हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने रविवार को सिरसा स्थित Gurdwara Shri Jiwan Nagar में आयोजित Hola Mohalla समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु समारोह में शामिल हुए।
इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री JP Nadda ने भी सिरसा के नमधारी डेरा का दौरा किया था।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि इस आयोजन में शामिल होकर उन्हें अत्यंत खुशी हो रही है। उन्होंने संत Sant Dilip Singh को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमधारी समुदाय के सेवा, आध्यात्म और भाईचारे के माध्यम से समाज में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा की पवित्र भूमि सदियों से संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की धरती रही है। उन्होंने बताया कि Guru Nanak Dev ने वर्ष 1507 में इस क्षेत्र का दौरा किया था और उनकी शिक्षाओं को संरक्षित रखने के लिए Gurdwara Shri Chilla Sahib की स्थापना की गई।
उन्होंने कहा कि बाबा सरसाई नाथ और बाबा भुमन शाह जैसे संतों ने मानवता और सेवा के संदेश देकर समाज को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि होला मोहल्ला केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह साहस, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस पर्व की शुरुआत Guru Gobind Singh ने खालसा परंपराओं को बढ़ावा देने और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से की थी।
मुख्यमंत्री ने नमधारी समुदाय की ऐतिहासिक भूमिका का भी उल्लेख किया, जिसमें Kuka Movement का योगदान शामिल है, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि यह समुदाय सामाजिक सुधार, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इन उच्चस्तरीय दौरों को 2027 के Punjab Legislative Assembly elections 2027 से पहले नमधारी समुदाय के साथ राजनीतिक संबंध मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
नमधारी समुदाय का आध्यात्मिक और प्रशासनिक मुख्यालय Sri Bhaini Sahib में स्थित है। इस समुदाय की बड़ी आबादी पंजाब के मालवा क्षेत्र — बठिंडा, जोगा और रामपुरा फूल — के अलावा अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर और फिरोजपुर जिलों में भी रहती है।

