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एक शिक्षक, 8 कक्षाएं और 25 छात्र: 15 वर्षों से स्टाफ की कमी से जूझ रहा सरकारी प्राथमिक विद्यालय
हौसले को सलाम! लकवाग्रस्त शिक्षक अकेले चला रहे पूरा सरकारी स्कूल, 8 कक्षाओं की जिम्मेदारी संभाली
पंजाब के सेलकियाना गांव का सरकारी प्राथमिक विद्यालय पिछले करीब 15 वर्षों से केवल एक शिक्षक के सहारे संचालित हो रहा है। लकवाग्रस्त शिक्षक योगेश दत्ता 8 कक्षाओं के 25 छात्रों को पढ़ाने के साथ-साथ स्कूल का पूरा प्रशासनिक काम भी संभाल रहे हैं।
15 साल से एक शिक्षक के भरोसे चल रहा सरकारी स्कूल, लकवाग्रस्त शिक्षक संभाल रहे 8 कक्षाएं और पूरा प्रशासनिक काम
पंजाब के सेलकियाना गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय पिछले करीब 15 वर्षों से गंभीर शिक्षक संकट का सामना कर रहा है। विद्यालय में केवल एक शिक्षक के सहारे पूरी शिक्षा व्यवस्था संचालित हो रही है। वर्तमान में यह जिम्मेदारी योगेश दत्ता निभा रहे हैं, जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद प्रतिदिन स्कूल पहुंचकर बच्चों को पढ़ाते हैं और प्रशासनिक कार्य भी संभालते हैं।
8 कक्षाओं और 25 छात्रों की अकेले जिम्मेदारी
विद्यालय में कुल 25 छात्र अध्ययनरत हैं, जिन्हें आठ अलग-अलग कक्षाओं में शिक्षा दी जाती है। एक ही शिक्षक होने के कारण योगेश दत्ता को सभी कक्षाओं को पढ़ाने के साथ-साथ प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देना भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि एक शिक्षक के लिए अलग-अलग आयु वर्ग के छात्रों को एक साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना आसान नहीं है। ऐसे में लंबे समय से अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की जा रही है।पढ़ाई के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी
योगेश दत्ता केवल शिक्षण कार्य तक सीमित नहीं हैं। उन्हें स्कूल के सभी प्रशासनिक और विभागीय कार्य भी करने पड़ते हैं। इनमें स्कूल रिकॉर्ड का रखरखाव, सरकारी दस्तावेज तैयार करना, विभिन्न रिपोर्ट बनाना और अन्य आधिकारिक जिम्मेदारियां शामिल हैं।
इन अतिरिक्त कार्यों के कारण कक्षा शिक्षण के लिए मिलने वाला समय भी प्रभावित होता है।
'चुनौतियों के बावजूद पूरी कोशिश करता हूं'
योगेश दत्ता ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देना उनका कर्तव्य है और वे अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी पूरी क्षमता से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास करता हूं। चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन हर छात्र तक शिक्षा पहुंचाने की कोशिश करता हूं। हालांकि सभी कक्षाओं को पढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य संभालना आसान नहीं है।"
ग्रामीणों ने अतिरिक्त शिक्षक नियुक्त करने की मांग उठाई
गांव के लोगों का कहना है कि वर्षों से केवल एक शिक्षक के भरोसे स्कूल चलना शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उनका मानना है कि छात्रों के बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय में जल्द से जल्द अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

