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लुधियाना में ‘साइलेंट रीडिंग पार्टी’ का जादू, किताबों के साथ सुकून का अनोखा संगम
बिना बोले जुड़ते लोग, पढ़ने के जरिए बन रही नई साहित्यिक कम्युनिटी
Ludhiana में आयोजित ‘Silent Reading Party’ में लोग किताबों और खामोशी के जरिए जुड़ रहे हैं। यह पहल तेजी से एक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले रही है।
एक खास तरह की कविता खामोशी में छिपी होती है—वह खामोशी जो तब कमरे में फैल जाती है, जब लोग अपनी पसंदीदा किताबों, कॉफी के कप और हल्के नाश्ते के साथ एक जगह इकट्ठा होते हैं।
Ludhiana में इस रविवार Cake Square में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां ‘Silent Reading Party’ के दौरान किताब प्रेमी बिना बोले एक साथ पढ़ते नजर आए। यह आयोजन एक शांत माहौल में लोगों को किताबों के जरिए जोड़ने का अनोखा प्रयास है।
📚 खामोशी में जुड़ने का अनोखा अनुभव
इस कार्यक्रम का आयोजन गुरवीर सिंह और एकजोत कौर (Kaaraj Collective) ने मन्नत (Next Level IELTS Academy) के साथ मिलकर किया।
यह आयोजन सिर्फ पढ़ने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह शांति, कहानियों और किताबों के जरिए जुड़ने की खुशी का उत्सव था।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक घंटे तक पूरी खामोशी में अपनी-अपनी किताबें पढ़ीं। इसके बाद उन्होंने आपस में बातचीत की, लेखकों से मिले और ‘बुक ऑफ द मंथ’ पर चर्चा की।
🌱 तेजी से बढ़ती कम्युनिटी
आयोजक गुरवीर सिंह के अनुसार,
“यह पहल सरल है—लोगों को खामोशी और साहित्य के जरिए जोड़ना। सिर्फ 9 महीनों में यह कम्युनिटी 700 पाठकों तक पहुंच चुकी है, जहां हर सत्र में 30-35 लोग हिस्सा लेते हैं।”
इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से लोग शामिल होते हैं, जैसे—
- Hemant Gupta
- Garima Aggarwal
- Sukhman
- Jasmine Sehdev
☕ अलग-अलग जगहों पर आयोजन
‘Silent Reading Party’ का आयोजन Cake Square के अलावा Rue 18, Drawing Room Bistro और Costa Coffee जैसे आरामदायक स्थानों पर भी किया जा चुका है।
💬 आयोजकों की सोच
मन्नत कहती हैं,
“हम एक ऐसी जगह बनाना चाहते थे, जहां खामोशी भी बहुत कुछ कहे और किताबें लोगों के बीच पुल का काम करें।”
Cake Square की सह-मालकिन स्वास्तिका के अनुसार,
“यह देखना बहुत खास है कि लोग कहानियों के जरिए इस अनोखे तरीके से जुड़ते हैं।”
🌍 एक सांस्कृतिक आंदोलन की ओर
अंग्रेजी और पंजाबी दोनों भाषाओं में चर्चाएं, लेखक मुलाकातें और ‘बुक ऑफ द मंथ’ जैसे कार्यक्रम इस पहल को और खास बनाते हैं।
एक प्रतिभागी के शब्दों में,
“यह सिर्फ पढ़ने के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसी कम्युनिटी का हिस्सा बनने के बारे में है, जो खामोशी, कहानियों और उनसे बनने वाले रिश्तों को महत्व देती है।”
👉 ‘Silent Reading Party’ अब सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि एक ऐसा आंदोलन बनता जा रहा है, जो डिजिटल दुनिया से दूर लोगों को किताबों के जरिए जोड़ रहा है।

