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यमुनानगर में INLD का प्रदर्शन, गेहूं खरीद नियमों के खिलाफ डीसी को सौंपा ज्ञापन
बायोमेट्रिक और ऑनलाइन प्रक्रियाओं को बताया अव्यवहारिक, छोटे किसानों पर बोझ बढ़ने की जताई चिंता
इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के नेताओं ने यमुनानगर में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर गेहूं खरीद से जुड़े नए नियमों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये नियम छोटे और सीमांत किसानों के लिए परेशानी बढ़ाने वाले हैं।
इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को यमुनानगर में उपायुक्त Preeti से मुलाकात कर गेहूं खरीद से जुड़ी समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Ashwani Datta, कार्यालय सचिव Suresh Sharma, हरियाणा प्रवक्ता Arjun Sudhail, Suresh Kandri और जिला अध्यक्ष Roshan Lal की ओर से सौंपा गया।
Roshan Lal ने कहा, “हम हरियाणा सरकार द्वारा लागू किए गए नए फसल खरीद नियमों की कड़ी आलोचना करते हैं, क्योंकि ये जमीनी हकीकत से काफी दूर हैं। ये नियम छोटे और सीमांत किसानों के लिए कई समस्याएं पैदा करेंगे।”
उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक सत्यापन, ऑनलाइन गेट पास, जियो-फेंसिंग और “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल पर पंजीकरण जैसी अनिवार्य प्रक्रियाएं किसानों पर अनावश्यक डिजिटल बोझ डाल रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में किसान अभी भी पर्याप्त तकनीकी संसाधनों से वंचित हैं, ऐसे में ये व्यवस्थाएं उन्हें अपनी फसल बेचने से भी रोक सकती हैं।
छोटे किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दो से ढाई एकड़ जमीन वाले किसान अक्सर अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली की बजाय छोटे व्यावसायिक वाहनों जैसे टेंपो आदि से मंडियों तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में सत्यापन कैसे किया जाएगा। “क्या हर बार किसान और वाहन मालिक दोनों का सत्यापन होगा? यह प्रणाली अव्यवहारिक है और अनावश्यक परेशानियां बढ़ाएगी,” उन्होंने कहा।
Roshan Lal ने सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें रात 8 बजे के बाद मंडियों में प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
उन्होंने कहा, “अक्सर गेहूं की आवक देर रात तक जारी रहती है, ऐसे में यह समय सीमा अव्यावहारिक है। इससे मंडियों के बाहर लंबी कतारें, ट्रैफिक जाम और किसानों को आर्थिक व शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ेगी।”
उन्होंने चेतावनी दी कि ये व्यवस्थाएं मंडियों में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था पैदा कर सकती हैं, जिससे पूरी खरीद प्रक्रिया प्रभावित होगी।
