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बहादुरगढ़ में PNG गैस महंगी, उद्योगपतियों में नाराज़गी
कीमत बढ़ोतरी से उत्पादन लागत बढ़ने का खतरा; पीएम और सीएम से हस्तक्षेप की मांग
झज्जर के बहादुरगढ़ में PNG गैस की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से उद्योगपति नाराज़ हैं। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।
Bahadurgarh में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर स्थानीय उद्योगपतियों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई थी, ऐसे में इस बढ़ोतरी ने उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत में भारी इजाफा होगा, जिससे उद्योगों को उत्पादन घटाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम Abhinav Siwach ने गुरुवार को PNG सप्लाई करने वाली निजी कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की और इस बढ़ोतरी पर स्पष्टीकरण मांगा।
बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष Narinder Chhikara ने बताया कि बिना किसी आधिकारिक सूचना के हरियाणा सिटी गैस ने दरें बढ़ा दी हैं। उनके अनुसार, बेसिक रेट ₹57.92 प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर ₹63.92 कर दिया गया है, जबकि 50% सप्लाई रेट ₹89.90 प्रति किलोग्राम ही रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में Indraprastha Gas Limited या आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे फरीदाबाद और कुंडली में ऐसी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे बहादुरगढ़ के उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में नुकसान हो रहा है।
चिखारा ने बताया कि बहादुरगढ़ में 9,000 से अधिक उद्योग हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को रोजगार देते हैं। यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े गैर-लेदर फुटवियर निर्माण हब्स में से एक है, जहां करीब 60% उत्पादन होता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि गैस कीमतों में अचानक वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ेगी, औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होंगी और आर्थिक दबाव बढ़ेगा। वर्तमान में उद्योगों को गैस सप्लाई की सीमा 772.7 SCM प्रतिदिन तक सीमित कर दी गई है और इससे अधिक उपयोग पर भारी शुल्क लगाया जा रहा है।
उद्योगपतियों का कहना है कि ग्राहक बढ़ी हुई कीमतें देने को तैयार नहीं हैं, जिससे उद्योगों पर नकदी संकट, उत्पादन में कमी और रोजगार पर खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि गैस कीमतों में पारदर्शिता लाई जाए, सभी क्षेत्रों में समान दरें लागू की जाएं और जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर उद्योगों और लाखों कामगारों की आजीविका की रक्षा की जाए।

