकने का दावा
पार्टी का कहना है कि यह कदम छात्र वीज़ा प्रणाली के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी है। One Nation का आरोप है कि कई छात्र “कोर्स-हॉपिंग”, ब्रिजिंग वीज़ा और प्रोटेक्शन वीज़ा जैसे विकल्पों का उपयोग करके ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय तक रहने की कोशिश करते हैं।पार्टी के अनुसार, कुछ अंतरराष्ट्रीय छात्रों का उद्देश्य पढ़ाई नहीं बल्कि काम और आर्थिक अवसरों का लाभ लेना होता है।
रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला
इस मुद्दे पर हाल ही में जारी एक मीडिया रिलीज में कई आंकड़ों का उल्लेख किया गया, जिनका संदर्भ Menzies Research Centre की जनवरी 2026 की रिपोर्ट “International Student Course-Hopping: University Complicity and Government Inaction” में भी मिलता है।
रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रिजिंग वीज़ा पर रहने वाले पूर्व छात्र वीज़ा धारकों की संख्या लगभग 13,000 से बढ़कर 107,000 से अधिक हो गई है।
छात्र वीज़ा नीति पर बढ़ती बहस
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली और वीज़ा नियमों को लेकर बहस तेज हो रही है। नीति समर्थकों का कहना है कि इससे सिस्टम की पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे असली छात्रों पर भी असर पड़ सकता है।
Key Highlights:
- कोर्स छोड़ने वाले छात्रों को अपील का अधिकार नहीं देने का प्रस्ताव
- आगे की पढ़ाई से पहले देश छोड़ना अनिवार्य करने की योजना
- One Nation पार्टी ने वीज़ा दुरुपयोग का आरोप लगाया
- ब्रिजिंग वीज़ा पर छात्रों की संख्या में तेज बढ़ोतरी का दावा
- अंतरराष्ट्रीय शिक्षा नीति पर नई बहस शुरू
FAQ Section:
Q1: क्या यह नया कानून लागू हो चुका है?
नहीं, यह अभी केवल One Nation पार्टी का प्रस्ताव है।
Q2: इस प्रस्ताव का उद्देश्य क्या है?
छात्र वीज़ा के कथित दुरुपयोग को रोकना और सिस्टम को सख्त बनाना।
Q3: किन छात्रों पर इसका असर पड़ेगा?
जो छात्र अपने कोर्स बीच में छोड़ देंगे या वीज़ा नियमों का पालन नहीं करेंगे।
Q4: क्या सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर असर होगा?
नहीं, यह केवल नियम उल्लंघन या कोर्स छोड़ने वाले मामलों पर केंद्रित है।
Conclusion:
ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़ी नीतियों को लेकर एक बार फिर सख्ती की चर्चा तेज हो गई है। One Nation का यह प्रस्ताव लागू होता है या नहीं, यह आने वाले राजनीतिक निर्णयों पर निर्भर करेगा, लेकिन इससे शिक्षा और इमिग्रेशन नीति पर नई बहस जरूर शुरू हो गई है।

