हरियाणा में खुलेगा नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय केंद्र? नवीन जिंदल ने कुरुक्षेत्र के लिए उठाई मांग

एशियन गेम्स में भारत के 21 में से 14 स्वर्ण पदक जीतने में हरियाणा के खिलाड़ियों की अहम भूमिका, खेल विज्ञान, पुनर्वास और आधुनिक कोचिंग सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया

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हरियाणा के खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के बीच कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल ने राज्य में नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के समक्ष यह प्रस्ताव रखते हुए खेल विज्ञान, खिलाड़ियों के पुनर्वास और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई।

हरियाणा के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। कुश्ती, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, शूटिंग और कबड्डी जैसे खेलों में राज्य के खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बीच अब खेल सुविधाओं को मजबूत करने की मांग भी तेज हो रही है।

कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल ने हरियाणा में नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय केंद्र या बाहरी परिसर स्थापित करने की मांग उठाई है। उन्होंने केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है। सांसद ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों को आधुनिक खेल विज्ञान, चोटों से उबरने के लिए पुनर्वास और उन्नत कोचिंग जैसी सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों या विदेशों का रुख करना पड़ता है।

H2: देश की आबादी में करीब 2% हिस्सा, खेलों में बड़ा योगदान

नवीन जिंदल ने हरियाणा के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की आबादी देश की कुल आबादी का लगभग 2 प्रतिशत है, लेकिन हाल ही में संपन्न एशियन गेम्स में भारत के 21 स्वर्ण पदकों में से 14 जीतने में हरियाणा के खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही।

उन्होंने यह भी बताया कि पेरिस ओलंपिक में भारत के कुल खिलाड़ियों में लगभग 22 प्रतिशत हरियाणा से थे। उनके अनुसार, हरियाणा ने देश को अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक ओलंपिक खिलाड़ी दिए हैं।

सांसद ने कहा कि राज्य के खिलाड़ी गांवों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीत रहे हैं, लेकिन उनकी क्षमता को और निखारने के लिए जरूरी वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर पर्याप्त नहीं हैं।

H2: खेल विज्ञान और आधुनिक कोचिंग सुविधाओं की कमी

सांसद नवीन जिंदल ने खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, चोटों से उबरने की सुविधाओं और उन्नत कोचिंग के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए सिर्फ अभ्यास और प्रतिभा ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण, सही रिकवरी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी चाहिए। इन सुविधाओं की कमी के कारण कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है।

H2: कुरुक्षेत्र में क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव

नवीन जिंदल ने कुरुक्षेत्र में नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय केंद्र या बाहरी परिसर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। उनका मानना है कि इससे हरियाणा सहित उत्तर भारत के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को लाभ मिलेगा।

सांसद ने कुरुक्षेत्र को इस केंद्र के लिए उपयुक्त बताते हुए कहा कि यहां पहले से कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं, जिनके सहयोग से खेलों के क्षेत्र में बहुआयामी अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा सकता है।

H3: कुरुक्षेत्र के संस्थानों से मिल सकता है फायदा

नवीन जिंदल ने अपने प्रस्ताव में कुरुक्षेत्र के तीन प्रमुख संस्थानों का उल्लेख किया:

  1. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), कुरुक्षेत्र — खेल तकनीक और बायोमैकेनिक्स के क्षेत्र में सहयोग की संभावना।

  2. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय — शारीरिक शिक्षा और खेल मनोविज्ञान से संबंधित विशेषज्ञता।

  3. श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय — खिलाड़ियों के पुनर्वास और रिकवरी से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग की संभावना।

उनके अनुसार, इन संस्थानों के बीच समन्वय से खेल तकनीक, शारीरिक शिक्षा, खेल मनोविज्ञान और पुनर्वास जैसे क्षेत्रों में बेहतर शोध और प्रशिक्षण का माहौल बनाया जा सकता है।

H2: क्या है नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी?

नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अधिनियम, 2018 के तहत एक विशेष राष्ट्रीय संस्थान के रूप में की गई थी।

इसका उद्देश्य खेल विज्ञान, खेल तकनीक, खेल प्रबंधन और खेल कोचिंग के क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, यह चुनिंदा खेल विधाओं के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी कार्य करती है।

अधिनियम के तहत केंद्र सरकार की मंजूरी से विश्वविद्यालय देश के विभिन्न हिस्सों में बाहरी परिसर, क्षेत्रीय केंद्र और विशेष शोध इकाइयां स्थापित कर सकता है। ऐसे में कुरुक्षेत्र में केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव संबंधित मंजूरी मिलने पर आगे बढ़ सकता है।

Key Highlights:

  1. सांसद नवीन जिंदल ने कुरुक्षेत्र में नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की मांग की।

  2. इस संबंध में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के समक्ष प्रस्ताव रखा गया।

  3. सांसद के अनुसार, एशियन गेम्स में भारत के 21 स्वर्ण पदकों में से 14 में हरियाणा के खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही।

  4. पेरिस ओलंपिक में भारत के दल के लगभग 22% खिलाड़ी हरियाणा से थे।

  5. राज्य में खेल विज्ञान, आधुनिक कोचिंग और पुनर्वास सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

  6. कुरुक्षेत्र के NIT, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता का लाभ लेने का सुझाव दिया गया।

  7. क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी होगी।

FAQ Section:

1. नवीन जिंदल ने हरियाणा के लिए क्या मांग की है?

उन्होंने कुरुक्षेत्र में नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय केंद्र या बाहरी परिसर स्थापित करने की मांग की है।

2. इस प्रस्ताव को किसके सामने रखा गया है?

सांसद नवीन जिंदल ने केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है।

3. हरियाणा में खेल सुविधाओं को लेकर क्या समस्या बताई गई है?

सांसद ने खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, चोटों से उबरने के लिए पुनर्वास और आधुनिक कोचिंग सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया है।

4. कुरुक्षेत्र को इस केंद्र के लिए क्यों उपयुक्त बताया गया है?

यहां NIT कुरुक्षेत्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय जैसे संस्थान मौजूद हैं, जिनकी विशेषज्ञता खेल तकनीक, खेल मनोविज्ञान, शारीरिक शिक्षा और पुनर्वास में उपयोगी हो सकती है।

5. क्या कुरुक्षेत्र में नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का केंद्र स्थापित हो गया है?

नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह एक प्रस्तावित मांग है। इसकी स्थापना के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी।

Conclusion:

हरियाणा ने कुश्ती, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, शूटिंग और कबड्डी जैसे खेलों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अब सांसद नवीन जिंदल ने कुरुक्षेत्र में नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की मांग करके खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और वैज्ञानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इससे हरियाणा और उत्तर भारत के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, शोध और पुनर्वास के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।Screenshot_62

Edited By: Atul Sharma

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