Karnal जिले में गुरुवार को ऑनलाइन LPG बुकिंग सिस्टम फेल होने के कारण कई गैस एजेंसियों पर अफरातफरी का माहौल बन गया। सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों इंतजार करते रहे।
इस व्यवधान के कारण लोगों में घबराहट फैल गई, क्योंकि चल रहे **West Asia युद्ध के बीच रसोई गैस की संभावित कमी की आशंका भी जताई जा रही है।
उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम को जल्द से जल्द बहाल किया जाए ताकि गैस एजेंसियों पर भीड़ कम हो और एलपीजी की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रह सके।
एक स्थानीय निवासी रामवीर ने बताया, “मुझे कल स्लिप मिल गई थी, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। मैं सुबह 8 बजे से यहां खड़ा हूं, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि सिलेंडर कब मिलेगा।”
कतार में अपने बेटे के साथ खड़ी एक महिला ने कहा कि गैस सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के कारण लोग चिंतित हैं। उसने कहा, “हर कोई रसोई गैस को लेकर परेशान है। अगर आज सिलेंडर नहीं मिला तो घर में खाना कैसे बनेगा, यह समझ नहीं आ रहा।”
कुछ समय बाद कुछ एजेंसियों पर सिलेंडर पहुंच गए और कुछ उपभोक्ताओं को वितरित किए गए। एक एजेंसी मालिक ने बताया कि पिछले दो दिनों से ऑनलाइन बुकिंग सॉफ्टवेयर काम नहीं कर रहा, जिसके कारण उपभोक्ताओं और वितरकों दोनों में घबराहट फैल गई।
इस स्थिति का असर जिले के ढाबों, रेस्टोरेंट, होटलों और बैंक्वेट हॉलों पर भी पड़ा है। उनके मालिकों का कहना है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण रसोई चलाना मुश्किल हो गया है।
एक स्थानीय ढाबा मालिक मॉन्टी ने कहा, “अगर आज मुझे सिलेंडर नहीं मिला तो मैं अपना ढाबा नहीं चला पाऊंगा।”
कुछ प्रतिष्ठानों ने गैस बचाने के लिए कुछ खाद्य पदार्थों की बिक्री अस्थायी रूप से बंद कर दी है। एक रेस्टोरेंट मालिक ने बताया, “हमने फिलहाल चाय और कॉफी देना बंद कर दिया है ताकि गैस बचाई जा सके। ज्यादा गैस खर्च करने वाले आइटम जैसे चपाती और डोसा भी अभी बंद कर दिए गए हैं।”
कई उपभोक्ताओं ने सुझाव दिया कि गरीब परिवारों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से मिट्टी के तेल (केरोसीन) की आपूर्ति फिर से शुरू की जानी चाहिए, ताकि वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध हो सके।
इसी बीच एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण जिले में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री भी तेजी से बढ़ गई है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक Mukesh Kumar ने बुधवार को पेट्रोलियम डीलरों और एलपीजी एजेंसी संचालकों की बैठक बुलाई थी और उन्हें विभाग को प्रतिदिन स्टॉक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
