रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद नर्सों ने खत्म की हड़ताल, लेकिन माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग बरकरार

कुरुक्षेत्र मामले को लेकर विवादित टिप्पणियों पर नर्सिंग स्टाफ नाराज, पुलिस में शिकायत दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग

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हरियाणा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद सरकारी अस्पतालों की नर्सों ने दो घंटे की पेन-डाउन हड़ताल वापस ले ली है। हालांकि नर्सिंग स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि वे उनकी कथित टिप्पणियों के लिए माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग जारी रखेंगे।

 

हरियाणा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद सरकारी अस्पतालों में चल रही नर्सों की दो घंटे की पेन-डाउन हड़ताल समाप्त कर दी गई है। हालांकि नर्सिंग स्टाफ ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और वे कानूनी माध्यम से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि मरीजों को हो रही असुविधा को देखते हुए हड़ताल वापस ली गई है, लेकिन उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों के लिए वे अब भी माफी की मांग कर रहे हैं।

पुलिस स्टेशन पहुंचीं नर्सें, शिकायत दर्ज

हड़ताल के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ के सदस्य कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन भी पहुंचे, जहां उन्होंने रेणु भाटिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

इस दौरान नर्सों ने नारेबाजी करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।

‘इस्तीफा दिया, लेकिन बयान वापस नहीं लिए’

वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी अनीता ने कहा कि रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा तो दे दिया है, लेकिन उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को लेकर दिए गए कथित बयान वापस नहीं लिए हैं।

उन्होंने कहा:

“महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ने नर्सिंग स्टाफ पर ऐसे आरोप लगाए, जिससे पूरे नर्सिंग समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। मरीजों की सुविधा को देखते हुए हमने हड़ताल वापस ली है, लेकिन न्याय और सम्मान की लड़ाई कानूनी रूप से जारी रहेगी।”

पीड़िता को न्याय दिलाने के समर्थन में नर्सिंग स्टाफ

नर्सिंग कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे संबंधित नाबालिग पीड़िता को न्याय दिलाने के पक्ष में हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।

हालांकि उनका कहना है कि पूरे नर्सिंग स्टाफ को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना या उन पर आरोप लगाना उचित नहीं है।

मानहानि का मामला दर्ज करने की तैयारी

नर्सिंग अधिकारी मोनिका ने कहा कि बिना तथ्यों की पूरी जानकारी के नर्सों की आलोचना की गई, जो स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने बताया कि पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है और राज्य स्तरीय नर्सिंग संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।

मोनिका ने कहा:

“इस्तीफा देने के बावजूद उन्होंने अपने बयान पर माफी नहीं मांगी है। संगठन भविष्य में मानहानि का मुकदमा दायर करने पर भी विचार करेगा।”

अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग कर्मचारियों ने यह भी सवाल उठाया कि आरोपी डॉक्टर को सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्त करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर चर्चा क्यों नहीं हो रही है।

उनका कहना है कि यदि संबंधित अधिकारियों को डॉक्टर के विवादित अतीत की जानकारी थी, तो उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

मामला क्या है?

यह विवाद एक 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले के बाद सामने आया। घटना को लेकर राज्यभर में आक्रोश है और विभिन्न संगठनों द्वारा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।

इसी मामले के संदर्भ में दिए गए कथित बयानों को लेकर नर्सिंग स्टाफ और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष के बीच विवाद उत्पन्न हुआ।

Key Highlights:

  • रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद नर्सों ने पेन-डाउन हड़ताल वापस ली।
  • नर्सिंग स्टाफ ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
  • पूर्व अध्यक्ष से सार्वजनिक माफी की मांग जारी।
  • नर्सों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
  • राज्य स्तरीय संगठन मानहानि का मुकदमा दायर करने पर विचार कर रहा है।
  • मरीजों को असुविधा से बचाने के लिए हड़ताल समाप्त की गई।
  • आरोपी डॉक्टर की पुनर्नियुक्ति को लेकर अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल।

FAQ Section:

Q1. नर्सों ने हड़ताल क्यों वापस ली?

उत्तर: मरीजों को हो रही असुविधा को देखते हुए नर्सों ने दो घंटे की पेन-डाउन हड़ताल वापस ले ली।

Q2. नर्सिंग स्टाफ की मुख्य मांग क्या है?

उत्तर: रेणु भाटिया द्वारा कथित रूप से दिए गए बयानों के लिए माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

Q3. क्या नर्सों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है?

उत्तर: हां, नर्सिंग स्टाफ ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

Q4. क्या आंदोलन पूरी तरह समाप्त हो गया है?

उत्तर: नहीं, हड़ताल वापस ली गई है लेकिन कानूनी लड़ाई और अन्य कदम जारी रह सकते हैं।

Q5. नर्सिंग संगठन आगे क्या कदम उठा सकता है?

उत्तर: संगठन भविष्य में मानहानि का मुकदमा दायर करने और अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकता है।

Conclusion:

रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद अस्पतालों में कामकाज सामान्य होने लगा है, लेकिन नर्सिंग समुदाय का असंतोष अभी भी कायम है। नर्सों ने मरीजों के हित में हड़ताल समाप्त कर दी है, मगर सम्मान और जवाबदेही की मांग को लेकर कानूनी संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में संगठन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।Screenshot_2290

Edited By: Karan Singh

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