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त्योहारी सीजन से पहले मिलावटखोरों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, दूध-पनीर और खोया सबसे ज्यादा जांच के दायरे में
जिला स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा अभियान तेज किया, संदिग्ध 3,000 लीटर देसी घी जब्त। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से सतर्क रहकर खरीदारी करने की अपील की।
त्योहारी सीजन को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। खाद्य सुरक्षा टीम दूध, पनीर, घी, खोया और अन्य खाद्य उत्पादों की लगातार जांच कर रही है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा अभियान तेज, दूध-पनीर में सबसे ज्यादा मिलावट की शिकायतें
त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही जिला स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा प्रकोष्ठ (Food Safety Wing) ने मिलावटी और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) डॉ. आशीष चावला के नेतृत्व में टीम लगातार मिठाई की दुकानों, डेयरियों, रेस्टोरेंट और खाद्य विक्रेताओं पर छापेमारी और निरीक्षण कर रही है।
हाल ही में विभाग ने कार्रवाई के दौरान करीब 3,000 लीटर संदिग्ध देसी गाय का घी जब्त किया, जिसमें मिलावट की आशंका जताई गई है। विभाग का कहना है कि त्योहारी मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
दूध, पनीर और घी में सबसे अधिक मिलती हैं अनियमितताएं
डॉ. आशीष चावला के अनुसार, निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक गड़बड़ियां दूध, पनीर और घी में सामने आती हैं।उन्होंने बताया कि—
- पनीर में निर्धारित मानक से कम फैट पाया जाता है।
- कई मामलों में पनीर को मुलायम बनाए रखने के लिए उसमें तेल मिलाया जाता है।
- दूध में पानी मिलाकर उसकी गुणवत्ता और फैट की मात्रा कम कर दी जाती है।
- घी में मिलावट के साथ-साथ अस्वच्छ तरीके से निर्माण के मामले भी सामने आते हैं।
खोया पर विशेष निगरानी, त्योहारी सीजन में बढ़ाए गए सैंपल
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, त्योहारी सीजन में खोया (मावा) की मांग बढ़ने के कारण इसमें मिलावट की आशंका भी अधिक रहती है।
इसी वजह से विभाग ने खोया के अधिक से अधिक नमूने एकत्र करने और उनकी प्रयोगशाला जांच कराने का अभियान तेज कर दिया है।
बिना स्वच्छता के खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान कई होटल, ढाबों और सड़क किनारे खाद्य विक्रेताओं के यहां स्वच्छता नियमों का पालन नहीं पाया गया।
डॉ. चावला ने बताया कि कई विक्रेता—
- कैप और ग्लव्स का उपयोग नहीं करते।
- खाद्य सामग्री को खुले में रखते हैं।
- साफ-सफाई के निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते।
ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया जाता है और भविष्य में नियमों का पालन करने के लिए जागरूक भी किया जाता है।
मिलावट साबित होने पर हो सकती है जेल
डॉ. चावला ने बताया कि खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के बाद कार्रवाई की जाती है।
- यदि नमूना Substandard (मानक से कम गुणवत्ता) पाया जाता है, तो मामला अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) की अदालत में भेजा जाता है, जहां जुर्माना लगाया जा सकता है।
- यदि नमूना Unsafe (असुरक्षित) घोषित होता है, तो मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में जाता है, जहां जुर्माने के साथ कारावास की सजा भी हो सकती है।
'Food Safety on Wheels' से फैलाया जा रहा जागरूकता अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग लोगों और छोटे खाद्य विक्रेताओं को जागरूक करने के लिए 'Food Safety on Wheels' मोबाइल यूनिट भी चला रहा है।
इस वैन के माध्यम से—
- खाद्य विक्रेताओं को सुरक्षित खाद्य प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
- स्वच्छता संबंधी नियमों की जानकारी दी जाती है।
- उपभोक्ता मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच करवा सकते हैं।
- जांच रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाती है।
उपभोक्ताओं को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
डॉ. चावला ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में उपभोक्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि—
- हमेशा विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें।
- बिना लेबल और बेहद सस्ते उत्पादों से बचें।
- एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग की जांच करें।
- खरीदारी के बाद बिल अवश्य लें।
- किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना संबंधित विभाग को दें।
Key Highlights:
- त्योहारी सीजन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान।
- लगभग 3,000 लीटर संदिग्ध देसी घी जब्त।
- दूध, पनीर और घी में सबसे अधिक मिलावट के मामले।
- खोया के नमूनों की जांच बढ़ाई गई।
- अस्वच्छ खाद्य विक्रेताओं पर जुर्माना और कार्रवाई।
- 'Food Safety on Wheels' से जागरूकता अभियान जारी।
- उपभोक्ताओं से केवल प्रमाणित दुकानों से खरीदारी करने की अपील।
FAQ Section
Q1. स्वास्थ्य विभाग किन खाद्य पदार्थों की सबसे ज्यादा जांच कर रहा है?
उत्तर: दूध, पनीर, घी और खोया की विशेष रूप से जांच की जा रही है क्योंकि इनमें मिलावट की संभावना अधिक रहती है।
Q2. हाल ही में विभाग ने क्या कार्रवाई की?
उत्तर: विभाग ने करीब 3,000 लीटर संदिग्ध देसी गाय का घी जब्त किया है।
Q3. मिलावटी खाद्य पदार्थ मिलने पर क्या कार्रवाई होती है?
उत्तर: गुणवत्ता के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है और गंभीर मामलों में अदालत के माध्यम से कारावास तक की सजा हो सकती है।
Q4. 'Food Safety on Wheels' क्या है?
उत्तर: यह स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल यूनिट है, जो खाद्य विक्रेताओं को प्रशिक्षण देती है और उपभोक्ताओं के खाद्य नमूनों की मौके पर जांच करती है।
Q5. उपभोक्ता मिलावट से कैसे बच सकते हैं?
उत्तर: प्रमाणित दुकानों से खरीदारी करें, बिल लें, लेबल और एक्सपायरी डेट जांचें तथा संदिग्ध उत्पादों से बचें।
Conclusion
त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की सख्त निगरानी और नियमित जांच उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए अहम है। वहीं, जागरूक उपभोक्ता और नियमों का पालन करने वाले खाद्य विक्रेता मिलकर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं।
