गुरुग्राम में ‘भजन क्लबिंग’ का ट्रेंड, युवाओं की नाइटलाइफ का नया रूप

EDM की जगह भजन और सुकून, Gen Z के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा नया कल्चर

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गुरुग्राम में ‘भजन क्लबिंग’ का नया ट्रेंड उभर रहा है, जहां युवा पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत के साथ गाकर सुकून और जुड़ाव का अनुभव कर रहे हैं।

Gurugram की तेज़-रफ्तार और कॉरपोरेट लाइफस्टाइल के बीच अब नाइटलाइफ का एक नया और अनोखा ट्रेंड उभर रहा है—‘भजन क्लबिंग’ या ‘भजन जेमिंग’। जहां पहले शुक्रवार की रात EDM म्यूजिक और भीड़भाड़ वाले बार्स से गूंजती थी, वहीं अब युवा शांत और आध्यात्मिक माहौल में भजनों के साथ समय बिताना पसंद कर रहे हैं।

इन आयोजनों में हल्की रोशनी, अगरबत्ती की खुशबू और सुकूनभरा वातावरण होता है। युवा शराब और पार्टी की बजाय भजन गाने के लिए इकट्ठा होते हैं। खास बात यह है कि यहां पारंपरिक भजनों को गिटार, काजोन और आधुनिक साउंडस्केप्स के साथ प्रस्तुत किया जाता है, जिससे यह अनुभव आध्यात्मिक होने के साथ-साथ आधुनिक भी बन जाता है।

मंदिरों की पारंपरिक सभाओं से अलग, ये सेशन काफी अनौपचारिक और भागीदारी आधारित होते हैं। इसमें कोई दर्शक या कलाकार की सीमाएं नहीं होतीं—सभी लोग एक साथ बैठकर गाते हैं और एक सामूहिक अनुभव का हिस्सा बनते हैं।

युवाओं का कहना है कि यह ट्रेंड उन्हें मानसिक शांति देता है। 23 वर्षीय सॉफ्टवेयर एनालिस्ट आराध्या के अनुसार, “तेज रफ्तार जिंदगी और लगातार डिजिटल शोर के बीच यह एक तरह का डिजिटल डिटॉक्स है, जो सुकून और सकारात्मक ऊर्जा देता है।”

सोशल मीडिया ने इस ट्रेंड को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। खासकर ‘Backstage siblings’ जैसे कंटेंट क्रिएटर्स ने इसे युवाओं के बीच नई पहचान दी है, जिससे भजनों को एक आधुनिक लाइफस्टाइल के रूप में देखा जाने लगा है।

इस ट्रेंड को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। Narendra Modi ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस तरह की पहल का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे आज के युवा आध्यात्मिकता और आधुनिक जीवनशैली को एक साथ जोड़ रहे हैं।

गुरुग्राम जैसे शहर में, जहां जिंदगी तेज और तनावपूर्ण है, ‘भजन क्लबिंग’ एक अलग अनुभव प्रदान कर रही है। कई लोग इसे “सोबर रेव” (sober rave) भी कह रहे हैं—जहां कॉकटेल की जगह चाय और तेज़ म्यूजिक की जगह सामूहिक भजन गूंजते हैं।

यह ट्रेंड न सिर्फ मनोरंजन का नया तरीका है, बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का भी एक माध्यम बनता जा रहा है।Screenshot_2374

Edited By: Karan Singh

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