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हाजीपुर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ राजनीतिक दलों का विरोध, 15 दिन में कार्रवाई की चेतावनी
नेताओं ने प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया, कहा—सड़कें भी हो रही हैं खराब।
पंजाब के हाजीपुर ब्लॉक और आसपास के अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में कथित अवैध खनन के खिलाफ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और सरकार को 15 दिनों के भीतर कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
पंजाब के Hajipur ब्लॉक और आसपास के अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में कथित अवैध खनन के विरोध में रविवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता एकजुट हुए।
Guru Nanak Sewa Society के अध्यक्ष Kirpal Singh Gera की अध्यक्षता में पावर कॉलोनी नंबर-2 के रेस्ट हाउस में आयोजित विशेष बैठक में इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कई क्षेत्रों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस बैठक में Mukerian, Talwara और Hajipur विधानसभा क्षेत्रों के राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि नागरिक और पुलिस प्रशासन दोनों ही अवैध खनन को रोकने में विफल रहे हैं।
सरकार पर जिम्मेदारी से बचने का आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए Kirpal Singh Gera, Sumit Dadwal, Amarjit Singh Dhade Katwal, Anil Vashisht, Shami Vashisht, Sukhwinder Singh Rana Kleran, Lakhwinder Singh Timmy और Rohit Swaraj ने कहा कि अर्ध-पहाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन जारी है और इसे रोकने के बजाय इसकी गतिविधियां और बढ़ गई हैं।
नेताओं ने कहा कि वर्तमान पंजाब सरकार पिछले प्रशासन को दोष देती रहती है, जबकि सरकार को सत्ता में आए लगभग चार साल हो चुके हैं।
अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
नेताओं ने खनन और नहर विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया।
उनका कहना है कि कृषि भूमि की खुदाई की अनुमति बिना उचित स्थल निरीक्षण के ही कार्यालयों से जारी कर दी जाती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब स्थानीय लोग इसका विरोध करते हैं, तो कथित खनन माफिया उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा देते हैं।
ओवरलोड ट्रकों से सड़कें खराब
बैठक में कहा गया कि खनन सामग्री ले जाने वाले ओवरलोडेड टिपर ट्रकों ने इलाके की सड़कों को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
