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करनाल में गोहत्या मामले का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
नहर में फेंके गए मवेशियों के अवशेष, पुलिस ने यूपी से आरोपियों को दबोचा
करनाल पुलिस ने गोहत्या और मवेशियों के अवशेष नहर में फेंकने के मामले में उत्तर प्रदेश के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
करनाल पुलिस की CIA-1 टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गोहत्या करने और मवेशियों के अवशेषों को वेस्टर्न यमुना नहर और धनौरा एस्केप में फेंकने के आरोप में उत्तर प्रदेश के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
17, 18 और 21 मार्च को नहर और धनौरा एस्केप से 20 से अधिक मवेशियों के सिर और शरीर के अंग बरामद किए गए थे, जिससे स्थानीय लोगों और गो-रक्षकों में भारी आक्रोश फैल गया था। उन्होंने रविवार को पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था कि दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आज़म, नवाब और शहजाद के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के निवासी हैं। इनमें नवाब और शहजाद आपस में भाई हैं।
CIA-1 प्रभारी Sandeep Singh ने बताया कि आरोपियों को मंगलवार को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया और बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक Narendra Bijarniya के निर्देश पर CIA-1, CIA-2 और CIA-3 की टीमों ने इस मामले पर काम किया। यह मामला इंद्री थाना में हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम, 2015 की धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
मीडिया से बातचीत में संदीप सिंह ने आरोपियों के काम करने के तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि वे बाजारों के आसपास घूमने वाले या आवारा मवेशियों को पकड़ लेते थे। इसके बाद इंद्री क्षेत्र में नहर किनारे उनकी हत्या कर मांस बेच देते थे और मवेशियों के सिर नहर में फेंक देते थे।
पहले दिन 8-9 मवेशियों के सिर और शरीर के अंग मिले थे। अगले दिन और अवशेष बरामद हुए। 21 मार्च को धनौरा एस्केप में भी अतिरिक्त शव मिले, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।

