अंबाला में ₹5.50 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, विदेशी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर कारोबारी से करोड़ों रुपये की ठगी, पुलिस ने मध्य प्रदेश से दो आरोपियों को दबोचा, बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और डेबिट कार्ड बरामद।

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अंबाला पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक विदेशी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 186 डेबिट कार्ड सहित कई बैंकिंग दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया गया है।

ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ₹5.50 करोड़ की साइबर ठगी, अंबाला पुलिस ने विदेशी नेटवर्क का किया पर्दाफाश

हरियाणा के अंबाला में साइबर अपराध के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले विदेशी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम यूनिट की कार्रवाई में पुलिस ने मध्य प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन पर अंबाला के एक कारोबारी से 5.50 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाते थे और बाद में तकनीकी बहानों से उन्हें लगातार पैसा जमा कराने के लिए प्रेरित करते थे।


दो आरोपी गिरफ्तार, कई बैंकिंग दस्तावेज बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केतन सोनी और विवेक सिंह, निवासी मध्य प्रदेश, के रूप में हुई है।

पुलिस रिमांड के दौरान विवेक सिंह के कब्जे से बरामद किया गया—

  • 186 डेबिट कार्ड
  • 26 बैंक पासबुक
  • 26 चेक बुक
  • 3 स्टैंप
  • 2 सिम कार्ड
  • नकदी

पुलिस का मानना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़े विभिन्न बैंक खातों के संचालन में किया जाता था।


इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुई ठगी

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता हेमंत, जो अंबाला में इमिग्रेशन कंसल्टेंसी का व्यवसाय चलाते हैं, ने बताया कि अप्रैल 2025 में इंस्टाग्राम इस्तेमाल करते समय उन्हें एक ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन दिखाई दिया।

विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उनकी बातचीत प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों से शुरू हुई। शिकायत के अनुसार, उन्हें बताया गया कि वेबसाइट पर विभिन्न गेम खेलकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि प्लेटफॉर्म को सरकारी मंजूरी प्राप्त है और यह पूरी तरह वैध तरीके से संचालित हो रहा है।


शुरुआत में कराया छोटा निवेश

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उनके लिए एक गेमिंग आईडी बनाई और शुरुआत में 49,999 रुपये जमा कराने को कहा।

कुछ कार्ड गेम खेलने के बाद उनके खाते में 75,000 अंक (पॉइंट्स) दिखाई दिए। लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि निकासी केवल 1.5 लाख पॉइंट्स पूरे होने के बाद ही संभव होगी।


जीत का लालच देकर बढ़वाते रहे निवेश

शिकायत में कहा गया है कि बाद में गेम खेलते समय प्लेटफॉर्म बार-बार हैंग होने लगा, जिससे लगातार नुकसान होने लगा।

जब उन्होंने शिकायत की, तो कथित तौर पर प्लेटफॉर्म संचालकों ने कहा कि वे उनकी ओर से गेम खेलेंगे। इसके बाद कुछ समय तक उन्हें जीत भी दिखाई गई, जिससे उनका भरोसा बना रहा।

आरोप है कि विश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें बीच-बीच में कुछ राशि निकालने की अनुमति भी दी गई। इससे प्रोत्साहित होकर उन्होंने अगले दो महीनों में करीब 1 करोड़ रुपये और जमा कर दिए ताकि पहले हुए नुकसान की भरपाई कर सकें।


करोड़ों की ठगी का मामला

पुलिस के अनुसार, अंततः शिकायतकर्ता को 5.50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत साइबर क्राइम यूनिट से की, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने कथित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण बैंकिंग दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।


Key Highlights:

  • अंबाला पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी साइबर ठगी का बड़ा खुलासा किया।
  • विदेशी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी मध्य प्रदेश से गिरफ्तार।
  • कारोबारी से 5.50 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी।
  • पुलिस ने 186 डेबिट कार्ड, 26 पासबुक और 26 चेक बुक बरामद कीं।
  • इंस्टाग्राम विज्ञापन के जरिए शिकायतकर्ता को कथित तौर पर जाल में फंसाया गया।
  • मामले की जांच जारी, अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल।

FAQ Section

Q1. अंबाला साइबर ठगी मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

उत्तर: पुलिस ने दो आरोपियों—केतन सोनी और विवेक सिंह—को गिरफ्तार किया है।

Q2. शिकायतकर्ता के साथ कितनी ठगी हुई?

उत्तर: शिकायत के अनुसार, कारोबारी से 5.50 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी की गई।

Q3. आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?

उत्तर: 186 डेबिट कार्ड, 26 पासबुक, 26 चेक बुक, 3 स्टैंप, 2 सिम कार्ड और नकदी बरामद की गई।

Q4. ठगी की शुरुआत कैसे हुई?

उत्तर: शिकायतकर्ता इंस्टाग्राम पर दिखे एक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के विज्ञापन के माध्यम से कथित तौर पर ठगी के जाल में फंसे।

Q5. पुलिस अब क्या कार्रवाई कर रही है?

उत्तर: पुलिस पूरे साइबर नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।


Conclusion

ऑनलाइन निवेश और गेमिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निवेश या कमाई के दावों की सत्यता जांचने और बिना पुष्टि के किसी भी वेबसाइट या लिंक पर पैसा जमा करने से बचने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। पुलिस ने मामले में जांच जारी रखते हुए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कार्रवाई तेज कर दी है।Screenshot_547

Edited By: Atul Sharma

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