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नायब सिंह सैनी का विपक्ष पर हमला, “ऑपरेशन लोटस” के आरोप निराधार बताए
एमएसपी, व्यापार समझौते और वृद्धावस्था पेंशन पर दी खुली चुनौती; बोले— पंजाब बदलाव के लिए तैयार
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने “ऑपरेशन लोटस” के आरोपों को राजनीतिक हताशा बताया और एमएसपी खरीद, अमेरिका व यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों तथा वृद्धावस्था पेंशन के मुद्दे पर सरकार का पक्ष विस्तार से रखा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कहा कि जब कोई राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता खोने लगता है, तो वह वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए आरोपों का सहारा लेता है। पंजाब में भाजपा की बढ़ती सक्रियता और जनसमर्थन के संदर्भ में लगाए जा रहे तथाकथित “ऑपरेशन लोटस” के आरोपों को उन्होंने पूरी तरह निराधार और राजनीतिक हताशा का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री गुरुवार को Chandigarh में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि जनता स्वयं तुलना कर रही है और विकल्प तलाश रही है, तो इसका दोष दूसरों पर नहीं मढ़ा जाना चाहिए। पंजाब के लोग अब शांति और विकास चाहते हैं, और यह केवल भाजपा ही दे सकती है। जिस प्रकार हरियाणा विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, उसी प्रकार पंजाब भी बदलाव के लिए तैयार है।
एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि आंकड़ों के आधार पर चर्चा हो, तो “सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।” उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि किसान आंदोलनों में उलझे रहें, जबकि सरकार चाहती है कि किसान आगे बढ़ें और राष्ट्र व राज्य को समृद्ध बनाएं। उन्होंने दावा किया कि 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद राष्ट्रीय रिकॉर्ड है— यह कोई नारा नहीं, बल्कि वास्तविकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार समझौता भारतीय किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य के किसानों को बासमती चावल, डेयरी उत्पाद, फल-सब्जियां और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के लिए अमेरिकी बाजार तक पहुंच मिलेगी।
इसी प्रकार, यूरोपीय संघ के साथ व्यापार से वस्त्र, ऑटोमोबाइल और भारी इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निर्यात के अवसर पैदा होंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
वृद्धावस्था पेंशन में कटौती के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सस्ती लोकप्रियता के लिए संवेदनशील मुद्दे पर झूठ और भ्रम फैला रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन दो लाख मामलों का हवाला दिया जा रहा है, उनमें से 1.03 लाख से अधिक लाभार्थियों का निधन हो चुका है, लगभग 37,000 मामलों में आयु संबंधी रिकॉर्ड गलत पाए गए, जबकि करीब 39,000 मामले सत्यापन के लिए लंबित हैं और दस्तावेजों का सत्यापन कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 1992 में कांग्रेस सरकार ने आय सीमा 10,000 रुपये निर्धारित की थी, जिसे 2009 तक संशोधित नहीं किया गया। वर्ष 2023 में वर्तमान सरकार ने आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी, जिससे लाभार्थियों की संख्या 17.98 लाख हो गई। आज 20 लाख से अधिक बुजुर्ग पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
