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अमृतसर में यूरिया डायवर्जन मामले पर किसानों का हल्ला बोल, वल्लाह थाने के बाहर 3 घंटे धरना
किसान संगठनों का आरोप- करीब एक साल पहले 600 बोरी सब्सिडी वाला यूरिया गैर-कृषि इस्तेमाल के लिए भेजे जाने का मामला दर्ज हुआ, लेकिन पुलिस ने अब तक चालान पेश नहीं किया।
अमृतसर में ऑल इंडिया किसान सभा और वेजिटेबल ग्रोअर्स एसोसिएशन से जुड़े किसानों व मजदूरों ने वल्लाह पुलिस स्टेशन के बाहर तीन घंटे धरना दिया। संगठनों ने सब्सिडी वाले यूरिया की कथित डायवर्जन मामले में कार्रवाई की मांग की।
अमृतसर में सब्सिडी वाले कृषि यूरिया की कथित हेराफेरी और गैर-कृषि इस्तेमाल के मामले को लेकर सोमवार को किसानों और मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया किसान सभा और वेजिटेबल ग्रोअर्स एसोसिएशन से जुड़े सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने वल्लाह पुलिस स्टेशन के बाहर करीब तीन घंटे तक धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगभग एक साल पहले दर्ज किए गए मामले में पुलिस की जांच अब तक पूरी नहीं हुई है। किसान संगठनों ने मामले में शामिल कथित लोगों के खिलाफ जल्द और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
H2: 600 बोरी यूरिया से जुड़ा है मामलावेजिटेबल ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह तीरथपुरा के नेतृत्व में यह धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्य नेता लखबीर सिंह निजामपुर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
किसान नेताओं के अनुसार, 21 अगस्त 2025 को किसानों ने करीब 600 बोरी यूरिया से लदे एक ट्रक को पकड़ा था। किसानों को आशंका थी कि सब्सिडी वाले इस उर्वरक को कृषि कार्यों के बजाय किसी अन्य इस्तेमाल के लिए भेजा जा रहा था। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने ट्रक को जब्त करने की बात कही थी।
H3: सहकारी सोसायटी को जारी हुआ था यूरिया
किसान संगठनों के मुताबिक, यूरिया की यह खेप भिट्टेवाड़ स्थित एक सहकारी सोसायटी को किसानों में सब्सिडी दर पर वितरण के लिए जारी की गई थी। आरोप है कि पात्र किसानों तक पहुंचने के बजाय यूरिया को एक निजी गोदाम में उतार दिया गया।
इस मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारियों के बयानों के आधार पर वल्लाह पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
H2: एक साल बाद भी जांच पूरी नहीं होने का आरोप
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले को आगे बढ़ाने में गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना है कि इस संबंध में उपायुक्त, मुख्य कृषि अधिकारी और राज्य सरकार को कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए गए, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
H3: पुलिस पर चालान पेश नहीं करने का आरोप
लखबीर सिंह निजामपुर ने दावा किया कि मामले में आरोपी जमानत हासिल कर चुके हैं और करीब एक साल बीतने के बाद भी पुलिस ने अदालत में चालान पेश नहीं किया है।
उन्होंने उर्वरक कंपनियों, पुलिस अधिकारियों और कृषि विभाग के अधिकारियों पर भी मामले की उचित जांच नहीं करने का आरोप लगाया।
H2: किसानों ने की कार्रवाई तेज करने की मांग
प्रदर्शनकारी किसान संगठनों ने मांग की कि सब्सिडी वाले यूरिया की कथित डायवर्जन की निष्पक्ष और पूरी जांच की जाए। साथ ही मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
किसान नेताओं ने कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे भी आंदोलन तेज कर सकते हैं।
Key Highlights:
- अमृतसर के वल्लाह पुलिस स्टेशन के बाहर किसानों ने तीन घंटे धरना दिया।
- ऑल इंडिया किसान सभा और वेजिटेबल ग्रोअर्स एसोसिएशन से जुड़े किसान-मजदूर प्रदर्शन में शामिल हुए।
- मामला 21 अगस्त 2025 को पकड़े गए करीब 600 बोरी यूरिया से जुड़ा है।
- किसानों का आरोप है कि सब्सिडी वाला यूरिया गैर-कृषि इस्तेमाल के लिए डायवर्ट किया जा रहा था।
- यूरिया भिट्टेवाड़ की सहकारी सोसायटी को किसानों में वितरण के लिए जारी किया गया था।
- किसान संगठनों के अनुसार, खेप कथित तौर पर एक निजी गोदाम में उतारी गई।
- वल्लाह थाने में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद जांच लंबित होने का आरोप है।
- किसान नेता ने दावा किया कि आरोपी जमानत पर हैं और पुलिस ने अब तक चालान पेश नहीं किया।
FAQ Section:
H3: अमृतसर में किसानों ने प्रदर्शन क्यों किया?
किसानों ने सब्सिडी वाले कृषि यूरिया की कथित डायवर्जन के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर वल्लाह पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया।
H3: मामला कब का है?
यह मामला 21 अगस्त 2025 का है, जब किसानों ने करीब 600 बोरी यूरिया से लदे एक ट्रक को पकड़ा था।
H3: यूरिया कहां भेजा जाना था?
बताया गया कि यूरिया भिट्टेवाड़ की एक सहकारी सोसायटी को किसानों में सब्सिडी दर पर वितरण के लिए जारी किया गया था।
H3: किसान संगठनों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया?
किसान नेताओं का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के करीब एक साल बाद भी पुलिस ने जांच पूरी नहीं की और अदालत में चालान पेश नहीं किया।
H3: प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
धरने का नेतृत्व वेजिटेबल ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह तीरथपुरा ने किया।
Conclusion:
अमृतसर में सब्सिडी वाले यूरिया की कथित डायवर्जन के मामले में किसानों का विरोध प्रदर्शन प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। किसान संगठनों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद लगभग एक साल से मामला आगे नहीं बढ़ा है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
