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महिला आरक्षण कानून लागू करने में देरी: अखिलेश यादव का बीजेपी पर आरोप
Akhilesh Yadav ने 2023 में पारित बिल के क्रियान्वयन की मांग दोहराई
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण कानून को लागू करने में देरी को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाया और इसे “झूठा प्रचार” बताया।
समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष
Akhilesh Yadav ने गुरुवार को एक बार फिर 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की मांग दोहराई। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर “झूठा प्रचार” करने और इस कानून के क्रियान्वयन में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया।
🗣️ मीडिया से बातचीत में बयान
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने हरदोई से लौटते समय मीडिया से बातचीत में कहा कि बीजेपी एक “धोखेबाज पार्टी” है।
उन्होंने कहा,
“जनता बीजेपी की चाल और चरित्र को समझ चुकी है। महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद में पारित हो चुका है और अब यह कानून बन चुका है। सभी राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन किया था। अगर यह लागू हो चुका है, तो बीजेपी सरकार इसे लागू क्यों नहीं कर रही?”
🗳️ राजनीतिक आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया कि मतदाता, खासकर महिलाएं, इस स्थिति को अच्छी तरह समझती हैं और 2027 में बीजेपी को सत्ता से बाहर कर देंगी।
⚠️ महिलाओं के खिलाफ अपराध का मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।
उन्होंने कहा:
- उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है
- पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है
📍 उदाहरण देकर आरोप
अखिलेश यादव ने हरदोई की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक युवती ने कई जगह मदद मांगी, लेकिन बाद में उसकी घर में हत्या कर दी गई।
उन्होंने गाजीपुर और प्रतापगढ़ की घटनाओं का भी हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
🎯 निष्कर्ष
इस बयान के जरिए अखिलेश यादव ने महिला सुरक्षा और आरक्षण जैसे मुद्दों को उठाते हुए बीजेपी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
