HSGMC में बढ़ा सियासी घमासान: मिरी-पीरी मेडिकल इंस्टीट्यूट के संकट के बीच 16 जून को होगी अहम बैठक

कार्यकारिणी में लंबे समय से जारी गतिरोध खत्म करने की तैयारी, अनुपस्थित सदस्यों के भविष्य और नए कार्यकारिणी गठन पर होगा फैसला

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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (HSGMC) ने मिरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के सुचारू संचालन को लेकर बढ़ते दबाव के बीच 16 जून को जनरल हाउस बैठक बुलाने का फैसला किया है। बैठक में कार्यकारिणी के निष्क्रिय सदस्यों और नए कार्यकारिणी गठन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।

HSGMC में लंबे समय से जारी गतिरोध पर होगा मंथन

हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (HSGMC) ने अपनी कार्यकारिणी में लंबे समय से चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए 16 जून को जनरल हाउस बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक को HSGMC के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने बुलाया है।

बताया जा रहा है कि कार्यकारिणी के कुछ सदस्यों की लगातार अनुपस्थिति के कारण कमेटी के कामकाज पर असर पड़ रहा है, जिससे कई महत्वपूर्ण फैसले लंबित हैं।

मिरी-पीरी मेडिकल इंस्टीट्यूट का संचालन भी प्रभावित

बजट पास न होने से बढ़ी परेशानी

HSGMC अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने बताया कि कार्यकारिणी के चार सदस्य लगातार बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं, जिसके कारण कमेटी की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि पिछले और मौजूदा वित्तीय वर्ष का बजट अभी तक पारित नहीं हो सका है। इसका असर मिरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के संचालन पर भी पड़ने लगा है।

झिंडा के अनुसार, जनरल हाउस बैठक का मुख्य उद्देश्य नई कार्यकारिणी का गठन कर लंबित कार्यों को आगे बढ़ाना है।

चार सदस्यों को हटाने की मांग

17 सदस्यों ने अध्यक्ष को सौंपा प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक, कमेटी के 17 सदस्यों ने अध्यक्ष से मांग की है कि लगातार अनुपस्थित रहने वाले चार कार्यकारिणी सदस्यों को हटाया जाए।

इन सदस्यों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कनिष्ठ उपाध्यक्ष जैसे पदाधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति के कारण महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय फैसले नहीं हो पा रहे हैं।

कोरम पूरा करना बना सबसे बड़ी चुनौती

33 सदस्यों की उपस्थिति जरूरी

HSGMC के जनरल हाउस में कुल 49 सदस्य हैं। नियमों के अनुसार बैठक में कोरम पूरा करने के लिए कम से कम दो-तिहाई यानी 33 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक है।

वहीं, 11 सदस्यीय कार्यकारिणी की बैठक के लिए कम से कम आठ सदस्यों का उपस्थित होना जरूरी है।

झिंडा ने दावा किया कि वर्तमान में सात कार्यकारिणी सदस्य उनके समर्थन में हैं और कोरम पूरा करने के लिए सिर्फ एक सदस्य की आवश्यकता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि 16 जून की बैठक में 33 से अधिक सदस्य शामिल होंगे और नई कार्यकारिणी के गठन का रास्ता साफ होगा।

नई कार्यकारिणी बनने के बाद पास होगा बजट

संस्थान को मिलेगा आवश्यक वित्तीय सहयोग

झिंडा ने कहा कि नई कार्यकारिणी के गठन के बाद लंबित बजट पारित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बजट स्वीकृत होने के बाद मिरी-पीरी इंस्टीट्यूट के संचालन के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे संस्थान की गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकेंगी।

विरोधी गुट ने न्यायिक आयोग का दरवाजा खटखटाया

अध्यक्ष पर लगाए पक्षपात के आरोप

दूसरी ओर, असंतुष्ट गुट ने HSGMC अध्यक्ष के कदम को चुनौती देते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग का रुख किया है।

कनिष्ठ उपाध्यक्ष गुरबीर सिंह ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष उन सदस्यों को निशाना बना रहे हैं, जो उनके फैसलों का विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पहले भी बैठकों में कोरम पूरा करने में असफल रहे हैं और अब विरोधी आवाजों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी वजह से मामला न्यायिक आयोग के समक्ष ले जाया गया है।

आने वाले दिनों में साफ होगी तस्वीर

16 जून को होने वाली जनरल हाउस बैठक HSGMC की भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। यदि कोरम पूरा हो जाता है और नई कार्यकारिणी का गठन हो जाता है, तो लंबे समय से लंबित बजट और प्रशासनिक फैसलों पर आगे बढ़ना संभव होगा।


Key Highlights:

  • HSGMC ने 16 जून को जनरल हाउस बैठक बुलाई।
  • कार्यकारिणी में जारी गतिरोध खत्म करने पर होगा विचार।
  • चार अनुपस्थित सदस्यों को हटाने की मांग।
  • मिरी-पीरी मेडिकल इंस्टीट्यूट का संचालन प्रभावित।
  • पिछले और वर्तमान वर्ष का बजट अभी तक लंबित।
  • जनरल हाउस में 33 सदस्यों की उपस्थिति जरूरी।
  • विरोधी गुट ने न्यायिक आयोग में चुनौती दी।
  • नई कार्यकारिणी गठन पर हो सकता है बड़ा फैसला।

FAQ Section:

Q1: HSGMC ने जनरल हाउस बैठक कब बुलाई है?

HSGMC ने 16 जून को जनरल हाउस बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

Q2: बैठक बुलाने का मुख्य कारण क्या है?

कार्यकारिणी में जारी गतिरोध समाप्त करना और नई कार्यकारिणी का गठन करना बैठक का प्रमुख उद्देश्य है।

Q3: मिरी-पीरी इंस्टीट्यूट का मामला क्यों जुड़ा है?

बजट पारित न होने के कारण संस्थान के संचालन पर असर पड़ रहा है।

Q4: कोरम पूरा करने के लिए कितने सदस्यों की जरूरत है?

49 सदस्यीय जनरल हाउस में 33 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक है।

Q5: विरोधी गुट ने क्या कदम उठाया है?

असंतुष्ट सदस्यों ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग में इस मामले को चुनौती दी है।


Conclusion:

हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी में जारी आंतरिक विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। 16 जून की जनरल हाउस बैठक न केवल नई कार्यकारिणी के गठन बल्कि मिरी-पीरी इंस्टीट्यूट के भविष्य और लंबित बजट को लेकर भी अहम साबित हो सकती है। हालांकि विरोधी गुट की कानूनी चुनौती के चलते इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।Screenshot_2332

Edited By: Karan Singh

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