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कानेच गांव की महिलाओं को बागवानी उत्पादों के मूल्य संवर्धन का प्रशिक्षण
ICAR-CIPHET और PAU की पहल, आय बढ़ाने और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
कानेच गांव की 50 महिलाओं को तीन दिवसीय प्रशिक्षण में बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के गुर सिखाए गए, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कानेच गांव की कम से कम 50 महिलाओं को तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की जानकारी दी गई, ताकि उन्हें बेहतर आय और स्थायी आजीविका के अवसर मिल सकें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम Indian Council of Agricultural Research के तहत Central Institute of Post-Harvest Engineering and Technology द्वारा Punjab Agricultural University के विस्तार शिक्षा विभाग के सहयोग से अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) के अंतर्गत आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, विशेषकर महिलाओं, के ज्ञान और कौशल को बढ़ाना था, ताकि वे बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण, संरक्षण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें और स्थायी आजीविका अपना सकें।
कार्यक्रम में सैद्धांतिक सत्रों के साथ-साथ विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस प्रशिक्षण का समन्वय धृतिमान साहा, योगेश काल्नार, नवनाथ, सुनीता थोंगम और विशाल (ICAR-CIPHET) तथा Lopamudra Mohapatra (PAU) द्वारा किया गया।
पहले दो दिनों में गांव स्तर पर सत्र आयोजित किए गए, जहां महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाने के लिए प्रेरित किया गया और मौसमी फलों व सब्जियों के प्रसंस्करण का व्यावहारिक अनुभव दिया गया।
तीसरे दिन प्रतिभागियों को ICAR-CIPHET का भ्रमण कराया गया।
समापन समारोह के दौरान विशेषज्ञ Nachiket Kotwaliwale ने आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया, जिससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
एक अन्य विशेषज्ञ विकास ने प्रतिभागियों को मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से उद्यमिता के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और लाभार्थी सामग्री वितरित की गई।
