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Ludhiana में अवैध निर्माण पर बवाल, नगर निगम पर उठे सवाल
निवासियों ने कहा—बिना अनुमति बन रही इमारतें, कार्रवाई में लापरवाही
लुधियाना में तेजी से बढ़ते अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि बिना अनुमति बहुमंजिला और व्यावसायिक इमारतें बन रही हैं, जिससे शहर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
Ludhiana में अवैध निर्माणों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने नगर निगम (MC) को कठघरे में खड़ा कर दिया है। शहर के निवासी इसकी निगरानी और जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं।
निवासियों का आरोप है कि बिना उचित अनुमति के बहुमंजिला इमारतें और व्यावसायिक ढांचे बनाए जा रहे हैं। इसके कारण शहर में ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी, सीवरेज ओवरफ्लो और सुरक्षा से जुड़े खतरे बढ़ रहे हैं।
हाल ही में ऋषि नगर का एक मामला सामने आया है, जहां स्थानीय लोगों का दावा है कि एक मेकअप आर्टिस्ट ने बिना अनुमति अतिरिक्त मंजिल का निर्माण किया और वहां व्यावसायिक गतिविधियां चला रहा है। इन कथित उल्लंघनों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने अब तक कोई जांच या कार्रवाई नहीं की है।
निवासियों का कहना है कि पहले जो अपार्टमेंट्स इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के अधीन थे, वे अब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन लुधियाना (MCL) के अधीन हैं, लेकिन नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा।
आरटीआई कार्यकर्ता Rohit Sabharwal ने 2022 से अब तक नगर आयुक्त और लोकल बॉडीज विभाग के निदेशक को 43 शिकायतें भेजी हैं। इन शिकायतों पर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन बिल्डिंग शाखा के अधिकारियों ने 10 बार याद दिलाने के बावजूद जवाब नहीं दिया।
म्यूनिसिपल टाउन प्लानर (MTP) ने भी चारों जोनल असिस्टेंट टाउन प्लानर्स (ATPs) को दो बार नोटिस जारी कर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। नोटिस में स्पष्ट कहा गया कि अवैध निर्माणों का रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है, जो गंभीर लापरवाही दर्शाता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि 2014 से अवैध निर्माणों का रिकॉर्ड ही नहीं रखा गया। बिल्डिंग इंस्पेक्टरों को ऐसे निर्माणों की जांच कर उनका नक्शा तैयार करना और रजिस्टर में दर्ज करना होता है, जबकि ATP को हर महीने इसकी समीक्षा और भौतिक जांच करनी होती है।
Rohit Sabharwal ने पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग को भी पत्र लिखकर 1 जनवरी 2021 के बाद बने अवैध होटलों का सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई होटल पार्किंग स्थान का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं और बिना अनुमति अतिरिक्त मंजिलें बना रहे हैं।
उन्होंने कई बार जवाहर नगर कैंप, बस स्टैंड के आसपास और बरेवाल रोड (फिरोजपुर रोड) जैसे क्षेत्रों में हो रहे उल्लंघनों की ओर प्रशासन का ध्यान दिलाया।
सबर्वाल ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और नियमों के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने भी अवैध निर्माणों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और दोषी अधिकारियों व बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शहर के निवासी Hargun Singh ने कहा,
“अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो लुधियाना का बुनियादी ढांचा दबाव में आकर ध्वस्त हो सकता है। नगर निगम को अवैध इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।”
