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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जितेंद्र कुमार भारद्वाज को ₹41 लाख का शोध अनुदान, हल्दी पर होगा महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अध्ययन
HSRF के तहत मिला दो वर्षीय रिसर्च प्रोजेक्ट, कीटनाशक से होने वाली प्रजनन विषाक्तता के खिलाफ हल्दी की प्रभावशीलता पर होगा शोध।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज को हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड (HSRF) के तहत ₹41 लाख का शोध अनुदान मिला है। दो वर्षीय परियोजना में हल्दी (Curcuma longa) के औषधीय गुणों पर वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को मिला ₹41 लाख का रिसर्च ग्रांट
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज को हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड (HSRF) के तहत ₹41 लाख का शोध अनुदान प्रदान किया गया है। यह अनुदान हरियाणा स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल (HSHEC) द्वारा संचालित योजना के अंतर्गत दिया गया है।
यह शोध परियोजना दो वर्षों की होगी और इसकी कुल लागत ₹41 लाख निर्धारित की गई है।
हल्दी के औषधीय गुणों पर होगा वैज्ञानिक अध्ययन

इस अध्ययन का उद्देश्य व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले कीटनाशक क्लोरपाइरीफॉस (Chlorpyrifos) के कारण होने वाली प्रजनन विषाक्तता के खिलाफ हल्दी (Curcuma longa) के सुरक्षात्मक प्रभावों का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है।
प्राकृतिक जैव सक्रिय तत्वों की क्षमता पर मिलेगा वैज्ञानिक प्रमाण
शोध के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि हल्दी में मौजूद प्राकृतिक जैव सक्रिय तत्व प्रजनन प्रणाली पर कीटनाशकों के दुष्प्रभावों को किस हद तक कम कर सकते हैं।
इस अध्ययन से प्रजनन जीवविज्ञान (Reproductive Biology), विषविज्ञान (Toxicology) और पर्यावरणीय स्वास्थ्य (Environmental Health) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
विभागाध्यक्ष ने जताई खुशी
जूलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जितेंद्र शर्मा ने कहा कि विभाग जीवन विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि को विभाग के लिए महत्वपूर्ण बताया।
शोध के परिणाम समाज और नीति निर्माण में होंगे उपयोगी
प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज ने कहा कि यह अनुदान प्रजनन विषविज्ञान और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों पर उच्च स्तरीय शोध को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि इस अध्ययन के निष्कर्ष वैज्ञानिक समुदाय, नीति-निर्माताओं और समाज के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं तथा भविष्य में प्राकृतिक उपचार आधारित अनुसंधान को नई दिशा देंगे।
Key Highlights:
- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो. जितेंद्र कुमार भारद्वाज को ₹41 लाख का रिसर्च ग्रांट मिला।
- HSRF के तहत दो वर्षीय शोध परियोजना को मंजूरी।
- हल्दी (Curcuma longa) के औषधीय गुणों पर होगा वैज्ञानिक अध्ययन।
- क्लोरपाइरीफॉस से होने वाली प्रजनन विषाक्तता पर केंद्रित रहेगा शोध।
- अध्ययन से प्रजनन जीवविज्ञान, विषविज्ञान और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद।
FAQ Section
प्रश्न 1: प्रो. जितेंद्र कुमार भारद्वाज को कितना शोध अनुदान मिला है?
उत्तर: उन्हें हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड (HSRF) के तहत ₹41 लाख का शोध अनुदान मिला है।
प्रश्न 2: यह शोध किस विषय पर आधारित है?
उत्तर: यह शोध क्लोरपाइरीफॉस से होने वाली प्रजनन विषाक्तता के खिलाफ हल्दी (Curcuma longa) के सुरक्षात्मक प्रभावों का अध्ययन करेगा।
प्रश्न 3: यह परियोजना कितने समय तक चलेगी?
उत्तर: यह दो वर्षीय शोध परियोजना है।
प्रश्न 4: इस शोध से किन क्षेत्रों को लाभ होगा?
उत्तर: प्रजनन जीवविज्ञान, विषविज्ञान, पर्यावरणीय स्वास्थ्य, वैज्ञानिक अनुसंधान और नीति निर्माण के क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है।
Conclusion
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए यह शोध अनुदान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हल्दी जैसे प्राकृतिक जैव सक्रिय तत्वों पर आधारित यह अध्ययन न केवल वैज्ञानिक शोध को नई दिशा देगा, बल्कि प्रजनन स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है।
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