आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर, छात्रों को रिसर्च के लिए प्रेरित किया

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में सेमिनार आयोजित

On

श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने छात्रों से शोध, रचनात्मकता और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित सेमिनार में उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ आयुर्वेद को जोड़कर इसे और प्रभावी बनाया जा सकता है।

Shri Krishna AYUSH University के कुलपति Prof Vaidya Kartar Singh Dhiman ने सोमवार को छात्रों से शोध, रचनात्मकता और नए विचारों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रो. धीमान ने कहा कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल नवाचार और वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ आयुर्वेद को जोड़कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता, प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, अनुसंधान एवं नवाचार निदेशक प्रो. दीप्ति पराशर तथा विभिन्न विशेषज्ञ वक्ता उपस्थित रहे। इनमें All India Institute of Ayurveda से डॉ. रामावतार शर्मा, Indian Institute of Technology Delhi से डॉ. समीर सिंह और Haryana State Council for Science, Innovation and Technology से डॉ. राहुल तनेजा शामिल थे।

रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता ने कहा कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ आयुर्वेद का समन्वय वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों के बीच शोध, स्टार्टअप और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया।

पहले तकनीकी सत्र में डॉ. राहुल तनेजा ने कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नवाचार और शोध कार्यों को कानूनी सुरक्षा देने के महत्व को भी रेखांकित किया।

 
 
 
Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

लुधियाना के सरकारी स्कूलों में ‘बाल संसद’ चुनाव प्रक्रिया शुरू

Advertisement

नवीनतम

Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software