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हरियाणा महिला आयोग की सख्ती, वन स्टॉप सेंटरों को पीड़ित महिलाओं की 3-4 महीने तक नियमित निगरानी के निर्देश
महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने झज्जर दौरे के दौरान वन स्टॉप सेंटर और महिला थाना का निरीक्षण किया, महिलाओं की सुरक्षा और फॉलो-अप व्यवस्था पर दिया विशेष जोर।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने राज्य के सभी वन स्टॉप सेंटरों के काउंसलरों को निर्देश दिए हैं कि सहायता लेने वाली प्रत्येक महिला के मामले की कम से कम तीन से चार महीने तक नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रैंडम फॉलो-अप कॉल करने पर भी जोर दिया।
पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा पर हरियाणा महिला आयोग सख्त, वन स्टॉप सेंटरों को दिए नियमित फॉलो-अप के निर्देश
हरियाणा राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा और पुनर्वास को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने राज्य के सभी वन स्टॉप सेंटरों (One Stop Centres) के काउंसलरों से कहा है कि सहायता प्राप्त करने वाली प्रत्येक महिला के मामले की कम से कम तीन से चार महीने तक लगातार निगरानी की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि चयनित मामलों में समय-समय पर रैंडम फॉलो-अप कॉल कर यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित महिला अब किसी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या प्रताड़ना का सामना नहीं कर रही है और सुरक्षित वातावरण में रह रही है।
झज्जर वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण
मीना परमार ने झज्जर स्थित वन स्टॉप सेंटर का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं का विस्तृत निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने—
- शिकायत रजिस्टर का अवलोकन किया।
- विभिन्न मामलों में की गई फॉलो-अप कार्रवाई की समीक्षा की।
- सेंटर के अलग-अलग अनुभागों का निरीक्षण किया।
- महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
इसके अलावा उन्होंने कुछ पीड़ित महिलाओं से टेलीफोन पर सीधे बातचीत कर उनकी वर्तमान स्थिति और सुरक्षा संबंधी जानकारी भी ली।
वन स्टॉप सेंटर की भूमिका क्या है?
मीना परमार ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए एक एकीकृत सहायता केंद्र (Integrated Support Facility) के रूप में कार्य करता है।
यहां महिलाओं को एक ही स्थान पर कई आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनमें शामिल हैं—
- कानूनी परामर्श (Legal Counselling)
- मनोवैज्ञानिक परामर्श (Psychological Counselling)
- अस्थायी आश्रय (Temporary Shelter)
- पुलिस सहायता
- न्यायिक सहायता
- आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सहायता
उन्होंने कहा कि इन केंद्रों का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सभी जरूरी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है।
महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता पर भी जोर
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि आयोग राज्यभर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल शिकायतों का निस्तारण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पीड़ित महिलाओं की दीर्घकालिक सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
उपायुक्त और महिला थाना का भी किया दौरा
झज्जर दौरे के दौरान मीना परमार ने मिनी सचिवालय में उपायुक्त वर्षा खांगवाल से मुलाकात की और महिलाओं की सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
इसके बाद उन्होंने महिला पुलिस थाना का भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
Key Highlights:
- हरियाणा महिला आयोग ने वन स्टॉप सेंटरों को 3-4 महीने तक मामलों की निगरानी के निर्देश दिए।
- चयनित मामलों में रैंडम फॉलो-अप कॉल करने पर जोर।
- मीना परमार ने झज्जर वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया।
- शिकायतों और फॉलो-अप कार्रवाई की समीक्षा की गई।
- महिलाओं को कानूनी, मनोवैज्ञानिक, पुलिस, न्यायिक और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
- उपायुक्त वर्षा खांगवाल और महिला पुलिस थाना का भी दौरा किया गया।
FAQ Section
Q1. हरियाणा महिला आयोग ने क्या निर्देश दिए हैं?
उत्तर: वन स्टॉप सेंटरों के काउंसलरों को प्रत्येक मामले की कम से कम 3 से 4 महीने तक नियमित निगरानी करने और फॉलो-अप करने के निर्देश दिए गए हैं।
Q2. वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर कानूनी, मनोवैज्ञानिक, पुलिस, न्यायिक, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराना।
Q3. मीना परमार ने किस जिले का दौरा किया?
उत्तर: उन्होंने झज्जर जिले के वन स्टॉप सेंटर, मिनी सचिवालय और महिला पुलिस थाना का दौरा किया।
Q4. फॉलो-अप कॉल क्यों करने को कहा गया?
उत्तर: यह सुनिश्चित करने के लिए कि सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं आगे किसी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न का सामना नहीं कर रही हैं और सुरक्षित जीवन जी रही हैं।
Q5. महिला आयोग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रभावी सहायता एवं पुनर्वास उपलब्ध कराना।
Conclusion
हरियाणा राज्य महिला आयोग का यह कदम महिलाओं की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियमित निगरानी और फॉलो-अप की व्यवस्था से सहायता प्राप्त महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें आवश्यक सहयोग भी समय पर मिल सकेगा।
