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बिक्रम मजीठिया की जमानत याचिका पर सुनवाई टली, कानूनी सलाहकार बिक्रमजीत बाठ को मिली राहत
मजीठा थाना प्रकरण में अदालत ने गुरुवार तक स्थगित की सुनवाई, SIT की रिपोर्ट के बाद वकील बिक्रमजीत बाठ का नाम जांच से बाहर
पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर स्थानीय अदालत ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी है। वहीं, मामले में नामजद उनके कानूनी सलाहकार एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाठ को विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर राहत मिली है।
पंजाब के पूर्व मंत्री Bikram Singh Majithia से जुड़े मजीठा थाना प्रकरण में बुधवार को स्थानीय अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने मजीठिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए मामले की सुनवाई गुरुवार तक स्थगित कर दी।
वहीं, इस मामले में नामजद उनके कानूनी सलाहकार एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाठ को राहत मिली है। विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के बाद अदालत ने उन्हें जांच में आवश्यक नहीं माना।
SIT की रिपोर्ट के बाद बाठ को मिली राहत
बचाव पक्ष के वकील अमनबीर सिंह सयाली के अनुसार, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अदालत में लिखित बयान दाखिल किया।रिपोर्ट में कहा गया कि एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाठ मजीठिया के कानूनी सलाहकार के रूप में पुलिस थाने पहुंचे थे और उनकी भूमिका जांच के लिए आवश्यक नहीं पाई गई।
अदालत ने निर्दोष मानते हुए दी राहत
बचाव पक्ष के अनुसार, SIT के बयान के बाद अदालत ने बाठ को मामले में निर्दोष माना। इसके बाद उनकी ओर से दायर जमानत याचिका वापस ले ली गई।
FIR में कई करीबी सहयोगी भी नामजद
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में बिक्रम सिंह मजीठिया के अलावा उनके कई करीबी सहयोगियों और समर्थकों के नाम शामिल हैं।
इनमें शामिल हैं:
- एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाठ
- साहिब हमजा
- राजा लादेह
- जोध सिंह समरा
- अन्य अज्ञात व्यक्ति
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने मामले में कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
आरोपों में शामिल हैं:
- सरकारी कर्मचारी पर हमला
- सरकारी कार्य में बाधा डालना
- हिरासत से व्यक्ति को छुड़ाने का प्रयास
- साक्ष्य नष्ट करना या छिपाना
- आपराधिक धमकी
- गैरकानूनी जमावड़ा
- दंगा और उपद्रव
- शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की धाराएं
पुलिस का क्या है आरोप?
FIR के अनुसार, पुलिस पूछताछ के दौरान जॉबनप्रीत सिंह नामक व्यक्ति मजीठा थाने में मौजूद था।
पुलिस का आरोप है कि बिक्रम मजीठिया 50 से अधिक समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और बिना अनुमति परिसर में प्रवेश किया।
पूछताछ कक्ष से बाहर ले जाने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, समूह ने प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश किया और जॉबनप्रीत सिंह को पूछताछ कक्ष से मुख्य द्वार की ओर ले जाने का प्रयास किया।
हालांकि, पुलिस हस्तक्षेप के बाद कथित प्रयास विफल कर दिया गया।
मामले की अगली सुनवाई आज
मजीठिया की जमानत याचिका पर अब गुरुवार को सुनवाई होगी। अदालत के अगले आदेश पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।
Key Highlights:
- बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर सुनवाई गुरुवार तक टली।
- एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाठ को SIT रिपोर्ट के आधार पर राहत मिली।
- अदालत ने बाठ को जांच के लिए आवश्यक नहीं माना।
- FIR में मजीठिया सहित कई सहयोगियों के नाम शामिल।
- सरकारी कार्य में बाधा, दंगा और Arms Act समेत कई धाराओं में मामला दर्ज।
- पुलिस का आरोप, 50 से अधिक समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे मजीठिया।
- जॉबनप्रीत सिंह को पूछताछ कक्ष से बाहर ले जाने की कोशिश का आरोप।
FAQ Section:
Q1. अदालत ने मजीठिया की जमानत याचिका पर क्या फैसला दिया?
उत्तर: अदालत ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी है।
Q2. बिक्रमजीत सिंह बाठ को राहत कैसे मिली?
उत्तर: SIT ने अदालत को बताया कि वह केवल कानूनी सलाहकार के रूप में थाने गए थे और जांच के लिए उनकी आवश्यकता नहीं है।
Q3. इस मामले में किन-किन लोगों को नामजद किया गया है?
उत्तर: बिक्रम सिंह मजीठिया, बिक्रमजीत सिंह बाठ, साहिब हमजा, राजा लादेह, जोध सिंह समरा सहित अन्य लोगों को नामजद किया गया है।
Q4. पुलिस ने कौन-कौन सी धाराएं लगाई हैं?
उत्तर: सरकारी कर्मचारी पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा, हिरासत से व्यक्ति को छुड़ाने का प्रयास, दंगा, आपराधिक धमकी और Arms Act सहित कई धाराएं लगाई गई हैं।
Q5. पुलिस का मुख्य आरोप क्या है?
उत्तर: पुलिस का आरोप है कि मजीठिया अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति को वहां से बाहर ले जाने का प्रयास किया।
Conclusion:
मजीठा थाना प्रकरण में पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी मुश्किलें फिलहाल बनी हुई हैं, जबकि उनके कानूनी सलाहकार बिक्रमजीत सिंह बाठ को SIT की रिपोर्ट के बाद राहत मिल गई है। अब सभी की नजरें गुरुवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत जमानत याचिका पर अगला निर्णय ले सकती है।

