रेल सुरक्षा बढ़ाने के लिए यूपी GRP खरीदेगी ड्रोन, संवेदनशील क्षेत्रों पर रखेगी नजर

छह डिवीजनों के लिए छह सर्विलांस ड्रोन, ट्रैक की निगरानी और तोड़फोड़ रोकने पर फोकस

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उत्तर प्रदेश में रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए GRP छह ड्रोन खरीदेगी, जो संवेदनशील रेलवे ट्रैक और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की निगरानी करेंगे।

रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) छह सर्विलांस ड्रोन खरीदने जा रही है—हर डिवीजन के लिए एक—ताकि संवेदनशील और जोखिम वाले रेलवे ट्रैक क्षेत्रों की निगरानी को और प्रभावी बनाया जा सके।

यह कदम रेलवे नेटवर्क में तोड़फोड़ की कोशिशों, पत्थरबाजी की घटनाओं और बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए उठाया जा रहा है।

रेलवे पुलिस के महानिदेशक प्रकाश डी ने बताया कि ड्रोन खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि 2025 महाकुंभ से पहले दो ड्रोन खरीदे जा चुके हैं और अब छह और ड्रोन शामिल होने से लखनऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा और झांसी जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों में निगरानी काफी मजबूत हो जाएगी।

इन ड्रोन (UAV) का उपयोग दूर-दराज के रेलवे ट्रैक, यार्ड और अन्य उच्च जोखिम वाले इलाकों की रियल-टाइम निगरानी के लिए किया जाएगा, जहां भौगोलिक स्थिति या कम दृश्यता के कारण नियमित गश्त करना मुश्किल होता है।

अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन की मदद से ट्रैक से छेड़छाड़, संदिग्ध गतिविधियों और सिग्नलिंग या रेलवे ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा, जिससे फील्ड टीमों द्वारा त्वरित और समन्वित कार्रवाई संभव होगी।

यह पहल 2025 महाकुंभ की तैयारियों के दौरान किए गए व्यापक सुरक्षा उपायों के अनुभव पर आधारित है, जब आयोजन से पहले ट्रैक से छेड़छाड़ के कई संदिग्ध मामले सामने आए थे। इसके बाद GRP, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), स्थानीय पुलिस, गांव के चौकीदारों और रेलवे कर्मचारियों के संयुक्त गश्त सिस्टम को सक्रिय किया गया था, जिससे राज्य में 16,000 किमी से अधिक रेलवे ट्रैक पर निगरानी बढ़ाई गई।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस संयुक्त गश्त का उद्देश्य प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना था, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इस प्रक्रिया में दूरस्थ क्षेत्रों में निगरानी की कमियां सामने आईं, जिससे तकनीक आधारित निगरानी की जरूरत महसूस हुई और अब ड्रोन के इस्तेमाल की योजना बनाई जा रही है।

इसके साथ ही GRP ट्रेन पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपना रही है। प्रकाश डी ने कहा कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और एक मजबूत संदेश दिया जा सके।

हाल ही में रायबरेली में पत्थरबाजी के एक मामले में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई गई, जो GRP की सख्त नीति को दर्शाता है। अधिकारी ऐसे मामलों का विश्लेषण कर बार-बार अपराध करने वालों और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान भी कर रहे हैं, ताकि उन पर विशेष ध्यान दिया जा सके।Screenshot_969

Edited By: Karan Singh

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