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UP में स्थायी DGP नियुक्ति प्रक्रिया तेज, UPSC के साथ अहम बैठक; राजीव कृष्णा सबसे आगे
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद यूपी सरकार ने स्थायी पुलिस प्रमुख नियुक्ति की प्रक्रिया बढ़ाई, तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों पर चर्चा
उत्तर प्रदेश में स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने UPSC के साथ बैठक कर संभावित अधिकारियों के पैनल पर चर्चा की। मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्णा इस दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
यूपी में स्थायी DGP नियुक्ति प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
उत्तर प्रदेश में स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मंगलवार को राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने नई दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के अनुपालन में हुई, जिनमें राज्यों को नियमित DGP नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कई राज्यों में लंबे समय तक कार्यवाहक DGP नियुक्तियों पर चिंता व्यक्त की थी।अदालत ने निर्देश दिया था कि:
- राज्यों में नियमित DGP की नियुक्ति हो
- UPSC पैनल प्रक्रिया का पालन किया जाए
- निर्धारित नियमों और पात्रता मानकों के अनुसार चयन हो
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को तेज किया है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने UPSC से की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने UPSC अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में:
- वरिष्ठता के आधार पर अधिकारियों के नामों पर चर्चा हुई
- पात्रता मानकों की समीक्षा की गई
- तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल तैयार करने पर विचार हुआ
जल्द भेजा जाएगा तीन अधिकारियों का पैनल
सूत्रों के मुताबिक UPSC जल्द ही तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल उत्तर प्रदेश सरकार को भेज सकता है।
इसके बाद राज्य सरकार:
- चयनित अधिकारियों की विजिलेंस क्लियरेंस रिपोर्ट लेगी
- प्रशासनिक मूल्यांकन करेगी
- अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी करेगी
अधिकारियों के अनुसार अंतिम फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लिया जाएगा।
राजीव कृष्णा सबसे मजबूत दावेदार
स्थायी DGP पद की दौड़ में जिन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें:
- रेनुका मिश्रा
- पीयूष आनंद
- राजीव कृष्णा
शामिल हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्णा इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
पिछले साल से कार्यवाहक DGP हैं राजीव कृष्णा
राजीव कृष्णा पिछले वर्ष 31 मई से कार्यवाहक DGP के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
पूर्व DGP प्रशांत कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी। वर्तमान में वह महानिदेशक सतर्कता (Vigilance) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
यूपी में लंबे समय से चल रही थी कार्यवाहक व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से कार्यवाहक पुलिस प्रमुखों के जरिए पुलिस विभाग संचालित हो रहा था।
अब स्थायी DGP की नियुक्ति से:
- प्रशासनिक स्थिरता बढ़ने की उम्मीद है
- पुलिस विभाग में निर्णय प्रक्रिया मजबूत होगी
- कानून व्यवस्था प्रबंधन को स्थायित्व मिलेगा
Key Highlights:
- यूपी में स्थायी DGP नियुक्ति प्रक्रिया तेज
- UPSC के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक
- तीन IPS अधिकारियों के पैनल पर चर्चा
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बढ़ी प्रक्रिया
- राजीव कृष्णा सबसे मजबूत दावेदार
- CM योगी आदित्यनाथ करेंगे अंतिम चयन
FAQ Section:
Q1. यूपी में स्थायी DGP नियुक्ति प्रक्रिया क्यों तेज हुई?
सुप्रीम Court के निर्देशों के बाद नियमित DGP नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।
Q2. UPSC के साथ बैठक में कौन शामिल हुआ?
मुख्य सचिव एसपी गोयल और अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद बैठक में शामिल हुए।
Q3. DGP पद के लिए किन अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं?
रेनुका मिश्रा, पीयूष आनंद और राजीव कृष्णा के नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।
Q4. वर्तमान में यूपी के कार्यवाहक DGP कौन हैं?
राजीव कृष्णा वर्तमान में कार्यवाहक DGP के रूप में कार्यरत हैं।
Q5. अंतिम निर्णय कौन लेगा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंतिम चयन को मंजूरी देंगे।
Conclusion:
उत्तर प्रदेश में स्थायी DGP नियुक्ति प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार और UPSC के बीच तेज हुई कवायद से जल्द ही राज्य को नियमित पुलिस प्रमुख मिल सकता है। राजीव कृष्णा का नाम फिलहाल सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है, हालांकि अंतिम फैसला सरकार द्वारा औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

