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अमृतसर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक कर्मचारियों का प्रदर्शन, वेतनमान अधिसूचना के विरोध में फूंकी प्रतियां
17 जुलाई 2020 की वेतनमान अधिसूचना वापस लेने की मांग, कर्मचारियों का दावा— नए भर्ती कर्मचारियों को हर महीने ₹15,000 से ₹20,000 तक का नुकसान।
अमृतसर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के कर्मचारियों ने शुक्रवार को हॉल गेट स्थित मुख्य कार्यालय के बाहर पंजाब सरकार की 17 जुलाई 2020 की वेतनमान अधिसूचना के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि नई वेतन संरचना से 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
वेतनमान अधिसूचना के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन
अमृतसर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के कर्मचारियों ने शुक्रवार को हॉल गेट स्थित बैंक के मुख्य कार्यालय के बाहर पंजाब सरकार की 17 जुलाई 2020 की वेतनमान अधिसूचना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अधिसूचना की प्रतियां जलाकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और वेतनमान नीति में बदलाव की मांग उठाई।
नए कर्मचारियों को हर महीने आर्थिक नुकसान का दावा
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए लागू नई वेतन संरचना के कारण उन्हें हर महीने ₹15,000 से ₹20,000 तक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।कर्मचारियों का कहना है कि कम वेतन के कारण दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना कठिन होता जा रहा है और इससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
सरकारी नौकरी से युवाओं का घट रहा आकर्षण
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संशोधित वेतनमान के कारण युवाओं का सरकारी नौकरियों के प्रति आकर्षण कम हो रहा है।
उनका कहना है कि कम वेतन मिलने की वजह से कई युवा विदेशों में रोजगार तलाशने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे सरकारी सेवाओं में योग्य युवाओं की रुचि प्रभावित हो रही है।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में धरना, प्रदर्शन और भूख हड़ताल जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
वरिष्ठ कर्मचारियों ने भी दिया समर्थन
बैंक के वरिष्ठ कर्मचारियों ने भी नए भर्ती कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन में भाग लिया।
उन्होंने अलग-अलग वेतनमान लागू किए जाने की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के बीच असमानता पैदा हुई है और विशेष रूप से नए कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
Key Highlights:
- अमृतसर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक कर्मचारियों ने वेतनमान अधिसूचना के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- 17 जुलाई 2020 की अधिसूचना की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया।
- नए कर्मचारियों को हर महीने ₹15,000–₹20,000 तक नुकसान होने का दावा।
- कम वेतन के कारण युवाओं का सरकारी नौकरियों से मोहभंग होने का आरोप।
- मांगें नहीं मानी गईं तो धरना और भूख हड़ताल की चेतावनी।
- वरिष्ठ कर्मचारियों ने भी नए भर्ती कर्मचारियों का समर्थन किया।
FAQ Section
Q1. प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर किया गया?
पंजाब सरकार की 17 जुलाई 2020 की वेतनमान अधिसूचना के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
Q2. कर्मचारियों का मुख्य आरोप क्या है?
उनका कहना है कि नई वेतन संरचना से 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को हर महीने ₹15,000 से ₹20,000 तक का नुकसान हो रहा है।
Q3. प्रदर्शन कहां हुआ?
अमृतसर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के हॉल गेट स्थित मुख्य कार्यालय के बाहर।
Q4. कर्मचारियों ने आगे क्या चेतावनी दी है?
यदि मांगें नहीं मानी गईं तो धरना और भूख हड़ताल जैसे आंदोलन तेज किए जाएंगे।
Q5. क्या वरिष्ठ कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया?
हां, वरिष्ठ कर्मचारियों ने नए भर्ती कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन में भाग लिया और अलग वेतनमान नीति का विरोध किया।
Conclusion
अमृतसर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान वेतनमान नीति से नए कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और सरकारी सेवाओं के प्रति युवाओं का आकर्षण भी कम हो रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से वेतनमान में संशोधन की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि समाधान नहीं होने पर उनका आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

