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यूपी में बिजली दरों में नहीं होगी बढ़ोतरी, लगातार सातवें साल राहत
3.5 करोड़ उपभोक्ताओं को फायदा, अप्रैल अंत तक जारी होगा नया टैरिफ आदेश
Uttar Pradesh में 2026-27 के लिए बिजली दरें यथावत रहने की संभावना है। Uttar Pradesh Electricity Regulatory Commission सातवीं बार टैरिफ नहीं बढ़ाने की तैयारी में है।
Uttar Pradesh के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर राहत मिलने जा रही है। 2026-27 के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, जिससे लगातार सातवें साल टैरिफ स्थिर रहेगा।
Uttar Pradesh Electricity Regulatory Commission (UPERC) द्वारा अप्रैल के अंत तक नया टैरिफ आदेश जारी किए जाने की संभावना है, जो मई से लागू होगा।
⚡ करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत
यदि यह फैसला लागू होता है, तो राज्य के करीब 3.5 करोड़ (35 मिलियन) उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
हालांकि, बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का कुल घाटा ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है, फिर भी उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
📊 सरप्लस बना मुख्य वजह
पिछले टैरिफ आदेश में UPERC ने ₹18,500 करोड़ से अधिक का रेगुलेटरी सरप्लस (अधिशेष) बताया था, जो राजस्व घाटा समायोजित करने के बाद भी बचा हुआ है।
यही अधिशेष लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी न करने का प्रमुख कारण बना हुआ है।
🏛️ तकनीकी और राजनीतिक पहलू
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय तकनीकी कारणों के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
ऐसे में बिजली दर बढ़ाना सरकार के लिए अलोकप्रिय कदम माना जा सकता है।
⚖️ विवाद और कानूनी चुनौती
डिस्कॉम इस नीति से सहमत नहीं हैं और कई टैरिफ आदेशों को Appellate Tribunal for Electricity (APTEL) में चुनौती दी गई है।
इन मामलों का अंतिम फैसला भविष्य में बिजली दरों की दिशा तय कर सकता है।
🔍 आगे क्या?
अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा सरप्लस इतना बड़ा है कि आने वाले कुछ वर्षों तक राजस्व घाटे को संतुलित कर सकता है।
हालांकि, UPERC ने पहले यह भी संकेत दिया था कि इस अधिशेष को पूरी तरह समायोजित करने के लिए दरों में कमी की जा सकती है, लेकिन डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए ऐसा नहीं किया गया।
