उद्योगों को बड़ी राहत: ‘सक्षम’ योजना के तहत 500 करोड़ का विशेष कोष

पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, निवेश को बढ़ावा और निर्यात प्रोत्साहन के लिए कई अहम घोषणाएं

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योगपतियों को राहत देते हुए ‘सक्षम’ योजना के तहत 10 पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष कोष की घोषणा की। निवेश सुविधा, निर्यात प्रोत्साहन और एमएसएमई को समर्थन देने के लिए कई नई नीतियों और योजनाओं का ऐलान किया गया।

मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सक्षम’ योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का विशेष फंड घोषित किया है। यह राशि राज्य के 10 पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर खर्च की जाएगी।

निवेश को आसान बनाने के लिए Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation (एचएसआईआईडीसी) वर्ष 2026-27 में ‘लैंड ऑन लीज’ नीति लागू करेगा। इसके तहत औद्योगिक प्लॉट लंबे समय की लीज पर दिए जाएंगे, जिन्हें बाद में फ्रीहोल्ड में बदला जा सकेगा। साथ ही प्रमुख औद्योगिक क्लस्टरों में प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड विकसित किए जाएंगे, ताकि इकाइयों का संचालन शीघ्र शुरू हो सके।

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम और खरखौदा में एचएसआईआईडीसी द्वारा ‘वेडिंग सिटी’ परियोजनाएं विकसित करने तथा पिंजौर में पर्यटन विभाग के माध्यम से इसी प्रकार की परियोजना शुरू करने की घोषणा की, जिससे आतिथ्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए 45 कार्य दिवसों में डिजिटल स्वीकृति देने वाली ‘लैंड फीजिबिलिटी सर्टिफिकेट’ योजना शुरू की जाएगी। एचएसआईआईडीसी प्लॉटधारकों को 31 दिसंबर 2026 तक निर्माण अवधि बढ़ाने का लाभ भी दिया जाएगा, जिससे लगभग 500 उद्योगपति लाभान्वित होंगे।

विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए गुरुग्राम, मानेसर, फरीदाबाद और रेवाड़ी में कॉमन इंडस्ट्रियल सचिवालय स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नीति आयोग के ‘वुमन एंटरप्रेन्योरशिप फोरम’ का हरियाणा चैप्टर शुरू किया जाएगा और औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक ‘मातृ-शक्ति इंडस्ट्रियल क्रेच नेटवर्क’ स्थापित किए जाएंगे।

अन्य उपायों में लघु व्यापारियों और एमएसएमई के लिए समर्पित बीमा योजना तथा निवेशकों की समस्याओं के समाधान हेतु 15 कार्य दिवसों में निर्णय देने वाला ‘एडवांस रूलिंग पोर्टल’ शामिल है। श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजमार्गों से सटे औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) के पास फुटओवर ब्रिज बनाए जाएंगे।

पानीपत के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने एचएसआईआईडीसी की 10 एकड़ भूमि पर केंद्रीय स्तर का इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैंडलूम टेक्नोलॉजी (IIHT) स्थापित करने की बात कही। साथ ही सोनीपत के राई में देश का सबसे बड़ा थोक बाजार और उत्तर भारत का सबसे बड़ा मार्बल मार्केट क्लस्टर स्थापित किया जाएगा।

निर्यात वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का वस्तु निर्यात 2014-15 में 32,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1,61,707 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 395 प्रतिशत की वृद्धि है। 80 प्रतिशत से अधिक उत्पादन निर्यात करने वाली इकाइयों को विशेष मान्यता दी जाएगी तथा एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी सपोर्ट की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है।

इसके अलावा, सभी जिलों में एमएसएमई और एक्सपोर्ट फसिलिटेशन डेस्क स्थापित किए जाएंगे। एमएसएमई-ग्लोबल इंडस्ट्रियल मैचमेकिंग कार्यक्रम और रिवर्स बायर-सेलर मीट्स के माध्यम से स्थानीय उद्यमों को विदेशी खरीदारों और ओईएम से जोड़ा जाएगा।

इन पहलों से राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

 
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Edited By: Karan Singh

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