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यमुनानगर में 'वेस्ट टू वंडर' प्रदर्शनी का आयोजन, छात्रों ने कबाड़ से बनाए शानदार मॉडल, दिया स्वच्छता का संदेश
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत आयोजित प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण पर रचनात्मक मॉडल प्रस्तुत किए।
यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम (MCYJ) ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत कांसापुर स्थित होली मदर पब्लिक स्कूल में 'वेस्ट टू वंडर' प्रदर्शनी आयोजित की। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कचरे के पुन: उपयोग, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
हरियाणा के यमुनानगर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम (MCYJ) ने 'वेस्ट टू वंडर' प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत कांसापुर गांव स्थित होली मदर पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया।
प्रदर्शनी में छात्रों ने बेकार और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) योग्य सामग्री से आकर्षक मॉडल तैयार कर यह संदेश दिया कि कचरे का सही उपयोग पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया जोर
महापौर सुमन बहमानी और नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कचरे के पुनः उपयोग (Reuse), पुनर्चक्रण (Recycling) और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए कई उपयोगी और आकर्षक मॉडल तैयार किए।
कबाड़ से तैयार किए गए आकर्षक मॉडल
प्रदर्शनी में छात्रों ने विभिन्न सामाजिक और वैज्ञानिक विषयों पर मॉडल बनाए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
पर्यावरण संरक्षण
पेड़-पौधों के संरक्षण और प्रदूषण कम करने का संदेश देने वाले मॉडल प्रस्तुत किए गए।
वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)
विद्यार्थियों ने वर्षा जल संरक्षण के महत्व को दर्शाने वाले मॉडल बनाकर जल बचाने का संदेश दिया।
रीसाइक्लिंग और संसाधन संरक्षण
बेकार वस्तुओं को उपयोगी सामग्री में बदलने के अभिनव तरीके प्रदर्शित किए गए, जिससे कचरे को कम करने और संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया गया।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली।
उन्होंने दैनिक जीवन में संसाधनों के संरक्षण, रीसाइक्लिंग को अपनाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
कचरे को स्रोत पर अलग करने की अपील
स्वच्छ भारत मिशन के सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) विशेषज्ञ आकाश कुमार और उनकी टीम ने विद्यार्थियों को घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि स्रोत पर कचरे का पृथक्करण (Waste Segregation) करने से रीसाइक्लिंग आसान होती है और स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
Key Highlights
- ✅ यमुनानगर में 'वेस्ट टू वंडर' प्रदर्शनी का आयोजन।
- ✅ स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत हुआ कार्यक्रम।
- ✅ छात्रों ने कबाड़ और रीसाइक्लिंग सामग्री से बनाए आकर्षक मॉडल।
- ✅ पर्यावरण संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर दिया गया विशेष संदेश।
- ✅ गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के लिए विद्यार्थियों को किया गया जागरूक।
FAQ Section
Q1. 'वेस्ट टू वंडर' प्रदर्शनी कहां आयोजित की गई?
यह प्रदर्शनी यमुनानगर के कांसापुर स्थित होली मदर पब्लिक स्कूल में आयोजित की गई।
Q2. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
विद्यार्थियों को कचरे के पुनः उपयोग, रीसाइक्लिंग, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना।
Q3. छात्रों ने किस प्रकार के मॉडल तैयार किए?
छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, रीसाइक्लिंग और अन्य सामाजिक एवं वैज्ञानिक विषयों पर मॉडल तैयार किए।
Q4. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को क्या संदेश दिया गया?
उन्हें गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, रीसाइक्लिंग अपनाने और संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
Conclusion
यमुनानगर में आयोजित 'वेस्ट टू वंडर' प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम प्रदान किया। इस तरह की पहल न केवल रचनात्मक सोच को बढ़ावा देती है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को भी मजबूती प्रदान करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चे कम उम्र से ही रीसाइक्लिंग और स्वच्छता की आदत अपनाएं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव समाज और पर्यावरण दोनों पर पड़ेगा।
