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PSPCL आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल जारी, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिले प्रतिनिधि मंडल, प्रत्यक्ष अनुबंध की मांग दोहराई
23 जुलाई से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने विभागीय अनुबंध लागू करने और प्रस्तावित कानून में शामिल किए जाने की मांग उठाई।
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के आउटसोर्स कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। इस बीच कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर प्रत्यक्ष विभागीय अनुबंध लागू कराने और प्रस्तावित कानून में शामिल किए जाने की मांग की।
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के बीच आउटसोर्स एम्प्लॉइज फेडरेशन पंजाब (PSPCL) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे कर्मचारियों को निजी ठेकेदारों के बजाय प्रत्यक्ष विभागीय अनुबंध (Direct Departmental Contract) के दायरे में लाने के फैसले के क्रियान्वयन में हस्तक्षेप करें।
23 जुलाई से जारी है हड़ताल
फेडरेशन के अनुसार, नोडल कंप्लेंट सेंटर (NCC), सुविधा केंद्र (CRC), मीटरिंग लैबोरेटरी और स्टोर्स में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी 23 जुलाई से हड़ताल पर हैं।कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि PSPCL बोर्ड द्वारा लिए गए उस निर्णय को लागू किया जाए, जिसके तहत उन्हें निजी ठेकेदारों के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे विभागीय अनुबंध पर नियुक्त किया जाना है।
सरकार के आश्वासन का किया उल्लेख
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने पहले आश्वासन दिया था कि संबंधित कर्मचारियों को प्रत्यक्ष विभागीय अनुबंध के तहत लाया जाएगा।
हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि अब तक इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
प्रस्तावित कानून में शामिल करने की मांग
फेडरेशन ने राज्यपाल से यह भी आग्रह किया कि आवश्यक सेवाओं में कार्यरत इन कर्मचारियों को आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावित पंजाब कानून के दायरे में शामिल किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि वर्षों से इन इकाइयों में सेवा दे रहे कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में प्रस्तावित कानून से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
राज्यपाल ने दिया न्याय का भरोसा
फेडरेशन के मुताबिक, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी कर्मचारी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि प्रस्तावित कानून में किसी वर्ग को शामिल नहीं किया जाता है तो इस विषय को उचित स्तर पर सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
फिलहाल जारी रहेगी हड़ताल
फेडरेशन ने राज्यपाल के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया और कहा कि उनके आश्वासन से कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी है।
हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार प्रत्यक्ष विभागीय अनुबंध लागू नहीं करती और कर्मचारियों को प्रस्तावित कानून में शामिल नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
Key Highlights
- ✅ PSPCL आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला।
- ✅ 23 जुलाई से कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
- ✅ प्रत्यक्ष विभागीय अनुबंध लागू करने की मांग दोहराई गई।
- ✅ प्रस्तावित आउटसोर्स कर्मचारी कानून में शामिल किए जाने की मांग।
- ✅ राज्यपाल ने कर्मचारियों को न्याय का भरोसा दिया।
- ✅ फेडरेशन ने फिलहाल हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया।
FAQ Section
Q1. PSPCL के आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर क्यों हैं?
वे निजी ठेकेदारों के बजाय प्रत्यक्ष विभागीय अनुबंध लागू करने और अपने रोजगार को सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं।
Q2. कर्मचारी कब से हड़ताल पर हैं?
फेडरेशन के अनुसार, कर्मचारी 23 जुलाई से हड़ताल पर हैं।
Q3. कर्मचारियों ने राज्यपाल से क्या मांग की?
उन्होंने प्रत्यक्ष विभागीय अनुबंध लागू कराने और प्रस्तावित आउटसोर्स कर्मचारी कानून में शामिल किए जाने की मांग की।
Q4. राज्यपाल ने क्या आश्वासन दिया?
फेडरेशन के अनुसार, राज्यपाल ने कहा कि किसी भी कर्मचारी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर मामला सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
Conclusion
PSPCL के आउटसोर्स कर्मचारियों और राज्यपाल के बीच हुई बैठक से कर्मचारियों को उम्मीद जरूर मिली है, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। फिलहाल फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्यक्ष विभागीय अनुबंध और प्रस्तावित कानून में शामिल किए जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
