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CWG गोल्ड विजेता साक्षी चौधरी और प्रिया घांघस का भिवानी में भव्य स्वागत, गांव धनाना में जश्न का माहौल
कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं हरियाणा की बेटियों का विजय जुलूस निकला, खाप प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने किया सम्मान
कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज साक्षी चौधरी और प्रिया घांघस का उनके पैतृक गांव धनाना (भिवानी) में भव्य स्वागत किया गया। विजय जुलूस, फूलों की वर्षा और सम्मान समारोह के बीच खिलाड़ियों की उपलब्धि का जश्न मनाया गया।
कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतने वाली हरियाणा की बेटियों का जोरदार स्वागत, भिवानी में उमड़ा जनसैलाब
कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज साक्षी चौधरी और प्रिया घांघस का गुरुवार को हरियाणा के भिवानी जिले के उनके पैतृक गांव धनाना में भव्य स्वागत किया गया। गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग दोनों खिलाड़ियों की ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने पहुंचे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के गीत, ढोल-नगाड़े, फूलों की वर्षा और मिठाइयों के साथ दोनों खिलाड़ियों का सम्मान किया गया।
H2: विजय जुलूस के साथ हुआ ऐतिहासिक स्वागत
दोनों मुक्केबाजों का विजय जुलूस भिवानी शहर के कदम अस्पताल चौक से शुरू हुआ।ढोल-नगाड़ों और देशभक्ति गीतों के बीच निकला यह जुलूस शहर की प्रमुख सड़कों से होकर धनाना गांव पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने दोनों खिलाड़ियों का फूल-मालाओं और मिठाइयों से स्वागत किया।
H2: जाटू खाप-84 चबूतरे पर हुआ सम्मान समारोह
धनाना गांव में जाटू खाप-84 चबूतरे पर आयोजित सम्मान समारोह की अध्यक्षता घांघस खाप प्रधान प्रेम कुमार ने की।
इस अवसर पर नरेश मांधी और हरियाणा घांघस खाप के प्रधान काला शेखपुरा सहित कई खाप प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
H2: खिलाड़ियों ने बढ़ाया हरियाणा और देश का गौरव
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने कहा कि साक्षी चौधरी और प्रिया घांघस ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर देश और हरियाणा का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों के स्वर्ण पदक केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं हैं, बल्कि राज्य और देश के लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं।
H2: बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा
घांघस खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम सिंह ने कहा कि साक्षी और प्रिया ने यह साबित कर दिया है कि यदि बेटियों को सही अवसर और सहयोग मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों की सफलता वर्षों की मेहनत, अनुशासन और त्याग का परिणाम है।
H2: 'मिनी क्यूबा' भिवानी ने फिर साबित की अपनी पहचान
H3: महिला मुक्केबाजों ने दिलाए सबसे ज्यादा स्वर्ण
द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित बॉक्सिंग कोच जगदीश सिंह ने कहा कि भारत के 'मिनी क्यूबा' के नाम से प्रसिद्ध भिवानी ने एक बार फिर अपनी पहचान को साबित किया है।
उन्होंने बताया कि इस बार भिवानी की पांच महिला मुक्केबाजों ने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर महिला मुक्केबाजी की ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है।
उन्होंने कहा कि मुक्केबाजी में गति, सहनशक्ति और ताकत के साथ साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प भी सफलता की कुंजी हैं।
Key Highlights:
- CWG गोल्ड विजेता साक्षी चौधरी और प्रिया घांघस का भव्य स्वागत।
- भिवानी से धनाना गांव तक निकला विजय जुलूस।
- जाटू खाप-84 चबूतरे पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह।
- विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि और खाप प्रतिनिधियों ने किया सम्मान।
- जगदीश सिंह ने भिवानी को फिर बताया 'मिनी क्यूबा'।
- महिला मुक्केबाजों की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया गया।
FAQ Section
Q1. किन खिलाड़ियों का सम्मान किया गया?
कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज साक्षी चौधरी और प्रिया घांघस का सम्मान किया गया।
Q2. स्वागत समारोह कहां आयोजित हुआ?
यह समारोह भिवानी जिले के धनाना गांव स्थित जाटू खाप-84 चबूतरे पर आयोजित किया गया।
Q3. विजय जुलूस कहां से शुरू हुआ?
विजय जुलूस भिवानी शहर के कदम अस्पताल चौक से शुरू होकर धनाना गांव पहुंचा।
Q4. समारोह में किन प्रमुख लोगों ने भाग लिया?
कार्यक्रम में विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि, घांघस खाप के प्रतिनिधि और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच जगदीश सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Q5. जगदीश सिंह ने भिवानी को किस नाम से संबोधित किया?
उन्होंने भिवानी को भारत का 'मिनी क्यूबा' बताते हुए यहां की बॉक्सिंग परंपरा की सराहना की।
Conclusion:
साक्षी चौधरी और प्रिया घांघस की यह उपलब्धि केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनके सम्मान में आयोजित समारोह ने यह संदेश भी दिया कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से बेटियां खेल जगत में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। दोनों खिलाड़ियों की सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
