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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा
2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों ने OPS लागू करने की मांग उठाई, हॉर्न बजाकर जताया विरोध
पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग को लेकर राज्य सरकार के कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार 18 नवंबर 2022 की पेंशन बहाली अधिसूचना को लागू करने में लगातार देरी कर रही है।
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर 2004 के बाद भर्ती राज्य सरकारी कर्मचारियों ने आज विरोध प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने सरकार पर लगातार वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की और हॉर्न बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
संयुक्त मंच के बैनर तले जुटे कर्मचारी
यह प्रदर्शन ओल्ड पेंशन बहाली रिस्टोरेशन जॉइंट फोरम के बैनर तले आयोजित किया गया।कई कर्मचारी संगठनों ने लिया हिस्सा
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख संगठन:
- ओल्ड पेंशन बहाली संघर्ष समिति पंजाब
- CPF Employees Union
- ओल्ड पेंशन प्रतिपाती मोर्चा
नेताओं ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व जर्नैल सिंह पट्टी, बलजीत सिंह टॉम, कुलविंदर सिंह, प्रभजोत सिंह गोहालवार और सरबजीत सिंह समेत कई कर्मचारी नेताओं ने किया।
“सरकार अधिसूचना लागू करने में कर रही देरी”
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि:
- सरकार 18 नवंबर 2022 की अधिसूचना लागू नहीं कर रही
- कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन देकर टाला जा रहा है
- OPS बहाली के मुद्दे पर कर्मचारी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं
कर्मचारियों में बढ़ रही नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि नई पेंशन योजना (NPS) उनके भविष्य को सुरक्षित नहीं करती।
OPS को बताया कर्मचारियों का अधिकार
कर्मचारी नेताओं ने कहा:
- पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देती है
- रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता के लिए OPS जरूरी है
- सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए
क्या है पुरानी पेंशन योजना (OPS)?
पुरानी पेंशन योजना के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अंतिम वेतन के आधार पर निश्चित पेंशन मिलती है।
2004 के बाद लागू हुई थी नई पेंशन योजना
- केंद्र और कई राज्यों में 2004 के बाद NPS लागू हुई
- इसमें बाजार आधारित निवेश मॉडल अपनाया गया
- कर्मचारी लंबे समय से OPS बहाली की मांग कर रहे हैं
आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सरकार से जल्द समाधान की मांग
कर्मचारियों ने मांग की:
- 2022 की अधिसूचना तुरंत लागू की जाए
- OPS बहाली पर स्पष्ट रोडमैप जारी किया जाए
- कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाए
Key Highlights:
- पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन
- 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों ने उठाई OPS की मांग
- हॉर्न बजाकर जताया विरोध
- सरकार पर अधिसूचना लागू करने में देरी का आरोप
- कई कर्मचारी संगठनों ने लिया हिस्सा
- आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
FAQ Section:
प्रश्न 1: कर्मचारी किस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे?
वे पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग कर रहे थे।
प्रश्न 2: प्रदर्शन में कौन-कौन से संगठन शामिल थे?
ओल्ड पेंशन बहाली संघर्ष समिति पंजाब, CPF Employees Union और अन्य कर्मचारी संगठन शामिल थे।
प्रश्न 3: कर्मचारियों ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि सरकार 18 नवंबर 2022 की अधिसूचना लागू करने में देरी कर रही है।
प्रश्न 4: OPS और NPS में क्या अंतर है?
OPS में निश्चित पेंशन मिलती है, जबकि NPS बाजार आधारित निवेश प्रणाली पर आधारित है।
प्रश्न 5: कर्मचारियों ने आगे क्या चेतावनी दी?
उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Conclusion:
पुरानी पेंशन योजना को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। सरकार की ओर से ठोस निर्णय में देरी होने पर कर्मचारी संगठन अब आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी में हैं। आने वाले समय में OPS का मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर और गरमा सकता है।


